भारत में जात पात कब से चली आ रही है और जात पात क्यों है? ...

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जाट कॉमेंट है कि अपनी जाति को लेकर श्रेष्ठता का अनुभव दूसरों को नीचा देखना और छुआछूत तमाम चीजें यह सब जाति जाटव जाति वादी भावनाएं और बाती वादों है या जाति व्यवस्था पर देखें तो कहा जाता है कि उसने उच्च नीच की भावनाओं और भी दुर्लभ हम दलित हैं दलित समाज में भी हो तुम खिलाफ हो चाहे बाल्मीकि हो चाहे और दूसरे संत महापुरुषों आज की भूत बन के कारण हुआ तो यह जाना कि जातिवाद अभी तक तो कोई दिक्कत नहीं थी जाट रेजीमेंट राजपूत रेजीमेंट यह रेजीमेंट हो रेडीमेंट बनाना शुरू किया और कितनी गहरी होती गई करना है तो जाति के आधार पर वोट बैंक बना कर करना है तो एक ही निकलना पड़ेगा कर लोगों के अंदर नेशनल कौन सी ऐसी दवा कर और आपकी जो कहती है उसको कम करके खत्म कर दे
जाट कॉमेंट है कि अपनी जाति को लेकर श्रेष्ठता का अनुभव दूसरों को नीचा देखना और छुआछूत तमाम चीजें यह सब जाति जाटव जाति वादी भावनाएं और बाती वादों है या जाति व्यवस्था पर देखें तो कहा जाता है कि उसने उच्च नीच की भावनाओं और भी दुर्लभ हम दलित हैं दलित समाज में भी हो तुम खिलाफ हो चाहे बाल्मीकि हो चाहे और दूसरे संत महापुरुषों आज की भूत बन के कारण हुआ तो यह जाना कि जातिवाद अभी तक तो कोई दिक्कत नहीं थी जाट रेजीमेंट राजपूत रेजीमेंट यह रेजीमेंट हो रेडीमेंट बनाना शुरू किया और कितनी गहरी होती गई करना है तो जाति के आधार पर वोट बैंक बना कर करना है तो एक ही निकलना पड़ेगा कर लोगों के अंदर नेशनल कौन सी ऐसी दवा कर और आपकी जो कहती है उसको कम करके खत्म कर दे
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सरकार कहती है जात पात हटाओ और कानून कहता है जाति प्रमाण पत्र लाओ ऐसा क्यों ? ...

देखे ऐसा है कि जो जाति प्रमाण पत्र है वह सिर्फ यही चीज नहीं बताता है कि आप की कास्ट क्या है और या जाति प्रमाण पत्र के हिसाब से किस को ही सरकारी दफ्तर में आपके साथ भेदभाव नहीं होती है एक प्रमाण पत्र होजवाब पढ़िये
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भारत में इतने सारे धर्म जाती क्यों है? भारत के लोग कब एक होंगे जब भारत में कोई जाती और जात ना हो? ...

यह भारत में ईसाई धर्म और जाति क्यों है सबसे पहली चीज अगर भारत की हिस्ट्री लाइसेंस की बात करते हैं तो भारत में हमें भारत होने पर भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए कि भारत एक सेकुलर कंट्री है जहां पर सब धरजवाब पढ़िये
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क्या तथाकथित पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित विकास धर्म व जात पात को पीछे छोड़कर आएगी? ...

जी बिल्कुल पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित होकर जो विकास है वह धर्म जात पात को पीछे छोड़ कर भी आएगा क्योंकि जो आजकल का युग है तो वह पुरानी जाति प्रथा यार इसके बारे में ज्यादा शतक नहीं है वह नहीं जानते कि यहजवाब पढ़िये
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अगर भारत में जातिवादी व्यवस्था की जगह साम्यवादी व्यवस्था आ जाए तो क्या होगा? ...

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भारत के इतिहास को खंगाल के देखा जाए तो आपको मालूम होगा कि भारत में जल जात पात का बंधन है वह अधिक पुराना नहीं है परंतु मनुस्मृति के द्वारा इसको अधिक आबादी गई भारत में विशेष वर्गों का निर्माण हुआ जैसे कि ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र उनके कार्यों के आधार पर यह जाते जो है अविभाजित की गई परंतु धीरे-धीरे करके या आप पीढ़ी का बनता गया यानी की पुश्तैनी होता गया तथा धीरे-धीरे करके जो ब्राह्मण थे उनके पुत्र ब्राह्मण होने लगे तथा वैश्य शुद्र थे उनके पुत्र वैश्य शूद्र होने लगे धीरे-धीरे करके इस प्रकार की जो कुरीतियां थी वह भारत की सभ्यता व संस्कृति की जड़ों में घर कर दी गई तथा शूद्रों का विशेष तौर पर शोषण किया गया क्षत्रियों तथा ब्राह्मणों को एक विशेष जो है अधिकार प्राप्त हुए समाज में अच्छी पैठ बनी तथा वैश्य ने भी अपने आप वर्चस्व जो है व्यवसायिक गतिविधियों में कायम किया परंतु शूद्रों की स्थिति बद से बदतर होती चली गई धीरे-धीरे करके भारत की स्वतंत्रता के बाद विशेष प्रावधान संशोधित किए गए भारत के संविधान में तथा शूद्रों को तथा अन्य पिछड़े वर्गों कौन का सही स्थान प्राप्त हुआ परंतु यह जातिगत आरक्षण भी एक प्रकार से एक अनुच्छेद रवैया था जिससे इन जातियों का कोई स्थान नहीं हो पाया परंतु इसको केवल राजनीतिक सामित्व आप अपने फायदे के लिए ही राजनेताओं ने इस्तेमाल किया इस प्रकार का सामाजिक और जातिगत वर्गीकरण भारत में बहुत अधिक पुराना नहीं है परंतु इसका समाधान अभी निकालने की सख्त आवश्यकता है तो मुझे लगता है कि इसका मुख्य कारण यही है कि आप सभी जातियां अपना वर्चस्व सामाजिक ढांचे पर कायम रखना चाहती थी इसी के मैसेज आप पर बनी रहे धन्यवाद
भारत के इतिहास को खंगाल के देखा जाए तो आपको मालूम होगा कि भारत में जल जात पात का बंधन है वह अधिक पुराना नहीं है परंतु मनुस्मृति के द्वारा इसको अधिक आबादी गई भारत में विशेष वर्गों का निर्माण हुआ जैसे कि ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र उनके कार्यों के आधार पर यह जाते जो है अविभाजित की गई परंतु धीरे-धीरे करके या आप पीढ़ी का बनता गया यानी की पुश्तैनी होता गया तथा धीरे-धीरे करके जो ब्राह्मण थे उनके पुत्र ब्राह्मण होने लगे तथा वैश्य शुद्र थे उनके पुत्र वैश्य शूद्र होने लगे धीरे-धीरे करके इस प्रकार की जो कुरीतियां थी वह भारत की सभ्यता व संस्कृति की जड़ों में घर कर दी गई तथा शूद्रों का विशेष तौर पर शोषण किया गया क्षत्रियों तथा ब्राह्मणों को एक विशेष जो है अधिकार प्राप्त हुए समाज में अच्छी पैठ बनी तथा वैश्य ने भी अपने आप वर्चस्व जो है व्यवसायिक गतिविधियों में कायम किया परंतु शूद्रों की स्थिति बद से बदतर होती चली गई धीरे-धीरे करके भारत की स्वतंत्रता के बाद विशेष प्रावधान संशोधित किए गए भारत के संविधान में तथा शूद्रों को तथा अन्य पिछड़े वर्गों कौन का सही स्थान प्राप्त हुआ परंतु यह जातिगत आरक्षण भी एक प्रकार से एक अनुच्छेद रवैया था जिससे इन जातियों का कोई स्थान नहीं हो पाया परंतु इसको केवल राजनीतिक सामित्व आप अपने फायदे के लिए ही राजनेताओं ने इस्तेमाल किया इस प्रकार का सामाजिक और जातिगत वर्गीकरण भारत में बहुत अधिक पुराना नहीं है परंतु इसका समाधान अभी निकालने की सख्त आवश्यकता है तो मुझे लगता है कि इसका मुख्य कारण यही है कि आप सभी जातियां अपना वर्चस्व सामाजिक ढांचे पर कायम रखना चाहती थी इसी के मैसेज आप पर बनी रहे धन्यवाद
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बात अगर जात पात की जाए तो भारत में यादों हड़प्पा सभ्यता से मिलना प्रारंभ हो जाती है हड़प्पा सभ्यता में भी समाज में बहुत विविधीकरण थे उसके बाद चेहरा महाकाल रहा हो या महाभारत काल में अभी तक के समय हर अवस्था में जाति पात रही हो इस समय बहुत ही ज्यादा व्यापक स्तर पर है या क्यों है इसके लिए हमें कैसे उत्पत्ति हुई यह जानना हो आदर्श समाज में हमारा विकसित होना शुरू हुआ या नहीं समाज की प्रारंभिक काल में लोग अपने अपने अनुसार कार्य करना प्रारंभ किए कुछ लोग जो तेल के कार्य करते थे उनको सामान्य संबोधित रेली कहा जाने लगा के कार्य मिट्टी के घड़े बनाने कार्य करने कार्य करने वालों में करें तो बहुत देखते होती थी क्योंकि वह नहीं जानते हो कि शिकारियों को छुट्टी ली अक्षर तेली के यहां शादी कर रहा था अपने लड़के लड़कियों की क्योंकि इससे शादी अगर हो तो होती उसके बाद जो लड़का लड़की आएगी जाएंगे उनके गुण व्यापक रंग कार्य के तेल निकालने के लिए कोई देखते नहीं किया ऐसे धीरे-धीरे भेजना होता है या नहीं जाती है बनती के क्योंकि नए नए कार्य धीरे-धीरे समाज के विकास से जुड़ते गए फिर आए आगे लेकर के गाने पुस्तके लिखी ग्रंथ लिखे उसमें समाज में व्याप्त कुरीतियों को एक बार चैरिटी बना दे जो आज तक व्याप्त है जिसकी वजह से आज इतने पैदा हुआ है और तो और अब तो भगवान से जोड़कर देखा जाता है जो बहुत ही गलत है और इसके दूर होने के लिए हमेशा फ्री होना चाहिए विज्ञान क्या करना चाहिए धर्म कम से कम धर्म में रहेंगे तभी जाए कि जातिवाद खत्म होगी क्योंकि धर्म संघ चढ़ता है बहुत है रामेश्वर कुमार ने ऐसे शर्मा ने जो बैटरी को सबने अपना अपना धर्म में अपने अपने स्तर भगवान का बनाया हुआ है यह गलत है बेस्ट XX मानवतावाद कुमार नहीं है धर्म में संपूर्णता चाहिए सब कुछ समाप्त हो जाए
Romanized Version
बात अगर जात पात की जाए तो भारत में यादों हड़प्पा सभ्यता से मिलना प्रारंभ हो जाती है हड़प्पा सभ्यता में भी समाज में बहुत विविधीकरण थे उसके बाद चेहरा महाकाल रहा हो या महाभारत काल में अभी तक के समय हर अवस्था में जाति पात रही हो इस समय बहुत ही ज्यादा व्यापक स्तर पर है या क्यों है इसके लिए हमें कैसे उत्पत्ति हुई यह जानना हो आदर्श समाज में हमारा विकसित होना शुरू हुआ या नहीं समाज की प्रारंभिक काल में लोग अपने अपने अनुसार कार्य करना प्रारंभ किए कुछ लोग जो तेल के कार्य करते थे उनको सामान्य संबोधित रेली कहा जाने लगा के कार्य मिट्टी के घड़े बनाने कार्य करने कार्य करने वालों में करें तो बहुत देखते होती थी क्योंकि वह नहीं जानते हो कि शिकारियों को छुट्टी ली अक्षर तेली के यहां शादी कर रहा था अपने लड़के लड़कियों की क्योंकि इससे शादी अगर हो तो होती उसके बाद जो लड़का लड़की आएगी जाएंगे उनके गुण व्यापक रंग कार्य के तेल निकालने के लिए कोई देखते नहीं किया ऐसे धीरे-धीरे भेजना होता है या नहीं जाती है बनती के क्योंकि नए नए कार्य धीरे-धीरे समाज के विकास से जुड़ते गए फिर आए आगे लेकर के गाने पुस्तके लिखी ग्रंथ लिखे उसमें समाज में व्याप्त कुरीतियों को एक बार चैरिटी बना दे जो आज तक व्याप्त है जिसकी वजह से आज इतने पैदा हुआ है और तो और अब तो भगवान से जोड़कर देखा जाता है जो बहुत ही गलत है और इसके दूर होने के लिए हमेशा फ्री होना चाहिए विज्ञान क्या करना चाहिए धर्म कम से कम धर्म में रहेंगे तभी जाए कि जातिवाद खत्म होगी क्योंकि धर्म संघ चढ़ता है बहुत है रामेश्वर कुमार ने ऐसे शर्मा ने जो बैटरी को सबने अपना अपना धर्म में अपने अपने स्तर भगवान का बनाया हुआ है यह गलत है बेस्ट XX मानवतावाद कुमार नहीं है धर्म में संपूर्णता चाहिए सब कुछ समाप्त हो जाएBaat Agar Jaat Pat Ki Jaye To Bharat Mein Yaadon Hadappa Sabhyata Se Milna Prarambh Ho Jati Hai Hadappa Sabhyata Mein Bhi Samaaj Mein Bahut Vividhikaran The Uske Baad Chehra Mahakal Raha Ho Ya Mahabharat Kaal Mein Abhi Tak Ke Samay Har Awastha Mein Jati Pat Rahi Ho Is Samay Bahut Hi Jyada Vyapak Sthar Par Hai Ya Kyun Hai Iske Liye Hume Kaise Utpatti Hui Yeh Janana Ho Adarsh Samaaj Mein Hamara Viksit Hona Shuru Hua Ya Nahi Samaaj Ki Prarambhik Kaal Mein Log Apne Apne Anusar Karya Karna Prarambh Kiye Kuch Log Jo Tel Ke Karya Karte The Unko Samanya Sambodhit Rely Kaha Jaane Laga Ke Karya Mitti Ke Ghade Banane Karya Karne Karya Karne Walon Mein Karen To Bahut Dekhte Hoti Thi Kyonki Wah Nahi Jante Ho Ki Shikariyon Ko Chutti Lee Akshar Teli Ke Yahan Shadi Kar Raha Tha Apne Ladke Ladkiyon Ki Kyonki Isse Shadi Agar Ho To Hoti Uske Baad Jo Ladka Ladki Aayegi Jaenge Unke Gun Vyapak Rang Karya Ke Tel Nikalne Ke Liye Koi Dekhte Nahi Kiya Aise Dhire Dhire Bhejna Hota Hai Ya Nahi Jati Hai Banti Ke Kyonki Naye Naye Karya Dhire Dhire Samaaj Ke Vikash Se Judte Gaye Phir Aaye Aage Lekar Ke Gaane Pustake Likhi Granth Likhe Usamen Samaaj Mein Vyapt Kuritiyon Ko Ek Baar Charity Bana De Jo Aaj Tak Vyapt Hai Jiski Wajah Se Aaj Itne Paida Hua Hai Aur To Aur Ab To Bhagwan Se Jodkar Dekha Jata Hai Jo Bahut Hi Galat Hai Aur Iske Dur Hone Ke Liye Hamesha Free Hona Chahiye Vigyan Kya Karna Chahiye Dharm Kum Se Kum Dharm Mein Rahenge Tabhi Jaye Ki Jaatiwad Khatam Hogi Kyonki Dharm Sangh Chadhta Hai Bahut Hai Rameshwar Kumar Ne Aise Sharma Ne Jo Battery Ko Sabane Apna Apna Dharm Mein Apne Apne Sthar Bhagwan Ka Banaya Hua Hai Yeh Galat Hai Best XX Manavatavad Kumar Nahi Hai Dharm Mein Sanpoornataa Chahiye Sab Kuch Samapt Ho Jaye
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भारत में जात पात की शुरुआत कांग्रेस पार्टी ने किया है जब भारत आजाद हुआ तो उस टाइम हमारे देश में एक पार्टी थी कांग्रेस पार्टी कांग्रेस ने भारत का विभाजन किया पाकिस्तान बनाया पाकिस्तान जो बनाया तो पाकिस्तान को मुस्लिम कंट्री बनाना चाहिए हिंदुस्तान को हिंदू कंट्री बनाना चाहिए लेकिन इन लोगों को जात पात की राजनीति करनी थी हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई की राजनीति उन्होंने किया और हमें आपस में ही लड़ाया सांप्रदायिकता का जहर इतना फैलाया हम लोगों के बीच में कि आज तक हम लोग उससे उबर नहीं पाए और हमारा देश आज भी विकासशील है तो कांग्रेस पार्टी कहीं ना कहीं से इसकी शुरुआत की है जात पात की मैं आपको बताना चाहता हूं जब भगवान श्रीराम के समय भगवान राम देखिए जो नाव चलाने वाला था उसके साथ वह रहे उसका पैर तक उसका उसका साथ दिया उन्होंने भगवान शिव राम देखिए सुग्रीव सुग्रीव की सेना लेकर लंका पर आक्रमण किए चित्रकूट में जहां पर सीता मां का हरण हुआ था उस टाइम अगर भगवान राम चाहते हैं तो वह मां माता भगवान राम कहां से सेना लेकर अपने मामा के यहां से आक्रमण कर सकते थे अगर भगवान राम चाहते तो सीधे बाली के शरण में जाकर बोलते हैं और बाली रावण को अगले दिन लेकर आ जाता है लेकिन भगवान राम ने ऐसा नहीं किया भगवान राम ने छोटे लोगों को साथ लेकर कार्य किया तो हमारे देश में कोई भी अगर किसी को भी बड़ा बनना है तो छोटे लोगों का साथ हमेशा लेकर चलना होगा अभी अभी मोदी जी ने जो सफाई कर्मी थे उनका पैर उन्होंने धोया इलाहाबाद में बहुत बड़ी बात है तो आइए हम सभी लोग अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि हमारा देश आगे बढ़ सके जात-पात से आगे हो सके धन्यवाद
भारत में जात पात की शुरुआत कांग्रेस पार्टी ने किया है जब भारत आजाद हुआ तो उस टाइम हमारे देश में एक पार्टी थी कांग्रेस पार्टी कांग्रेस ने भारत का विभाजन किया पाकिस्तान बनाया पाकिस्तान जो बनाया तो पाकिस्तान को मुस्लिम कंट्री बनाना चाहिए हिंदुस्तान को हिंदू कंट्री बनाना चाहिए लेकिन इन लोगों को जात पात की राजनीति करनी थी हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई की राजनीति उन्होंने किया और हमें आपस में ही लड़ाया सांप्रदायिकता का जहर इतना फैलाया हम लोगों के बीच में कि आज तक हम लोग उससे उबर नहीं पाए और हमारा देश आज भी विकासशील है तो कांग्रेस पार्टी कहीं ना कहीं से इसकी शुरुआत की है जात पात की मैं आपको बताना चाहता हूं जब भगवान श्रीराम के समय भगवान राम देखिए जो नाव चलाने वाला था उसके साथ वह रहे उसका पैर तक उसका उसका साथ दिया उन्होंने भगवान शिव राम देखिए सुग्रीव सुग्रीव की सेना लेकर लंका पर आक्रमण किए चित्रकूट में जहां पर सीता मां का हरण हुआ था उस टाइम अगर भगवान राम चाहते हैं तो वह मां माता भगवान राम कहां से सेना लेकर अपने मामा के यहां से आक्रमण कर सकते थे अगर भगवान राम चाहते तो सीधे बाली के शरण में जाकर बोलते हैं और बाली रावण को अगले दिन लेकर आ जाता है लेकिन भगवान राम ने ऐसा नहीं किया भगवान राम ने छोटे लोगों को साथ लेकर कार्य किया तो हमारे देश में कोई भी अगर किसी को भी बड़ा बनना है तो छोटे लोगों का साथ हमेशा लेकर चलना होगा अभी अभी मोदी जी ने जो सफाई कर्मी थे उनका पैर उन्होंने धोया इलाहाबाद में बहुत बड़ी बात है तो आइए हम सभी लोग अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि हमारा देश आगे बढ़ सके जात-पात से आगे हो सके धन्यवाद
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