आज आपने ऐसा क्या सिखा जो दूसरो के साथ बांटा जा सकता है? ...

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आज मैंने सीखा कि जब हम छोटे थे तो हमारे सपने बहुत बड़े थे और जैसे-जैसे हम बड़े होते चले गए हमारे सपने उतने ही छोटे होते चले गए जब हम छोटे थे तो हमें लगता था कि मेरे सारे सपने पूरे हो सकते हैं लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते चले गए हमें लगता है कि मेरे सपने पूरे हो नहीं सकते छोटेपन में हम सपने देखने में कभी भी शर्म नहीं करते थे कभी भी हम कंजूसी नहीं करते थे लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते चले गए जिम्मेदारियों की आड़ में हमने सपनों को उतना ही छोटा करना शुरू कर दिया हमने सोचा कि शायद हम यह नहीं कर पाएंगे बचपन में हम हर चीज कर पाते थे लेकिन बड़े होते होते हमारे समझदारी ने हमारे एजुकेशन ने हमारी पढ़ाई ने हमें यह बताना शुरू कर दिया कि शायद हम नहीं कर सकते शायद हमको नहीं कर सकते और हमने अपने आप को एक दायरे में बांध के रख लिया हमने अपने आप को कुएं का मेंढक बना लिया समंदर हम देखना चाहते हैं हमें लग ताकि शायद अगर हमने अपने सपने पूरे करने की कोशिश करी तो शायद हम अपनी जिम्मेदारियों से पीछे रह जाएंगे शायद जो लोग हमारे आसपास वह हमारा मजाक उड़ाएंगे शामिल हो जाऊं तो शायद तो शायद और शायद इन फायदों के चक्कर में हमने अपने सपनों की हत्या कर डाली और हम आने वाली पीढ़ी को भी वही विरासत में देकर जाते हैं कि हम उनको कहते हैं कि तुम यह नहीं कर सकते क्योंकि मैं नहीं करता यार तुम भी नहीं कर पाओगे और यह विरासत आगे चली आ रही है इस को तोड़ने की जरूरत है आज हमें दोबारा बचपन में बच्चे होने की जरूरत है आज हमें दोबारा उन बच्चों की तरह अपने सपनों को बड़े तरीके से सोचने की जरूरत है और आज हमें दोबारा अपने सपनों को पूरा करने की वही चाहत अपने अंदर पैदा करने की जरूरत है आइए चलते हैं बच्चे बनते हैं और बड़े सपने देखते हैं और उनका पूरा करते हैं एंजॉय लाइफ गॉड ब्लेस यू
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आज मैंने सीखा कि जब हम छोटे थे तो हमारे सपने बहुत बड़े थे और जैसे-जैसे हम बड़े होते चले गए हमारे सपने उतने ही छोटे होते चले गए जब हम छोटे थे तो हमें लगता था कि मेरे सारे सपने पूरे हो सकते हैं लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते चले गए हमें लगता है कि मेरे सपने पूरे हो नहीं सकते छोटेपन में हम सपने देखने में कभी भी शर्म नहीं करते थे कभी भी हम कंजूसी नहीं करते थे लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते चले गए जिम्मेदारियों की आड़ में हमने सपनों को उतना ही छोटा करना शुरू कर दिया हमने सोचा कि शायद हम यह नहीं कर पाएंगे बचपन में हम हर चीज कर पाते थे लेकिन बड़े होते होते हमारे समझदारी ने हमारे एजुकेशन ने हमारी पढ़ाई ने हमें यह बताना शुरू कर दिया कि शायद हम नहीं कर सकते शायद हमको नहीं कर सकते और हमने अपने आप को एक दायरे में बांध के रख लिया हमने अपने आप को कुएं का मेंढक बना लिया समंदर हम देखना चाहते हैं हमें लग ताकि शायद अगर हमने अपने सपने पूरे करने की कोशिश करी तो शायद हम अपनी जिम्मेदारियों से पीछे रह जाएंगे शायद जो लोग हमारे आसपास वह हमारा मजाक उड़ाएंगे शामिल हो जाऊं तो शायद तो शायद और शायद इन फायदों के चक्कर में हमने अपने सपनों की हत्या कर डाली और हम आने वाली पीढ़ी को भी वही विरासत में देकर जाते हैं कि हम उनको कहते हैं कि तुम यह नहीं कर सकते क्योंकि मैं नहीं करता यार तुम भी नहीं कर पाओगे और यह विरासत आगे चली आ रही है इस को तोड़ने की जरूरत है आज हमें दोबारा बचपन में बच्चे होने की जरूरत है आज हमें दोबारा उन बच्चों की तरह अपने सपनों को बड़े तरीके से सोचने की जरूरत है और आज हमें दोबारा अपने सपनों को पूरा करने की वही चाहत अपने अंदर पैदा करने की जरूरत है आइए चलते हैं बच्चे बनते हैं और बड़े सपने देखते हैं और उनका पूरा करते हैं एंजॉय लाइफ गॉड ब्लेस यूAaj Maine Seekha Ki Jab Hum Chote The To Hamare Sapne Bahut Bade The Aur Jaise Jaise Hum Bade Hote Chale Gaye Hamare Sapne Utne Hi Chote Hote Chale Gaye Jab Hum Chote The To Hume Lagta Tha Ki Mere Sare Sapne Poore Ho Sakte Hain Lekin Jaise Jaise Hum Bade Hote Chale Gaye Hume Lagta Hai Ki Mere Sapne Poore Ho Nahi Sakte Chotepan Mein Hum Sapne Dekhne Mein Kabhi Bhi Sharm Nahi Karte The Kabhi Bhi Hum Kanjusi Nahi Karte The Lekin Jaise Jaise Hum Bade Hote Chale Gaye Jimmedaariyon Ki Ad Mein Humne Sapnon Ko Utana Hi Chota Karna Shuru Kar Diya Humne Socha Ki Shayad Hum Yeh Nahi Kar Paenge Bachpan Mein Hum Har Cheez Kar Paate The Lekin Bade Hote Hote Hamare Samajhadari Ne Hamare Education Ne Hamari Padhai Ne Hume Yeh Batana Shuru Kar Diya Ki Shayad Hum Nahi Kar Sakte Shayad Hamko Nahi Kar Sakte Aur Humne Apne Aap Ko Ek Daayre Mein Bandh Ke Rakh Liya Humne Apne Aap Ko Kuen Ka Mendhak Bana Liya Samandar Hum Dekhna Chahte Hain Hume Lag Taki Shayad Agar Humne Apne Sapne Poore Karne Ki Koshish Kari To Shayad Hum Apni Jimmedaariyon Se Piche Rah Jaenge Shayad Jo Log Hamare Aaspass Wah Hamara Mazak Udaenge Shamil Ho Jaun To Shayad To Shayad Aur Shayad In Fayadain Ke Chakkar Mein Humne Apne Sapnon Ki Hatya Kar Dali Aur Hum Aane Wali Pidhi Ko Bhi Wahi Virasat Mein Dekar Jaate Hain Ki Hum Unko Kehte Hain Ki Tum Yeh Nahi Kar Sakte Kyonki Main Nahi Karta Yaar Tum Bhi Nahi Kar Paoge Aur Yeh Virasat Aage Chali Aa Rahi Hai Is Ko Todne Ki Zaroorat Hai Aaj Hume Dobara Bachpan Mein Bacche Hone Ki Zaroorat Hai Aaj Hume Dobara Un Bacchon Ki Tarah Apne Sapnon Ko Bade Tarike Se Sochne Ki Zaroorat Hai Aur Aaj Hume Dobara Apne Sapnon Ko Pura Karne Ki Wahi Chahat Apne Andar Paida Karne Ki Zaroorat Hai Aaiye Chalte Hain Bacche Bante Hain Aur Bade Sapne Dekhte Hain Aur Unka Pura Karte Hain Enjoy Life God Bellies You
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