क्या भारत एक सेक्युलर देश है? या इसमें कोई संदेह है? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सेक्युलर शब्द की परिभाषा है धर्म से संबंधित नहीं नॉट कंसर्न्ड विद रिलिजन यानी धर्मनिरपेक्ष किसी भी देश को से करना चाहता है तो उस देश से यह अपेक्षा होती है कि राजनीति में धर्म का कोई स्थान न हो सका रेफरेंस भारत के कॉन्स्टिट्यूशन यानी संविधान के प्रति सेकंड अमेंडमेंट जो कि 1976 में लाया गया मैं यह दर्शाया गया है कि इंडिया ए सेकुलर स्टेट इंडिया के स्टेट होने के पक्ष में जो आदमी मेंट्स है वह यह है कि इंडिया का कोई भी ऑफिशियल स्टेट रिलिजन नहीं है दूसरी बात सभी इंस्टिट्यूशन स्कोर सभी रिलीज उसको एक्सेप्ट करना पड़ेगा तथा सभी इंस्टीट्यूशंस को समांतर इज्जत हर रिलिजन को देना पड़ेगा तीसरी बात यह है कि गवर्नमेंट पर लौटती बॉयज टू वर्ड्स एनी रिलिजन इलेक्शंस रिलीजस बेसिस पर लड़े नहीं जा सकते यह हुए पक्ष के आर कमेंट विपक्ष के जजमेंट किए जो है कि वह यह कहता है कि यदि इंडिया को सही मायने में सेकंड माना जाना चाहिए तोहर सिटीजन के लिए रूल सामान्य होने चाहिए यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड होना चाहिए इंडिया में मैरिज डिवोर्स इनहेरिटेंस अली मनी इन सबके लॉज रिलीजन के बेसिस पर चलते हैं मुस्लिम इंडियन शरिया लौट के अनोखे बेसिस पर चलते हैं हिंदू टेंपल्स को स्टेट मैनेज करता है परंतु बाकी रिलीज उसके प्लेसेस ऑफ़ वरशिप गवर्मेंट के नीचे नहीं है अनइक्वल रिलिजन लॉ की वजह से इंडिया में कई शूज है जैसे कि पॉलिगामी झांकी मतलब कई पत्नियों से विवाह करना अलाउड है कुछ लोगों के लिए और बाकी बाकी भारत के लिए अलाउड नहीं है इनहेरिटेंस राइट्स जिसमें कि बेटा बेटी कोई क्वालिटी देना है नहीं देना यह भी डिफरेंट डिफरेंट है आजकल जो ट्रिपल तलाक के विषय में चर्चा चल रही है यह भी इनमें से ऐसा लो है जो सिर्फ एक समुदाय के लोगों को अफेक्ट करता है वेस्टर्न डेफिनिशन ऑफ सेकंड एग्जाम तो बिल्कुल क्लियर है कि समुदाय का हर सदस्य वही सेम लॉस से गवर्न्ड रहेगा कि कोई फर्क नहीं है किसी से टेशन में चाहे वह कोई भी रिलेशन फॉलो करें जो इन डेफिनेशन ऑफ सेकुलरिज्म है वह यह है कि हर किसी को अपने रिलिजन के तरीके से जीने का हक है और उनका जजमेंट भी उनके रिलीजन के हिसाब से ही उनका बात यहीं खत्म होती है कि क्या भारत वाकई से किधर है रिलीजन के नाम पर वोट मांगे जाएंगे इंडिया टू लिसन किलर नहीं हो सकता जब तक हर सिटीजन को एक ही सेट ऑफ डॉल से गवन नहीं करेंगे चाहे हम कितने ही अपने आप को यह झांसा दे दे कि इंडिया से कलर है इंडिया टोली से कलर नहीं कहलाया जा सकता यह मेरा ओपिनियन है
Romanized Version
सेक्युलर शब्द की परिभाषा है धर्म से संबंधित नहीं नॉट कंसर्न्ड विद रिलिजन यानी धर्मनिरपेक्ष किसी भी देश को से करना चाहता है तो उस देश से यह अपेक्षा होती है कि राजनीति में धर्म का कोई स्थान न हो सका रेफरेंस भारत के कॉन्स्टिट्यूशन यानी संविधान के प्रति सेकंड अमेंडमेंट जो कि 1976 में लाया गया मैं यह दर्शाया गया है कि इंडिया ए सेकुलर स्टेट इंडिया के स्टेट होने के पक्ष में जो आदमी मेंट्स है वह यह है कि इंडिया का कोई भी ऑफिशियल स्टेट रिलिजन नहीं है दूसरी बात सभी इंस्टिट्यूशन स्कोर सभी रिलीज उसको एक्सेप्ट करना पड़ेगा तथा सभी इंस्टीट्यूशंस को समांतर इज्जत हर रिलिजन को देना पड़ेगा तीसरी बात यह है कि गवर्नमेंट पर लौटती बॉयज टू वर्ड्स एनी रिलिजन इलेक्शंस रिलीजस बेसिस पर लड़े नहीं जा सकते यह हुए पक्ष के आर कमेंट विपक्ष के जजमेंट किए जो है कि वह यह कहता है कि यदि इंडिया को सही मायने में सेकंड माना जाना चाहिए तोहर सिटीजन के लिए रूल सामान्य होने चाहिए यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड होना चाहिए इंडिया में मैरिज डिवोर्स इनहेरिटेंस अली मनी इन सबके लॉज रिलीजन के बेसिस पर चलते हैं मुस्लिम इंडियन शरिया लौट के अनोखे बेसिस पर चलते हैं हिंदू टेंपल्स को स्टेट मैनेज करता है परंतु बाकी रिलीज उसके प्लेसेस ऑफ़ वरशिप गवर्मेंट के नीचे नहीं है अनइक्वल रिलिजन लॉ की वजह से इंडिया में कई शूज है जैसे कि पॉलिगामी झांकी मतलब कई पत्नियों से विवाह करना अलाउड है कुछ लोगों के लिए और बाकी बाकी भारत के लिए अलाउड नहीं है इनहेरिटेंस राइट्स जिसमें कि बेटा बेटी कोई क्वालिटी देना है नहीं देना यह भी डिफरेंट डिफरेंट है आजकल जो ट्रिपल तलाक के विषय में चर्चा चल रही है यह भी इनमें से ऐसा लो है जो सिर्फ एक समुदाय के लोगों को अफेक्ट करता है वेस्टर्न डेफिनिशन ऑफ सेकंड एग्जाम तो बिल्कुल क्लियर है कि समुदाय का हर सदस्य वही सेम लॉस से गवर्न्ड रहेगा कि कोई फर्क नहीं है किसी से टेशन में चाहे वह कोई भी रिलेशन फॉलो करें जो इन डेफिनेशन ऑफ सेकुलरिज्म है वह यह है कि हर किसी को अपने रिलिजन के तरीके से जीने का हक है और उनका जजमेंट भी उनके रिलीजन के हिसाब से ही उनका बात यहीं खत्म होती है कि क्या भारत वाकई से किधर है रिलीजन के नाम पर वोट मांगे जाएंगे इंडिया टू लिसन किलर नहीं हो सकता जब तक हर सिटीजन को एक ही सेट ऑफ डॉल से गवन नहीं करेंगे चाहे हम कितने ही अपने आप को यह झांसा दे दे कि इंडिया से कलर है इंडिया टोली से कलर नहीं कहलाया जा सकता यह मेरा ओपिनियन हैSecular Shabd Ki Paribhasha Hai Dharam Se Sambandhit Nahi Not Concerned With Religion Yani Dharmanirapeksh Kisi Bhi Desh Ko Se Karna Chahta Hai Toh Us Desh Se Yeh Apeksha Hoti Hai Ki Rajneeti Mein Dharam Ka Koi Sthan Na Ho Saka Reference Bharat Ke Constitution Yani Samvidhan Ke Prati Second Amendment Jo Ki 1976 Mein Laya Gaya Main Yeh Darshaya Gaya Hai Ki India A Secular State India Ke State Hone Ke Paksh Mein Jo Aadmi Documents Hai Wah Yeh Hai Ki India Ka Koi Bhi Official State Religion Nahi Hai Dusri Baat Sabhi Institution Score Sabhi Release Usko Except Karna Padega Tatha Sabhi Institutions Ko Samantar Izzat Har Religion Ko Dena Padega Teesri Baat Yeh Hai Ki Government Par Lautti Boys To Words Any Religion Elections Rilijas Basis Par Lade Nahi Ja Sakte Yeh Hue Paksh Ke R Comment Vipaksh Ke Judgement Kiye Jo Hai Ki Wah Yeh Kahata Hai Ki Yadi India Ko Sahi Maayne Mein Second Mana Jana Chahiye Tohra Citizen Ke Liye Rule Samanya Hone Chahiye Yani Uniform Civil Code Hona Chahiye India Mein Marriage Divorce Inheritance Ali Money In Sabke Lodge Religion Ke Basis Par Chalte Hain Muslim Indian Shariya Lot Ke Anokhe Basis Par Chalte Hain Hindu Temples Ko State Manage Karta Hai Parantu Baki Release Uske Places Of Worship Government Ke Neeche Nahi Hai Anaikwal Religion Law Ki Wajah Se India Mein Kai Shoes Hai Jaise Ki Paligami Jhanki Matlab Kai Patniyon Se Vivah Karna Allowed Hai Kuch Logon Ke Liye Aur Baki Baki Bharat Ke Liye Allowed Nahi Hai Inheritance Rights Jisme Ki Beta Beti Koi Quality Dena Hai Nahi Dena Yeh Bhi Different Different Hai Aajkal Jo Triple Talak Ke Vishay Mein Charcha Chal Rahi Hai Yeh Bhi Inmein Se Aisa Lo Hai Jo Sirf Ek Samuday Ke Logon Ko Affect Karta Hai Western Definition Of Second Exam Toh Bilkul Clear Hai Ki Samuday Ka Har Sadasya Wahi Same Loss Se Governed Rahega Ki Koi Fark Nahi Hai Kisi Se Tension Mein Chahe Wah Koi Bhi Relation Follow Karein Jo In Definition Of Secularism Hai Wah Yeh Hai Ki Har Kisi Ko Apne Religion Ke Tarike Se Jeene Ka Haq Hai Aur Unka Judgement Bhi Unke Religion Ke Hisab Se Hi Unka Baat Yahin Khatam Hoti Hai Ki Kya Bharat Vaakai Se Kidhar Hai Religion Ke Naam Par Vote Mange Jaenge India To Listen Killer Nahi Ho Sakta Jab Tak Har Citizen Ko Ek Hi Set Of Doll Se Gawn Nahi Karenge Chahe Hum Kitne Hi Apne Aap Ko Yeh Jhansa De De Ki India Se Color Hai India Toli Se Color Nahi Kehlaya Ja Sakta Yeh Mera Opinion Hai
Likes  117  Dislikes      
WhatsApp_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

Similar Questions

More Answers


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यहां यह प्रश्न बहुत ही सुंदर प्रश्न है क्या भारत एक सेक्यूलर देश है या इसमें कोई संदेह है इस यह प्रश्न इतना अच्छा है मतलब की बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं प्रश्न पूछने वाले को क्योंकि भारत के अंदर जो सेक्युलरिज्म है आप जब से देखी इंदिरा गांधी ने जब से सेक्युलरिज्म सतगुरु आविया सेकुलर कंट्री तब से एक कहीं ना कहीं चीजें बदली हैं क्योंकि सेक्युलरिज्म को हिंदी में कह देते हैं सर्वधर्म समभाव लेकिन ऐसा होता नहीं है ऐसा इसलिए नहीं होता है क्योंकि धर्म सर्व धर्म समभाव चीज अलग है और सेक्यूलर जो है वह धर्मनिरपेक्षता को दर्शाता है सर्वधर्म समभाव जो चीज है वह चीज अलग है धर्मनिरपेक्षता चीज अलग है और कहीं ना कहीं हम लोग इसी का फायदा उठाते हैं और इसका फायदा इस तरीके से उठा लेते हैं कि कहीं ना कहीं हम लोगों को यह लगने लगा है कि आज के समय में कई सारे देश ऐसी हैं जिन पर सेक्युलरिज्म का जो एक शब्द है और भी किए हैं यह अमल में लाई गई और अच्छा रहा लेकिन आज भारत के अंदर जो सेक्युलरिज्म चल रहा है छद्म सेक्यूलर चल रहा है उससे क्योलरी चमकू हमें बदलना चाहिए ऐसी छवि को जब तक हम नहीं बदल पाएंगे तब तक भारत का उत्थान हो नहीं सकता है आज हम देखते हैं लैब टेस्ट है और हमारे न जाने कितने ही जो विपक्षी लोग हैं एक प्रकार से कहते हैं कि देखिए मतलब मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं विशेष जात पात धर्म मजहब तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं संप्रदाय वाद की राजनीति करते हैं और इस राजनीति के कारण भारत का जो सेक्युलरिज्म है खत्म हो जाता मेरा तो मानना यह है कि कहीं ना कहीं ऐसा क्यू ललिज्म की जगह जो है ए का मतलब स्पष्ट रूप से कर दी जाएगी यह करना है चेक दम का मतलब लोगों ने कहीं ना कहीं भारत तेरे टुकड़े टुकड़े होंगे मान लिया है सेक्युलरिज्म का मतलब मान लिया है कि मतलब कि हम मतलब पाकिस्तान अगर हमें गाली देता है और हम उसके हम सामने हाथ जोड़ते हैं सेक्युलरिज्म है मुस्लिम लोग आतंकवाद जिहाद फैलाते हैं और हम कहते हैं नहीं नहीं यह मुस्लिम भाई सही है यह है वह तो यह सेक्युलरिज्म है और अगर मान लीजिए कोई भी बौद्ध व्यक्ति है जैन है या मालिनी यह पश्चिमी सभ्यता को अपना कर के चल रहे हैं तो तो हम सेक्युलरिज्म सेक्युलरिस्ट हैं मतलब कि धर्मनिरपेक्षता बादी है लेकिन बहिया में हिंदू रीति-रिवाजों का अगर और अन्य अपनी-अपनी जो खुद की स्वयं की संस्कृति सम्मान और वहां की परंपरा के अनुसार कार्य करते हैं तो हम सेक्युलरिज्म मतलब सेक्युलरिस्ट नहीं है ऐसी जो चूड़ियां है ऐसी जो छग मानसिकता है इन सारी चीजों से हमें उठकर के ऊपर उठना चाहिए और धर्मनिरपेक्ष बांका सर्वधर्म समभाव का अर्थ समझते हुए हमारी भारत की जो गौरवशाली परंपरा रही है उस परंपरा के आधार पर हम लोगों को यह समझना चाहिए कि भारतवर्ष के अंदर सर्व धर्म समभाव कोई आज से नहीं बहुत पहले से है और भारत ही एकमात्र ऐसा राष्ट्र है जिसने अन्य अन्य विचारों को शरण दी अन्य विचारों को अपनाया अन्य विचारों को बुला लाया यह भारत की मिट्टी की पहचान है भारत ने सब को अपनाया है और भारत का यह एवं वाक्य उदाहरण चढ़ता नाम तू वसुधैव कुटुंबकम उसमें इंदिरा गांधी जी ने बहुत छद्म और ऊंची राजनीति खेली हां यह बात ठीक है कि एक पहली महिला प्रधानमंत्री थी तो उसके लिए कई सारे कसीदे गढ़े गए और मार्क मतलब उनकी ताजपोशी की गई और कई सारे लोग एक प्रकार से उनके अलंकारों से सुशोभित करने लगे लेकिन कहीं ना कहीं अगर सही से विश्लेषक बड़ा मतलब हम निकाले विश्लेषण करें उनके कार्य अलका तो कहीं ना कहीं लगता है एक दो चीजों को छोड़ कर के इंदिरा गांधी जी एक राजनैतिक लोलिता से ग्रसित महिला थी और यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है किसी भी राष्ट्र के लिए किसी भी लोकतंत्र के लिए उन्होंने राजनैतिक लोलिता अपनी सत्ता बचाए रखने के चक्कर में आपातकाल लगा दिया ताकि हमारी सप्ताह बच जाए उनके अंदर विवेक सुनीता कि कहीं ना कहीं कमी थी और भारत की राजनीतिक स्थिति हमें लगता है कि जब से इंदिरा गांधी का युग शुरू हुआ है उसके बाद से भारत की राजनैतिक स्थिरता आई है भारत की राजनीति में और यह राजनीतिक अस्थिरता कहीं ना कहीं विकास के पथ में भी बाधक बनी है और भारत के लोगों के अंदर राजनीतिक विचारधाराओं के वर्गीकरण में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है इन सारी चीजों को यदि हम सही से देखें तो हम पाएंगे कि वास्तव में यह कई सारी चीजें इंदिरा गांधी ने बहुत खराब की है और नेहरू का जो युग था बहुत ही बेकार युग था हां यह बात बिल्कुल सही है कि हर एक प्रधानमंत्री ने अपना अपना योगदान दिया है सबने अपना अपना योगदान विकास के उसमें लगाया है उस समय की परिस्थिति आ रही होंगी जैसी लेकिन आज के संदर्भ में यदि हम बात करें वर्तमान के हिसाब से तो कहीं ना कहीं नेहरू से लेकर के गांधी परिवार का बिल ऑफ शासन चला स्पेल आउट शासन ने अपने को बिल्कुल भारत को बर्बाद कर दिया भारत की युवा पीढ़ी को खराब कर दिया इसका सबसे बड़ा उदाहरण हम ले सकते हैं कि कांग्रेस ने कभी भी एक स्नातक व्यक्ति को बहुत कम टिकट ए बाटी शिक्षकों को ज्यादा माटी क्यों माटी क्योंकि हम शिक्षित हैं बजे से पढ़ कर आए हैं यह लोग हमारा दाम मानेंगे बड़े घर के गांधी परिवार अलग गांधी सरनेम का मतलब है कि तुम बहुत बड़ी तोप जी बन गए हो उसके बाद शब्दों की गरिमा है यह को गर्मा नहीं एक प्रकार से कह सकते हैं कि स्थानीय भाषा है इसमें कोई वह नहीं करना चाहिए और लोग यह भी समझना चाहिए अगर कोई स्थानीय भाषा में अपनी चीजें कह रहा है तो उसको यह नहीं और जरूरी नहीं है कि प्रोफेशनलिज्म की लैंग्वेज खड़ी बोली या इंग्लिश ही है यह चीजें ठीक है अच्छा है शुरू से रहा खड़ी खड़ी बोली वाले क्षेत्र से हम भी आते हैं लेकिन इन सारी चीजों पर ध्यान देना चाहिए और कहीं ना कहीं हमें यह सोचना चाहिए कि देखिए हम थे स्पेस नाटक वाले पर तो 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार बनी तब सबसे ज्यादा ग्रैजुएट सांसद थे और उसके और और 12th पास भी थे इंटरमीडिएट उसके बाद 2014 में जब बनी तक पीएचडी होल्डर ग्रेजुएट भी थे और सबसे ज्यादा पीएचडी होल्डर जो डॉक्टरेट किए हुए सांसद थे वह 1996 में अटल जी की सरकार में थे और तभी कहीं ना कहीं बहुत प्रभावी योजनाएं पीएमजीएसवाई से लेकर के एक से एक अच्छी योजनाएं वह दे गए देश को और मैं मानता हूं कि अगर उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार होती अटल जी की तो समय नया जोश का नया होता तो जानते हैं बहुत अच्छा हो सा टाटा लेकिन कांग्रेस की सरकारों की यह आदत रही है कि सब मलाई खाएंगे देश जाए भाड़ में लोकतंत्र भी भाड़ में जाए हम लोग साथ मिलकर के मलाई खाएंगे देश के खजाने को खाली करेंगे अपनी सांसों पीढ़ियों के लिए भर करके रखेंगे और यही भारत के भारत देश का सेक्युलरिज्म है अगर हमने मुस्लिम के पक्ष में बात कर दी हिंदू की गलती है तब भी उसको मतलब हिंदू की गलती है और मुस्लिम ने उसको मार दिया है तो मतलब हिंदू बेकार है हिंदू बिल्कुल सही है मुस्लिम बिकने मुस्लिम ने उसको मार दिया है तो भी हिंदू बे का मतलब कि हिंदुओं की स्थिति मुस्लिमों को एक प्रकार से आश्रय देना यह अगर देश का सेक्युलरिज्म है तो वास्तव में यह देख लो जब नहीं यह तो राजनीतिक तुष्टीकरण हो रहा है सेकुलरिज्म का मतलब एक ही है सर्वधर्म समभाव और इसी के साथ अगर हम आगे बढ़ेंगे तो कहीं ना कहीं हमारा देश बहुत आगे चला जाएगा
Romanized Version
यहां यह प्रश्न बहुत ही सुंदर प्रश्न है क्या भारत एक सेक्यूलर देश है या इसमें कोई संदेह है इस यह प्रश्न इतना अच्छा है मतलब की बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं प्रश्न पूछने वाले को क्योंकि भारत के अंदर जो सेक्युलरिज्म है आप जब से देखी इंदिरा गांधी ने जब से सेक्युलरिज्म सतगुरु आविया सेकुलर कंट्री तब से एक कहीं ना कहीं चीजें बदली हैं क्योंकि सेक्युलरिज्म को हिंदी में कह देते हैं सर्वधर्म समभाव लेकिन ऐसा होता नहीं है ऐसा इसलिए नहीं होता है क्योंकि धर्म सर्व धर्म समभाव चीज अलग है और सेक्यूलर जो है वह धर्मनिरपेक्षता को दर्शाता है सर्वधर्म समभाव जो चीज है वह चीज अलग है धर्मनिरपेक्षता चीज अलग है और कहीं ना कहीं हम लोग इसी का फायदा उठाते हैं और इसका फायदा इस तरीके से उठा लेते हैं कि कहीं ना कहीं हम लोगों को यह लगने लगा है कि आज के समय में कई सारे देश ऐसी हैं जिन पर सेक्युलरिज्म का जो एक शब्द है और भी किए हैं यह अमल में लाई गई और अच्छा रहा लेकिन आज भारत के अंदर जो सेक्युलरिज्म चल रहा है छद्म सेक्यूलर चल रहा है उससे क्योलरी चमकू हमें बदलना चाहिए ऐसी छवि को जब तक हम नहीं बदल पाएंगे तब तक भारत का उत्थान हो नहीं सकता है आज हम देखते हैं लैब टेस्ट है और हमारे न जाने कितने ही जो विपक्षी लोग हैं एक प्रकार से कहते हैं कि देखिए मतलब मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं विशेष जात पात धर्म मजहब तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं संप्रदाय वाद की राजनीति करते हैं और इस राजनीति के कारण भारत का जो सेक्युलरिज्म है खत्म हो जाता मेरा तो मानना यह है कि कहीं ना कहीं ऐसा क्यू ललिज्म की जगह जो है ए का मतलब स्पष्ट रूप से कर दी जाएगी यह करना है चेक दम का मतलब लोगों ने कहीं ना कहीं भारत तेरे टुकड़े टुकड़े होंगे मान लिया है सेक्युलरिज्म का मतलब मान लिया है कि मतलब कि हम मतलब पाकिस्तान अगर हमें गाली देता है और हम उसके हम सामने हाथ जोड़ते हैं सेक्युलरिज्म है मुस्लिम लोग आतंकवाद जिहाद फैलाते हैं और हम कहते हैं नहीं नहीं यह मुस्लिम भाई सही है यह है वह तो यह सेक्युलरिज्म है और अगर मान लीजिए कोई भी बौद्ध व्यक्ति है जैन है या मालिनी यह पश्चिमी सभ्यता को अपना कर के चल रहे हैं तो तो हम सेक्युलरिज्म सेक्युलरिस्ट हैं मतलब कि धर्मनिरपेक्षता बादी है लेकिन बहिया में हिंदू रीति-रिवाजों का अगर और अन्य अपनी-अपनी जो खुद की स्वयं की संस्कृति सम्मान और वहां की परंपरा के अनुसार कार्य करते हैं तो हम सेक्युलरिज्म मतलब सेक्युलरिस्ट नहीं है ऐसी जो चूड़ियां है ऐसी जो छग मानसिकता है इन सारी चीजों से हमें उठकर के ऊपर उठना चाहिए और धर्मनिरपेक्ष बांका सर्वधर्म समभाव का अर्थ समझते हुए हमारी भारत की जो गौरवशाली परंपरा रही है उस परंपरा के आधार पर हम लोगों को यह समझना चाहिए कि भारतवर्ष के अंदर सर्व धर्म समभाव कोई आज से नहीं बहुत पहले से है और भारत ही एकमात्र ऐसा राष्ट्र है जिसने अन्य अन्य विचारों को शरण दी अन्य विचारों को अपनाया अन्य विचारों को बुला लाया यह भारत की मिट्टी की पहचान है भारत ने सब को अपनाया है और भारत का यह एवं वाक्य उदाहरण चढ़ता नाम तू वसुधैव कुटुंबकम उसमें इंदिरा गांधी जी ने बहुत छद्म और ऊंची राजनीति खेली हां यह बात ठीक है कि एक पहली महिला प्रधानमंत्री थी तो उसके लिए कई सारे कसीदे गढ़े गए और मार्क मतलब उनकी ताजपोशी की गई और कई सारे लोग एक प्रकार से उनके अलंकारों से सुशोभित करने लगे लेकिन कहीं ना कहीं अगर सही से विश्लेषक बड़ा मतलब हम निकाले विश्लेषण करें उनके कार्य अलका तो कहीं ना कहीं लगता है एक दो चीजों को छोड़ कर के इंदिरा गांधी जी एक राजनैतिक लोलिता से ग्रसित महिला थी और यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है किसी भी राष्ट्र के लिए किसी भी लोकतंत्र के लिए उन्होंने राजनैतिक लोलिता अपनी सत्ता बचाए रखने के चक्कर में आपातकाल लगा दिया ताकि हमारी सप्ताह बच जाए उनके अंदर विवेक सुनीता कि कहीं ना कहीं कमी थी और भारत की राजनीतिक स्थिति हमें लगता है कि जब से इंदिरा गांधी का युग शुरू हुआ है उसके बाद से भारत की राजनैतिक स्थिरता आई है भारत की राजनीति में और यह राजनीतिक अस्थिरता कहीं ना कहीं विकास के पथ में भी बाधक बनी है और भारत के लोगों के अंदर राजनीतिक विचारधाराओं के वर्गीकरण में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है इन सारी चीजों को यदि हम सही से देखें तो हम पाएंगे कि वास्तव में यह कई सारी चीजें इंदिरा गांधी ने बहुत खराब की है और नेहरू का जो युग था बहुत ही बेकार युग था हां यह बात बिल्कुल सही है कि हर एक प्रधानमंत्री ने अपना अपना योगदान दिया है सबने अपना अपना योगदान विकास के उसमें लगाया है उस समय की परिस्थिति आ रही होंगी जैसी लेकिन आज के संदर्भ में यदि हम बात करें वर्तमान के हिसाब से तो कहीं ना कहीं नेहरू से लेकर के गांधी परिवार का बिल ऑफ शासन चला स्पेल आउट शासन ने अपने को बिल्कुल भारत को बर्बाद कर दिया भारत की युवा पीढ़ी को खराब कर दिया इसका सबसे बड़ा उदाहरण हम ले सकते हैं कि कांग्रेस ने कभी भी एक स्नातक व्यक्ति को बहुत कम टिकट ए बाटी शिक्षकों को ज्यादा माटी क्यों माटी क्योंकि हम शिक्षित हैं बजे से पढ़ कर आए हैं यह लोग हमारा दाम मानेंगे बड़े घर के गांधी परिवार अलग गांधी सरनेम का मतलब है कि तुम बहुत बड़ी तोप जी बन गए हो उसके बाद शब्दों की गरिमा है यह को गर्मा नहीं एक प्रकार से कह सकते हैं कि स्थानीय भाषा है इसमें कोई वह नहीं करना चाहिए और लोग यह भी समझना चाहिए अगर कोई स्थानीय भाषा में अपनी चीजें कह रहा है तो उसको यह नहीं और जरूरी नहीं है कि प्रोफेशनलिज्म की लैंग्वेज खड़ी बोली या इंग्लिश ही है यह चीजें ठीक है अच्छा है शुरू से रहा खड़ी खड़ी बोली वाले क्षेत्र से हम भी आते हैं लेकिन इन सारी चीजों पर ध्यान देना चाहिए और कहीं ना कहीं हमें यह सोचना चाहिए कि देखिए हम थे स्पेस नाटक वाले पर तो 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार बनी तब सबसे ज्यादा ग्रैजुएट सांसद थे और उसके और और 12th पास भी थे इंटरमीडिएट उसके बाद 2014 में जब बनी तक पीएचडी होल्डर ग्रेजुएट भी थे और सबसे ज्यादा पीएचडी होल्डर जो डॉक्टरेट किए हुए सांसद थे वह 1996 में अटल जी की सरकार में थे और तभी कहीं ना कहीं बहुत प्रभावी योजनाएं पीएमजीएसवाई से लेकर के एक से एक अच्छी योजनाएं वह दे गए देश को और मैं मानता हूं कि अगर उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार होती अटल जी की तो समय नया जोश का नया होता तो जानते हैं बहुत अच्छा हो सा टाटा लेकिन कांग्रेस की सरकारों की यह आदत रही है कि सब मलाई खाएंगे देश जाए भाड़ में लोकतंत्र भी भाड़ में जाए हम लोग साथ मिलकर के मलाई खाएंगे देश के खजाने को खाली करेंगे अपनी सांसों पीढ़ियों के लिए भर करके रखेंगे और यही भारत के भारत देश का सेक्युलरिज्म है अगर हमने मुस्लिम के पक्ष में बात कर दी हिंदू की गलती है तब भी उसको मतलब हिंदू की गलती है और मुस्लिम ने उसको मार दिया है तो मतलब हिंदू बेकार है हिंदू बिल्कुल सही है मुस्लिम बिकने मुस्लिम ने उसको मार दिया है तो भी हिंदू बे का मतलब कि हिंदुओं की स्थिति मुस्लिमों को एक प्रकार से आश्रय देना यह अगर देश का सेक्युलरिज्म है तो वास्तव में यह देख लो जब नहीं यह तो राजनीतिक तुष्टीकरण हो रहा है सेकुलरिज्म का मतलब एक ही है सर्वधर्म समभाव और इसी के साथ अगर हम आगे बढ़ेंगे तो कहीं ना कहीं हमारा देश बहुत आगे चला जाएगाYahan Yeh Prashna Bahut Hi Sundar Prashna Hai Kya Bharat Ek Secular Desh Hai Ya Ismein Koi Sandeh Hai Is Yeh Prashna Itna Accha Hai Matlab Ki Bahut Bahut Dhanyavad Deta Hoon Prashna Poochne Wale Ko Kyonki Bharat Ke Andar Jo Secularism Hai Aap Jab Se Dekhi Indira Gandhi Ne Jab Se Secularism Satguru Aviya Secular Country Tab Se Ek Kahin Na Kahin Cheezen Badli Hain Kyonki Secularism Ko Hindi Mein Keh Dete Hain Sarvadharm Sambhav Lekin Aisa Hota Nahi Hai Aisa Isliye Nahi Hota Hai Kyonki Dharam Surve Dharam Sambhav Cheez Alag Hai Aur Secular Jo Hai Wah Dharmanirapekshata Ko Darshaata Hai Sarvadharm Sambhav Jo Cheez Hai Wah Cheez Alag Hai Dharmanirapekshata Cheez Alag Hai Aur Kahin Na Kahin Hum Log Isi Ka Fayda Uthate Hain Aur Iska Fayda Is Tarike Se Utha Lete Hain Ki Kahin Na Kahin Hum Logon Ko Yeh Lagne Laga Hai Ki Aaj Ke Samay Mein Kai Saare Desh Aisi Hain Jin Par Secularism Ka Jo Ek Shabd Hai Aur Bhi Kiye Hain Yeh Amal Mein Lai Gayi Aur Accha Raha Lekin Aaj Bharat Ke Andar Jo Secularism Chal Raha Hai Chhadm Secular Chal Raha Hai Usse Kyolari Chamaku Humein Badalna Chahiye Aisi Chhavi Ko Jab Tak Hum Nahi Badal Payenge Tab Tak Bharat Ka Utthan Ho Nahi Sakta Hai Aaj Hum Dekhte Hain Lab Test Hai Aur Hamare Na Jaane Kitne Hi Jo Vipakshi Log Hain Ek Prakar Se Kehte Hain Ki Dekhie Matlab Muslim Tushtikaran Ki Rajneeti Karte Hain Vishesh Jaat Pat Dharam Majahab Tushtikaran Ki Rajneeti Karte Hain Sampraday Vad Ki Rajneeti Karte Hain Aur Is Rajneeti Ke Kaaran Bharat Ka Jo Secularism Hai Khatam Ho Jata Mera Toh Manana Yeh Hai Ki Kahin Na Kahin Aisa Kyun Lalijm Ki Jagah Jo Hai A Ka Matlab Spasht Roop Se Kar Di Jayegi Yeh Karna Hai Check Dum Ka Matlab Logon Ne Kahin Na Kahin Bharat Tere Tukde Tukde Honge Maan Liya Hai Secularism Ka Matlab Maan Liya Hai Ki Matlab Ki Hum Matlab Pakistan Agar Humein Gaali Deta Hai Aur Hum Uske Hum Saamne Hath Jodte Hain Secularism Hai Muslim Log Aatankwad Jihad Failate Hain Aur Hum Kehte Hain Nahi Nahi Yeh Muslim Bhai Sahi Hai Yeh Hai Wah Toh Yeh Secularism Hai Aur Agar Maan Lijiye Koi Bhi Baudh Vyakti Hai Jain Hai Ya Malini Yeh Pashchimi Sabhyata Ko Apna Kar Ke Chal Rahe Hain Toh Toh Hum Secularism Sekyularist Hain Matlab Ki Dharmanirapekshata Badi Hai Lekin Bahiya Mein Hindu Riti Rivajon Ka Agar Aur Anya Apni Apni Jo Khud Ki Swayam Ki Sanskriti Sammaan Aur Wahan Ki Parampara Ke Anusaar Karya Karte Hain Toh Hum Secularism Matlab Sekyularist Nahi Hai Aisi Jo Churiyan Hai Aisi Jo Chag Mansikta Hai In Saree Chijon Se Humein Uthakar Ke Upar Uthana Chahiye Aur Dharmanirapeksh Baanka Sarvadharm Sambhav Ka Arth Samajhte Hue Hamari Bharat Ki Jo Gauravshali Parampara Rahi Hai Us Parampara Ke Aadhaar Par Hum Logon Ko Yeh Samajhna Chahiye Ki Bharatvarsh Ke Andar Surve Dharam Sambhav Koi Aaj Se Nahi Bahut Pehle Se Hai Aur Bharat Hi Ekmatra Aisa Rashtra Hai Jisne Anya Anya Vicharon Ko Sharan Di Anya Vicharon Ko Apnaya Anya Vicharon Ko Bula Laya Yeh Bharat Ki Mitti Ki Pehchaan Hai Bharat Ne Sab Ko Apnaya Hai Aur Bharat Ka Yeh Evam Vakya Udaharan Chadhta Naam Tu Vasudev Kutumbakam Usmein Indira Gandhi Ji Ne Bahut Chhadm Aur Unchi Rajneeti Kheli Haan Yeh Baat Theek Hai Ki Ek Pehli Mahila Pradhanmantri Thi Toh Uske Liye Kai Saare Kaside Gadhe Gaye Aur Mark Matlab Unki Tajposhi Ki Gayi Aur Kai Saare Log Ek Prakar Se Unke Alankaron Se Sushobhit Karne Lage Lekin Kahin Na Kahin Agar Sahi Se Vishleshak Bada Matlab Hum Nikale Vishleshan Karein Unke Karya Alka Toh Kahin Na Kahin Lagta Hai Ek Do Chijon Ko Chhod Kar Ke Indira Gandhi Ji Ek Rajnaitik Lolita Se Grasit Mahila Thi Aur Yeh Bahut Hi Durbhagyaporn Hai Kisi Bhi Rashtra Ke Liye Kisi Bhi Loktantra Ke Liye Unhone Rajnaitik Lolita Apni Satta Bachaye Rakhne Ke Chakkar Mein Aapatkal Laga Diya Taki Hamari Saptah Bach Jaye Unke Andar Vivek Sunita Ki Kahin Na Kahin Kami Thi Aur Bharat Ki Raajnitik Sthiti Humein Lagta Hai Ki Jab Se Indira Gandhi Ka Yug Shuru Hua Hai Uske Baad Se Bharat Ki Rajnaitik Sthirta I Hai Bharat Ki Rajneeti Mein Aur Yeh Raajnitik Asthirata Kahin Na Kahin Vikas Ke Path Mein Bhi Badhak Bani Hai Aur Bharat Ke Logon Ke Andar Raajnitik Vichardharaon Ke Vargikaran Mein Bahut Badi Bhumika Nibhaai Hai In Saree Chijon Ko Yadi Hum Sahi Se Dekhen Toh Hum Payenge Ki Vaastav Mein Yeh Kai Saree Cheezen Indira Gandhi Ne Bahut Kharaab Ki Hai Aur Nehru Ka Jo Yug Tha Bahut Hi Bekar Yug Tha Haan Yeh Baat Bilkul Sahi Hai Ki Har Ek Pradhanmantri Ne Apna Apna Yogdan Diya Hai Sabane Apna Apna Yogdan Vikas Ke Usmein Lagaya Hai Us Samay Ki Paristhiti Aa Rahi Hongi Jaisi Lekin Aaj Ke Sandarbh Mein Yadi Hum Baat Karein Vartaman Ke Hisab Se Toh Kahin Na Kahin Nehru Se Lekar Ke Gandhi Parivar Ka Bill Of Shasan Chala Spell Out Shasan Ne Apne Ko Bilkul Bharat Ko Barbad Kar Diya Bharat Ki Yuva Peedhi Ko Kharaab Kar Diya Iska Sabse Bada Udaharan Hum Le Sakte Hain Ki Congress Ne Kabhi Bhi Ek Snatak Vyakti Ko Bahut Kam Ticket A Bati Shikshakon Ko Zyada Mati Kyon Mati Kyonki Hum Shikshit Hain Baje Se Padh Kar Aaye Hain Yeh Log Hamara Dam Manenge Bade Ghar Ke Gandhi Parivar Alag Gandhi Surname Ka Matlab Hai Ki Tum Bahut Badi Top Ji Ban Gaye Ho Uske Baad Shabdo Ki Garima Hai Yeh Ko Garma Nahi Ek Prakar Se Keh Sakte Hain Ki Sthaniye Bhasha Hai Ismein Koi Wah Nahi Karna Chahiye Aur Log Yeh Bhi Samajhna Chahiye Agar Koi Sthaniye Bhasha Mein Apni Cheezen Keh Raha Hai Toh Usko Yeh Nahi Aur Zaroori Nahi Hai Ki Profeshanalijm Ki Language Khadi Boli Ya English Hi Hai Yeh Cheezen Theek Hai Accha Hai Shuru Se Raha Khadi Khadi Boli Wale Kshetra Se Hum Bhi Aate Hain Lekin In Saree Chijon Par Dhyan Dena Chahiye Aur Kahin Na Kahin Humein Yeh Sochna Chahiye Ki Dekhie Hum The Space Natak Wale Par Toh 1996 Mein Jab Atal Bihari Vajpayee Ji Ki Sarkar Bani Tab Sabse Zyada Graduate Saansad The Aur Uske Aur Aur 12th Paas Bhi The Intermediate Uske Baad 2014 Mein Jab Bani Tak Phd Holder Graduate Bhi The Aur Sabse Zyada Phd Holder Jo Doctorate Kiye Hue Saansad The Wah 1996 Mein Atal Ji Ki Sarkar Mein The Aur Tabhi Kahin Na Kahin Bahut Prabhavi Yojanaye PMGSY Se Lekar Ke Ek Se Ek Acchi Yojanaye Wah De Gaye Desh Ko Aur Main Manata Hoon Ki Agar Unki Poorn Bahumat Ki Sarkar Hoti Atal Ji Ki Toh Samay Naya Josh Ka Naya Hota Toh Jante Hain Bahut Accha Ho Sa Tata Lekin Congress Ki Sarkaro Ki Yeh Aadat Rahi Hai Ki Sab Malai Khayenge Desh Jaye Bhad Mein Loktantra Bhi Bhad Mein Jaye Hum Log Saath Milkar Ke Malai Khayenge Desh Ke Khajaane Ko Khaali Karenge Apni Shanson Peedhiyon Ke Liye Bhar Karke Rakhenge Aur Yahi Bharat Ke Bharat Desh Ka Secularism Hai Agar Humne Muslim Ke Paksh Mein Baat Kar Di Hindu Ki Galti Hai Tab Bhi Usko Matlab Hindu Ki Galti Hai Aur Muslim Ne Usko Maar Diya Hai Toh Matlab Hindu Bekar Hai Hindu Bilkul Sahi Hai Muslim Bikne Muslim Ne Usko Maar Diya Hai Toh Bhi Hindu Be Ka Matlab Ki Hinduon Ki Sthiti Muslimo Ko Ek Prakar Se Asray Dena Yeh Agar Desh Ka Secularism Hai Toh Vaastav Mein Yeh Dekh Lo Jab Nahi Yeh Toh Raajnitik Tushtikaran Ho Raha Hai Secularism Ka Matlab Ek Hi Hai Sarvadharm Sambhav Aur Isi Ke Saath Agar Hum Aage Badhenge Toh Kahin Na Kahin Hamara Desh Bahut Aage Chala Jayega
Likes  2  Dislikes      
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत एक सेकुलर देश है क्योंकि अनुच्छेद नंबर 25 28 में लिखा है राइट ऑफ फ्रीडम रिलीजियस धर्म धर्म के आधार पर तंत्र अता धर्मनिरपेक्षता भारत भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है इसलिए यह भारत एक सेकुलर देश है इसमें कोई संदेह नहीं है
Romanized Version
भारत एक सेकुलर देश है क्योंकि अनुच्छेद नंबर 25 28 में लिखा है राइट ऑफ फ्रीडम रिलीजियस धर्म धर्म के आधार पर तंत्र अता धर्मनिरपेक्षता भारत भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है इसलिए यह भारत एक सेकुलर देश है इसमें कोई संदेह नहीं हैBharat Ek Secular Desh Hai Kyonki Anuched Number 25 28 Mein Likha Hai Right Of Freedom Religious Dharam Dharam Ke Aadhaar Par Tantra Ata Dharmanirapekshata Bharat Bharat Ek Dharmanirapeksh Desh Hai Isliye Yeh Bharat Ek Secular Desh Hai Ismein Koi Sandeh Nahi Hai
Likes  2  Dislikes      
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत एक सेकुलर कंट्री है मैं यहां पर सभी धर्म के लोग रहते हैं सभी धर्म के लोग अपने धर्म का पालन करते हैं इसमें कोई भी संदेह नहीं है और हम क्या सकते हैं या फिर पूरी दुनिया भी जानती है कि भारत एक सेकुलर कंट्री रहा है शुरू से ही
Romanized Version
भारत एक सेकुलर कंट्री है मैं यहां पर सभी धर्म के लोग रहते हैं सभी धर्म के लोग अपने धर्म का पालन करते हैं इसमें कोई भी संदेह नहीं है और हम क्या सकते हैं या फिर पूरी दुनिया भी जानती है कि भारत एक सेकुलर कंट्री रहा है शुरू से हीBharat Ek Secular Country Hai Main Yahan Par Sabhi Dharam Ke Log Rehte Hain Sabhi Dharam Ke Log Apne Dharam Ka Palan Karte Hain Ismein Koi Bhi Sandeh Nahi Hai Aur Hum Kya Sakte Hain Ya Phir Puri Duniya Bhi Jaanti Hai Ki Bharat Ek Secular Country Raha Hai Shuru Se Hi
Likes  2  Dislikes      
WhatsApp_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches:Kya Bharat Ek Secular Desh Hai Ya Ismein Koi Sandeh Hai,Is India A Secular Country? Or Is There Any Doubt?,


vokalandroid