गांवों में इतना छुआछूत क्यों है जबकि उन्ही जातियों के कई लोग बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे हैं? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर हम शहरों से गांव की तुलना करें तो यह बात बिल्कुल सही है कि गांव में आज भी छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई अपने पैर पसारे हुए हैं हलाकि बहुत सारी छोटी कास्ट के लोग भी बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे हैं...जवाब पढ़िये
अगर हम शहरों से गांव की तुलना करें तो यह बात बिल्कुल सही है कि गांव में आज भी छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई अपने पैर पसारे हुए हैं हलाकि बहुत सारी छोटी कास्ट के लोग भी बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे हैं लेकिन वह अपनी जात के लोगों के बारे में ही नहीं सोच रहे हैं उन्हें बस पैसे कमाने से मतलब है उन्हें यह मतलब नहीं कि जिस प्रकार से छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई आज भी हमारे देश में फैली हुई है उसे कैसे दूर किया जाए तो यह साफ दर्शाता है कि लोग सिर्फ अपने बारे में सोचने लगे हैं वह स्वार्थी हो गए हैं खासतौर से राजनेता एक बार अपने ही लोगों का साथ पाकर बड़े संवैधानिक पदों तक पहुंच जाते हैं लेकिन बाद में उन्हीं लोगों की जो दुख दर्द है परेशानियां हैं उसे दूर करने का प्रयास नहीं करते तो मुझे लगता है हमारे कानून को सही तरीके से काम करना चाहिए और इस तरह की चीजों को जो भी अंजाम देता है उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए तभी जाकर गांव से भी छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई को दूर किया जा सकता हैAgar Hum Shaharon Se Gav Ki Tulna Karen To Yeh Baat Bilkul Sahi Hai Ki Gav Mein Aaj Bhi Chhuachhut Jaisi Samajik Burayi Apne Pair Pasaare Huye Hain Halaki Bahut Saree Choti Caste Ke Log Bhi Bade Bade Samvaidhanik Padon Par Baithey Hain Lekin Wah Apni Jaat Ke Logon Ke Bare Mein Hi Nahi Soch Rahe Hain Unhen Bus Paise Kamane Se Matlab Hai Unhen Yeh Matlab Nahi Ki Jis Prakar Se Chhuachhut Jaisi Samajik Burayi Aaj Bhi Hamare Desh Mein Faili Hui Hai Use Kaise Dur Kiya Jaye To Yeh Saaf Darshaata Hai Ki Log Sirf Apne Bare Mein Sochne Lage Hain Wah Swaarthi Ho Gaye Hain Khaasataur Se Rajneta Ek Bar Apne Hi Logon Ka Saath Pakar Bade Samvaidhanik Padon Tak Pahunch Jaate Hain Lekin Baad Mein Unhin Logon Ki Jo Dukh Dard Hai Pareshaniyan Hain Use Dur Karne Ka Prayas Nahi Karte To Mujhe Lagta Hai Hamare Kanoon Ko Sahi Tarike Se Kaam Karna Chahiye Aur Is Tarah Ki Chijon Ko Jo Bhi Anjaam Deta Hai Uske Khilaf Sakht Action Liya Jana Chahiye Tabhi Jaakar Gav Se Bhi Chhuachhut Jaisi Samajik Burayi Ko Dur Kiya Ja Sakta Hai
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

BF ने बिल्कुल ठीक कहा गांव में बहुत ज्यादा छुआछूत है आज के समय मिले जब हम तुम पर सेंचुरी में रह रहे हैं और हम बुलेट ट्रेन लाने की बात करें हमारे देश में उस समय पर इस तरह की जो यह कुरीतियां हैं इनका हो...जवाब पढ़िये
BF ने बिल्कुल ठीक कहा गांव में बहुत ज्यादा छुआछूत है आज के समय मिले जब हम तुम पर सेंचुरी में रह रहे हैं और हम बुलेट ट्रेन लाने की बात करें हमारे देश में उस समय पर इस तरह की जो यह कुरीतियां हैं इनका होना बहुत शर्मनाक है और यह बात भी सही है कि उन्हें जातियों के लोग बहुत बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर बैठी है इसके पीछे का डिजाइन भेजो कि नहीं रिजर्वेशन इन लोगों को मिलता है जो और जो भी दो जो बिना जो पैसे होते हैं और उसके बाद कुछ क्यों बोलने से थोड़ा सा आगे बढ़ जाते हैं और वह लोग से दूसरों की हेल्प करने के बजाय अपने फायदे में लग जाते हैं जैसे जो यह नेता वगैरह है जो इस तरह की कास्ट को बिलॉन्ग करते हैं अगर वह सच में कुछ अच्छा बनना चाहे तो यह छुआ छूत की बीमारी जड़ से खत्म हो जाए ऐसा नहीं है कि दूसरी कास्ट के लोग नहीं कर सकते अगर आप किसी पर्टिकुलर कम्युनिटी से बिलॉन्ग करते तो आप अच्छे से समझ सकते हैं कि कैसे उस कम रेट के साथ भी अच्छा जाता है आप ज्यादा कनेक्ट कर सकते हैं उनसे और ज्यादा अच्छी सेहत कर पाएंगे इतनी लोग इस तरह की पोस्ट पर पहुंचकर भूल जाते हैं कि यह पोस्ट पर पहुंचे इसके पीछे कोई रीजन है परंतु उस उस की भलाई के लिए काम करना चाहिए बल्कि यह लोगों को ही उस दलदल में फंस जाते हैं और अपना अपना भला करने में लग जाते हैं जो कि तुम गलत हैBF Ne Bilkul Theek Kaha Gav Mein Bahut Jyada Chhuachhut Hai Aaj Ke Samay Mile Jab Hum Tum Par Century Mein Rah Rahe Hain Aur Hum Bullet Train Lane Ki Baat Karen Hamare Desh Mein Us Samay Par Is Tarah Ki Jo Yeh Kuritiyan Hain Inka Hona Bahut Sharmnaak Hai Aur Yeh Baat Bhi Sahi Hai Ki Unhen Jaatiyo Ke Log Bahut Bade Bade Samvaidhanik Padon Par Baithi Hai Iske Piche Ka Design Bhejo Ki Nahi Reservation In Logon Ko Milta Hai Jo Aur Jo Bhi Do Jo Bina Jo Paise Hote Hain Aur Uske Baad Kuch Kyon Bolne Se Thoda Sa Aage Badh Jaate Hain Aur Wah Log Se Dusron Ki Help Karne Ke Bajay Apne Fayde Mein Lag Jaate Hain Jaise Jo Yeh Neta Vagairah Hai Jo Is Tarah Ki Caste Ko Bilong Karte Hain Agar Wah Sach Mein Kuch Accha Banana Chahe To Yeh Chhua Chut Ki Bimari Jad Se Khatam Ho Jaye Aisa Nahi Hai Ki Dusri Caste Ke Log Nahi Kar Sakte Agar Aap Kisi Particular Community Se Bilong Karte To Aap Acche Se Samajh Sakte Hain Ki Kaise Us Kam Rate Ke Saath Bhi Accha Jata Hai Aap Jyada Connect Kar Sakte Hain Unse Aur Jyada Acchi Sehat Kar Paenge Itni Log Is Tarah Ki Post Par Pahunchakar Bhul Jaate Hain Ki Yeh Post Par Pahuche Iske Piche Koi Reason Hai Parantu Us Us Ki Bhalai Ke Liye Kaam Karna Chahiye Balki Yeh Logon Ko Hi Us Duldula Mein Phans Jaate Hain Aur Apna Apna Bhala Karne Mein Lag Jaate Hain Jo Ki Tum Galat Hai
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता जागरूकता की कमी है और छोटी सोच का नतीजा है उनके लोग जो बाहर निकलते हैं ना वह जाकर की वजह से दर्जनों पर बैठते हैं पर जो कि गांव में रहता है उनकी सोच ऐसी है छोटी सोच है और बहुत कम लोग जागरुक ह...जवाब पढ़िये
मुझे लगता जागरूकता की कमी है और छोटी सोच का नतीजा है उनके लोग जो बाहर निकलते हैं ना वह जाकर की वजह से दर्जनों पर बैठते हैं पर जो कि गांव में रहता है उनकी सोच ऐसी है छोटी सोच है और बहुत कम लोग जागरुक है इसलिए ऐसा सोचते हैं और छुआछूत में इतना यकीन करते हैंMujhe Lagta Jagrukta Ki Kami Hai Aur Choti Soch Ka Natija Hai Unke Log Jo Bahar Nikalte Hain Na Wah Jaakar Ki Wajah Se Darjanon Par Baithate Hain Par Jo Ki Gav Mein Rehta Hai Unki Soch Aisi Hai Choti Soch Hai Aur Bahut Kam Log Jagaruk Hai Isliye Aisa Sochte Hain Aur Chhuachhut Mein Itna Yakin Karte Hain
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