अपनी आखिरी सांस तक मनोहर पर्रिकर के अंदर जोश कैसे बरक़रार था?

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नाक की नली पर एक पाइप के द्वारा आहार मिल रहा था उन्हें मांडवी ब्रिज अटल सेतु का उद्घाटन पर मनोहर पारिकर साहब ने पूरी फिल्म का एक सेंटेंस का हाउस टैक्स ऑडियंस में खूब जोर से जवाब दिया है सर उन्होंने दोबारा पूछा हाउस जोश और उत्साह सहित जवाब दिया तत्पश्चात उन्होंने ऑडियंस से कहा आई विल ट्रांसफर माय जोश टू यू मैं अपना जोश आपको दूंगा और यहां बैठकर आपसे कुछ शब्द कहूंगा आप का सवाल था आखरी सांस तक मनोहर पारिकर जी का जोश कैसे बरकरार था मैं कहूंगी विल पावर आत्म बल से आर एस एस शाखा के पड़े हुए थे और यहां की ट्रेनिंग का फिगर यानी कठिन होती है जब अमेरिका में ट्रीटमेंट के लिए गए हुए थे तो उन्होंने अपने आत्म चिंतन कर आत्म चिंतन का एक पोस्ट लिखा गया फेसबुक पोस्ट लिखा जिंदगी में मुझे पॉलीटिकल रिस्पेक्ट बहुत मिला परंतु काम के अलावा मैंने किसी चीज को भी महत्व नहीं किया आज जब मैं इतना बीमार हूं तो सोचता हूं यह लोकप्रियता यह धुन यह सब मेरे किसी काम की नहीं है इन सबसे ज्यादा सोशल सर्विस संबंध द्वारा दूसरों के साथ जो संबंध है मतलब रिलेशनशिप्स यह ज्यादा मायने रखते हैं पहले अपना ध्यान करो फिर दूसरों का ध्यान करो और आसपास के करीबी लोगों से प्यार ना तो जिंदगी की भागदौड़ में पता नहीं कब और कहां मैं यह आखिरी अध्याय तक आ पहुंचा और बच्चा जब पैदा होता है तो रोते हुए पैदा होता है जब जाता है तो उसके दोस्त होते हैं मैं यह सोचता हूं कि इस बीच के बीच के दौरान हमें हंसी मजाक कर लेना चाहिए यही एक्टिव दर्शाता है इनका जोश
नाक की नली पर एक पाइप के द्वारा आहार मिल रहा था उन्हें मांडवी ब्रिज अटल सेतु का उद्घाटन पर मनोहर पारिकर साहब ने पूरी फिल्म का एक सेंटेंस का हाउस टैक्स ऑडियंस में खूब जोर से जवाब दिया है सर उन्होंने दोबारा पूछा हाउस जोश और उत्साह सहित जवाब दिया तत्पश्चात उन्होंने ऑडियंस से कहा आई विल ट्रांसफर माय जोश टू यू मैं अपना जोश आपको दूंगा और यहां बैठकर आपसे कुछ शब्द कहूंगा आप का सवाल था आखरी सांस तक मनोहर पारिकर जी का जोश कैसे बरकरार था मैं कहूंगी विल पावर आत्म बल से आर एस एस शाखा के पड़े हुए थे और यहां की ट्रेनिंग का फिगर यानी कठिन होती है जब अमेरिका में ट्रीटमेंट के लिए गए हुए थे तो उन्होंने अपने आत्म चिंतन कर आत्म चिंतन का एक पोस्ट लिखा गया फेसबुक पोस्ट लिखा जिंदगी में मुझे पॉलीटिकल रिस्पेक्ट बहुत मिला परंतु काम के अलावा मैंने किसी चीज को भी महत्व नहीं किया आज जब मैं इतना बीमार हूं तो सोचता हूं यह लोकप्रियता यह धुन यह सब मेरे किसी काम की नहीं है इन सबसे ज्यादा सोशल सर्विस संबंध द्वारा दूसरों के साथ जो संबंध है मतलब रिलेशनशिप्स यह ज्यादा मायने रखते हैं पहले अपना ध्यान करो फिर दूसरों का ध्यान करो और आसपास के करीबी लोगों से प्यार ना तो जिंदगी की भागदौड़ में पता नहीं कब और कहां मैं यह आखिरी अध्याय तक आ पहुंचा और बच्चा जब पैदा होता है तो रोते हुए पैदा होता है जब जाता है तो उसके दोस्त होते हैं मैं यह सोचता हूं कि इस बीच के बीच के दौरान हमें हंसी मजाक कर लेना चाहिए यही एक्टिव दर्शाता है इनका जोश
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