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क्या किसी भी काम को करने के लिए पागलपन होना ज़रूरी है? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्तों नमस्कार कृष्ण मार्बल फिर आपके क्वेश्चन का जवाब देने के लिए क्या किसी भी काम को करने के लिए पागल करना 120 जुनूनी डेडीकेशन काम के प्रति आपकी लगन जुनून नए बिना जुनून के तो अल्वा एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था जरूरी था उनका उनकी उनके पति काम के प्रति उनकी लगन जुनूनी जो आदमी को शिखर पर पहुंचा काम के प्रति ऐसा ना हो कि लोग आपको कह दिया तो अच्छा होना चाहिए जो आप दूसरों को बता सकें या मैंने काम किया है घमंड नहीं किया लड़की के प्रति कितना है
दोस्तों नमस्कार कृष्ण मार्बल फिर आपके क्वेश्चन का जवाब देने के लिए क्या किसी भी काम को करने के लिए पागल करना 120 जुनूनी डेडीकेशन काम के प्रति आपकी लगन जुनून नए बिना जुनून के तो अल्वा एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था जरूरी था उनका उनकी उनके पति काम के प्रति उनकी लगन जुनूनी जो आदमी को शिखर पर पहुंचा काम के प्रति ऐसा ना हो कि लोग आपको कह दिया तो अच्छा होना चाहिए जो आप दूसरों को बता सकें या मैंने काम किया है घमंड नहीं किया लड़की के प्रति कितना है
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न पागलपन को लेकर के है कि आप किसी भी चीज के लिए कितना डेडिकेटेड रहते हो और कितना जुनून रहता है मैं पागलपन को जहां पर पोस्टर बोर्ड में ले रहा हूं क्योंकि कई बार टीचर भी हमसे या कोई भी हमारे जो अध्यापक या गुरु होते हैं वह हमें बताते हैं कि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए तो मैं पागलों की तरह उसमें जुड़ना होगा पागलों की तरह इस को गर्म पहुंचते पर मिले हैं तो यह कैसा पूवर काम आता है और यह शब्द का प्रयोग अगर हम पोस्ट पर में करते हैं यह कहा जाता है कि फुल डेडीकेशन के साथ उस पर को करना चाहिए बिल्कुल सही है और इसमें मैं पूर्ण रुप से सहमत हूं कि अगर आपको किसी भी चीज़ में टाइटन बनना है अट मोस्ट लेवल पर पहुंचना है कि आपको यह पता है कि इस लेवल पर इसकी पूर्णता है और मेरे को जहां तक पहुंचना और कुछ करके दिखाना है तो उस चीज के लिए आपको अपना फुल डेडीकेशन देना पड़ेगा इसके असद आपको संयम भी रखना पड़ेगा और आत्मसंतुलन भी रखना पड़ेगा उसके डायरेक्टली प्रोपोर्शनल रहती हैं हो सकता है कि इसमें आने वाली समस्याओं से जूझने के लिए आप पूरे पूर्ण डेडीकेशन के साथ बीच-बीच में आपको ऐसी समस्याएं आ जाए कि आप को खुदा अपने ऊपर आत्मविश्वास में भी कमी होने इसीलिए कहा जाता है कि आप जब अपनी क्षमताओं के अनुसार लक्ष्य को निर्धारित करके उसके प्रति फुल डेडीकेशन दोगे या पागल हो पनकी सीमा तक पहुंच जाओगे कि मेरे को यह चीज चाहिए और मेरे को सही काम करना है तो शाम भगवान भी उस काम में आपकी सहायता करते हैं आप इसमें किसी का भी ग्राम पर ले कर के चल सकते आप इसमें महेंद्र सिंह धोनी का भी ग्राम पर ले कर के चल सकते हैं वह बंदे को ऐसा विकेटकीपर सिलेक्शन हुआ था एक छोटी जगह से उसके विकेटकीपर सिलेक्शन के पास तो मैंने सोच लिया उसने देखे उसका ऑलरेडी रेलवे में सिलेक्शन हो गया रेलवे में सिलेक्शन के उपरांत भी उसका सिर्फ यह जुनून था उस बंदे को पैसा नहीं चाहिए था उसके घर में पैसे की जरूरत थी उसकी बहन की शादी थी उसको घर में पैसे की जरूरत थी फैमिली मेंबर को पैसे की जरूरत थी और उस समय रेलवे की नौकरी उसके लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट थी लेकिन उन्होंने क्या करा रेलवे की नौकरी करते वह तो आज की डेट में रेलवे की नौकरी में ही रहते हैं और उनका नाम शायद कुछ गिने-चुने लोगों में आता जो रणजी में भी आकर के खो जाते हैं हमें भी कई सारे रंजी प्लेयर के नाम नहीं पता है लेकिन भी उनका पागलपन था कि उनका डेडीकेशन का जुनून था उनका आत्म संयम था आत्मा भरोसा था अपने ऊपर कि मैं जो करुंगा वह मैं करके दिखाऊंगा और 1 दिन दुनिया सलाम करेंगे उन्होंने अपने आप को पूर्ण रूप से उसी काम के लिए झोंक दिया उन्होंने रेलवे की नौकरी छोड़ी जो कि उनकी प्रैक्टिस पर असर डाल रही थी उन्होंने घर त्याग करके बाहर रहकर के कार्य किया हर वह परिस्थितियों में कार्य किया और अपने आप को पूर्ण करने के लिए यानी अपने आप को साबित करने के लिए उस दिन रात मेहनत करते रहे भारत को मैं जब उनका सिलेक्शन हुआ तब भी उनको फैलियर्स का सामना करना पड़ा अपने शुरुआती दौर में वह कई बार असफलताओं का सामना करें और स्थिति यह आ गए कि शायद उनको मैसेज में आगे खिलाया जाएगा कि नहीं इसके बारे में भी उनको पता नहीं था परंतु अपने गेम पर अपने आप पर और अपने जुनून पर उनको इतना भरोसा था कि जब वह चले तो उनको दुनिया ने देखा जब वह उठे तो उन्होंने भारत को शिखर पर पहुंचा दिया उन्होंने टेस्ट क्रिकेट टी20 और वनडे इंटरनेशनल में भारत को नंबर वन पर पहुंचाया है अद्भुत है लोग कहते हैं कि हर एक चीज के लिए संयम संयम की आवश्यकता होती है समय की आवश्यकता होती है लेकिन संयम समय के साथ-साथ डेडीकेशन की भी आवश्यकता होती है और कई बार जब आप डेडीकेशन के साथ चीजों को सर्च कर रहे हो तो अपने जुनून के साथ आप आगे बढ़ रहे होते हो तो समय भी आपका साथ देता है विपरीत परिस्थितियां भी आप अनुकूलता प्रदान करने के लिए विवश हो जाती है और स्वयं समाज भी आपका साथ देता डेडीकेशन बहुत इंपॉर्टेंट है किसी भी चीज को करने के लिए अपने आप को नींद करिए और किसी भी कार्य को करने के लिए लग जाएगा सफलता अवश्य प्राप्त होगी
आपका प्रश्न पागलपन को लेकर के है कि आप किसी भी चीज के लिए कितना डेडिकेटेड रहते हो और कितना जुनून रहता है मैं पागलपन को जहां पर पोस्टर बोर्ड में ले रहा हूं क्योंकि कई बार टीचर भी हमसे या कोई भी हमारे जो अध्यापक या गुरु होते हैं वह हमें बताते हैं कि किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए तो मैं पागलों की तरह उसमें जुड़ना होगा पागलों की तरह इस को गर्म पहुंचते पर मिले हैं तो यह कैसा पूवर काम आता है और यह शब्द का प्रयोग अगर हम पोस्ट पर में करते हैं यह कहा जाता है कि फुल डेडीकेशन के साथ उस पर को करना चाहिए बिल्कुल सही है और इसमें मैं पूर्ण रुप से सहमत हूं कि अगर आपको किसी भी चीज़ में टाइटन बनना है अट मोस्ट लेवल पर पहुंचना है कि आपको यह पता है कि इस लेवल पर इसकी पूर्णता है और मेरे को जहां तक पहुंचना और कुछ करके दिखाना है तो उस चीज के लिए आपको अपना फुल डेडीकेशन देना पड़ेगा इसके असद आपको संयम भी रखना पड़ेगा और आत्मसंतुलन भी रखना पड़ेगा उसके डायरेक्टली प्रोपोर्शनल रहती हैं हो सकता है कि इसमें आने वाली समस्याओं से जूझने के लिए आप पूरे पूर्ण डेडीकेशन के साथ बीच-बीच में आपको ऐसी समस्याएं आ जाए कि आप को खुदा अपने ऊपर आत्मविश्वास में भी कमी होने इसीलिए कहा जाता है कि आप जब अपनी क्षमताओं के अनुसार लक्ष्य को निर्धारित करके उसके प्रति फुल डेडीकेशन दोगे या पागल हो पनकी सीमा तक पहुंच जाओगे कि मेरे को यह चीज चाहिए और मेरे को सही काम करना है तो शाम भगवान भी उस काम में आपकी सहायता करते हैं आप इसमें किसी का भी ग्राम पर ले कर के चल सकते आप इसमें महेंद्र सिंह धोनी का भी ग्राम पर ले कर के चल सकते हैं वह बंदे को ऐसा विकेटकीपर सिलेक्शन हुआ था एक छोटी जगह से उसके विकेटकीपर सिलेक्शन के पास तो मैंने सोच लिया उसने देखे उसका ऑलरेडी रेलवे में सिलेक्शन हो गया रेलवे में सिलेक्शन के उपरांत भी उसका सिर्फ यह जुनून था उस बंदे को पैसा नहीं चाहिए था उसके घर में पैसे की जरूरत थी उसकी बहन की शादी थी उसको घर में पैसे की जरूरत थी फैमिली मेंबर को पैसे की जरूरत थी और उस समय रेलवे की नौकरी उसके लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट थी लेकिन उन्होंने क्या करा रेलवे की नौकरी करते वह तो आज की डेट में रेलवे की नौकरी में ही रहते हैं और उनका नाम शायद कुछ गिने-चुने लोगों में आता जो रणजी में भी आकर के खो जाते हैं हमें भी कई सारे रंजी प्लेयर के नाम नहीं पता है लेकिन भी उनका पागलपन था कि उनका डेडीकेशन का जुनून था उनका आत्म संयम था आत्मा भरोसा था अपने ऊपर कि मैं जो करुंगा वह मैं करके दिखाऊंगा और 1 दिन दुनिया सलाम करेंगे उन्होंने अपने आप को पूर्ण रूप से उसी काम के लिए झोंक दिया उन्होंने रेलवे की नौकरी छोड़ी जो कि उनकी प्रैक्टिस पर असर डाल रही थी उन्होंने घर त्याग करके बाहर रहकर के कार्य किया हर वह परिस्थितियों में कार्य किया और अपने आप को पूर्ण करने के लिए यानी अपने आप को साबित करने के लिए उस दिन रात मेहनत करते रहे भारत को मैं जब उनका सिलेक्शन हुआ तब भी उनको फैलियर्स का सामना करना पड़ा अपने शुरुआती दौर में वह कई बार असफलताओं का सामना करें और स्थिति यह आ गए कि शायद उनको मैसेज में आगे खिलाया जाएगा कि नहीं इसके बारे में भी उनको पता नहीं था परंतु अपने गेम पर अपने आप पर और अपने जुनून पर उनको इतना भरोसा था कि जब वह चले तो उनको दुनिया ने देखा जब वह उठे तो उन्होंने भारत को शिखर पर पहुंचा दिया उन्होंने टेस्ट क्रिकेट टी20 और वनडे इंटरनेशनल में भारत को नंबर वन पर पहुंचाया है अद्भुत है लोग कहते हैं कि हर एक चीज के लिए संयम संयम की आवश्यकता होती है समय की आवश्यकता होती है लेकिन संयम समय के साथ-साथ डेडीकेशन की भी आवश्यकता होती है और कई बार जब आप डेडीकेशन के साथ चीजों को सर्च कर रहे हो तो अपने जुनून के साथ आप आगे बढ़ रहे होते हो तो समय भी आपका साथ देता है विपरीत परिस्थितियां भी आप अनुकूलता प्रदान करने के लिए विवश हो जाती है और स्वयं समाज भी आपका साथ देता डेडीकेशन बहुत इंपॉर्टेंट है किसी भी चीज को करने के लिए अपने आप को नींद करिए और किसी भी कार्य को करने के लिए लग जाएगा सफलता अवश्य प्राप्त होगी
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां किसी काम को करने के लिए पागलपन होना जरूरी है उस पागलपन का जुनून भी कह सकते हो किसी काम को करने की प्रतीक दंभ ललक होना एकदम जो सोना एकदम पागलपन कह सकते हैं आप उसको क्योंकि जब तक किसी काम को करने में अंदर जुनून नहीं होगा वह काम बिल्कुल भी आप अच्छे से नहीं कर पाओगे समय पूरा नहीं कर पाओगे इसलिए किसी काम को पूरा करना अच्छे से पूरा करना उसने पागलपन होना बहुत जरूरी है धन्यवाद
हां किसी काम को करने के लिए पागलपन होना जरूरी है उस पागलपन का जुनून भी कह सकते हो किसी काम को करने की प्रतीक दंभ ललक होना एकदम जो सोना एकदम पागलपन कह सकते हैं आप उसको क्योंकि जब तक किसी काम को करने में अंदर जुनून नहीं होगा वह काम बिल्कुल भी आप अच्छे से नहीं कर पाओगे समय पूरा नहीं कर पाओगे इसलिए किसी काम को पूरा करना अच्छे से पूरा करना उसने पागलपन होना बहुत जरूरी है धन्यवाद
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आपका प्रश्न है कि क्या किसी भी काम को करने के लिए पागलपन होना जरूरी है तो यह पागलपन शब्द थोड़ा सा थोड़ा अलग हो गया पागलपन मतलब पागलपन तो नहीं लेकिन किसी भी काम को करने के लिए इच्छाशक्ति होनी चाहिए मतलब इच्छाशक्ति और उसमें किसी भी काम की जानकारी अगर कोई भी काम करना हो सब उसको यह काम है तो सबसे पहले उसकी जानकारी होनी चाहिए जैसे एक शब्द है कि किसी भी काम को करने के लिए उसमें डूब जाना चाहिए मतलब बहुत ही ईमानदारी के साथ और बहुत मन लगाकर वह ठीक है लेकिन पागलपन वाला थोड़ा शब्द अलग हो गया पागलपन की जरूरत नहीं है अगर पागल ही हो जाएंगे तो फिर काम कैसे करेंगे तो कहने का मतलब किसी भी चीज में बहुत मन लगाकर काम करने से वह काम नाटक सुरे टो परफेक्शन में होता है क्योंकि जब भी मन से कोई काम करो तो कोई काम नहीं हो सकता तो काम करने के लिए इच्छाशक्ति मेरा बहुत मन लगा कर ईमानदारी से और यह कि क्या मैं हंड्रेड परसेंट अपने काम को टाइम दे रहा हूं अगर हंड्रेड परसेंट दे रहा हूं तो ठीक है कि काम के समय काम फैमिली लाइफ के समय फैमिली लाइफ यह नहीं है कि रात को भी उसी काम के लिए सोच रहे मतलब कई लोग ऐसे रहते जो काम को लेकर ही सोते हैं काम को लेकर ही उठते हैं वैसा भी नहीं होना चाहिए फिर वह जो फैमिली लाइफ है वह डिस्टर्ब हो जाती है तो लेकिन काम के समय काम को पूरा हंड्रेड परसेंट एकदम डूबकर करें तो उस काम में प्रशिक्षण मतलब बहुत अच्छी तरह से काम होता है थैंक यू
आपका प्रश्न है कि क्या किसी भी काम को करने के लिए पागलपन होना जरूरी है तो यह पागलपन शब्द थोड़ा सा थोड़ा अलग हो गया पागलपन मतलब पागलपन तो नहीं लेकिन किसी भी काम को करने के लिए इच्छाशक्ति होनी चाहिए मतलब इच्छाशक्ति और उसमें किसी भी काम की जानकारी अगर कोई भी काम करना हो सब उसको यह काम है तो सबसे पहले उसकी जानकारी होनी चाहिए जैसे एक शब्द है कि किसी भी काम को करने के लिए उसमें डूब जाना चाहिए मतलब बहुत ही ईमानदारी के साथ और बहुत मन लगाकर वह ठीक है लेकिन पागलपन वाला थोड़ा शब्द अलग हो गया पागलपन की जरूरत नहीं है अगर पागल ही हो जाएंगे तो फिर काम कैसे करेंगे तो कहने का मतलब किसी भी चीज में बहुत मन लगाकर काम करने से वह काम नाटक सुरे टो परफेक्शन में होता है क्योंकि जब भी मन से कोई काम करो तो कोई काम नहीं हो सकता तो काम करने के लिए इच्छाशक्ति मेरा बहुत मन लगा कर ईमानदारी से और यह कि क्या मैं हंड्रेड परसेंट अपने काम को टाइम दे रहा हूं अगर हंड्रेड परसेंट दे रहा हूं तो ठीक है कि काम के समय काम फैमिली लाइफ के समय फैमिली लाइफ यह नहीं है कि रात को भी उसी काम के लिए सोच रहे मतलब कई लोग ऐसे रहते जो काम को लेकर ही सोते हैं काम को लेकर ही उठते हैं वैसा भी नहीं होना चाहिए फिर वह जो फैमिली लाइफ है वह डिस्टर्ब हो जाती है तो लेकिन काम के समय काम को पूरा हंड्रेड परसेंट एकदम डूबकर करें तो उस काम में प्रशिक्षण मतलब बहुत अच्छी तरह से काम होता है थैंक यू
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हाय आप पूछना क्या किसी भी काम को करने के लिए पागलपन होना जरूरी है पागलपन तो नहीं पर मैं उसके बजाय कहूंगी डेडीकेशन होना जरूरी है अगर आप डेडीकेट होंगे किसी काम के लिए तो कोई ऐसी बात नहीं होगी जरूरी है कि आप उस पर डेडीकेटेड हो आप मैनेज कर सके चीजें हल कर सके तो यह अगर आपके अंदर हुआ तो पागलपंती भी एक पॉजिटिव भी है नेगेटिव भी है हर चीज का हद से ज्यादा गुजर जाना भी अच्छा नहीं होता लाइफ में बैलेंस जरूरी होता है
हाय आप पूछना क्या किसी भी काम को करने के लिए पागलपन होना जरूरी है पागलपन तो नहीं पर मैं उसके बजाय कहूंगी डेडीकेशन होना जरूरी है अगर आप डेडीकेट होंगे किसी काम के लिए तो कोई ऐसी बात नहीं होगी जरूरी है कि आप उस पर डेडीकेटेड हो आप मैनेज कर सके चीजें हल कर सके तो यह अगर आपके अंदर हुआ तो पागलपंती भी एक पॉजिटिव भी है नेगेटिव भी है हर चीज का हद से ज्यादा गुजर जाना भी अच्छा नहीं होता लाइफ में बैलेंस जरूरी होता है
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हां किसी भी काम को पूरा करने के लिए उसको पूरा टाइम देना बहुत ही आवश्यक है और पूरा समय उसी को देने को ही पागलपन कहते हैं
हां किसी भी काम को पूरा करने के लिए उसको पूरा टाइम देना बहुत ही आवश्यक है और पूरा समय उसी को देने को ही पागलपन कहते हैं
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जी हां देखे अगर आप पकड़ लगते हैं अगर आप मेरे को पाना चाहता तो उसके लिए पागलपन हो जरूरी होता है तभी तो है आप अपने लक्ष्य तक जो है पहुंच पाते हैं
जी हां देखे अगर आप पकड़ लगते हैं अगर आप मेरे को पाना चाहता तो उसके लिए पागलपन हो जरूरी होता है तभी तो है आप अपने लक्ष्य तक जो है पहुंच पाते हैं
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