लोग कहते हैं कि पॉलिटिक्स और बिजनेस कभी अपने पैसे पर नहीं किया जाता तो किसके पैसे पे किया जाता है और कैसे किया जाता है ? ...

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देखें इसका जवाब यह है कि ऐसा नहीं है कि पॉलिटिक्स मतलब बिना पैसे के मतलब नहीं किया हो जाएगा हो सकता है पर आजकल के दौर में अगर आप इलेक्शन देखेंगे जिस तरह से प्रचार करते हैं TVS पुजवा जाए उसका पैसा कहां से आएगा यह उनका खुद का पैसा तो होता नहीं है और उनको बहुत कम पैसा मिल कर खर्च करने के लिए तो पॉलिटिशंस को बहुत सब लोग ऐसे खर्च नहीं करते हम लोग देखते कुछ उम्मीदवार जो है बहुत पैसा खर्च करते हैं खुद का पैसा नहीं होता इधर क्या करते हैं यह लोग ज्यादातर जितना मैं जानती हूं यह बिजनेस हाउस को पकड़ते हैं और कहते कि आप मेरा इतना सा डे कलेक्शन का स्पॉन्सर कर लीजिएगा आज का या जो भी मतलब मीटिंग है डाली है अगर मैं हम लोग सत्ता पर आ जाएंगे हम आपको अपनी जो भी मतलब हेल्प है आपकी बिजनेस के लिए हम कर सकते हैं यह सब लोग जानते हैं इस सरकार का भी यही हाल है वह बड़े बड़े बिजनेसमैन को मतलब अपने हाथ में रखा है जो उनका पूरा जो मतलब इलेक्शन कैंपेनिंग है जो उनका प्रचार का जो स्टाइल है अभी वही करते हैं बिल्कुल यह जरूरी नहीं इतना पैसा खर्च करना चाहिए पॉलिटिशंस को जब इलेक्शन की बात है पैसा कटने की कर जरूरत ही नहीं उनका खुद का काम बोलना चाहिए मतलब उन्होंने क्या प्रगति काम किया है सभी लोग जाकर उनको तब उनको जाकर लोग वोट देना चाहिए यह नहीं क्योंकि इतना खर्च किया है इसलिए हमें उन को वोट देना चाहिए
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देखें इसका जवाब यह है कि ऐसा नहीं है कि पॉलिटिक्स मतलब बिना पैसे के मतलब नहीं किया हो जाएगा हो सकता है पर आजकल के दौर में अगर आप इलेक्शन देखेंगे जिस तरह से प्रचार करते हैं TVS पुजवा जाए उसका पैसा कहां से आएगा यह उनका खुद का पैसा तो होता नहीं है और उनको बहुत कम पैसा मिल कर खर्च करने के लिए तो पॉलिटिशंस को बहुत सब लोग ऐसे खर्च नहीं करते हम लोग देखते कुछ उम्मीदवार जो है बहुत पैसा खर्च करते हैं खुद का पैसा नहीं होता इधर क्या करते हैं यह लोग ज्यादातर जितना मैं जानती हूं यह बिजनेस हाउस को पकड़ते हैं और कहते कि आप मेरा इतना सा डे कलेक्शन का स्पॉन्सर कर लीजिएगा आज का या जो भी मतलब मीटिंग है डाली है अगर मैं हम लोग सत्ता पर आ जाएंगे हम आपको अपनी जो भी मतलब हेल्प है आपकी बिजनेस के लिए हम कर सकते हैं यह सब लोग जानते हैं इस सरकार का भी यही हाल है वह बड़े बड़े बिजनेसमैन को मतलब अपने हाथ में रखा है जो उनका पूरा जो मतलब इलेक्शन कैंपेनिंग है जो उनका प्रचार का जो स्टाइल है अभी वही करते हैं बिल्कुल यह जरूरी नहीं इतना पैसा खर्च करना चाहिए पॉलिटिशंस को जब इलेक्शन की बात है पैसा कटने की कर जरूरत ही नहीं उनका खुद का काम बोलना चाहिए मतलब उन्होंने क्या प्रगति काम किया है सभी लोग जाकर उनको तब उनको जाकर लोग वोट देना चाहिए यह नहीं क्योंकि इतना खर्च किया है इसलिए हमें उन को वोट देना चाहिएDekhen Iska Jawab Yeh Hai Ki Aisa Nahi Hai Ki Politics Matlab Bina Paise Ke Matlab Nahi Kiya Ho Jayega Ho Sakta Hai Par Aajkal Ke Daur Mein Agar Aap Election Dekhenge Jis Tarah Se Prachar Karte Hain TVS Pujva Jaye Uska Paisa Kahaan Se Aaega Yeh Unka Khud Ka Paisa To Hota Nahi Hai Aur Unko Bahut Kam Paisa Mil Kar Kharch Karne Ke Liye To Politicians Ko Bahut Sab Log Aise Kharch Nahi Karte Hum Log Dekhte Kuch Ummidvar Jo Hai Bahut Paisa Kharch Karte Hain Khud Ka Paisa Nahi Hota Idhar Kya Karte Hain Yeh Log Jyadatar Jitna Main Jaanti Hoon Yeh Business House Ko Pakarte Hain Aur Kehte Ki Aap Mera Itna Sa Day Collection Ka Sponsor Kar Leejiyegaa Aaj Ka Ya Jo Bhi Matlab Meeting Hai Dali Hai Agar Main Hum Log Satta Par Aa Jaenge Hum Aapko Apni Jo Bhi Matlab Help Hai Aapki Business Ke Liye Hum Kar Sakte Hain Yeh Sab Log Jante Hain Is Sarkar Ka Bhi Yahi Haal Hai Wah Bade Bade Bussinessmen Ko Matlab Apne Hath Mein Rakha Hai Jo Unka Pura Jo Matlab Election Campaigning Hai Jo Unka Prachar Ka Jo Style Hai Abhi Wahi Karte Hain Bilkul Yeh Zaroori Nahi Itna Paisa Kharch Karna Chahiye Politicians Ko Jab Election Ki Baat Hai Paisa Katane Ki Kar Zaroorat Hi Nahi Unka Khud Ka Kaam Bolna Chahiye Matlab Unhone Kya Pragati Kaam Kiya Hai Sabhi Log Jaakar Unko Tab Unko Jaakar Log Vote Dena Chahiye Yeh Nahi Kyonki Itna Kharch Kiya Hai Isliye Hume Un Ko Vote Dena Chahiye
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इस तरह की सोच दिखाती कि हमारे देश की राजनीति अब जनता की सेवा नहीं रह गई बस एक बिजनेस बनकर रह गई है जिसमें उम्मीदवार अपना पैसा नहीं इन्वेस्ट करते बल्कि उन लोगों का पैसा लगाते हैं जिन्हें आने वाले समय में कुर्सी मिलने पर भी कई गुना लाभ पहुंचाएंगे और जो बिजनेसमैन यहां पैसा लगाते हैं उनके लिए भी यह एक इन्वेस्टमेंट है जिसका कई गुनाह है बाद में कमा लेते हैं इसी कारण लोगों की सोच इस तरह की है जो आज के समय में बहुत अच्छा कुछ भी साबित होती है
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इस तरह की सोच दिखाती कि हमारे देश की राजनीति अब जनता की सेवा नहीं रह गई बस एक बिजनेस बनकर रह गई है जिसमें उम्मीदवार अपना पैसा नहीं इन्वेस्ट करते बल्कि उन लोगों का पैसा लगाते हैं जिन्हें आने वाले समय में कुर्सी मिलने पर भी कई गुना लाभ पहुंचाएंगे और जो बिजनेसमैन यहां पैसा लगाते हैं उनके लिए भी यह एक इन्वेस्टमेंट है जिसका कई गुनाह है बाद में कमा लेते हैं इसी कारण लोगों की सोच इस तरह की है जो आज के समय में बहुत अच्छा कुछ भी साबित होती हैIs Tarah Ki Soch Dikhaati Ki Hamare Desh Ki Rajneeti Ab Janta Ki Seva Nahi Rah Gayi Bus Ek Business Bankar Rah Gayi Hai Jisme Ummidvar Apna Paisa Nahi Invest Karte Balki Un Logon Ka Paisa Lagate Hain Jinhen Aane Wali Samay Mein Kursi Milne Par Bhi Kai Guna Labh Pahunchaenge Aur Jo Bussinessmen Yahan Paisa Lagate Hain Unke Liye Bhi Yeh Ek Investment Hai Jiska Kai Gunah Hai Baad Mein Kama Lete Hain Isi Kaaran Logon Ki Soch Is Tarah Ki Hai Jo Aaj Ke Samay Mein Bahut Accha Kuch Bhi Saabit Hoti Hai
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देखिए यह जो आपने बात कही है यह लोगों का एक फैशन बन चुका है एक धारणा बन चुकी है इस प्रकार की तो यह यह यह लाइन है उसी बात का तंज है कि लोगों का यह परसेप्शन है कि पॉलिटिक्स और बिजनेस अपने पैसे पर नहीं किया जाता है तो हां यह एक तरह से आज की राजनीति का सच है तो हमारे देश की राजनीति का इतना गंदा चरित्र हो गया है कि समाज ने ऐसी राजनीति से कोई आशा ही नहीं रखी है फिर भी पॉलिटिक्स और बिजनेस अपने पैसे पर कैसे नहीं किया जाता है समझते हैं इसे भी राजनीति की एक रचना राजनीतिक जो होते हैं वह जो अपना चुनावी कैंपेन करते हैं वह कहां से लाते हैं वह बिजनेसमैन इंडस्ट्रियलिस्ट उद्योगपतियों से इंटरनेट से कह लेते हैं और कहते हैं कि हम पावर पर आने पावर में आने पर सत्ता में आने पर आपको इसकी कुछ वापसी देंगे कुछ प्रॉफिट देंगे आपको और बिजनेस बिजनेस मैन भी कुछ ऐसा ही करते हैं बिजनेसमैन अपने पैसे पर करते हैं बिजनेस लेकिन इनका एक फार्मूला यह भी रहता है कि लोग पार्टनरशिप पर बिजनेस करते हैं शेयर पर बिजनेस करते हैं कि कई लोग मिलकर चार पांच लोग मिलकर जिससे की एक पार्टिसिपेशन हो जाता है अगर कंपनी को लॉस हो तो तो किसी एक को लौटना होकर 459 में वह लाभ वह हानि बट जाए जिससे कि किसी को अधिक फर्क ना पड़े तो यही तो उसी में समानता दर्शाने के लिए तंज है है हमें इस को बहुत ही ध्यान से समझना है और इस पर
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देखिए यह जो आपने बात कही है यह लोगों का एक फैशन बन चुका है एक धारणा बन चुकी है इस प्रकार की तो यह यह यह लाइन है उसी बात का तंज है कि लोगों का यह परसेप्शन है कि पॉलिटिक्स और बिजनेस अपने पैसे पर नहीं किया जाता है तो हां यह एक तरह से आज की राजनीति का सच है तो हमारे देश की राजनीति का इतना गंदा चरित्र हो गया है कि समाज ने ऐसी राजनीति से कोई आशा ही नहीं रखी है फिर भी पॉलिटिक्स और बिजनेस अपने पैसे पर कैसे नहीं किया जाता है समझते हैं इसे भी राजनीति की एक रचना राजनीतिक जो होते हैं वह जो अपना चुनावी कैंपेन करते हैं वह कहां से लाते हैं वह बिजनेसमैन इंडस्ट्रियलिस्ट उद्योगपतियों से इंटरनेट से कह लेते हैं और कहते हैं कि हम पावर पर आने पावर में आने पर सत्ता में आने पर आपको इसकी कुछ वापसी देंगे कुछ प्रॉफिट देंगे आपको और बिजनेस बिजनेस मैन भी कुछ ऐसा ही करते हैं बिजनेसमैन अपने पैसे पर करते हैं बिजनेस लेकिन इनका एक फार्मूला यह भी रहता है कि लोग पार्टनरशिप पर बिजनेस करते हैं शेयर पर बिजनेस करते हैं कि कई लोग मिलकर चार पांच लोग मिलकर जिससे की एक पार्टिसिपेशन हो जाता है अगर कंपनी को लॉस हो तो तो किसी एक को लौटना होकर 459 में वह लाभ वह हानि बट जाए जिससे कि किसी को अधिक फर्क ना पड़े तो यही तो उसी में समानता दर्शाने के लिए तंज है है हमें इस को बहुत ही ध्यान से समझना है और इस परDekhie Yeh Jo Aapne Baat Kahi Hai Yeh Logon Ka Ek Fashion Ban Chuka Hai Ek Dharan Ban Chuki Hai Is Prakar Ki To Yeh Yeh Yeh Line Hai Ussi Baat Ka Tanj Hai Ki Logon Ka Yeh Perception Hai Ki Politics Aur Business Apne Paise Par Nahi Kiya Jata Hai To Haan Yeh Ek Tarah Se Aaj Ki Rajneeti Ka Sach Hai To Hamare Desh Ki Rajneeti Ka Itna Ganda Charitra Ho Gaya Hai Ki Samaaj Ne Aisi Rajneeti Se Koi Asha Hi Nahi Rakhi Hai Phir Bhi Politics Aur Business Apne Paise Par Kaise Nahi Kiya Jata Hai Samajhte Hain Ise Bhi Rajneeti Ki Ek Rachna Raajnitik Jo Hote Hain Wah Jo Apna Chunavi Campaign Karte Hain Wah Kahaan Se Late Hain Wah Bussinessmen Industrialist Udyogpatiyon Se Internet Se Keh Lete Hain Aur Kehte Hain Ki Hum Power Par Aane Power Mein Aane Par Satta Mein Aane Par Aapko Iski Kuch Vapasi Denge Kuch Profit Denge Aapko Aur Business Business Man Bhi Kuch Aisa Hi Karte Hain Bussinessmen Apne Paise Par Karte Hain Business Lekin Inka Ek Formula Yeh Bhi Rehta Hai Ki Log Partnership Par Business Karte Hain Share Par Business Karte Hain Ki Kai Log Milkar Char Paanch Log Milkar Jisse Ki Ek Participation Ho Jata Hai Agar Company Ko Loss Ho To To Kisi Ek Ko Lautna Hokar 459 Mein Wah Labh Wah Hani But Jaye Jisse Ki Kisi Ko Adhik Fark Na Pade To Yahi To Ussi Mein Samanata Darshane Ke Liye Tanj Hai Hai Hume Is Ko Bahut Hi Dhyan Se Samajhna Hai Aur Is Par
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पॉलिटिक्स का तो मैं ज्यादा नहीं जानता हां बट बिजनेस यह है कि आप अपने पैसों से भी कर सकते हैं या अपने पेरेंट्स के वजह से भी कर सकते हो बस बात यह है कि अपने पैसे के बेस पर करके कमाकर कमाने में जो खुशी मिलती है वह चीज दूसरों के पैसे कमा कर पैसे के बेसिस पर जमा करने पर नहीं मिलती है
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पॉलिटिक्स का तो मैं ज्यादा नहीं जानता हां बट बिजनेस यह है कि आप अपने पैसों से भी कर सकते हैं या अपने पेरेंट्स के वजह से भी कर सकते हो बस बात यह है कि अपने पैसे के बेस पर करके कमाकर कमाने में जो खुशी मिलती है वह चीज दूसरों के पैसे कमा कर पैसे के बेसिस पर जमा करने पर नहीं मिलती हैPolitics Ka To Main Zyada Nahi Jaanta Haan But Business Yeh Hai Ki Aap Apne Paison Se Bhi Kar Sakte Hain Ya Apne Parents Ke Wajah Se Bhi Kar Sakte Ho Bus Baat Yeh Hai Ki Apne Paise Ke Base Par Karke Kamaakar Kamane Mein Jo Khushi Milti Hai Wah Cheez Dusron Ke Paise Kama Kar Paise Ke Basis Par Jama Karne Par Nahi Milti Hai
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देखिए पॉलिटिक्स और बिजनेस हमेशा आईडिया से किया जाता है अगर आपके पास आईडिया है आप कुछ आपके अंदर कुछ करने का दृढ़ संकल्प है तभी आप पॉलिटिक्स कर सकते हो तभी बिजनेसमैन बन सकते हो बहुत सारे लोग होते हैं अमीर लोग होते हैं उनके बच्चे डायरेक्ट बिजनेस में जाते हैं उनको कोई एक्सपीरियंस नहीं होता है वह बिजनेस फेल हो जाता है और एक दिन वह गरीब बन जाते हैं पॉलिटिक्स देखी अनुभव से की जाती है हमारे देश में जो पॉलिटिक्स में लगा रहता है किसी पार्टी में हो 1 दिन डायरेक्ट मुख्यमंत्री बनता है और कमलनाथ जी देखी अभी आप मध्य प्रदेश के डायरेक्ट मुख्यमंत्री के दावेदार थे और उन्हें वह मुख्यमंत्री बन गए वह काफी दिनों से लगे थे तो पॉलिटिक्स अनुभव से की जाती है ऐसा नहीं कि आप स्नातक नहीं हो आप डायरेक्ट पॉलिटिक्स पॉलिटिक्स में आओगे और पॉलिटिक्स में पास हो जाओगे पॉलिटिक्स का कोई एज कोई उम्र नहीं है इसमें आप लगे रहोगे तो कुछ भी बन सकते हो अगर आप के अंदर कुछ करने की दृढ़ संकल्प है तो आप कुछ भी कर सकते हो बिजनेस है बिजनेस हमेशा आइडिया से होता है जितने भी बड़े बड़े आदमी हमारे देश के हैं चाहे वह टाटा हो या रिलायंस इंडस्ट्रीज के धीरूभाई अंबानी जी रहे हो सारे लोग गरीब थे और लेकिन उनकी सोच बड़ी थी अगर आपको बड़ा बिजनेसमैन बनना है बड़ा पॉलिटिशियन बनना है तो आपको अपनी सोच को बड़ा करना होगा सोच को बड़ा करके उसके अनुसार कार्य करना होगा और एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी आपकी कदम पूरी दुनिया चूमेगी धन्यवाद
देखिए पॉलिटिक्स और बिजनेस हमेशा आईडिया से किया जाता है अगर आपके पास आईडिया है आप कुछ आपके अंदर कुछ करने का दृढ़ संकल्प है तभी आप पॉलिटिक्स कर सकते हो तभी बिजनेसमैन बन सकते हो बहुत सारे लोग होते हैं अमीर लोग होते हैं उनके बच्चे डायरेक्ट बिजनेस में जाते हैं उनको कोई एक्सपीरियंस नहीं होता है वह बिजनेस फेल हो जाता है और एक दिन वह गरीब बन जाते हैं पॉलिटिक्स देखी अनुभव से की जाती है हमारे देश में जो पॉलिटिक्स में लगा रहता है किसी पार्टी में हो 1 दिन डायरेक्ट मुख्यमंत्री बनता है और कमलनाथ जी देखी अभी आप मध्य प्रदेश के डायरेक्ट मुख्यमंत्री के दावेदार थे और उन्हें वह मुख्यमंत्री बन गए वह काफी दिनों से लगे थे तो पॉलिटिक्स अनुभव से की जाती है ऐसा नहीं कि आप स्नातक नहीं हो आप डायरेक्ट पॉलिटिक्स पॉलिटिक्स में आओगे और पॉलिटिक्स में पास हो जाओगे पॉलिटिक्स का कोई एज कोई उम्र नहीं है इसमें आप लगे रहोगे तो कुछ भी बन सकते हो अगर आप के अंदर कुछ करने की दृढ़ संकल्प है तो आप कुछ भी कर सकते हो बिजनेस है बिजनेस हमेशा आइडिया से होता है जितने भी बड़े बड़े आदमी हमारे देश के हैं चाहे वह टाटा हो या रिलायंस इंडस्ट्रीज के धीरूभाई अंबानी जी रहे हो सारे लोग गरीब थे और लेकिन उनकी सोच बड़ी थी अगर आपको बड़ा बिजनेसमैन बनना है बड़ा पॉलिटिशियन बनना है तो आपको अपनी सोच को बड़ा करना होगा सोच को बड़ा करके उसके अनुसार कार्य करना होगा और एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी आपकी कदम पूरी दुनिया चूमेगी धन्यवाद
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बिट्टू पॉलिटिक्स होता है और जो बिजनेस होता है यह बोला जाता है कि अपने पैसों पर नहीं किया जाता कि देखकर बिजनेस के अंदर क्या होता है क्या आप फोन करते हैं जिनको ऐसे लोग घूमते जिनको ID आपका पर्स में पैसे इन्वेस्ट करते हैं तो जब भी आप का प्रॉफिट आता है तो आप अपना शेयर उनके साथ शेयर करते हैं कि आपका है और आपकी है पर इंवेस्टर्स और लोग हैं कोई मोड ऑफ डायरेक्टिव बनती है उसमें सब लोग बैठते हैं और डिसाइड करा जाता है तो उस फोन से सब बिजनेस के लिए अपने ढूंढते हैं जिसमें वह अपने आप भी देंगे वह अपने उसे अपनी अपने आप को प्रमोट करें आप के जो भी आप काम कर रहे हो उस के थ्रू तो बिजनेस लेकिन दूसरों के पैसों पर करते हो सकती है कि नेता लोग किस हद तक गिर जाते हैं इतना भ्रष्टाचार करते हैं और जितना भी हम लोगों का आप लोगों का पैसा होता है जो टैक्स से आता है कि उसको गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं और फिर उस के थ्रू उस कलर पैसे को इस्तेमाल करके वह उसको पॉलिटिक्स के अंदर यूज़ करते हैं तो इसीलिए यह दोनों लोग होते हैं जो बिजनेस कौन होते हैं और जो आपके पॉलिटिशंस होते हैं या अपना पैसा कम इस्तेमाल करते हैं कि कहीं ना कहीं आपको नहीं पता पॉलिटिक्स में था पैसा इस्तेमाल कर दो गिलास में एक भी कुछ दवाइयों की सोच को एक बदले और वह किसी और को वोट कर ले आउट करना Idea लिखना यह सब बहुत सारी चीजों का ध्यान देना पड़ता है इस मुद्दे पर ज्यादा प्रेशर नहीं आता
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बिट्टू पॉलिटिक्स होता है और जो बिजनेस होता है यह बोला जाता है कि अपने पैसों पर नहीं किया जाता कि देखकर बिजनेस के अंदर क्या होता है क्या आप फोन करते हैं जिनको ऐसे लोग घूमते जिनको ID आपका पर्स में पैसे इन्वेस्ट करते हैं तो जब भी आप का प्रॉफिट आता है तो आप अपना शेयर उनके साथ शेयर करते हैं कि आपका है और आपकी है पर इंवेस्टर्स और लोग हैं कोई मोड ऑफ डायरेक्टिव बनती है उसमें सब लोग बैठते हैं और डिसाइड करा जाता है तो उस फोन से सब बिजनेस के लिए अपने ढूंढते हैं जिसमें वह अपने आप भी देंगे वह अपने उसे अपनी अपने आप को प्रमोट करें आप के जो भी आप काम कर रहे हो उस के थ्रू तो बिजनेस लेकिन दूसरों के पैसों पर करते हो सकती है कि नेता लोग किस हद तक गिर जाते हैं इतना भ्रष्टाचार करते हैं और जितना भी हम लोगों का आप लोगों का पैसा होता है जो टैक्स से आता है कि उसको गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं और फिर उस के थ्रू उस कलर पैसे को इस्तेमाल करके वह उसको पॉलिटिक्स के अंदर यूज़ करते हैं तो इसीलिए यह दोनों लोग होते हैं जो बिजनेस कौन होते हैं और जो आपके पॉलिटिशंस होते हैं या अपना पैसा कम इस्तेमाल करते हैं कि कहीं ना कहीं आपको नहीं पता पॉलिटिक्स में था पैसा इस्तेमाल कर दो गिलास में एक भी कुछ दवाइयों की सोच को एक बदले और वह किसी और को वोट कर ले आउट करना Idea लिखना यह सब बहुत सारी चीजों का ध्यान देना पड़ता है इस मुद्दे पर ज्यादा प्रेशर नहीं आताBittu Politics Hota Hai Aur Jo Business Hota Hai Yeh Bola Jata Hai Ki Apne Paison Par Nahi Kiya Jata Ki Dekhkar Business Ke Andar Kya Hota Hai Kya Aap Phone Karte Hain Jinako Aise Log Ghumte Jinako ID Aapka Purse Mein Paise Invest Karte Hain To Jab Bhi Aap Ka Profit Aata Hai To Aap Apna Share Unke Saath Share Karte Hain Ki Aapka Hai Aur Aapki Hai Par Investors Aur Log Hain Koi Mode Of Directive Banti Hai Usamen Sab Log Baithate Hain Aur Decide Kra Jata Hai To Us Phone Se Sab Business Ke Liye Apne Dhoondhate Hain Jisme Wah Apne Aap Bhi Denge Wah Apne Use Apni Apne Aap Ko Promote Karen Aap Ke Jo Bhi Aap Kaam Kar Rahe Ho Us Ke Through To Business Lekin Dusron Ke Paison Par Karte Ho Sakti Hai Ki Neta Log Kis Had Tak Gir Jaate Hain Itna Bhrashtachar Karte Hain Aur Jitna Bhi Hum Logon Ka Aap Logon Ka Paisa Hota Hai Jo Tax Se Aata Hai Ki Usko Galat Tarike Se Istemal Karte Hain Aur Phir Us Ke Through Us Color Paise Ko Istemal Karke Wah Usko Politics Ke Andar Use Karte Hain To Isliye Yeh Dono Log Hote Hain Jo Business Kaon Hote Hain Aur Jo Aapke Politicians Hote Hain Ya Apna Paisa Kam Istemal Karte Hain Ki Kahin Na Kahin Aapko Nahi Pata Politics Mein Tha Paisa Istemal Kar Do Gilas Mein Ek Bhi Kuch Dawaiyo Ki Soch Ko Ek Badle Aur Wah Kisi Aur Ko Vote Kar Le Out Karna Idea Likhna Yeh Sab Bahut Saree Chijon Ka Dhyan Dena Padata Hai Is Mudde Par Zyada Pressure Nahi Aata
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कई लोग कहते हैं कि जो पॉलिटिक्स है और बिजनेस है वह कभी भी अपने पैसे पर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उसमें आपको जो भी नुकसान होता है वहां का आपको ही झेलना पड़ता है पूरी तरह से तो इसलिए कई बार कहा भी जाता है कि जब आप पॉलिटिक्स करें तो जो पैसा हो वह कहीं ना कहीं आपकी पार्टी का फंड में से होना चाहिए या फिर आपका जो पैसा आपको पार्टी की वजह से मिल रहा है या फिर लोगों द्वारा दिया जा रहा है जो एक्स्ट्रा है आपके पास आप उसका प्रयोग करें वही बिजनेस की बात है तो बिजनेस में आप जो इन्वेस्टमेंट है वह दूसरी कंपनी से कराएं ताकि जो पूरा आप अगर लॉस भी होता है तो तू लौट है वह पूरी तरह से आपको नहीं भेजना पड़ेगा और कहीं ना कहीं वह लाश उस कंपनी के साथ बैठ जाएगा और इसीलिए कहा जाता है कि पैसा कभी भी अपना पूरा नहीं लगा देना चाहिए क्योंकि अगर लॉस हुआ तो आपको बहुत ज्यादा दिक्कत हो सकती हैं और दूसरी बात है कि कैसे किया जाता है तो और जब पॉलिटिक्स में आप किसी पार्टी के साथ चुनाव लड़ेंगे किसी पार्टी के कैंडिडेट बनकर चुनाव लड़ेंगे तो कहीं ना कहीं उस पार्टी मुझे भी आप के लिए फंड जो आएगा ताकि आप उस चुनाव में से खड़ा खर्च कर सके उसके अलावा बिजनेस में भी अगर आप किसी बड़ी कंपनी से इन्वेस्टमेंट करवाएंगे अपने बिजनेस में तो उसमें भी वह बड़ी कंपनी आपको अपने पैसे देगी अपने आप के बिजनेस में इन्वेस्ट करने के लिए तो आप उस पैसे से अपना बिजनेस कर सकते हैं तो यही बात कही जाती है जब भी कोई पॉलिटिक्स में बिजनेस अपना पैसा लगाता है तो डूबने के चांसेस ज्यादा होते हैं इसलिए अपना पैसा लगाकर उसको इंटरनेट लिए दूसरों का पैसा उसमें लगाएं ताकि अगर लॉस हो तो दोनों को मिलकर लॉस हो
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कई लोग कहते हैं कि जो पॉलिटिक्स है और बिजनेस है वह कभी भी अपने पैसे पर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उसमें आपको जो भी नुकसान होता है वहां का आपको ही झेलना पड़ता है पूरी तरह से तो इसलिए कई बार कहा भी जाता है कि जब आप पॉलिटिक्स करें तो जो पैसा हो वह कहीं ना कहीं आपकी पार्टी का फंड में से होना चाहिए या फिर आपका जो पैसा आपको पार्टी की वजह से मिल रहा है या फिर लोगों द्वारा दिया जा रहा है जो एक्स्ट्रा है आपके पास आप उसका प्रयोग करें वही बिजनेस की बात है तो बिजनेस में आप जो इन्वेस्टमेंट है वह दूसरी कंपनी से कराएं ताकि जो पूरा आप अगर लॉस भी होता है तो तू लौट है वह पूरी तरह से आपको नहीं भेजना पड़ेगा और कहीं ना कहीं वह लाश उस कंपनी के साथ बैठ जाएगा और इसीलिए कहा जाता है कि पैसा कभी भी अपना पूरा नहीं लगा देना चाहिए क्योंकि अगर लॉस हुआ तो आपको बहुत ज्यादा दिक्कत हो सकती हैं और दूसरी बात है कि कैसे किया जाता है तो और जब पॉलिटिक्स में आप किसी पार्टी के साथ चुनाव लड़ेंगे किसी पार्टी के कैंडिडेट बनकर चुनाव लड़ेंगे तो कहीं ना कहीं उस पार्टी मुझे भी आप के लिए फंड जो आएगा ताकि आप उस चुनाव में से खड़ा खर्च कर सके उसके अलावा बिजनेस में भी अगर आप किसी बड़ी कंपनी से इन्वेस्टमेंट करवाएंगे अपने बिजनेस में तो उसमें भी वह बड़ी कंपनी आपको अपने पैसे देगी अपने आप के बिजनेस में इन्वेस्ट करने के लिए तो आप उस पैसे से अपना बिजनेस कर सकते हैं तो यही बात कही जाती है जब भी कोई पॉलिटिक्स में बिजनेस अपना पैसा लगाता है तो डूबने के चांसेस ज्यादा होते हैं इसलिए अपना पैसा लगाकर उसको इंटरनेट लिए दूसरों का पैसा उसमें लगाएं ताकि अगर लॉस हो तो दोनों को मिलकर लॉस होKai Log Kehte Hain Ki Jo Politics Hai Aur Business Hai Wah Kabhi Bhi Apne Paise Par Nahi Kiya Jana Chahiye Kyonki Usamen Aapko Jo Bhi Nuksan Hota Hai Wahan Ka Aapko Hi Jhelna Padata Hai Puri Tarah Se To Isliye Kai Baar Kaha Bhi Jata Hai Ki Jab Aap Politics Karen To Jo Paisa Ho Wah Kahin Na Kahin Aapki Party Ka Fund Mein Se Hona Chahiye Ya Phir Aapka Jo Paisa Aapko Party Ki Wajah Se Mil Raha Hai Ya Phir Logon Dwara Diya Ja Raha Hai Jo Extra Hai Aapke Paas Aap Uska Prayog Karen Wahi Business Ki Baat Hai To Business Mein Aap Jo Investment Hai Wah Dusri Company Se Karaye Taki Jo Pura Aap Agar Loss Bhi Hota Hai To Tu Lot Hai Wah Puri Tarah Se Aapko Nahi Bhejna Padega Aur Kahin Na Kahin Wah Laash Us Company Ke Saath Baith Jayega Aur Isliye Kaha Jata Hai Ki Paisa Kabhi Bhi Apna Pura Nahi Laga Dena Chahiye Kyonki Agar Loss Hua To Aapko Bahut Zyada Dikkat Ho Sakti Hain Aur Dusri Baat Hai Ki Kaise Kiya Jata Hai To Aur Jab Politics Mein Aap Kisi Party Ke Saath Chunav Ladenge Kisi Party Ke Candidate Bankar Chunav Ladenge To Kahin Na Kahin Us Party Mujhe Bhi Aap Ke Liye Fund Jo Aaega Taki Aap Us Chunav Mein Se Khada Kharch Kar Sake Uske Alava Business Mein Bhi Agar Aap Kisi Badi Company Se Investment Karavaenge Apne Business Mein To Usamen Bhi Wah Badi Company Aapko Apne Paise Degi Apne Aap Ke Business Mein Invest Karne Ke Liye To Aap Us Paise Se Apna Business Kar Sakte Hain To Yahi Baat Kahi Jati Hai Jab Bhi Koi Politics Mein Business Apna Paisa Lagaata Hai To Dubane Ke Chances Zyada Hote Hain Isliye Apna Paisa Lagakar Usko Internet Liye Dusron Ka Paisa Usamen Lagaen Taki Agar Loss Ho To Dono Ko Milkar Loss Ho
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लेकिन लोग बिल्कुल सही कह रहे हैं जहां तक बहुत पॉलिटिक्स किया मैं आपकी बात से सहमत हूं लेकिन जहां बिजनेस की है वह आपसे सहमत हूं एक पॉलिटिक्स आज इतनी गंदी हो गई है लोग पैसे के लिए आ रहे हैं आपके पैसे कमाने के लिए लोगों घंटे में आ रहे हैं इसलिए धंधा बना दिया पॉलिटेक्निक रिजल्ट
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लेकिन लोग बिल्कुल सही कह रहे हैं जहां तक बहुत पॉलिटिक्स किया मैं आपकी बात से सहमत हूं लेकिन जहां बिजनेस की है वह आपसे सहमत हूं एक पॉलिटिक्स आज इतनी गंदी हो गई है लोग पैसे के लिए आ रहे हैं आपके पैसे कमाने के लिए लोगों घंटे में आ रहे हैं इसलिए धंधा बना दिया पॉलिटेक्निक रिजल्टLekin Log Bilkul Sahi Keh Rahe Hain Jahan Tak Bahut Politics Kiya Main Aapki Baat Se Sahmat Hoon Lekin Jahan Business Ki Hai Wah Aapse Sahmat Hoon Ek Politics Aaj Itni Gandi Ho Gayi Hai Log Paise Ke Liye Aa Rahe Hain Aapke Paise Kamane Ke Liye Logon Ghante Mein Aa Rahe Hain Isliye Dhanda Bana Diya Polytechnic Result
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