2019 के चुनाव में कौन जीतेगा ? ...

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जिस प्रकार से आए दिन नए नए समीकरण बन रहे हैं तथा राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने हितों को साधने के लिए गठबंधन तथा महागठबंधन जैसे चुचियों को अपना रहे हैं या कहना बहुत ही अधिक कठिन है कि 2019 में चुनाव कौन सी पार्टी जीतेगी या कौन सा गठबंधन या महागठबंधन सत्ता के शिखर पर भड़के आएगा फिलहाल परिस्थितियां यह है कि तीसरा मोर्चा पूरी तरह से विफल हो चुका है तथा जिस प्रकार से किया है अमूल कांग्रेस तथा अन्य पार्टियों ने अपने-अपने हितों को साधने के लिए महागठबंधन का शिगूफा छोड़ा है मुझे नहीं लगता कि वह अधिक सफल हो पाएगा वह अपने राजनीतिक व आर्थिक फायदे के लिए आने वाले समय में पार्टियां भी बिखर जाएंगे दूसरा कांग्रेस तथा उसके अन्य सहयोगी दल जिस प्रकार से उभरकर सामने आए हैं उससे परिस्थितियां परिवर्तित होती नजर आ रही थी परंतु जिस प्रकार से अभी यूपी में हनी उत्तर प्रदेश में महागठबंधन ऊपर के आया है अखिलेश और मायावती का मुझे लगता है कि आने वाले समय में कांग्रेस वहां से भी बाजी हारे की तथा भाजपा को विश का नुकसान होगा भारतीय जनता पार्टी तथा उसके राजनीतिक सरगर्मी यानी उसके सहयोगी दल है वह भी अपने हितों को साधने में लगे हैं तथा सीटों के बंटवारे को लेकर आए दिन जिस प्रकार के मतभेद उत्पन्न हो रहे हैं मुझे नहीं लगता कि भारतीय जनता पार्टी एनडीए का वर्चस्व लोकसभा की सीटों को बचाने में कायम रख पाएगी तथा कुल मिलाकर के सभी चीजों का सीधा सीधा नुकसान भारत की आम जनता को होगा क्योंकि किसी भी पार्टी का एक प्रकार से बहुमत नाम मिल पाने के कारण अनेक पार्टियां मिलकर सरकार बनाएगी ताकि भी सरकार की वजह से सभी पार्टियां मिलकर भारत के आर्थिक संसाधनों का शोषण करेंगी भारत के आर्थिक तथा राजनीतिक हितों का हनन करेंगे तथा इसे और भी स्थिति भयावह हो सकती है तो मुझे लगता है कि किसी भी एक पार्टी या एक गठबंधन की सरकार में बहुत ही आवश्यक है अन्यथा जो अहित होगा वह पूर्ण रूप से होगा धन्यवाद
जिस प्रकार से आए दिन नए नए समीकरण बन रहे हैं तथा राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने हितों को साधने के लिए गठबंधन तथा महागठबंधन जैसे चुचियों को अपना रहे हैं या कहना बहुत ही अधिक कठिन है कि 2019 में चुनाव कौन सी पार्टी जीतेगी या कौन सा गठबंधन या महागठबंधन सत्ता के शिखर पर भड़के आएगा फिलहाल परिस्थितियां यह है कि तीसरा मोर्चा पूरी तरह से विफल हो चुका है तथा जिस प्रकार से किया है अमूल कांग्रेस तथा अन्य पार्टियों ने अपने-अपने हितों को साधने के लिए महागठबंधन का शिगूफा छोड़ा है मुझे नहीं लगता कि वह अधिक सफल हो पाएगा वह अपने राजनीतिक व आर्थिक फायदे के लिए आने वाले समय में पार्टियां भी बिखर जाएंगे दूसरा कांग्रेस तथा उसके अन्य सहयोगी दल जिस प्रकार से उभरकर सामने आए हैं उससे परिस्थितियां परिवर्तित होती नजर आ रही थी परंतु जिस प्रकार से अभी यूपी में हनी उत्तर प्रदेश में महागठबंधन ऊपर के आया है अखिलेश और मायावती का मुझे लगता है कि आने वाले समय में कांग्रेस वहां से भी बाजी हारे की तथा भाजपा को विश का नुकसान होगा भारतीय जनता पार्टी तथा उसके राजनीतिक सरगर्मी यानी उसके सहयोगी दल है वह भी अपने हितों को साधने में लगे हैं तथा सीटों के बंटवारे को लेकर आए दिन जिस प्रकार के मतभेद उत्पन्न हो रहे हैं मुझे नहीं लगता कि भारतीय जनता पार्टी एनडीए का वर्चस्व लोकसभा की सीटों को बचाने में कायम रख पाएगी तथा कुल मिलाकर के सभी चीजों का सीधा सीधा नुकसान भारत की आम जनता को होगा क्योंकि किसी भी पार्टी का एक प्रकार से बहुमत नाम मिल पाने के कारण अनेक पार्टियां मिलकर सरकार बनाएगी ताकि भी सरकार की वजह से सभी पार्टियां मिलकर भारत के आर्थिक संसाधनों का शोषण करेंगी भारत के आर्थिक तथा राजनीतिक हितों का हनन करेंगे तथा इसे और भी स्थिति भयावह हो सकती है तो मुझे लगता है कि किसी भी एक पार्टी या एक गठबंधन की सरकार में बहुत ही आवश्यक है अन्यथा जो अहित होगा वह पूर्ण रूप से होगा धन्यवाद
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