भारत सरकार के लिए शिक्षा सबसे उच्च प्राथमिकता क्यूँ नहीं है? ...

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भारत सरकार के लिए सबसे उच्च प्राथमिकता क्यों नहीं है शिक्षा तो इस चीज की में बात करूं तो भारत सरकार अभी कंडी जो मोदी सरकार है मूवी डिजिटल इंडिया के माध्यम के थ्रू डिफरेंट बड़े-बड़े स्कूलों को कनेक्ट किया है इन पर डिफरेंट गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट को कनेक्ट किया है इंटरनेट के थ्रू एंड उसमें हाई टेक्नोलॉजी इंस्टॉल किया गया है जिससे विद्यार्थियों को आसानी हो पाए पढ़ाई में शिक्षा ग्रहण करने में कितनी जगह वाईफाई निबंध केंपस किए गए हैं कि कितना मुझे इतना ज्यादा मुझे इतना पता है सर्वशिक्षा अभियान जो अटल बिहारी वाजपेई जी ने चल गई थी सब पढ़े सब बढ़े तो भारत सरकार के लिए मैं तो यह सरकार की तो देख रहा हूं कि प्राथमिक उच्च प्राथमिकता तो उनकी शिक्षा है पता नहीं सवाल क्यों है अगर सवाल सदन में करें कि लास्ट कांग्रेस की सरकार की अगर बात करें तो उन्होंने भी इंपैक्ट कुछ कुछ शिक्षा के फील्ड में अच्छी अच्छी प्रगति आंकी है लेकिन मैं अभी जो देख रहा हूं मुझे आज भी सर्व शिक्षा अभियान का वो एडवर्टाइजमेंट अटल बिहारी वाजपेई द्वारा शिक्षकों को महत्व दिया है अगर आप आज करंट सरकार की बात करें तो लेकिन सबसे बड़ी बात है कि आज भी शिक्षा में जातिवाद आ जाता है उससे पटवारी हो जाते हैं शिक्षा में मुद्दा नहीं रह जाता मेन मुद्दा भटके जातिवाद पर आ जाता है तो सबसे बड़ी बात है शिक्षा अब जातिवाद ना रहे हो कुछ सीखने ना जातिवाद ला रहे हो आरक्षण आ रहे हो तो इससे बड़ी हमारे लिए शर्म की बात और क्या हो सकती है जहां सीखने के लिए सबको एक समान प्लेटफार्म देना चाहता है एक समान स्तर देना चाहते हैं वहीं पर हम उसको टुकड़ों में बांट के अलग-अलग हिस्सों में कर रहे हैं यह हमेशा माली संसार के बाद उसे शिक्षा से काव्य खंड के कई बार जातिवाद पर आकर रुक जाता है इसलिए आपको लगता है कुछ प्राथमिकता नहीं देती है भारत का
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भारत सरकार के लिए सबसे उच्च प्राथमिकता क्यों नहीं है शिक्षा तो इस चीज की में बात करूं तो भारत सरकार अभी कंडी जो मोदी सरकार है मूवी डिजिटल इंडिया के माध्यम के थ्रू डिफरेंट बड़े-बड़े स्कूलों को कनेक्ट किया है इन पर डिफरेंट गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट को कनेक्ट किया है इंटरनेट के थ्रू एंड उसमें हाई टेक्नोलॉजी इंस्टॉल किया गया है जिससे विद्यार्थियों को आसानी हो पाए पढ़ाई में शिक्षा ग्रहण करने में कितनी जगह वाईफाई निबंध केंपस किए गए हैं कि कितना मुझे इतना ज्यादा मुझे इतना पता है सर्वशिक्षा अभियान जो अटल बिहारी वाजपेई जी ने चल गई थी सब पढ़े सब बढ़े तो भारत सरकार के लिए मैं तो यह सरकार की तो देख रहा हूं कि प्राथमिक उच्च प्राथमिकता तो उनकी शिक्षा है पता नहीं सवाल क्यों है अगर सवाल सदन में करें कि लास्ट कांग्रेस की सरकार की अगर बात करें तो उन्होंने भी इंपैक्ट कुछ कुछ शिक्षा के फील्ड में अच्छी अच्छी प्रगति आंकी है लेकिन मैं अभी जो देख रहा हूं मुझे आज भी सर्व शिक्षा अभियान का वो एडवर्टाइजमेंट अटल बिहारी वाजपेई द्वारा शिक्षकों को महत्व दिया है अगर आप आज करंट सरकार की बात करें तो लेकिन सबसे बड़ी बात है कि आज भी शिक्षा में जातिवाद आ जाता है उससे पटवारी हो जाते हैं शिक्षा में मुद्दा नहीं रह जाता मेन मुद्दा भटके जातिवाद पर आ जाता है तो सबसे बड़ी बात है शिक्षा अब जातिवाद ना रहे हो कुछ सीखने ना जातिवाद ला रहे हो आरक्षण आ रहे हो तो इससे बड़ी हमारे लिए शर्म की बात और क्या हो सकती है जहां सीखने के लिए सबको एक समान प्लेटफार्म देना चाहता है एक समान स्तर देना चाहते हैं वहीं पर हम उसको टुकड़ों में बांट के अलग-अलग हिस्सों में कर रहे हैं यह हमेशा माली संसार के बाद उसे शिक्षा से काव्य खंड के कई बार जातिवाद पर आकर रुक जाता है इसलिए आपको लगता है कुछ प्राथमिकता नहीं देती है भारत काBharat Sarkar Ke Liye Sabse Uccha Prathamikta Kyon Nahi Hai Shiksha To Is Cheez Ki Mein Baat Karun To Bharat Sarkar Abhi Kandi Jo Modi Sarkar Hai Movie Digital India Ke Maadhyam Ke Through Different Bade Bade Schoolon Ko Connect Kiya Hai In Par Different Government Institute Ko Connect Kiya Hai Internet Ke Through End Usamen Hi Technology Install Kiya Gaya Hai Jisse Vidyarthiyon Ko Aasani Ho Paye Padhai Mein Shiksha Grahan Karne Mein Kitni Jagah Wifi Nibandh Kempas Kiye Gaye Hain Ki Kitna Mujhe Itna Zyada Mujhe Itna Pata Hai Sarvshiksha Abhiyan Jo Atal Bihari Vajpayee G Ne Chal Gayi Thi Sab Padhe Sab Badhe To Bharat Sarkar Ke Liye Main To Yeh Sarkar Ki To Dekh Raha Hoon Ki Prathmik Uccha Prathamikta To Unki Shiksha Hai Pata Nahi Sawal Kyon Hai Agar Sawal Sadan Mein Karen Ki Last Congress Ki Sarkar Ki Agar Baat Karen To Unhone Bhi Inspect Kuch Kuch Shiksha Ke Field Mein Acchi Acchi Pragati Anki Hai Lekin Main Abhi Jo Dekh Raha Hoon Mujhe Aaj Bhi Surve Shiksha Abhiyan Ka Vo Advertisement Atal Bihari Vajpayee Dwara Shikshakon Ko Mahatva Diya Hai Agar Aap Aaj Current Sarkar Ki Baat Karen To Lekin Sabse Badi Baat Hai Ki Aaj Bhi Shiksha Mein Jaatiwad Aa Jata Hai Usse Patvari Ho Jaate Hain Shiksha Mein Mudda Nahi Rah Jata Main Mudda Bhatke Jaatiwad Par Aa Jata Hai To Sabse Badi Baat Hai Shiksha Ab Jaatiwad Na Rahe Ho Kuch Seekhne Na Jaatiwad La Rahe Ho Aarakshan Aa Rahe Ho To Isse Badi Hamare Liye Sharm Ki Baat Aur Kya Ho Sakti Hai Jahan Seekhne Ke Liye Sabko Ek Saman Platform Dena Chahta Hai Ek Saman Sthar Dena Chahte Hain Wahin Par Hum Usko Tukadon Mein Baant Ke Alag Alag Hisso Mein Kar Rahe Hain Yeh Hamesha Mali Sansar Ke Baad Use Shiksha Se Kavya Khand Ke Kai Baar Jaatiwad Par Aakar Ruk Jata Hai Isliye Aapko Lagta Hai Kuch Prathamikta Nahi Deti Hai Bharat Ka
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आज का प्रश्न है कि भारत में सरकारी जो है उनके लिए शिक्षा प्रमुख प्राथमिकता पर क्यों नहीं रहा अब तक इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भारत में जो भी सरकारी रही और ऐसा नहीं है कि उन्होंने सभी क्षेत्रों में नीतियां योजनाएं नहीं बनाई रिंग कहीं न कहीं जैसे-जैसे भारत का लोकतंत्र पुराना होता गया उस पर वोट तंत्र हावी होता क्या यही वजह है कि सरकारों ने अपनी नीतियों को वह तुलुक उन्मुख कर दिया और अगर उस दृष्टि से हम देखें तो शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जो वोट की राजनीति में वोट बैंक की राजनीति में अपनी महती भूमिका नहीं निभा पाता या बल्कि यूं कहें कि शिक्षा का क्षेत्र है वह वोट बैंक की राजनीति को सूट नहीं करता एक के सबसे बड़ा कारण रहा है इसमें बुनियादी क्या समस्या है उसमें भारत का जो संघीय ढांचा है सभी राज्य सरकारें सभी राज्यों की अपनी अपनी शिक्षा बोर्ड है उनकी अपनी शिक्षा व्यवस्था है अपनी सिलेबस हैं केंद्र में भी अगर देखा जाए तो राष्ट्रीय स्तर पर सीबीएसई है या आईसीसी है अब तो आईडी भी है इस तरह कई शैक्षणिक पेटर्न हमारे देश में चलन में है इस में समानता ना होना इन में इनोवेशन इनोवेटिव अप्रोच ना होना यह सबसे बड़ा कारण रहा है और यदि अगर हम रोजगार रोजगार उन्मुख अगर हो करके देखें रोजगार की दृष्टि से भारतीय शिक्षा को देखें तो वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर थोड़ा पिछड़ सी गई ऐसा नहीं है कि भारतीय शिक्षा सम्मिलित नहीं है वेद पुराण सभी शास्त्र भारत में ही लिखे गए भारत का इतिहास बहुत समृद्ध है शिक्षा के
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आज का प्रश्न है कि भारत में सरकारी जो है उनके लिए शिक्षा प्रमुख प्राथमिकता पर क्यों नहीं रहा अब तक इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भारत में जो भी सरकारी रही और ऐसा नहीं है कि उन्होंने सभी क्षेत्रों में नीतियां योजनाएं नहीं बनाई रिंग कहीं न कहीं जैसे-जैसे भारत का लोकतंत्र पुराना होता गया उस पर वोट तंत्र हावी होता क्या यही वजह है कि सरकारों ने अपनी नीतियों को वह तुलुक उन्मुख कर दिया और अगर उस दृष्टि से हम देखें तो शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जो वोट की राजनीति में वोट बैंक की राजनीति में अपनी महती भूमिका नहीं निभा पाता या बल्कि यूं कहें कि शिक्षा का क्षेत्र है वह वोट बैंक की राजनीति को सूट नहीं करता एक के सबसे बड़ा कारण रहा है इसमें बुनियादी क्या समस्या है उसमें भारत का जो संघीय ढांचा है सभी राज्य सरकारें सभी राज्यों की अपनी अपनी शिक्षा बोर्ड है उनकी अपनी शिक्षा व्यवस्था है अपनी सिलेबस हैं केंद्र में भी अगर देखा जाए तो राष्ट्रीय स्तर पर सीबीएसई है या आईसीसी है अब तो आईडी भी है इस तरह कई शैक्षणिक पेटर्न हमारे देश में चलन में है इस में समानता ना होना इन में इनोवेशन इनोवेटिव अप्रोच ना होना यह सबसे बड़ा कारण रहा है और यदि अगर हम रोजगार रोजगार उन्मुख अगर हो करके देखें रोजगार की दृष्टि से भारतीय शिक्षा को देखें तो वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर थोड़ा पिछड़ सी गई ऐसा नहीं है कि भारतीय शिक्षा सम्मिलित नहीं है वेद पुराण सभी शास्त्र भारत में ही लिखे गए भारत का इतिहास बहुत समृद्ध है शिक्षा केAaj Ka Prashna Hai Ki Bharat Mein Sarkari Jo Hai Unke Liye Shiksha Pramukh Prathamikta Par Kyon Nahi Raha Ab Tak Iska Sabse Bada Kaaran Yeh Hai Ki Bharat Mein Jo Bhi Sarkari Rahi Aur Aisa Nahi Hai Ki Unhone Sabhi Kshetro Mein Nitiyan Yojanaye Nahi Banai Ring Kahin N Kahin Jaise Jaise Bharat Ka Loktantra Purana Hota Gaya Us Par Vote Tantra Havi Hota Kya Yahi Wajah Hai Ki Sarkaro Ne Apni Nitiyon Ko Wah Tuluk Unmukh Kar Diya Aur Agar Us Drishti Se Hum Dekhen To Shiksha Ek Aisa Shetra Hai Jo Vote Ki Rajneeti Mein Vote Bank Ki Rajneeti Mein Apni Mahati Bhumika Nahi Nibha Pata Ya Balki Yun Kahen Ki Shiksha Ka Shetra Hai Wah Vote Bank Ki Rajneeti Ko Suit Nahi Karta Ek Ke Sabse Bada Kaaran Raha Hai Isme Buniyaadi Kya Samasya Hai Usamen Bharat Ka Jo Sanghiye Dhancha Hai Sabhi Rajya Sarkaren Sabhi Rajyo Ki Apni Apni Shiksha Board Hai Unki Apni Shiksha Vyavastha Hai Apni Syllabus Hain Kendra Mein Bhi Agar Dekha Jaye To Rashtriya Sthar Par Cbse Hai Ya Icc Hai Ab To Id Bhi Hai Is Tarah Kai Shaikshnik Petarn Hamare Desh Mein Chalan Mein Hai Is Mein Samanata Na Hona In Mein Innovation Innovative Approach Na Hona Yeh Sabse Bada Kaaran Raha Hai Aur Yadi Agar Hum Rojgar Rojgar Unmukh Agar Ho Karke Dekhen Rojgar Ki Drishti Se Bharatiya Shiksha Ko Dekhen To Wah Vaishvik Pratispardha Par Thoda Pichad Si Gayi Aisa Nahi Hai Ki Bharatiya Shiksha Smmilit Nahi Hai Ved Puran Sabhi Shastra Bharat Mein Hi Likhe Gaye Bharat Ka Itihas Bahut Samriddh Hai Shiksha Ke
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यह बहुत ही निराशाजनक कि भारत सरकार के लिए शिक्षा सबसे उच्च प्राथमिकता नहीं है और यह बात एक प्रकार से सच भी है जिस प्रकार से रोजगार प्रदान करने वाली शिक्षा का अवहेलना पिछले 70 वर्षों से की जाती रही है उसकी वजह से रोजगार में भारी कमी आई है तथा भारत के जितने भी नागरिक हैं और विशेषकर युवा वर्ग एवं रोजगार के लिए आज तरस रहे हैं तथा उनको रोजगार मिलने में बहुत ही कठिनाई हो रही है साथ ही साथ हमारी शिक्षा प्रणाली जो है बहुत ही पुराने तथा प्राचीन धर्म पर चलती आ रही है जिससे कि इसमें जो नवीनता है तथा आधुनिकता है उसमें उसका समावेश नहीं हो पा रहा है साथ ही साथ मुझे लगता है कि भारतीय सरकार ने शिक्षा के सुधार हेतु जितने भी आयोग बनाए नीतियां बनाई अधिनियम लेकर आए तथा कानून बनाए वह एक प्रकार से अपर्याप्त थे अंतरराष्ट्रीय ढर्रे पर जिस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था चल रही है उसके मुकाबले में भारतीय शिक्षा व्यवस्था कहीं पीछे चोटी चलेगी और यही क्या आज के समय में हमें अपनी भारतीय शिक्षा प्रणाली को एक प्रकार से मजबूत करने का अवसर प्राप्त नहीं हो पा रहा है साथ ही साथ मुझे लगता है कि आने वाले समय में भी हमें इस विषय में विशेष ध्यान रखना होगा कि भारत में किस प्रकार से शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए शिक्षा का मॉडल बदलना चाहिए तथा शिक्षा का नवीनीकरण करना चाहिए बजाय इसके कि हम पुराने ढर्रे की शिक्षा पर चलते रहता उसके काम करते रहे सबसे बड़ी कठिनाई के मार्ग में आती है वह होती है सरकारों का बदला तो सरकारों का अपने निजी स्वार्थ तथा राजनीतिक स्वार्थ के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली में बार-बार छेड़खानी करना तथा एक प्रकार से बार-बार पुराने ढर्रे की शिक्षा पर भारत की शिक्षा प्रणाली को लेकर आना जिस से निजात पाना बहुत ही आवश्यक है तभी भारत में विकास वादी राजनीति तथा अर्थव्यवस्था शुगर हो पाएगी
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यह बहुत ही निराशाजनक कि भारत सरकार के लिए शिक्षा सबसे उच्च प्राथमिकता नहीं है और यह बात एक प्रकार से सच भी है जिस प्रकार से रोजगार प्रदान करने वाली शिक्षा का अवहेलना पिछले 70 वर्षों से की जाती रही है उसकी वजह से रोजगार में भारी कमी आई है तथा भारत के जितने भी नागरिक हैं और विशेषकर युवा वर्ग एवं रोजगार के लिए आज तरस रहे हैं तथा उनको रोजगार मिलने में बहुत ही कठिनाई हो रही है साथ ही साथ हमारी शिक्षा प्रणाली जो है बहुत ही पुराने तथा प्राचीन धर्म पर चलती आ रही है जिससे कि इसमें जो नवीनता है तथा आधुनिकता है उसमें उसका समावेश नहीं हो पा रहा है साथ ही साथ मुझे लगता है कि भारतीय सरकार ने शिक्षा के सुधार हेतु जितने भी आयोग बनाए नीतियां बनाई अधिनियम लेकर आए तथा कानून बनाए वह एक प्रकार से अपर्याप्त थे अंतरराष्ट्रीय ढर्रे पर जिस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था चल रही है उसके मुकाबले में भारतीय शिक्षा व्यवस्था कहीं पीछे चोटी चलेगी और यही क्या आज के समय में हमें अपनी भारतीय शिक्षा प्रणाली को एक प्रकार से मजबूत करने का अवसर प्राप्त नहीं हो पा रहा है साथ ही साथ मुझे लगता है कि आने वाले समय में भी हमें इस विषय में विशेष ध्यान रखना होगा कि भारत में किस प्रकार से शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए शिक्षा का मॉडल बदलना चाहिए तथा शिक्षा का नवीनीकरण करना चाहिए बजाय इसके कि हम पुराने ढर्रे की शिक्षा पर चलते रहता उसके काम करते रहे सबसे बड़ी कठिनाई के मार्ग में आती है वह होती है सरकारों का बदला तो सरकारों का अपने निजी स्वार्थ तथा राजनीतिक स्वार्थ के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली में बार-बार छेड़खानी करना तथा एक प्रकार से बार-बार पुराने ढर्रे की शिक्षा पर भारत की शिक्षा प्रणाली को लेकर आना जिस से निजात पाना बहुत ही आवश्यक है तभी भारत में विकास वादी राजनीति तथा अर्थव्यवस्था शुगर हो पाएगीYeh Bahut Hi Nirashajanak Ki Bharat Sarkar Ke Liye Shiksha Sabse Uccha Prathamikta Nahi Hai Aur Yeh Baat Ek Prakar Se Sach Bhi Hai Jis Prakar Se Rojgar Pradan Karne Wali Shiksha Ka Avahelana Pichhle 70 Varshon Se Ki Jati Rahi Hai Uski Wajah Se Rojgar Mein Bhari Kami I Hai Tatha Bharat Ke Jitne Bhi Nagarik Hain Aur Visheshakar Yuva Varg Evam Rojgar Ke Liye Aaj Taras Rahe Hain Tatha Unko Rojgar Milne Mein Bahut Hi Kathinai Ho Rahi Hai Saath Hi Saath Hamari Shiksha Pranali Jo Hai Bahut Hi Purane Tatha Prachin Dharm Par Chalti Aa Rahi Hai Jisse Ki Isme Jo Navinata Hai Tatha Adhunikata Hai Usamen Uska Samavesh Nahi Ho Pa Raha Hai Saath Hi Saath Mujhe Lagta Hai Ki Bharatiya Sarkar Ne Shiksha Ke Sudhaar Hetu Jitne Bhi Aayog Banaye Nitiyan Banai Adhiniyam Lekar Aaye Tatha Kanoon Banaye Wah Ek Prakar Se Aparyaapt The Antararashtriya Dharre Par Jis Prakar Ki Shiksha Vyavastha Chal Rahi Hai Uske Muqable Mein Bharatiya Shiksha Vyavastha Kahin Piche Choti Chalegi Aur Yahi Kya Aaj Ke Samay Mein Hume Apni Bharatiya Shiksha Pranali Ko Ek Prakar Se Mazboot Karne Ka Avsar Prapt Nahi Ho Pa Raha Hai Saath Hi Saath Mujhe Lagta Hai Ki Aane Wali Samay Mein Bhi Hume Is Vishay Mein Vishesh Dhyan Rakhna Hoga Ki Bharat Mein Kis Prakar Se Shiksha Ko Prathamikta Di Jani Chahiye Shiksha Ka Model Badalna Chahiye Tatha Shiksha Ka Navinikaran Karna Chahiye Bajay Iske Ki Hum Purane Dharre Ki Shiksha Par Chalte Rehta Uske Kaam Karte Rahe Sabse Badi Kathinai Ke Marg Mein Aati Hai Wah Hoti Hai Sarkaro Ka Badla To Sarkaro Ka Apne Niji Swartha Tatha Raajnitik Swartha Ke Liye Bharatiya Shiksha Pranali Mein Baar Baar Chedkhani Karna Tatha Ek Prakar Se Baar Baar Purane Dharre Ki Shiksha Par Bharat Ki Shiksha Pranali Ko Lekar Aana Jis Se Nijat Pana Bahut Hi Aavashyak Hai Tabhi Bharat Mein Vikash Wadi Rajneeti Tatha Arthavyavastha Sugar Ho Payegi
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आप का सवाल है कि भारत सरकार के लिए शिक्षा सबसे उच्च प्राथमिकता क्यों नहीं है मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है हमारे देश में सबसे सबसे अधिक प्राथमिकता शिक्षा को दिया गया है शिक्षा की व्यवस्था दिन-प्रतिदिन दोस्त की जा रही है मैं उत्तर प्रदेश का उदाहरण देकर आपको बताना चाहता हूं उत्तर प्रदेश में माननीय मुलायम सिंह यादव जी की सरकार हुआ करती थी तो उसे नकलची प्रदेश बोला जाता था वहां पर खुलेआम नकल होता था और सब काम अर्जेंट 15 से 2% जाता था लेकिन अब योगी जी के शासनकाल में पिछले साल जब एग्जाम हुआ था तो 10 12 के स्टूडेंट हैं 10 12 लाख लाख लोग लोगों ने अपना एग्जाम छोड़ दिया जाम क्यों छोड़ दिया क्योंकि नकल की व्यवस्था खत्म कर दी गई और कल्याण सिंह के शासनकाल में आपको पता होगा कि 3536 परसेंट रिजल्ट बना तो उत्तर प्रदेश में और वह 3336 स्टूडेंट वास थे आईएएस पीसीएस बड़े बड़े अधिकारी बने तो शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है मोदी जी के सरकार में और विकास को प्राथमिकता दी गई है शिक्षा और विकास यह दोनों बहुत जरूरी है अगर यह प्रथम प्राथमिकता रहेगी तो देश बहुत तेजी से आगे बढ़ता है कांग्रेस की सरकार ने इसको कभी प्राथमिकता नहीं दिया गरीबों को गरीब बनाया था कि गरीबी हटाओ का नारा लगाया जा सके आइए हम सभी लोग मिलजुल कर अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि हमारे पूरे देश में शिक्षा की व्यवस्था अच्छी की जाए और देश आगे बढ़ सके धन्यवाद
आप का सवाल है कि भारत सरकार के लिए शिक्षा सबसे उच्च प्राथमिकता क्यों नहीं है मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है हमारे देश में सबसे सबसे अधिक प्राथमिकता शिक्षा को दिया गया है शिक्षा की व्यवस्था दिन-प्रतिदिन दोस्त की जा रही है मैं उत्तर प्रदेश का उदाहरण देकर आपको बताना चाहता हूं उत्तर प्रदेश में माननीय मुलायम सिंह यादव जी की सरकार हुआ करती थी तो उसे नकलची प्रदेश बोला जाता था वहां पर खुलेआम नकल होता था और सब काम अर्जेंट 15 से 2% जाता था लेकिन अब योगी जी के शासनकाल में पिछले साल जब एग्जाम हुआ था तो 10 12 के स्टूडेंट हैं 10 12 लाख लाख लोग लोगों ने अपना एग्जाम छोड़ दिया जाम क्यों छोड़ दिया क्योंकि नकल की व्यवस्था खत्म कर दी गई और कल्याण सिंह के शासनकाल में आपको पता होगा कि 3536 परसेंट रिजल्ट बना तो उत्तर प्रदेश में और वह 3336 स्टूडेंट वास थे आईएएस पीसीएस बड़े बड़े अधिकारी बने तो शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है मोदी जी के सरकार में और विकास को प्राथमिकता दी गई है शिक्षा और विकास यह दोनों बहुत जरूरी है अगर यह प्रथम प्राथमिकता रहेगी तो देश बहुत तेजी से आगे बढ़ता है कांग्रेस की सरकार ने इसको कभी प्राथमिकता नहीं दिया गरीबों को गरीब बनाया था कि गरीबी हटाओ का नारा लगाया जा सके आइए हम सभी लोग मिलजुल कर अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को दें ताकि हमारे पूरे देश में शिक्षा की व्यवस्था अच्छी की जाए और देश आगे बढ़ सके धन्यवाद
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लिखे जो का सवाल है कि भारत सरकार शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देती यह बात बिल्कुल सही क्योंकि हमारे देश में शिक्षा से ज्यादा उन कामों की जरूरत है जिससे पैसे आ सकती है इसे अपना काम हो सकता है शिक्षा पर भरोसा ही नहीं रहा शिक्षा के महत्व इसलिए कम हो गई क्योंकि ना तो हमारी सरकार शिक्षा के महत्व को जानती है और ना ही वह पूरी नागरिकों में फैलाना चाहती है जब सरकार को ही शिक्षा का मतलब मालूम नहीं है तो क्या समझ आएगी आप देख सकते हैं हमारे देश में स्कूलों के हाल ही हो गया है कि हमारे स्कूल के टीचर्स के बल आकर वहां पर खुशियां तोड़ते हैं और बच्चों को पढ़ाने के बजाय केवल बैठे रहते पेड़ों की छांव में बैठे रहते हैं संडे के दिन में धूप में बैठे रहते हैं तो ऐसे करने से क्या होगा और बच्चे जो हैं वह अपना काम करते रहते हैं उनको पढ़ाई से मतलब नहीं समझ चुके हैं कि हमारा देश सब शिक्षित अज्ञान के अंधकार में डूबती जा रहे हैं और यह हो रहा है केवल हम आप सरकार के गड़बड़े के बस की सरकार की गड़बड़ी का इसे दूर करने के लिए सबसे पहले शिक्षा और ज्ञान के महत्व को जानना पड़ेगा पूरे हमारे समाज को पूरे सरकार को इसके बाद ही इसके बाद ही हम समझ पाएंगे और हमारे लोग समझ पाएंगे कि शिक्षा क्या है और इसके महत्व कितना है नहीं तो तब तक जब तक की शिक्षा का महत्व मालूम नहीं हो जाता ज्ञान का मतलब मालूम नहीं होगा पूरी भारत पूरा भारत अज्ञान के अंधकार में डूबता जा रहा है
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लिखे जो का सवाल है कि भारत सरकार शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देती यह बात बिल्कुल सही क्योंकि हमारे देश में शिक्षा से ज्यादा उन कामों की जरूरत है जिससे पैसे आ सकती है इसे अपना काम हो सकता है शिक्षा पर भरोसा ही नहीं रहा शिक्षा के महत्व इसलिए कम हो गई क्योंकि ना तो हमारी सरकार शिक्षा के महत्व को जानती है और ना ही वह पूरी नागरिकों में फैलाना चाहती है जब सरकार को ही शिक्षा का मतलब मालूम नहीं है तो क्या समझ आएगी आप देख सकते हैं हमारे देश में स्कूलों के हाल ही हो गया है कि हमारे स्कूल के टीचर्स के बल आकर वहां पर खुशियां तोड़ते हैं और बच्चों को पढ़ाने के बजाय केवल बैठे रहते पेड़ों की छांव में बैठे रहते हैं संडे के दिन में धूप में बैठे रहते हैं तो ऐसे करने से क्या होगा और बच्चे जो हैं वह अपना काम करते रहते हैं उनको पढ़ाई से मतलब नहीं समझ चुके हैं कि हमारा देश सब शिक्षित अज्ञान के अंधकार में डूबती जा रहे हैं और यह हो रहा है केवल हम आप सरकार के गड़बड़े के बस की सरकार की गड़बड़ी का इसे दूर करने के लिए सबसे पहले शिक्षा और ज्ञान के महत्व को जानना पड़ेगा पूरे हमारे समाज को पूरे सरकार को इसके बाद ही इसके बाद ही हम समझ पाएंगे और हमारे लोग समझ पाएंगे कि शिक्षा क्या है और इसके महत्व कितना है नहीं तो तब तक जब तक की शिक्षा का महत्व मालूम नहीं हो जाता ज्ञान का मतलब मालूम नहीं होगा पूरी भारत पूरा भारत अज्ञान के अंधकार में डूबता जा रहा हैLikhe Jo Ka Sawal Hai Ki Bharat Sarkar Shiksha Ko Prathamikta Nahi Deti Yeh Baat Bilkul Sahi Kyonki Hamare Desh Mein Shiksha Se Zyada Un Kamon Ki Zaroorat Hai Jisse Paise Aa Sakti Hai Ise Apna Kaam Ho Sakta Hai Shiksha Par Bharosa Hi Nahi Raha Shiksha Ke Mahatva Isliye Kam Ho Gayi Kyonki Na To Hamari Sarkar Shiksha Ke Mahatva Ko Jaanti Hai Aur Na Hi Wah Puri Naagrikon Mein Faillana Chahti Hai Jab Sarkar Ko Hi Shiksha Ka Matlab Maloom Nahi Hai To Kya Samajh Aaegi Aap Dekh Sakte Hain Hamare Desh Mein Schoolon Ke Haal Hi Ho Gaya Hai Ki Hamare School Ke Teachers Ke Bal Aakar Wahan Par Khushiyan Todte Hain Aur Bacchon Ko Padhane Ke Bajay Kewal Baithey Rehte Pedon Ki Chhanv Mein Baithey Rehte Hain Sunday Ke Din Mein Dhoop Mein Baithey Rehte Hain To Aise Karne Se Kya Hoga Aur Bacche Jo Hain Wah Apna Kaam Karte Rehte Hain Unko Padhai Se Matlab Nahi Samajh Chuke Hain Ki Hamara Desh Sab Shikshit Agyan Ke Andhakar Mein Dubati Ja Rahe Hain Aur Yeh Ho Raha Hai Kewal Hum Aap Sarkar Ke Gadbade Ke Bus Ki Sarkar Ki Gadbadi Ka Ise Dur Karne Ke Liye Sabse Pehle Shiksha Aur Gyaan Ke Mahatva Ko Janana Padega Poore Hamare Samaaj Ko Poore Sarkar Ko Iske Baad Hi Iske Baad Hi Hum Samajh Payenge Aur Hamare Log Samajh Payenge Ki Shiksha Kya Hai Aur Iske Mahatva Kitna Hai Nahi To Tab Tak Jab Tak Ki Shiksha Ka Mahatva Maloom Nahi Ho Jata Gyaan Ka Matlab Maloom Nahi Hoga Puri Bharat Pura Bharat Agyan Ke Andhakar Mein Dubata Ja Raha Hai
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