बिना पैसे का राजनीति कैसे करे मेरी सोच अच्छी है पर पैसो के आगे दब जाती हैं मैं एक बेहतर नेता बनकर अपने राज्य में सबसे पहले शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार सही करना चाहता हूँ उसके लिए क्या करूं ? ...

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बिना पैसे की राजनीति का आपका उद्देश्य राष्ट्रीय पर पैसा जरूरी नहीं होता यदि आप के उद्देश अच्छे हैं और आप समाज की सेवा करना चाहते हैं और समर्थ के लिए आपको एक बेहतर विकल्प घूमना चाहते हैं सच में राजनीति में भ्रष्टाचार बहुत है सवाल यह है कि आप लोगों से कितने जुड़े लोग आपसे कितना प्रभावित होते हैं कितना बात आप कितना आप उनको अपनी बात को समझा पाते हैं और क्या आप के बाद जो जवाब बताइए आपका जो विचार है वह सैद्धांतिक रूप से सही है और उसे लोग फायदा कितना जाता तू ही दिखे की राजनीतिक लोग अपनी जेब भरते हैं दूसरों का फायदा नहीं समाज बदल रहा है सोसाइटी बदल रही है लोग जागरूक हो रहे हैं आज लोग आंखें बंद करके वोट नहीं देते बहुत सोच-समझकर वोट देते हैं सबसे पहले आपकी आपकी पकड़ कितनी है लोगों को आप कितना प्रभावित कर पाते हो लोग आपकी कितनी बात मानते हैं क्या आपके अंदर वास्तव में लीडरशिप क्वालिटी है इसको आप पहचाने पहचाने कौशिक और निर्णय लेने की क्षमता लोगों को अपने ग्रुप चलाने की क्षमता लोगों को अपनी बात मनवाने की क्षमता और शादी शगुन को उनके भला सोचने आपके अंदर होनी चाहिए फिर आपके पास अपने पैसे नहीं हुआ करते नेता समाज से पैसे निकालते हैं समाज के कार्य के लिए पैसे निकाल सकते लोग यह देखें कि आप जिस काम में लगे हुए समाज की भलाई करने लगे हो आप सच कितना उसका कितना करते हो ऐसा तो नहीं कि मैं अपना भला करना चाहते हो
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बिना पैसे की राजनीति का आपका उद्देश्य राष्ट्रीय पर पैसा जरूरी नहीं होता यदि आप के उद्देश अच्छे हैं और आप समाज की सेवा करना चाहते हैं और समर्थ के लिए आपको एक बेहतर विकल्प घूमना चाहते हैं सच में राजनीति में भ्रष्टाचार बहुत है सवाल यह है कि आप लोगों से कितने जुड़े लोग आपसे कितना प्रभावित होते हैं कितना बात आप कितना आप उनको अपनी बात को समझा पाते हैं और क्या आप के बाद जो जवाब बताइए आपका जो विचार है वह सैद्धांतिक रूप से सही है और उसे लोग फायदा कितना जाता तू ही दिखे की राजनीतिक लोग अपनी जेब भरते हैं दूसरों का फायदा नहीं समाज बदल रहा है सोसाइटी बदल रही है लोग जागरूक हो रहे हैं आज लोग आंखें बंद करके वोट नहीं देते बहुत सोच-समझकर वोट देते हैं सबसे पहले आपकी आपकी पकड़ कितनी है लोगों को आप कितना प्रभावित कर पाते हो लोग आपकी कितनी बात मानते हैं क्या आपके अंदर वास्तव में लीडरशिप क्वालिटी है इसको आप पहचाने पहचाने कौशिक और निर्णय लेने की क्षमता लोगों को अपने ग्रुप चलाने की क्षमता लोगों को अपनी बात मनवाने की क्षमता और शादी शगुन को उनके भला सोचने आपके अंदर होनी चाहिए फिर आपके पास अपने पैसे नहीं हुआ करते नेता समाज से पैसे निकालते हैं समाज के कार्य के लिए पैसे निकाल सकते लोग यह देखें कि आप जिस काम में लगे हुए समाज की भलाई करने लगे हो आप सच कितना उसका कितना करते हो ऐसा तो नहीं कि मैं अपना भला करना चाहते होBina Paise Ki Rajneeti Ka Aapka Uddeshya Rashtriya Par Paisa Zaroori Nahi Hota Yadi Aap Ke Uddesh Acche Hain Aur Aap Samaaj Ki Seva Karna Chahte Hain Aur Samarth Ke Liye Aapko Ek Behtar Vikalp Ghumana Chahte Hain Sach Mein Rajneeti Mein Bhrashtachar Bahut Hai Sawal Yeh Hai Ki Aap Logon Se Kitne Jude Log Aapse Kitna Prabhavit Hote Hain Kitna Baat Aap Kitna Aap Unko Apni Baat Ko Samjha Paate Hain Aur Kya Aap Ke Baad Jo Jawab Bataiye Aapka Jo Vichar Hai Wah Saiddhaantik Roop Se Sahi Hai Aur Use Log Fayda Kitna Jata Tu Hi Dikhe Ki Raajnitik Log Apni Jeb Bharte Hain Dusron Ka Fayda Nahi Samaaj Badal Raha Hai Society Badal Rahi Hai Log Jaagruk Ho Rahe Hain Aaj Log Aankhen Band Karke Vote Nahi Dete Bahut Soch Samajhkar Vote Dete Hain Sabse Pehle Aapki Aapki Pakad Kitni Hai Logon Ko Aap Kitna Prabhavit Kar Paate Ho Log Aapki Kitni Baat Manate Hain Kya Aapke Andar Vaastav Mein Leadership Quality Hai Isko Aap Pehchane Pehchane Koshik Aur Nirnay Lene Ki Kshamta Logon Ko Apne Group Chalane Ki Kshamta Logon Ko Apni Baat Manvane Ki Kshamta Aur Shadi Shagun Ko Unke Bhala Sochne Aapke Andar Honi Chahiye Phir Aapke Paas Apne Paise Nahi Hua Karte Neta Samaaj Se Paise Nikalate Hain Samaaj Ke Karya Ke Liye Paise Nikal Sakte Log Yeh Dekhen Ki Aap Jis Kaam Mein Lage Huye Samaaj Ki Bhalai Karne Lage Ho Aap Sach Kitna Uska Kitna Karte Ho Aisa To Nahi Ki Main Apna Bhala Karna Chahte Ho
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यह वास्तव में बहुत ही कठिन सवाल है कि इस प्रकार की स्थितियां कैसे उत्पन्न हो सकती है क्योंकि ऐसे बहुत से युवा है भारत में जो कि राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं उनके पास अच्छा ज्ञान है अच्छी जो एजुकेशनल क्वालीफिकेशन है परंतु उनको यह लगता है प्रारंभ सही कि पैसा बार-बार उनके आड़े आ जाता है और ये बात बताते हुए बहुत सियासी पार्टियां जो कि राष्ट्रीय स्तर पर उभरकर सामने आए कईयों ने तो सरकार तक बनाई मैं नाम नहीं लेना चाहूंगा परंतु कुछ राजनीतिक पार्टियां जनता की सेवा के लिए ही उठ कर खड़ी हुई परंतु बाद में वह भी अन्य राजनीतिक पार्टियां ऐसी पोस्ट बनती चली गई बहुत ही महत्वपूर्ण परंतु दुविधा पूर्ण प्रश्न है क्योंकि राजनीति कैसी दलदल है जिसमें इंसान और जितना बाहर निकलने की कोशिश करता है उतनी अंदर दस्ता जाता है इसमें भ्रष्टाचार रूपी दलदल में इस प्रकार से हम एक प्रकार से सने हुए हैं तथा एक दम सच में धंसे हुए कि उसे बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल है आपको किसी भी राजनीतिक पार्टी आदमी पार्टी को संचालित करने के लिए तथा चुनाव में लड़ने तथा अपना प्रचार प्रसार करने के लिए बहुत से फंड की आवश्यकता होती है तथा वह फंड या तो विदेशों को जाता है या भारत के ही आम नागरिकों से आता है यह बहुत ही बड़े-बड़े उद्योगपतियों से आता है जो आपको फंड देने की दुआ के बदले में यह भी अपेक्षा करते हैं कि आप उनका अपनी सत्ता में आने के बाद उनका सहयोग करें उनको आर्थिक रूप से तथा राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचाए तथा इस प्रकार से यह एक प्रकार से लेने और देने की प्रक्रिया बन जाती है जिसमें की राजनीतिक स्वार्थ ऊपर उठकर आ जाता है तथा राष्ट्रीय हित की बात कहीं पीछे छूट जाती है तो मुझे नहीं लगता कि वर्तमान समीकरण इस प्रकार के हैं कि बिना कोई कानून लाए इस प्रकार की संभावना के बारे में सोचा भी जा सकता है कि बिना पैसों के चुनाव नहीं लड़ सकते ना ही राजनीति में सक्रिय रूप से सफल हो सकते हैं
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यह वास्तव में बहुत ही कठिन सवाल है कि इस प्रकार की स्थितियां कैसे उत्पन्न हो सकती है क्योंकि ऐसे बहुत से युवा है भारत में जो कि राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं उनके पास अच्छा ज्ञान है अच्छी जो एजुकेशनल क्वालीफिकेशन है परंतु उनको यह लगता है प्रारंभ सही कि पैसा बार-बार उनके आड़े आ जाता है और ये बात बताते हुए बहुत सियासी पार्टियां जो कि राष्ट्रीय स्तर पर उभरकर सामने आए कईयों ने तो सरकार तक बनाई मैं नाम नहीं लेना चाहूंगा परंतु कुछ राजनीतिक पार्टियां जनता की सेवा के लिए ही उठ कर खड़ी हुई परंतु बाद में वह भी अन्य राजनीतिक पार्टियां ऐसी पोस्ट बनती चली गई बहुत ही महत्वपूर्ण परंतु दुविधा पूर्ण प्रश्न है क्योंकि राजनीति कैसी दलदल है जिसमें इंसान और जितना बाहर निकलने की कोशिश करता है उतनी अंदर दस्ता जाता है इसमें भ्रष्टाचार रूपी दलदल में इस प्रकार से हम एक प्रकार से सने हुए हैं तथा एक दम सच में धंसे हुए कि उसे बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल है आपको किसी भी राजनीतिक पार्टी आदमी पार्टी को संचालित करने के लिए तथा चुनाव में लड़ने तथा अपना प्रचार प्रसार करने के लिए बहुत से फंड की आवश्यकता होती है तथा वह फंड या तो विदेशों को जाता है या भारत के ही आम नागरिकों से आता है यह बहुत ही बड़े-बड़े उद्योगपतियों से आता है जो आपको फंड देने की दुआ के बदले में यह भी अपेक्षा करते हैं कि आप उनका अपनी सत्ता में आने के बाद उनका सहयोग करें उनको आर्थिक रूप से तथा राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचाए तथा इस प्रकार से यह एक प्रकार से लेने और देने की प्रक्रिया बन जाती है जिसमें की राजनीतिक स्वार्थ ऊपर उठकर आ जाता है तथा राष्ट्रीय हित की बात कहीं पीछे छूट जाती है तो मुझे नहीं लगता कि वर्तमान समीकरण इस प्रकार के हैं कि बिना कोई कानून लाए इस प्रकार की संभावना के बारे में सोचा भी जा सकता है कि बिना पैसों के चुनाव नहीं लड़ सकते ना ही राजनीति में सक्रिय रूप से सफल हो सकते हैंYeh Vaastav Mein Bahut Hi Kathin Sawal Hai Ki Is Prakar Ki Sthitiyan Kaise Utpann Ho Sakti Hai Kyonki Aise Bahut Se Yuva Hai Bharat Mein Jo Ki Rashtra Ki Seva Karna Chahte Hain Unke Paas Accha Gyaan Hai Acchi Jo Educational Kwalifikeshan Hai Parantu Unko Yeh Lagta Hai Prarambh Sahi Ki Paisa Baar Baar Unke Ade Aa Jata Hai Aur Yeh Baat Batatey Huye Bahut Siyasi Partyian Jo Ki Rashtriya Sthar Par Ubharakar Samane Aaye Kaiyon Ne To Sarkar Tak Banai Main Naam Nahi Lena Chahunga Parantu Kuch Raajnitik Partyian Janta Ki Seva Ke Liye Hi Uth Kar Khadi Hui Parantu Baad Mein Wah Bhi Anya Raajnitik Partyian Aisi Post Banti Chali Gayi Bahut Hi Mahatvapurna Parantu Duvidha Poorn Prashna Hai Kyonki Rajneeti Kaisi Duldula Hai Jisme Insaan Aur Jitna Bahar Nikalne Ki Koshish Karta Hai Utani Andar Dasta Jata Hai Isme Bhrashtachar Rupee Duldula Mein Is Prakar Se Hum Ek Prakar Se Shane Huye Hain Tatha Ek Dum Sach Mein Dhanse Huye Ki Use Bahar Nikalna Bahut Hi Mushkil Hai Aapko Kisi Bhi Raajnitik Party Aadmi Party Ko Sanchalit Karne Ke Liye Tatha Chunav Mein Ladane Tatha Apna Prachar Prasaar Karne Ke Liye Bahut Se Fund Ki Avashyakta Hoti Hai Tatha Wah Fund Ya To Videshon Ko Jata Hai Ya Bharat Ke Hi Aam Naagrikon Se Aata Hai Yeh Bahut Hi Bade Bade Udyogpatiyon Se Aata Hai Jo Aapko Fund Dene Ki Dua Ke Badle Mein Yeh Bhi Apeksha Karte Hain Ki Aap Unka Apni Satta Mein Aane Ke Baad Unka Sahyog Karen Unko Aarthik Roop Se Tatha Raajnitik Roop Se Fayda Pahunchaye Tatha Is Prakar Se Yeh Ek Prakar Se Lene Aur Dene Ki Prakriya Ban Jati Hai Jisme Ki Raajnitik Swartha Upar Uthakar Aa Jata Hai Tatha Rashtriya Hit Ki Baat Kahin Piche Chhut Jati Hai To Mujhe Nahi Lagta Ki Vartaman Samikaran Is Prakar Ke Hain Ki Bina Koi Kanoon Laye Is Prakar Ki Sambhavna Ke Bare Mein Socha Bhi Ja Sakta Hai Ki Bina Paison Ke Chunav Nahi Lad Sakte Na Hi Rajneeti Mein Sakriy Roop Se Safal Ho Sakte Hain
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आपको यह किसने बता दिया की राजनीति जो बहुत पैसे वाले होते हैं वही करते हैं वही सक्रिय हो पाते हैं राजनीति में आप इतिहास उठाकर देख लीजिए राजनीति करने वाले के पास एक भी रुपया नहीं था वह गरीब परिवार से था शिवराज सिंह चौहान जी का इतिहास उठाइए किसान के बेटे थे नरेंद्र मोदी का इतिहास उठा उठाइए वह चाय बनाने वाले के बेटे और योगी जी का आप इतिहास उठा कर देखिए देखिए राजनीति में राजनीति करनी आनी चाहिए आपको राजनीति में सोच समझ होनी चाहिए राजनीति में यह समाज है ना यह फंडिंग करता है चंदा जुटाया जाता है अगर आपके अंदर दम है राजनीति का तो आप राजनीति कर सकते हैं राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें 99% लोग फेल होते हैं एक पर्सेंट लोग पास होते हैं बहुत लोग बोलते हैं अरे हमने बहुत राजनीति किया है हमको मत सिखाइए भैया राजनीति हमने छोड़ दिया हमको मत सिखाइए भैया आपने राजनीति किया अच्छा किया राजनीति में आप अच्छे थे तो आपने छोड़ा क्यों तो ऐसे भाषा बोलने वालों से अब बच्चे अगर आप राजनीति करना चाहते हैं और आपके अंदर सोच समझ अच्छी है आप अच्छे वक्ता हैं अच्छे प्रवक्ता है अगर आप समाज में अपना छाप छोड़ते हैं समाज के लोगों को आपकी बातें अच्छी लगती हैं तो आप पक्का अच्छे राजनीति के बन सकते हैं तो आप कोशिश करिए राजनीति में बहुत मेहनत करना पड़ता है लगातार मेहनत करिए हो सकता है 20 साल लग जाए 25 साल लग जाए लेकिन एक न एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त होगी धन्यवाद
आपको यह किसने बता दिया की राजनीति जो बहुत पैसे वाले होते हैं वही करते हैं वही सक्रिय हो पाते हैं राजनीति में आप इतिहास उठाकर देख लीजिए राजनीति करने वाले के पास एक भी रुपया नहीं था वह गरीब परिवार से था शिवराज सिंह चौहान जी का इतिहास उठाइए किसान के बेटे थे नरेंद्र मोदी का इतिहास उठा उठाइए वह चाय बनाने वाले के बेटे और योगी जी का आप इतिहास उठा कर देखिए देखिए राजनीति में राजनीति करनी आनी चाहिए आपको राजनीति में सोच समझ होनी चाहिए राजनीति में यह समाज है ना यह फंडिंग करता है चंदा जुटाया जाता है अगर आपके अंदर दम है राजनीति का तो आप राजनीति कर सकते हैं राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें 99% लोग फेल होते हैं एक पर्सेंट लोग पास होते हैं बहुत लोग बोलते हैं अरे हमने बहुत राजनीति किया है हमको मत सिखाइए भैया राजनीति हमने छोड़ दिया हमको मत सिखाइए भैया आपने राजनीति किया अच्छा किया राजनीति में आप अच्छे थे तो आपने छोड़ा क्यों तो ऐसे भाषा बोलने वालों से अब बच्चे अगर आप राजनीति करना चाहते हैं और आपके अंदर सोच समझ अच्छी है आप अच्छे वक्ता हैं अच्छे प्रवक्ता है अगर आप समाज में अपना छाप छोड़ते हैं समाज के लोगों को आपकी बातें अच्छी लगती हैं तो आप पक्का अच्छे राजनीति के बन सकते हैं तो आप कोशिश करिए राजनीति में बहुत मेहनत करना पड़ता है लगातार मेहनत करिए हो सकता है 20 साल लग जाए 25 साल लग जाए लेकिन एक न एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त होगी धन्यवाद
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आपको अगर नेता बनना है पैसा नहीं है पैसों की जरूरत पड़ती है हां हमें सिर्फ एक रास्ते पर चलना है वह रास्ता है दूसरों के लिए जीना है दूसरों का काम करना है किसी को क्या तकलीफ है और तकलीफ हमें ज्ञान में लेकर उसके लिए बेहतर काम करना है अगर आप ऐसे ही करते जाओगे तब नेता जरूर बनोगे और हमारी खुद की फरियाद नहीं करना किसी को बस सिर्फ लोगों की फरियाद करना लोगों के लिए जीना है वह लोगों के लिए जो भी तकलीफ लोगों का उसके लिए हमें उसका रास्ता निकालने की कोशिश करना और कई भी कुछ भी हो तो लोगों के लिए काम करना है अगर आप इतना करने जाओगे ना तो नेता जरूर बनोगे
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आपको अगर नेता बनना है पैसा नहीं है पैसों की जरूरत पड़ती है हां हमें सिर्फ एक रास्ते पर चलना है वह रास्ता है दूसरों के लिए जीना है दूसरों का काम करना है किसी को क्या तकलीफ है और तकलीफ हमें ज्ञान में लेकर उसके लिए बेहतर काम करना है अगर आप ऐसे ही करते जाओगे तब नेता जरूर बनोगे और हमारी खुद की फरियाद नहीं करना किसी को बस सिर्फ लोगों की फरियाद करना लोगों के लिए जीना है वह लोगों के लिए जो भी तकलीफ लोगों का उसके लिए हमें उसका रास्ता निकालने की कोशिश करना और कई भी कुछ भी हो तो लोगों के लिए काम करना है अगर आप इतना करने जाओगे ना तो नेता जरूर बनोगेAapko Agar Neta Banana Hai Paisa Nahi Hai Paison Ki Zaroorat Padhti Hai Haan Hume Sirf Ek Raste Par Chalna Hai Wah Rasta Hai Dusron Ke Liye Jeena Hai Dusron Ka Kaam Karna Hai Kisi Ko Kya Takleef Hai Aur Takleef Hume Gyaan Mein Lekar Uske Liye Behtar Kaam Karna Hai Agar Aap Aise Hi Karte Jaoge Tab Neta Jarur Banoge Aur Hamari Khud Ki Fariyaad Nahi Karna Kisi Ko Bus Sirf Logon Ki Fariyaad Karna Logon Ke Liye Jeena Hai Wah Logon Ke Liye Jo Bhi Takleef Logon Ka Uske Liye Hume Uska Rasta Nikalne Ki Koshish Karna Aur Kai Bhi Kuch Bhi Ho To Logon Ke Liye Kaam Karna Hai Agar Aap Itna Karne Jaoge Na To Neta Jarur Banoge
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