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आप का सवाल है कि एक इंसान के क्या कर्तव्य होती है तो मैं आपको बता देता हूं कि एक इंसान की यही कर्तव्य होती है कि इंसान दुनिया के सभी प्राणी वही प्राणी से प्रेम करता उस में विनम्रता जो अपनी गलतियां सुधार कर उसे से सीखता है जो एक सफलता की राह पर चलता है जो दूसरों को प्रेरित करता है जिसे किसी भी राह पर चलने के लिए दूसरों की आवश्यकता नहीं होती है यानी उसके खुद के विश्वास इतने इतने सफल होते हैं कि वह उन्हीं को लेकर चलना चाहता है सफलता व्यक्ति की यही कर्तव्य होती है कि वह किसी भी प्राणी को हीन भावना से ना देखें सभी प्राणियों का सामान भावना से देखते हैं सब को सम्मान करता है सभी को सम्मान देता है और खुद अब जब आप सबको सबको सम्मान देंगे तो खुद समझ पाएंगे आप जानते हैं तो व्यक्ति का यही कर्तव्य होता है कि वह धर्म को समझे कौन से कर्म गलत हैं कौन से कर्म अच्छे हैं उसको संधि समाज में रहता है तो उसको सुधार सुधार कर ले चले ऐसे ही व्यक्ति को इंसान कहा जा सकता है और इंसानियत के नाते उनका यही कर्तव्य बनता है कि व्यक्ति अपने समाज के सहित अपने समाज के सहित और अपनी बुराइयों को दोनों को दूर करें और उसे एक अच्छी रास्ते पर ले जाएं यही उसका कर्तव्य है चाहे वह उनकी फैमिली के उनके देश की हो या उनके गांव की हो या किसी भी माहौल किसी भी मोहल्ले की वो कोई भी हो उनका दायित्व बनता है कि सभी गुणों को मिलाकर वह अपना कार्य करें तभी व्यक्ति का कर्तव्य पूरा होगा जैसे आपको इंसान से एक मित्र ने चाहिए
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आप का सवाल है कि एक इंसान के क्या कर्तव्य होती है तो मैं आपको बता देता हूं कि एक इंसान की यही कर्तव्य होती है कि इंसान दुनिया के सभी प्राणी वही प्राणी से प्रेम करता उस में विनम्रता जो अपनी गलतियां सुधार कर उसे से सीखता है जो एक सफलता की राह पर चलता है जो दूसरों को प्रेरित करता है जिसे किसी भी राह पर चलने के लिए दूसरों की आवश्यकता नहीं होती है यानी उसके खुद के विश्वास इतने इतने सफल होते हैं कि वह उन्हीं को लेकर चलना चाहता है सफलता व्यक्ति की यही कर्तव्य होती है कि वह किसी भी प्राणी को हीन भावना से ना देखें सभी प्राणियों का सामान भावना से देखते हैं सब को सम्मान करता है सभी को सम्मान देता है और खुद अब जब आप सबको सबको सम्मान देंगे तो खुद समझ पाएंगे आप जानते हैं तो व्यक्ति का यही कर्तव्य होता है कि वह धर्म को समझे कौन से कर्म गलत हैं कौन से कर्म अच्छे हैं उसको संधि समाज में रहता है तो उसको सुधार सुधार कर ले चले ऐसे ही व्यक्ति को इंसान कहा जा सकता है और इंसानियत के नाते उनका यही कर्तव्य बनता है कि व्यक्ति अपने समाज के सहित अपने समाज के सहित और अपनी बुराइयों को दोनों को दूर करें और उसे एक अच्छी रास्ते पर ले जाएं यही उसका कर्तव्य है चाहे वह उनकी फैमिली के उनके देश की हो या उनके गांव की हो या किसी भी माहौल किसी भी मोहल्ले की वो कोई भी हो उनका दायित्व बनता है कि सभी गुणों को मिलाकर वह अपना कार्य करें तभी व्यक्ति का कर्तव्य पूरा होगा जैसे आपको इंसान से एक मित्र ने चाहिएAap Ka Sawal Hai Ki Ek Insaan Ke Kya Kartavya Hoti Hai To Main Aapko Bata Deta Hoon Ki Ek Insaan Ki Yahi Kartavya Hoti Hai Ki Insaan Duniya Ke Sabhi Prani Wahi Prani Se Prem Karta Us Mein Vinamrata Jo Apni Galtiya Sudhaar Kar Use Se Sikhata Hai Jo Ek Safalta Ki Raah Par Chalta Hai Jo Dusron Ko Prerit Karta Hai Jise Kisi Bhi Raah Par Chalne Ke Liye Dusron Ki Avashyakta Nahi Hoti Hai Yani Uske Khud Ke Vishwas Itne Itne Safal Hote Hain Ki Wah Unhin Ko Lekar Chalna Chahta Hai Safalta Vyakti Ki Yahi Kartavya Hoti Hai Ki Wah Kisi Bhi Prani Ko Heen Bhavna Se Na Dekhen Sabhi Praaniyon Ka Saamaan Bhavna Se Dekhte Hain Sab Ko Samman Karta Hai Sabhi Ko Samman Deta Hai Aur Khud Ab Jab Aap Sabko Sabko Samman Denge To Khud Samajh Payenge Aap Jante Hain To Vyakti Ka Yahi Kartavya Hota Hai Ki Wah Dharm Ko Samjhe Kaon Se Karm Galat Hain Kaon Se Karm Acche Hain Usko Sandhi Samaaj Mein Rehta Hai To Usko Sudhaar Sudhaar Kar Le Chale Aise Hi Vyakti Ko Insaan Kaha Ja Sakta Hai Aur Insaniyat Ke Naate Unka Yahi Kartavya Banta Hai Ki Vyakti Apne Samaaj Ke Sahit Apne Samaaj Ke Sahit Aur Apni Buraiyon Ko Dono Ko Dur Karen Aur Use Ek Acchi Raste Par Le Jayen Yahi Uska Kartavya Hai Chahe Wah Unki Family Ke Unke Desh Ki Ho Ya Unke Gav Ki Ho Ya Kisi Bhi Maahaul Kisi Bhi Mohalle Ki Vo Koi Bhi Ho Unka Dayitva Banta Hai Ki Sabhi Gunon Ko Milakar Wah Apna Karya Karen Tabhi Vyakti Ka Kartavya Pura Hoga Jaise Aapko Insaan Se Ek Mitra Ne Chahiye
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एक इंसान की कर्तव्य क्या होते हैं यदि आपने एक इंसान के रूप में जन्म लिया है तो इस जन्म की कीमत को समझते हुए हर कर्म को खोज पूर्वक करना चाहिए स्वयं के प्रति जागरूकता रखना चाहिए जिन कामों से स्वयं का हित हो स्वयं का भला हो और प्रकृति के नियमों का विरोध ना हो ऐसा कार्य करना चाहिए और इस जीवन को जीना चाहिए उसके साथ ही अन्य कर्तव्य की बात करें तो सबसे पहले किस किस परिवार में आप ने जन्म लिया है उसके प्रति आपके कर्तव्य हैं आप एक माता पिता की संतान है आपका अपना परिवार है यदि आप की शादी होती है तो आप की पत्नी और बच्चे उनके प्रति आपके कर्तव्य होते हैं उन्हें जिम्मेदारी पूर्वक निभाना आपको चाहिए उसके साथ ही जिस समाज में जिस स्कूल में आप का जन्म हुआ है और समाज के प्रति व्यक्ति कर्तव्य होते हैं उसके सहयोग के लिए भी उस के उत्थान के लिए भी उसकी उन्नति के लिए भी आप जो कर सकते हैं आपको अपनी ओर से करना चाहिए साथ ही मानव धर्म और पशु पक्षियों के कल्याण के लिए जो आप बेहतर कर सकते हैं वह आपको करने का प्रयास करना चाहिए यह कुछ सामान्य करते हुए जिनका निर्वहन करते हुए एक मनुष्य अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से जी सकता है और सत्कर्म को एकत्रित कर सकता है
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एक इंसान की कर्तव्य क्या होते हैं यदि आपने एक इंसान के रूप में जन्म लिया है तो इस जन्म की कीमत को समझते हुए हर कर्म को खोज पूर्वक करना चाहिए स्वयं के प्रति जागरूकता रखना चाहिए जिन कामों से स्वयं का हित हो स्वयं का भला हो और प्रकृति के नियमों का विरोध ना हो ऐसा कार्य करना चाहिए और इस जीवन को जीना चाहिए उसके साथ ही अन्य कर्तव्य की बात करें तो सबसे पहले किस किस परिवार में आप ने जन्म लिया है उसके प्रति आपके कर्तव्य हैं आप एक माता पिता की संतान है आपका अपना परिवार है यदि आप की शादी होती है तो आप की पत्नी और बच्चे उनके प्रति आपके कर्तव्य होते हैं उन्हें जिम्मेदारी पूर्वक निभाना आपको चाहिए उसके साथ ही जिस समाज में जिस स्कूल में आप का जन्म हुआ है और समाज के प्रति व्यक्ति कर्तव्य होते हैं उसके सहयोग के लिए भी उस के उत्थान के लिए भी उसकी उन्नति के लिए भी आप जो कर सकते हैं आपको अपनी ओर से करना चाहिए साथ ही मानव धर्म और पशु पक्षियों के कल्याण के लिए जो आप बेहतर कर सकते हैं वह आपको करने का प्रयास करना चाहिए यह कुछ सामान्य करते हुए जिनका निर्वहन करते हुए एक मनुष्य अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से जी सकता है और सत्कर्म को एकत्रित कर सकता हैEk Insaan Ki Kartavya Kya Hote Hain Yadi Aapne Ek Insaan Ke Roop Mein Janm Liya Hai To Is Janm Ki Kimat Ko Samajhte Huye Har Karm Ko Khoj Purvak Karna Chahiye Swayam Ke Prati Jagrukta Rakhna Chahiye Jin Kamon Se Swayam Ka Hit Ho Swayam Ka Bhala Ho Aur Prakriti Ke Niyamon Ka Virodh Na Ho Aisa Karya Karna Chahiye Aur Is Jeevan Ko Jeena Chahiye Uske Saath Hi Anya Kartavya Ki Baat Karen To Sabse Pehle Kis Kis Parivar Mein Aap Ne Janm Liya Hai Uske Prati Aapke Kartavya Hain Aap Ek Mata Pita Ki Santan Hai Aapka Apna Parivar Hai Yadi Aap Ki Shadi Hoti Hai To Aap Ki Patni Aur Bacche Unke Prati Aapke Kartavya Hote Hain Unhen Jimmedari Purvak Nibhana Aapko Chahiye Uske Saath Hi Jis Samaaj Mein Jis School Mein Aap Ka Janm Hua Hai Aur Samaaj Ke Prati Vyakti Kartavya Hote Hain Uske Sahyog Ke Liye Bhi Us Ke Utthan Ke Liye Bhi Uski Unnati Ke Liye Bhi Aap Jo Kar Sakte Hain Aapko Apni Oar Se Karna Chahiye Saath Hi Manav Dharm Aur Pashu Pakshiyo Ke Kalyan Ke Liye Jo Aap Behtar Kar Sakte Hain Wah Aapko Karne Ka Prayas Karna Chahiye Yeh Kuch Samanya Karte Huye Jinka Nirvahan Karte Huye Ek Manushya Apni Zindagi Ko Behtar Tarike Se G Sakta Hai Aur Satkarm Ko Ekatrit Kar Sakta Hai
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इंसान के रूप कर्तव्य होते हैं उसमें जो इंसान का सबसे बड़ा कर्तव्य होता है उसको हम कहते ही इंसान के नाम से है इंसानियत इंसानियत मतलब कि मानवता मानवता में हुआ सारे गुड़िया बहुत सारे कार्य आ जाते हैं जिससे किसी भी व्यक्ति का वस्तु का स्थान का या किसी भी चीज का चाहे वह सजीव व निर्जीव उसका अहित नहीं होना चाहिए या उसका नाश या हानि या क्षति नहीं होनी चाहिए आप जाने-अनजाने में भी यदि किसी को क्षति पहुंचा देते हैं तो निश्चित रूप से आप एक इंसान कहलाने के लायक नहीं है और आप अगर छोटी सी छोटी मदद करके भी किसी के लिए कुछ बेहतर कर देते हैं तो आप एक अच्छे इंसान के अल आते हैं जहां तक रही कर्तव्य की बात तो एक इंसान जो होता है वह समाज में कई तरह के रास्तों से जुड़ा होता है वह एक देश का नागरिक होता है वह अपने माता-पिता का बेटा होता है अपने पत्नी का पति होता है अपने बॉयफ्रेंड बॉयफ्रेंड की फ्रेंड हो सकती और गर्ल फ्रेंड का बॉयफ्रेंड हो सकता है अपने बच्चों के लिए वह पिता हो सकता है अपनी बहन के लिए भाई हो सकता है तो एक इंसान एक ही समय में कम से कम 10 से 15 रिश्तो में उलझा रहता है यही कही जुड़ा रहता है उसका कर्तव्य है कि वह उन सभी रास्तों की जो रिक्वायरमेंट है जरूरतें हैं वह अपने निष्ठा भाव से अपनी ईमानदारी से और सच्चाई से उन सभी कर्तव्यों को अगर एक साथ अच्छे से पहन कर सकता है तो आई थिंक वह दुनिया का सबसे अच्छा इंसान है और वह इंसान जो होगा वह वास्तव में महान कहलाएगा हमारे देश में हमारी संस्कृति में पूरी दुनिया में जितने लोग भी महान हुए हैं उन्होंने निश्चित रूप से अपने हर फील्ड में बेहतर किया है फॉर एग्जांपल आफ सचिन तेंदुलकर काले तो वह उनके बारे में कहा जाता है कि वह एक अच्छे खिलाड़ी ही नहीं थे बल्कि ऑफ एल भी वह एक अच्छे पति और 1 बच्चे पैदा थे तो एक अच्छे इंसान को ऑलराउंडर होना चाहिए
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देखिए इंसान के रूप कर्तव्य होते हैं उसमें जो इंसान का सबसे बड़ा कर्तव्य होता है उसको हम कहते ही इंसान के नाम से है इंसानियत इंसानियत मतलब कि मानवता मानवता में हुआ सारे गुड़िया बहुत सारे कार्य आ जाते हैं जिससे किसी भी व्यक्ति का वस्तु का स्थान का या किसी भी चीज का चाहे वह सजीव व निर्जीव उसका अहित नहीं होना चाहिए या उसका नाश या हानि या क्षति नहीं होनी चाहिए आप जाने-अनजाने में भी यदि किसी को क्षति पहुंचा देते हैं तो निश्चित रूप से आप एक इंसान कहलाने के लायक नहीं है और आप अगर छोटी सी छोटी मदद करके भी किसी के लिए कुछ बेहतर कर देते हैं तो आप एक अच्छे इंसान के अल आते हैं जहां तक रही कर्तव्य की बात तो एक इंसान जो होता है वह समाज में कई तरह के रास्तों से जुड़ा होता है वह एक देश का नागरिक होता है वह अपने माता-पिता का बेटा होता है अपने पत्नी का पति होता है अपने बॉयफ्रेंड बॉयफ्रेंड की फ्रेंड हो सकती और गर्ल फ्रेंड का बॉयफ्रेंड हो सकता है अपने बच्चों के लिए वह पिता हो सकता है अपनी बहन के लिए भाई हो सकता है तो एक इंसान एक ही समय में कम से कम 10 से 15 रिश्तो में उलझा रहता है यही कही जुड़ा रहता है उसका कर्तव्य है कि वह उन सभी रास्तों की जो रिक्वायरमेंट है जरूरतें हैं वह अपने निष्ठा भाव से अपनी ईमानदारी से और सच्चाई से उन सभी कर्तव्यों को अगर एक साथ अच्छे से पहन कर सकता है तो आई थिंक वह दुनिया का सबसे अच्छा इंसान है और वह इंसान जो होगा वह वास्तव में महान कहलाएगा हमारे देश में हमारी संस्कृति में पूरी दुनिया में जितने लोग भी महान हुए हैं उन्होंने निश्चित रूप से अपने हर फील्ड में बेहतर किया है फॉर एग्जांपल आफ सचिन तेंदुलकर काले तो वह उनके बारे में कहा जाता है कि वह एक अच्छे खिलाड़ी ही नहीं थे बल्कि ऑफ एल भी वह एक अच्छे पति और 1 बच्चे पैदा थे तो एक अच्छे इंसान को ऑलराउंडर होना चाहिएDekhie Insaan Ke Roop Kartavya Hote Hain Usamen Jo Insaan Ka Sabse Bada Kartavya Hota Hai Usko Hum Kehte Hi Insaan Ke Naam Se Hai Insaniyat Insaniyat Matlab Ki Manavta Manavta Mein Hua Sare Gudiya Bahut Sare Karya Aa Jaate Hain Jisse Kisi Bhi Vyakti Ka Vastu Ka Sthan Ka Ya Kisi Bhi Cheez Ka Chahe Wah Sajeev V Nirjeev Uska Ahita Nahi Hona Chahiye Ya Uska Nash Ya Hani Ya Kshati Nahi Honi Chahiye Aap Jaane Anjane Mein Bhi Yadi Kisi Ko Kshati Pahuncha Dete Hain To Nishchit Roop Se Aap Ek Insaan Kahlane Ke Layak Nahi Hai Aur Aap Agar Choti Si Choti Madad Karke Bhi Kisi Ke Liye Kuch Behtar Kar Dete Hain To Aap Ek Acche Insaan Ke Al Aate Hain Jahan Tak Rahi Kartavya Ki Baat To Ek Insaan Jo Hota Hai Wah Samaaj Mein Kai Tarah Ke Raston Se Juda Hota Hai Wah Ek Desh Ka Nagarik Hota Hai Wah Apne Mata Pita Ka Beta Hota Hai Apne Patni Ka Pati Hota Hai Apne Boyfriend Boyfriend Ki Friend Ho Sakti Aur Girl Friend Ka Boyfriend Ho Sakta Hai Apne Bacchon Ke Liye Wah Pita Ho Sakta Hai Apni Behen Ke Liye Bhai Ho Sakta Hai To Ek Insaan Ek Hi Samay Mein Kam Se Kam 10 Se 15 Rishto Mein Uljha Rehta Hai Yahi Kahi Juda Rehta Hai Uska Kartavya Hai Ki Wah Un Sabhi Raston Ki Jo Requirement Hai Jarurate Hain Wah Apne Nishtha Bhav Se Apni Imaandaari Se Aur Sacchai Se Un Sabhi Kartavyon Ko Agar Ek Saath Acche Se Pahan Kar Sakta Hai To I Think Wah Duniya Ka Sabse Accha Insaan Hai Aur Wah Insaan Jo Hoga Wah Vaastav Mein Mahaan Kahalaega Hamare Desh Mein Hamari Sanskriti Mein Puri Duniya Mein Jitne Log Bhi Mahaan Huye Hain Unhone Nishchit Roop Se Apne Har Field Mein Behtar Kiya Hai For Example Of Sachin Tendulkar Kaale To Wah Unke Bare Mein Kaha Jata Hai Ki Wah Ek Acche Khiladi Hi Nahi The Balki Of El Bhi Wah Ek Acche Pati Aur 1 Bacche Paida The To Ek Acche Insaan Ko Allrounder Hona Chahiye
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