मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद कौन बनेंगे उन राज्यों के मुख्यमंत्री? क्या अब 2019 का लोकसभा चुनाव जितने में सफल होगी कोंग्रेस? ...

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अगस्त में दिल्ली जयपुर के फ्लाइट में फागण मेरे एयरक्राफ्ट में गहलोत जी भी थे कुछ और थी और थी मेरे कानों में आ मेरी उनके साथ एडवाइजर के कहते हुए मैंने सुना कि सर आपको अपना सोशल मीडिया प्रसेंस बनाना है इस बात से मुझे कुछ-कुछ यह लगा कि इनके सीएम पद की ग्रूमिंग चल रही है और तैयारी कुर्सी की चल रही है पर राहुल गांधी आज सचिन पायलट के काफी करीब है और लोंग रन में है उन्हें अपना अपने साथ रखना चाहेंगे तो मुझे यह लगता है कि राजस्थान फिलहाल गहलोत जी को तो शायद सीएम की तरह रखेंगे अखिलेश आगे जब तक कुछ महीनों में जब नेशनल सीन में उनको कुछ और कोई बड़ा रोल न दिया जाए तब तक उन्हें सीएम बनाया जाएगा और उसके बाद फिर सचिन पायलट को बनाया जाएगा सीएम और उन्हें कोई अगर कांग्रेस अगर आती है सप्ताह में तो उन्हें नेशनल लेवल में कोई बैटर रोल दिया जाएगा मध्य प्रदेश स्नेहा यूनानी मासी सा लग रहा है कि कमलनाथ जी का नाम प्रपोज किया जा रहा है बल्कि आप जो दूसरे कंटेंडर है ज्योतिरादित्य सिंधिया उन्होंने भी है उनका नाम उनका प्रस्ताव आगे किया है तो मध्यप्रदेश में तो डेफिनटली कमलनाथ जी ही बनेंगे सीएम बाकी आपने पूछा कि 2019 में कौन बनेगा अगर क्या कांग्रेस सफल होगी कि मैं तो ये मानती हूं कि भगवान ने दुनिया 7 दिन में बनाया है तो फिर तो बच्चे महीने है भाजपा के पास हो किसी भी तरह से पासा पलट सकता है कह नहीं सकते अब से महीने आगे मैं तो सोचती हूं कि शायद भाजपा ही आएगी पर बहुमत उतनी नहीं जितना कि वह सोच कर चले हैं अब उनको चोट पड़ी है वह अपना सोचेंगे चिंतन करेंगे और ठीक से अपनी सब्जी बनाई के
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जीते हुए राज्यों में कांग्रेस का मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह तो कांग्रेस तय करें लेकिन जहां तक 2019 में कांग्रेस की चुनाव जीतने की बात है लोकसभा चुनाव में पूरा अभी भी असंभव सी दिखती है क्योंकि तीनों राज्यों के जो चुनाव परिणाम है वह कांग्रेस के पक्ष में नहीं है यह कांग्रेस की जीत नहीं बल्कि भाजपा की हार है क्योंकि मध्य प्रदेश में लगभग साढे चार लाख 5:30 लाख नोटा पर वोट गए हैं राजस्थान में सवा चार लाख के आसपास नोटा पर लोगों ने वोट दिया है इसका मतलब है कि कहीं न कहीं सत्तारूढ़ दल से भारतीय जनता पार्टी से लोग नाराज चेकिंग थे लेकिन उनकी पसंद कांग्रेश नहीं बन पाई इसके अलावा 6 महीने का लगभग समय है इसमें कार कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को मौका मिलेगा करने का और उनकी परफारमेंस से भी है जनता और वोटर तय कर पाएंगे कि दोनों की कार्यशैली में और वादों के डिलीवरी में क्या फर्क है क्या अंतर है तो मुझे ऐसा लगता है कि कहीं ना कहीं मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जो नए मुख्यमंत्री होंगे उनके लिए विकास की राह उतनी आसान नहीं होगी जो एक पति जो मोमेंटम भाजपा के शासनकाल में उन राज्यों को मिला हुआ था क्षेत्रीय और निजी मुद्दों और सांगठनिक मुद्दों के कारण वहां जरूर भाजपा की हार हुई है परंतु अपनी हार के कारणों को पहचान कर उस पर सही दिशा में कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी अगर काम करती है तो 2019 में मोदी जी को चुनाव जीतने से कांग्रेस जैसा दर्द तो कम से कम नहीं रोक पा रहे थे 19 राज्यों से घट गई है जरूर लेकिन 16 राज्यों में अभी भी भाजपा की सरकार है
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टिकट इन दोनों राज्य में मध्यप्रदेश और राजस्थान यहां कांग्रेस ने सरकार बनाई है जहां मध्य प्रदेश में 15 साल का सूखा कॉमर्स के लिए खत्म हुआ तो वही राजस्थान में जो है 5 साल बाद फिर वापस सत्ता कांग्रेस को मिली है आप भी सवाल उठता है कि नाचू में आखिर मुख्यमंत्री कौन होंगे तो अगर मैं बता दूं तो आप भी उठा किस बात पर मंथन चल रहा है कि मुख्यमंत्री कौन होंगे राजस्थान में अशोक गहलोत जो कि बहुत ही अनुभवी नेताओं और दो बार के मुख्यमंत्रियों है इस राज्य के रह चुके हैं कांग्रेस के बड़े वहीं वर्ष निर्धारित महासचिव के पद पर भी बैठे हुए हैं इनके बीच में और युवा जो नेता सचिन पायलट जिन्होंने जमीन तैयार कि कांग्रेस के लिए 5 सालों के भीतर और कांग्रेस को सत्ता में वापसी लाने मीन का बहुत बड़ा हाथ रहा है तो इन दोनों नेताओं की सत्ता की खींचतान चल रही है और ऐसा बताया जाए कि अबकी पक्का नहीं हो जगह की मुख्यमंत्री कौन बनेगा क्योंकि इन दोनों नेताओं की जो समर्थक इन दोनों देशों के समर्थकों के बीच में भी कल काफी हंगामा हुआ था और यह भी एक रिश्ता निभाया था कि आखिर क्या हो रहा है अभी लेकिन फैशन ही उपाय कोई मध्यप्रदेश में पहले जो नेता आपस में बिखरे हुए थे जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ और जाति मुझे सिंह इन तीनों नेताओं के बीच में एक दशक चली थी लेकिन दिग्विजय सिंह ने मुसीबत तो है हल्की कर दी कांग्रेस की हॉट खुद को इस देश से बाहर बता दे लेकिन अब ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच में एक से एक ही स्थान से बड़ी की मुख्यमंत्री कौन बनेगा क्योंकि 15 साल बाद ही पार्टी सत्ता में वापस आए तो कमलनाथ को लोग मुख्यमंत्री के दौरे पर लिखा जाता लेकिन ऐसे पता चले कि ज्योतिरादित्य सिंधिया जो है वह ज्यादा करीब है उसके बाद यह देखा जा रहा है कि अगर 2019 की जो आप बात कर रहे हैं कि 2019 में क्या यह सच है कांग्रेस को सत्ता में पैसा क्या मेरी गलती है बहुत दिल की बातें की बात अभी बहुत जल्दी हम लोग कह रहे हैं क्योंकि कांग्रेस को अभी कहीं राज्य में अपने आप को जीतना पड़ेगा इसलिए 2997 ऑफिस आज नाइन 304 मिर्जा से बहुत दूर की बात है अभी
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