क्या राजनीति सिर्फ पैसे कमाने का जरिया है? ...

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जी हां बिलकुल राजनीति जो है वह पैसा कमाने का ही सरिया और अगर आप राजनीति को पढ़ें ध्यान से तू राज करने की नीति यानी कि अगर आपको किसी देश पर राज करना है तो उसके लिए सब जायज है फिर चाहे वह धर्म के काम हो जाएगा धर्म के काम हो चाहे आप अन्याय के विरुद्ध जाकर काम करें उसके लिए सब जायज है तो कैसे करोगे और नागरा को कहीं राज करना है तो फिर उसके लिए आप कुछ फिर चाहे गलत कदम उठाने पड़े तो सब जैसे अधिराज करने के लिए जाहिर सी बात है सत्ता पक्ष के पास पैसा होना जरूरी है तो रात भी पार्टी कर पाएगी राज भाई कर पाएगा जिसके पास पैसा होगा आधा पैसा होगा तो पैसा तो कमा नहीं पड़ता है पार्टियों को नहीं कमाएंगे तो फिर सत्ता कैसे आएगी तो वह कह सकते हैं कि हम राजनीति के लिए पैसे तो कमाते हैं और रही बात देश हित की तो देशहित आजकल कोई नहीं सोचता है सबको अपना परिवार देखना है सबको अपनी जेबें भर नहीं है सबको अपना अपना ना चाहते हैं और कोई भी नेता हो तो वह पहले अपना भला करेगा अपने परिवार का भला करेगा फिर देश के बारे में सोचता तो देश के बारे में आम जनता ही सोचती है हमें को ध्यान रहता हमें यह सब देखते हैं कि क्या होना चाहिए क्या नहीं होना चाहिए उनके उनके दिमाग में इन सब चीजों को बहुत ज्यादा महत्व नहीं देते इन सब चीजों को तो हमें लोग के लिए महंगाई दाल आटा यह वह सस्ता महंगा उनके लिए कुछ मैटर नहीं करता वह सब बैठे हैं आराम से खा रहे हैं फिर आगे सत्ता में नहीं बुलाएंगे तब भी उनके पास इतना है कि आराम से उनकी पीढ़ियां पीढ़ियां खाएंगे बोलो
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जी हां बिलकुल राजनीति जो है वह पैसा कमाने का ही सरिया और अगर आप राजनीति को पढ़ें ध्यान से तू राज करने की नीति यानी कि अगर आपको किसी देश पर राज करना है तो उसके लिए सब जायज है फिर चाहे वह धर्म के काम हो जाएगा धर्म के काम हो चाहे आप अन्याय के विरुद्ध जाकर काम करें उसके लिए सब जायज है तो कैसे करोगे और नागरा को कहीं राज करना है तो फिर उसके लिए आप कुछ फिर चाहे गलत कदम उठाने पड़े तो सब जैसे अधिराज करने के लिए जाहिर सी बात है सत्ता पक्ष के पास पैसा होना जरूरी है तो रात भी पार्टी कर पाएगी राज भाई कर पाएगा जिसके पास पैसा होगा आधा पैसा होगा तो पैसा तो कमा नहीं पड़ता है पार्टियों को नहीं कमाएंगे तो फिर सत्ता कैसे आएगी तो वह कह सकते हैं कि हम राजनीति के लिए पैसे तो कमाते हैं और रही बात देश हित की तो देशहित आजकल कोई नहीं सोचता है सबको अपना परिवार देखना है सबको अपनी जेबें भर नहीं है सबको अपना अपना ना चाहते हैं और कोई भी नेता हो तो वह पहले अपना भला करेगा अपने परिवार का भला करेगा फिर देश के बारे में सोचता तो देश के बारे में आम जनता ही सोचती है हमें को ध्यान रहता हमें यह सब देखते हैं कि क्या होना चाहिए क्या नहीं होना चाहिए उनके उनके दिमाग में इन सब चीजों को बहुत ज्यादा महत्व नहीं देते इन सब चीजों को तो हमें लोग के लिए महंगाई दाल आटा यह वह सस्ता महंगा उनके लिए कुछ मैटर नहीं करता वह सब बैठे हैं आराम से खा रहे हैं फिर आगे सत्ता में नहीं बुलाएंगे तब भी उनके पास इतना है कि आराम से उनकी पीढ़ियां पीढ़ियां खाएंगे बोलोG Haan Bilkul Rajneeti Jo Hai Wah Paisa Kamane Ka Hi Sariya Aur Agar Aap Rajneeti Ko Padhen Dhyan Se Tu Raj Karne Ki Niti Yani Ki Agar Aapko Kisi Desh Par Raj Karna Hai To Uske Liye Sab Jayaj Hai Phir Chahe Wah Dharm Ke Kaam Ho Jayega Dharm Ke Kaam Ho Chahe Aap Anyay Ke Viruddha Jaakar Kaam Karen Uske Liye Sab Jayaj Hai To Kaise Karoge Aur Naagraa Ko Kahin Raj Karna Hai To Phir Uske Liye Aap Kuch Phir Chahe Galat Kadam Uthane Pade To Sab Jaise Adhiraj Karne Ke Liye Jaahir Si Baat Hai Satta Paksh Ke Paas Paisa Hona Zaroori Hai To Raat Bhi Party Kar Payegi Raj Bhai Kar Payega Jiske Paas Paisa Hoga Aadha Paisa Hoga To Paisa To Kama Nahi Padata Hai Partiyon Ko Nahi Kamayenge To Phir Satta Kaise Aaegi To Wah Keh Sakte Hain Ki Hum Rajneeti Ke Liye Paise To Kamate Hain Aur Rahi Baat Desh Hit Ki To Deshahit Aajkal Koi Nahi Sochta Hai Sabko Apna Parivar Dekhna Hai Sabko Apni Jeben Bhar Nahi Hai Sabko Apna Apna Na Chahte Hain Aur Koi Bhi Neta Ho To Wah Pehle Apna Bhala Karega Apne Parivar Ka Bhala Karega Phir Desh Ke Bare Mein Sochta To Desh Ke Bare Mein Aam Janta Hi Sochti Hai Hume Ko Dhyan Rehta Hume Yeh Sab Dekhte Hain Ki Kya Hona Chahiye Kya Nahi Hona Chahiye Unke Unke Dimag Mein In Sab Chijon Ko Bahut Zyada Mahatva Nahi Dete In Sab Chijon Ko To Hume Log Ke Liye Mahangai Dal Atta Yeh Wah Sasta Mehnga Unke Liye Kuch Matter Nahi Karta Wah Sab Baithey Hain Aaram Se Kha Rahe Hain Phir Aage Satta Mein Nahi Bulaenge Tab Bhi Unke Paas Itna Hai Ki Aaram Se Unki Peedhiyaan Peedhiyaan Khayenge Bolo
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

90% नेताओं के यहां राजनीति सिर्फ पैसे कमाने कमाने का जो है एक तरीका है जरिया है कुछ नहीं था जो है वह अच्छा काम करना चाहते लेकिन जब मेजॉरिटी है बस पैसा कमाने के लिए इसमें आ रही है लोगों का भला करने के लिए नहीं आ रही है तो वह कुछ नहीं कर सकते दबाव के अंदर आकर उनको भी गलत काम करना पड़ता है तो आज के समय में आप देखिए कि राजनीति में कैसे चल रहे हैं लोग को डराकर बहुत मिल सकता है वैसे लोग आ रहे हैं कोई इंटेलेक्चुअल पढ़े लिखे लोग भी है वह कोई राजनीति में निकलना चाह रहा है और ना आता है और जो आ रहा जैसा अरविंद केजरीवाल जैसे लोग विकेट गिर चुके हैं तुम लोग जाकर ब्रश हम कह सकते हैं कि सिर्फ पैसा कमाने का जरिया बन गया राजनीति अभी
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90% नेताओं के यहां राजनीति सिर्फ पैसे कमाने कमाने का जो है एक तरीका है जरिया है कुछ नहीं था जो है वह अच्छा काम करना चाहते लेकिन जब मेजॉरिटी है बस पैसा कमाने के लिए इसमें आ रही है लोगों का भला करने के लिए नहीं आ रही है तो वह कुछ नहीं कर सकते दबाव के अंदर आकर उनको भी गलत काम करना पड़ता है तो आज के समय में आप देखिए कि राजनीति में कैसे चल रहे हैं लोग को डराकर बहुत मिल सकता है वैसे लोग आ रहे हैं कोई इंटेलेक्चुअल पढ़े लिखे लोग भी है वह कोई राजनीति में निकलना चाह रहा है और ना आता है और जो आ रहा जैसा अरविंद केजरीवाल जैसे लोग विकेट गिर चुके हैं तुम लोग जाकर ब्रश हम कह सकते हैं कि सिर्फ पैसा कमाने का जरिया बन गया राजनीति अभी90% Netaon Ke Yahan Rajneeti Sirf Paise Kamane Kamane Ka Jo Hai Ek Tarika Hai Jariya Hai Kuch Nahi Tha Jo Hai Wah Accha Kaam Karna Chahte Lekin Jab Mejariti Hai Bus Paisa Kamane Ke Liye Isme Aa Rahi Hai Logon Ka Bhala Karne Ke Liye Nahi Aa Rahi Hai To Wah Kuch Nahi Kar Sakte Dabaav Ke Andar Aakar Unko Bhi Galat Kaam Karna Padata Hai To Aaj Ke Samay Mein Aap Dekhie Ki Rajneeti Mein Kaise Chal Rahe Hain Log Ko Darakar Bahut Mil Sakta Hai Waise Log Aa Rahe Hain Koi Intelekchual Padhe Likhe Log Bhi Hai Wah Koi Rajneeti Mein Nikalna Chah Raha Hai Aur Na Aata Hai Aur Jo Aa Raha Jaisa Arvind Kejriwal Jaise Log Wicket Gir Chuke Hain Tum Log Jaakar Brush Hum Keh Sakte Hain Ki Sirf Paisa Kamane Ka Jariya Ban Gaya Rajneeti Abhi
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