भारत के बड़े बड़े व्यापारी अगर अपने पैसे ग़रीबों में बाँट दे तो क्या उससे देश का भला होगा? ...

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भारत की बड़े-बड़े व्यापारी अगर गरीबों में अपना पैसा बांटते उससे भारत का प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगा यह सवाल दूसरे तरीके से भी पहुंचा जा सकता है कि सरकार के पास ऑलरेडी करेंसी छापने का मशीन है तो क्यों नही...
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भारत की बड़े-बड़े व्यापारी अगर गरीबों में अपना पैसा बांटते उससे भारत का प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगा यह सवाल दूसरे तरीके से भी पहुंचा जा सकता है कि सरकार के पास ऑलरेडी करेंसी छापने का मशीन है तो क्यों नहीं सरकार करेंसी चार्ट के सारे गरीबों में बांट दें ताकि उनके पास पैसे रहे और वह भी खुशी से जीवन बिता सकें यह इसीलिए नहीं हो सकता क्योंकि जो इकोनामी में वस्तुए और सर्विस हस गुड्स एंड सर्विसेज जो रहता है वह लिमिटेड रहता है और वह और ए पीरियड आफ टाइम इन्वेस्टमेंट के थ्रू नए-नए गुड्स बनाने के नए-नए सर्विसेस डिलीवर करने से ही इंक्रीज होता है गुड्स एंड सर्विसेज लिमिटेड रहने से हम लोग अगर डिस्ट्रीब्यूशन या फ्री तरीके से लोगों के हाथ में पैसा पहुंचा दे उससे गुड्स एंड सर्विसेज का दाम बढ़ जाता है उसको जिसको इन्फ्लेशन कहते हैं और परचेसिंग पावर जो रहता है वह कम हो जाता है इस को एक सिंपल तरीके से अंडरस्टैंड कर सकते कि कैसे ज्यादा पैसा या विदाउट गुलशन सर्विसेज पैसा आने से परचेसिंग पावर कैसे कम हो जाता है मान लीजिए एक होटल में एक थाली ₹50 का मिल रहा है और वह दिन में सिर्फ 10 तालियां बनाकर लोगों को दे सकता है अगर हम सारे लोगों के हाथ में पैसा पहुंचा दें तो अभी होटल में 100 लोग आएंगे खाने के लिए और वह जो होटल वाला है वह सिर्फ 10 सप्लाई कर सकता है तो डिमांड एंड सप्लाई के हिसाब से जो तारी ₹50 में मिलता था अभी उसका दाम बन जाएगा 150 विकास खरीदने वाले बहुत हैं और तारी बहुत कम है हमारे पास और इमीडीएटली हो 10 तारीख को शाम 3:00 नहीं कर सकता वह होटल का मालिक तो लोगों के पास हमने पैसा पहुंचा दिया पर फिर भी जो ₹50 में मिलता था अभी 150 हो गया उस तरफ से वह फिर से गरीब ही रहेंगे तो 19 रो इन्वेस्टमेंट जॉब क्रिएशन यह गरीबों का प्रॉब्लम सॉल्व किया जा सकता हैBharat Ki Bade Bade Vyapaari Agar Garibon Mein Apna Paisa Bantate Usse Bharat Ka Problem Solve Nahi Hoga Yeh Sawal Dusre Tarike Se Bhi Pahuncha Ja Sakta Hai Ki Sarkar Ke Paas Already Currency Chapne Ka Machine Hai To Kyon Nahi Sarkar Currency Chart Ke Sare Garibon Mein Baant Dein Taki Unke Paas Paise Rahe Aur Wah Bhi Khushi Se Jeevan Bita Saken Yeh Isliye Nahi Ho Sakta Kyonki Jo Ikonami Mein Bastuye Aur Service Hash Goods End Services Jo Rehta Hai Wah Limited Rehta Hai Aur Wah Aur A Period Of Time Investment Ke Through Naye Naye Goods Banane Ke Naye Naye Services Deliver Karne Se Hi Increase Hota Hai Goods End Services Limited Rehne Se Hum Log Agar Distribution Ya Free Tarike Se Logon Ke Hath Mein Paisa Pahuncha De Usse Goods End Services Ka Dam Badh Jata Hai Usko Jisko Inflation Kehte Hain Aur Perchacing Power Jo Rehta Hai Wah Kam Ho Jata Hai Is Ko Ek Simple Tarike Se Understand Kar Sakte Ki Kaise Zyada Paisa Ya Without Gulashan Services Paisa Aane Se Perchacing Power Kaise Kam Ho Jata Hai Maan Lijiye Ek Hotel Mein Ek Thali ₹ Ka Mil Raha Hai Aur Wah Din Mein Sirf 10 Taliyan Banakar Logon Ko De Sakta Hai Agar Hum Sare Logon Ke Hath Mein Paisa Pahuncha Dein To Abhi Hotel Mein 100 Log Aayenge Khane Ke Liye Aur Wah Jo Hotel Vala Hai Wah Sirf 10 Supply Kar Sakta Hai To Demand End Supply Ke Hisab Se Jo Tari ₹ Mein Milta Tha Abhi Uska Dam Ban Jayega 150 Vikash Kharidne Wali Bahut Hain Aur Tari Bahut Kam Hai Hamare Paas Aur Imidietali Ho 10 Tarikh Ko Shaam 3:00 Nahi Kar Sakta Wah Hotel Ka Malik To Logon Ke Paas Humne Paisa Pahuncha Diya Par Phir Bhi Jo ₹ Mein Milta Tha Abhi 150 Ho Gaya Us Taraf Se Wah Phir Se Garib Hi Rahenge To 19 Ro Investment Job Creation Yeh Garibon Ka Problem Solve Kiya Ja Sakta Hai
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बीके दूध टाइप की नीति होती एक नीति होते वेलफेयर नीति एक नीति होती कर्मशील बनाने के नीति मेल सेंड नदी में जो अपने सवाल पूछा वह बिल पर डीपी में आता है कि लोग अपने भगतो अमीर व्यक्ति हैं अपने पैसे को गरीब...
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बीके दूध टाइप की नीति होती एक नीति होते वेलफेयर नीति एक नीति होती कर्मशील बनाने के नीति मेल सेंड नदी में जो अपने सवाल पूछा वह बिल पर डीपी में आता है कि लोग अपने भगतो अमीर व्यक्ति हैं अपने पैसे को गरीब व्यक्ति में बांट दें लेकिन इससे क्या होगा गरीब व्यक्ति है उनके अंदर यह चीज नहीं आएगा ना स्वाभिमान की भावना आएगी डाउन के अंदर ही आएगी कि मैं मेहनत करके अपने दम पर करो बल क्यों नहीं आएगा कि मुझे बिग के तौर पर मुझे मिल रहा है कि बहुत गलत बात है लेकिन एक कर्मशील बनाने की नीति यह होती है कि अगर अमीर व्यक्ति गरीब व्यक्ति के लिए 10 तरीके का जॉब ऑफ डिफरेंट लिए कोई ऐसा व्यापार तैयार करें जिसमें गरीब व्यक्ति है उसमें पार्ट लेकर अपनी आमदनी बढ़ा सकता है जितनी ज्यादा मेहनत करेगा उसे इतनी आमदनी मिलेगी तो गरीब आदमी के अंदर गीत ही जाएगा कि हां मैं अपनी मेहनत की कमाता हूं मैं किसी से भीख नहीं देता हूं उसके अंदर कर्म शीलता की भावना आएगी जिससे वह और मेहनत करनी कोशिश करेगा बड़ा बनने की कोशिश करेगा पहले वाला एग्जांपल नेगेटिव 10 सेकंड वाला एग्जाम पर पॉजिटिव था वेलफेयर की नीति की नेगेटिव आप रोज से होती है जहां तक सामने को एक करने वाले की नजर से देखते वाली मशीन की जो नीति पॉजिटिव अप्रोच होती है जहां पर आप सामने वाले को भी उस कदर मानते हो कि जो बड़ा आदमी है वह उसके बराबर ही है कमजोर व्यक्ति भी कमजोर आदमी बड़ा आदमी बन सकता है ऐसी कोई बात नहीं कि कोई नहीं बन सकता है कमजोर आदमी मरा भी बन सकता है बहुत मेहनत करने की जरूरत है डेडिकेशन की मशीन वाली नीति होती है मैं उसे पेपर करता हूंBike Dudh Type Ki Niti Hoti Ek Niti Hote Welfare Niti Ek Niti Hoti Karmashil Banane Ke Niti Mail Send Nadi Mein Jo Apne Sawal Poocha Wah Bill Par DP Mein Aata Hai Ki Log Apne Bhagato Amir Vyakti Hain Apne Paise Ko Garib Vyakti Mein Baant Dein Lekin Isse Kya Hoga Garib Vyakti Hai Unke Andar Yeh Cheez Nahi Aaega Na Swabhiman Ki Bhavna Aaegi Down Ke Andar Hi Aaegi Ki Main Mehnat Karke Apne Dum Par Karo Bal Kyon Nahi Aaega Ki Mujhe Big Ke Taur Par Mujhe Mil Raha Hai Ki Bahut Galat Baat Hai Lekin Ek Karmashil Banane Ki Niti Yeh Hoti Hai Ki Agar Amir Vyakti Garib Vyakti Ke Liye 10 Tarike Ka Job Of Different Liye Koi Aisa Vyapar Taiyaar Karen Jisme Garib Vyakti Hai Usamen Part Lekar Apni Aamdani Badha Sakta Hai Jitni Zyada Mehnat Karega Use Itni Aamdani Milegi To Garib Aadmi Ke Andar Geet Hi Jayega Ki Haan Main Apni Mehnat Ki Kamata Hoon Main Kisi Se Bhik Nahi Deta Hoon Uske Andar Karm Sheelta Ki Bhavna Aaegi Jisse Wah Aur Mehnat Karni Koshish Karega Bada Banne Ki Koshish Karega Pehle Vala Example Negative 10 Second Vala Exam Par Positive Tha Welfare Ki Niti Ki Negative Aap Roj Se Hoti Hai Jahan Tak Samane Ko Ek Karne Wali Ki Nazar Se Dekhte Wali Machine Ki Jo Niti Positive Approach Hoti Hai Jahan Par Aap Samane Wali Ko Bhi Us Kadar Manate Ho Ki Jo Bada Aadmi Hai Wah Uske Barabar Hi Hai Kamjor Vyakti Bhi Kamjor Aadmi Bada Aadmi Ban Sakta Hai Aisi Koi Baat Nahi Ki Koi Nahi Ban Sakta Hai Kamjor Aadmi Mara Bhi Ban Sakta Hai Bahut Mehnat Karne Ki Zaroorat Hai Dedication Ki Machine Wali Niti Hoti Hai Main Use Paper Karta Hoon
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देखिए किसी को पैसे बांटने से किसी देश की गरीबी खत्म नहीं होती है क्योंकि अगर हम पैसे बाटेंगे तो लेने वाले को उसकी आदत बन जाएगी बड़े बड़े बिजनेसमैन ओं को बड़े बड़े व्यापारियों को हमारे देश के जो बड़े ब...
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देखिए किसी को पैसे बांटने से किसी देश की गरीबी खत्म नहीं होती है क्योंकि अगर हम पैसे बाटेंगे तो लेने वाले को उसकी आदत बन जाएगी बड़े बड़े बिजनेसमैन ओं को बड़े बड़े व्यापारियों को हमारे देश के जो बड़े बड़े व्यापारी हैं उनको क्या करना चाहिए रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए जब रोजगार मिलेगा तो लोग मेहनत से काम करेंगे मेहनत से काम करेंगे तो उनको पैसा मिलेगा या अमीर गरीब शिक्षित अशिक्षित सभी लोगों के लिए इन को क्या करना चाहिए अच्छे-अच्छे रोजगार पैदा करनी चाहिए इंडस्ट्रीज खोलने चाहिए कंपनियां खोली चाहिए जो जिस लेवल का है उसको उस टाइप से जॉब मिले वह काम करेगा तो हमारा देश आगे बढ़ेगा और हमारे देश से गरीबी भी खत्म हो जाएगी धन्यवादDekhie Kisi Ko Paise Bantane Se Kisi Desh Ki Garibi Khatam Nahi Hoti Hai Kyonki Agar Hum Paise Batenge To Lene Wali Ko Uski Aadat Ban Jayegi Bade Bade Bussinessmen On Ko Bade Bade Vyapariyon Ko Hamare Desh Ke Jo Bade Bade Vyapaari Hain Unko Kya Karna Chahiye Rojgar Ke Avsar Paida Karne Chahiye Jab Rojgar Milega To Log Mehnat Se Kaam Karenge Mehnat Se Kaam Karenge To Unko Paisa Milega Ya Amir Garib Shikshit Ashikshit Sabhi Logon Ke Liye In Ko Kya Karna Chahiye Acche Acche Rojgar Paida Karni Chahiye Industries Kholne Chahiye Companiyan Kholee Chahiye Jo Jis Level Ka Hai Usko Us Type Se Job Mile Wah Kaam Karega To Hamara Desh Aage Badhega Aur Hamare Desh Se Garibi Bhi Khatam Ho Jayegi Dhanyavad
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देखिए यह एक बहुत बड़ा मिसकनसेप्शन है बहुत ही बड़ी गलत धारणा है जिसे कि मैं सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट पर देखता हूं बहुत जगह देखता हूं कि अगर भारत के बड़े-बड़े जो व्यापारी हैं बड़े-बड़े उद्योगपति हैं व...
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देखिए यह एक बहुत बड़ा मिसकनसेप्शन है बहुत ही बड़ी गलत धारणा है जिसे कि मैं सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट पर देखता हूं बहुत जगह देखता हूं कि अगर भारत के बड़े-बड़े जो व्यापारी हैं बड़े-बड़े उद्योगपति हैं वह अपने पैसों को गरीबों में बांटने तो क्या देश का भला होगा बिल्कुल नहीं देश और नीचे चला जाएगा क्यों क्योंकि अगर आप किसी को बिना मेहनत किए मुफ्त का पैसा दे दोगे फ्री का पैसा दे दोगे क्या उसे उस पैसे की वैल्यू पता होगी आज आप किसी को ₹10000 दे दो उसे तो लगेगा कि बकरी के ₹10000 मिल गए चलो पार्टी करते हैं उड़ाते हैं ऐसे ही होता है क्योंकि यह एक ह्यूमन साइकोलॉजी है तो बिल्कुल भुला नहीं होगा बल्कि अगर जो उद्योगपति है व्यापारी है यह सोच ले और अपना एक ग्रुप बनाएं कि हमें इंडियन इकॉनमी बढ़ानी है और इंडिया में जॉब चलानी हमें जो गरीब लोग हैं उनका कर भला सोचने तो आप उन्हें एजुकेशन दीजिए और जॉब सीजी उनके बच्चों को स्कूल में डालने के लिए एनजीओ कोली जो कि बहुत से लोग कर रहे हैं जैसे हमारे शिव नाडर साहब है एचसीएल के विप्रो के अजीम प्रेमजी है उन्होंने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन कोलिशन नाटक में शिव नाडर फाउंडेशन कुली हर कोई अपने कर रहा है इससे हमारे देश का भला होगा ना कि फ्री के पैसे गरीबों में बांटने से तो यह गलत धारणा को दिमाग से बिल्कुल निकाल दीजिए और जो आपको दिखता है जो जो भिकारी लोग भीख मांग रहे होते हैं सड़क पर और अगर आपको दिख रहा है कि भाई अच्छा भला खासा आदमी है मैं देखता हूं मांग रहे हो आप क्या सोचते हैं आप उन्हें भी देंगे उनका कुछ भला हो रहा है उनका यह व्यवसाय उनका यह बिजनेस बन चुका है बिना मेहनत किए भीख मांगने का और उन पर ऐसा नहीं कि पैसे एकदम खाने-पीने की कोई चीज नहीं होगी उसके बराबर में कोई एक बंदा नींबू बेच रहा है थोड़े से वह से ज्यादा गरीबों को मेहनत करके पैसे कमा रहा है यह बात ध्यान में रखिए ऑल द बेस्टDekhie Yeh Ek Bahut Bada Misakanasepshan Hai Bahut Hi Badi Galat Dharan Hai Jise Ki Main Social Media Par Bhi Kai Post Par Dekhta Hoon Bahut Jagah Dekhta Hoon Ki Agar Bharat Ke Bade Bade Jo Vyapaari Hain Bade Bade Udyogpati Hain Wah Apne Paison Ko Garibon Mein Bantane To Kya Desh Ka Bhala Hoga Bilkul Nahi Desh Aur Neeche Chala Jayega Kyon Kyonki Agar Aap Kisi Ko Bina Mehnat Kiye Muft Ka Paisa De Doge Free Ka Paisa De Doge Kya Use Us Paise Ki Value Pata Hogi Aaj Aap Kisi Ko ₹ De Do Use To Lagega Ki Bakri Ke ₹ Mil Gaye Chalo Party Karte Hain Udate Hain Aise Hi Hota Hai Kyonki Yeh Ek Human Psychology Hai To Bilkul Bhula Nahi Hoga Balki Agar Jo Udyogpati Hai Vyapaari Hai Yeh Soch Le Aur Apna Ek Group Banaye Ki Hume Indian Economy Badhani Hai Aur India Mein Job Chalani Hume Jo Garib Log Hain Unka Kar Bhala Sochne To Aap Unhen Education Dijiye Aur Job CG Unke Bacchon Ko School Mein Dalne Ke Liye Ngo Koli Jo Ki Bahut Se Log Kar Rahe Hain Jaise Hamare Shiv Naadar Sahab Hai Hcl Ke Wipro Ke Ajeem Premji Hai Unhone Ajeem Premji Foundation Kolishan Natak Mein Shiv Naadar Foundation Kuli Har Koi Apne Kar Raha Hai Isse Hamare Desh Ka Bhala Hoga Na Ki Free Ke Paise Garibon Mein Bantane Se To Yeh Galat Dharan Ko Dimag Se Bilkul Nikal Dijiye Aur Jo Aapko Dikhta Hai Jo Jo Bhikari Log Bhik Maang Rahe Hote Hain Sadak Par Aur Agar Aapko Dikh Raha Hai Ki Bhai Accha Bhala Khasa Aadmi Hai Main Dekhta Hoon Maang Rahe Ho Aap Kya Sochte Hain Aap Unhen Bhi Denge Unka Kuch Bhala Ho Raha Hai Unka Yeh Vyavasaya Unka Yeh Business Ban Chuka Hai Bina Mehnat Kiye Bhik Mangane Ka Aur Un Par Aisa Nahi Ki Paise Ekdam Khane Peene Ki Koi Cheez Nahi Hogi Uske Barabar Mein Koi Ek Banda Nimboo Bech Raha Hai Thode Se Wah Se Zyada Garibon Ko Mehnat Karke Paise Kama Raha Hai Yeh Baat Dhyan Mein Rakhiye All The Best
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मेरे ख्याल से अगर भारत के बड़े-बड़े व्यापारी अगर अपने पैसे गरीबों में बांट दें तो उससे कोई फला नहीं होगा क्योंकि पैसे क्षणिक पदों के लिए होते हैं अब अगर आप उसे बांट देते हैं तो उसे गरीबी खत्म नहीं हो ...
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मेरे ख्याल से अगर भारत के बड़े-बड़े व्यापारी अगर अपने पैसे गरीबों में बांट दें तो उससे कोई फला नहीं होगा क्योंकि पैसे क्षणिक पदों के लिए होते हैं अब अगर आप उसे बांट देते हैं तो उसे गरीबी खत्म नहीं हो सकती उससे गरीबों की गरीबी खत्म नहीं हो सकती है वह इसलिए क्योंकि वह पैसा होगा जितने भी होंगे इतना भी बड़े दिल कर के व्यापारियों ने दी थी सारी दीदी पर तुझे नहीं होगा और चुकी आज के जमाने में बड़े बड़े व्यापारियों जो है वह कमाल तो नहीं थे पैसे ऐड तो लेते हैं लेकिन उनका दिल इतना बड़ा नहीं है वह पार्टी तू मेरे ख्याल से देश का भला नहीं होगाMere Khayal Se Agar Bharat Ke Bade Bade Vyapaari Agar Apne Paise Garibon Mein Baant Dein To Usse Koi Phala Nahi Hoga Kyonki Paise Kshanik Padon Ke Liye Hote Hain Ab Agar Aap Use Baant Dete Hain To Use Garibi Khatam Nahi Ho Sakti Usse Garibon Ki Garibi Khatam Nahi Ho Sakti Hai Wah Isliye Kyonki Wah Paisa Hoga Jitne Bhi Honge Itna Bhi Bade Dil Kar Ke Vyapariyon Ne Di Thi Saree Didi Par Tujhe Nahi Hoga Aur Chuki Aaj Ke Jamaane Mein Bade Bade Vyapariyon Jo Hai Wah Kamal To Nahi The Paise Aid To Lete Hain Lekin Unka Dil Itna Bada Nahi Hai Wah Party Tu Mere Khayal Se Desh Ka Bhala Nahi Hoga
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भारत के बड़े व्यापारी अगर अपना पैसा गरीबों में बांट दें उससे देश का भला हो जाएगा देखेगी बातें यह सोच केवल सुनने में सोचने में और बताने में ही अच्छी लगती काफी अच्छा लगता है जब भी सुनने को मिलता है लेकि...
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भारत के बड़े व्यापारी अगर अपना पैसा गरीबों में बांट दें उससे देश का भला हो जाएगा देखेगी बातें यह सोच केवल सुनने में सोचने में और बताने में ही अच्छी लगती काफी अच्छा लगता है जब भी सुनने को मिलता है लेकिन ऐसा पॉसिबल नहीं ऐसा यह बात चासनी में लपेटे हुई है ऐसा ऐसी सोच संभव ही नहीं है नहीं बड़े व्यापारी अपना पैसा गरीबों को देने वाले और ना ही गरीबों को पैसा देने से देश की गरीबी और पॉवर्टी खत जैसी खतरनाक बीमारी खत्म हो सकती इस इसके लिए कुछ अलग ही इनीशिएटिव और पहल करनी चाहिए यह पहल एक तो सरकारी स्तर से हो सकती है कि अगर हमारी गवर्मेंट ही कुछ ऐसी इतनी अच्छी पॉलिसी बनाई गरीब पालिसी बनाए कुछ लोग ऐसे इनीशिएटिव लिए जाएं इसे गरीबों को बहुत कम किया जा सके जोकि हमारी गवर्मेंट करती भी है लेकिन बहुत इफेक्टिव नहीं है हमारे देश में अभी बहुत गरीब और दूसरा हम सामाजिक स्तर पर हम खुद गरीबों के लिए कुछ कर सकते हैं आम आदमी भी कुछ गरीबों के लिए कर सकता है एनजीओ जो हमारे बुद्धिजीवी वर्ग है यह भी सरकार पर दबाव बना सकते हैं इंटेलेक्चुअल नॉलेजेबल लोग भी सरकार पर दबाव बना सकते हैं पहल करवा सकते नहीं तो यह जो बुद्धिजीवी वर्क है या हम जो भी आम आदमी है वह भी गरीबों की किसी न किसी स्तर से मदद कर सकता है वह मदद किसी भी तरह की हो सकती है हमें हम गरीबों में जागरूकता फैला सकते हैं उनमें शिक्षा का बढ़ावा दे सकते हैं उनको ऐसा ही प्लेटफॉर्म कराया जाए जिससे कि वह शिक्षा अधिक से अधिक हासिल करने की गरीबी केवल शिक्षा की लेकिन इसकी वजह से क्योंकि एजुकेशन उनमें है नहीं इसीलिए गरीबी अगर हमको स्किल प्रोवाइड कर आएंगे शिक्षा प्रोवाइड कर आएंगे एजुकेशन और नॉलेज उनके अंदर बढ़ेगी तो अपने आप गरीबी खत्म होगी वह अपने आप ऊपर बढ़ेंगे नई ऊंचाइयां छू लेंगे तो गरीबी अप देसी खत्म हो जाएगी अगर एजुकेशन को को बढ़ावा देंBharat Ke Bade Vyapaari Agar Apna Paisa Garibon Mein Baant Dein Usse Desh Ka Bhala Ho Jayega Dekhenge Batein Yeh Soch Kewal Sunane Mein Sochne Mein Aur Batane Mein Hi Acchi Lagti Kafi Accha Lagta Hai Jab Bhi Sunane Ko Milta Hai Lekin Aisa Possible Nahi Aisa Yeh Baat Chaasni Mein Lapete Hui Hai Aisa Aisi Soch Sambhav Hi Nahi Hai Nahi Bade Vyapaari Apna Paisa Garibon Ko Dene Wali Aur Na Hi Garibon Ko Paisa Dene Se Desh Ki Garibi Aur Poverty Khat Jaisi Khataranaak Bimari Khatam Ho Sakti Is Iske Liye Kuch Alag Hi Inishietiv Aur Pahal Karni Chahiye Yeh Pahal Ek To Sarkari Sthar Se Ho Sakti Hai Ki Agar Hamari Goverment Hi Kuch Aisi Itni Acchi Policy Banai Garib Palisi Banaye Kuch Log Aise Inishietiv Liye Jayen Ise Garibon Ko Bahut Kam Kiya Ja Sake Joki Hamari Goverment Karti Bhi Hai Lekin Bahut Effective Nahi Hai Hamare Desh Mein Abhi Bahut Garib Aur Doosra Hum Samajik Sthar Par Hum Khud Garibon Ke Liye Kuch Kar Sakte Hain Aam Aadmi Bhi Kuch Garibon Ke Liye Kar Sakta Hai Ngo Jo Hamare Buddhijeevi Varg Hai Yeh Bhi Sarkar Par Dabaav Bana Sakte Hain Intelekchual Knowledgeable Log Bhi Sarkar Par Dabaav Bana Sakte Hain Pahal Karava Sakte Nahi To Yeh Jo Buddhijeevi Work Hai Ya Hum Jo Bhi Aam Aadmi Hai Wah Bhi Garibon Ki Kisi N Kisi Sthar Se Madad Kar Sakta Hai Wah Madad Kisi Bhi Tarah Ki Ho Sakti Hai Hume Hum Garibon Mein Jagrukta Faila Sakte Hain Unmen Shiksha Ka Badhawa De Sakte Hain Unko Aisa Hi Platform Karaya Jaye Jisse Ki Wah Shiksha Adhik Se Adhik Hasil Karne Ki Garibi Kewal Shiksha Ki Lekin Iski Wajah Se Kyonki Education Unmen Hai Nahi Isliye Garibi Agar Hamko Skill Provide Kar Aayenge Shiksha Provide Kar Aayenge Education Aur Knowledge Unke Andar Badhegi To Apne Aap Garibi Khatam Hogi Wah Apne Aap Upar Badhenge Nayi Unchaiyan Chu Lenge To Garibi Up Desi Khatam Ho Jayegi Agar Education Ko Ko Badhawa Dein
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चली एक पल को मान लेते हैं कि भारत के सभी बड़े व्यापारी अगर गरीबों में अपने पैसे बांट दे तो क्या होगा मैं यह मान लेता हूं कि हर व्यक्ति को हर एक गरीब व्यक्ति को अगर 10 ₹10000 मिल भी जाए क्योंकि अगर सार...
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चली एक पल को मान लेते हैं कि भारत के सभी बड़े व्यापारी अगर गरीबों में अपने पैसे बांट दे तो क्या होगा मैं यह मान लेता हूं कि हर व्यक्ति को हर एक गरीब व्यक्ति को अगर 10 ₹10000 मिल भी जाए क्योंकि अगर सारे पूंजीपति और व्यापारी अपना पैसा मिला करके गरीबों मिटेंगे तो शायद हजार ₹10000 से ज्यादा तो हर किसी को नहीं मिल पाएगा ठीक है अब क्या होगा वह ₹10000 कितने दिनों में खर्च हो जाएंगे एक दिन 2 दिन 10 दिन अपनी अपनी हैसियत के हिसाब से लोग उसको खर्च कर देंगे अपने अपने खर्चे के हिसाब से उसको खर्च कर देंगे ज्यादा से ज्यादा कोई चला लेगा कितने एक डेढ़ 2 महीने बाद उसके बाद उसका क्या होगा जिसको कमाना ही नहीं है काम करना ही नहीं उसके लिए तो पैसे फालतू उसको आप लाख रुपए दे दीजिए करोड़ों पर दे दीजिए वह जब खत्म हो जाएंगे तो खत्म हो जाएंगे उसके बाद वह फिर से गरीब हो जाएगा तो फिर देश को आगे ले जाना है देश को गरीबी से निकालना है तो यह बेहतर उपाय नहीं है कि सब को पैसे बांट दिया जाए ठीक है उसका बेहतर उपाय यह है कि लोगों को रोजगार दिया जाए हां लोगों ऐसे लोगों को पैसे दिए जाए जो आगे बढ़ना चाहते हैं पर उनके पास पैसे की कमी उनके पास शिक्षा नहीं है उनको शिक्षा दे दी जाए व्यापारी लोग उनके शिक्षा का खर्चा उठाने किसी के स्वास्थ्य का घर से उठा ले या फिर कोई अगर स्वरोजगार करना चाहता है कोई प्लांट लगाना चाहता है कोई दुकान खोलना चाहता है तो इस तरह के लोगों को घर पैसा दिया जाए तो उससे पैसे का सही उपयोग भी होगा और देश भी आगे बढ़ेगा लेकिन यह कोई समाधान नहीं किया कर सबको गरीबों को पैसा बांट दें पूंजीपतियों व्यापारिक तुझ से देश का भला होगा उससे देश का कुछ भी भला नहीं होने वाला है उन गरीबों का भला कुछ दिन के लिए भला हो जाए लेकिन देश का तो इससे क्या ही भला होगाChali Ek Pal Ko Maan Lete Hain Ki Bharat Ke Sabhi Bade Vyapaari Agar Garibon Mein Apne Paise Baant De To Kya Hoga Main Yeh Maan Leta Hoon Ki Har Vyakti Ko Har Ek Garib Vyakti Ko Agar 10 ₹ Mil Bhi Jaye Kyonki Agar Sare Poonjipati Aur Vyapaari Apna Paisa Mila Karke Garibon Mitenge To Shayad Hazar ₹ Se Zyada To Har Kisi Ko Nahi Mil Payega Theek Hai Ab Kya Hoga Wah ₹ Kitne Dinon Mein Kharch Ho Jaenge Ek Din 2 Din 10 Din Apni Apni Haisiyat Ke Hisab Se Log Usko Kharch Kar Denge Apne Apne Kharche Ke Hisab Se Usko Kharch Kar Denge Zyada Se Zyada Koi Chala Lega Kitne Ek Dedh 2 Mahine Baad Uske Baad Uska Kya Hoga Jisko Kamana Hi Nahi Hai Kaam Karna Hi Nahi Uske Liye To Paise Faltu Usko Aap Lakh Rupaiye De Dijiye Karodo Par De Dijiye Wah Jab Khatam Ho Jaenge To Khatam Ho Jaenge Uske Baad Wah Phir Se Garib Ho Jayega To Phir Desh Ko Aage Le Jana Hai Desh Ko Garibi Se Nikalna Hai To Yeh Behtar Upay Nahi Hai Ki Sab Ko Paise Baant Diya Jaye Theek Hai Uska Behtar Upay Yeh Hai Ki Logon Ko Rojgar Diya Jaye Haan Logon Aise Logon Ko Paise Diye Jaye Jo Aage Badhana Chahte Hain Par Unke Paas Paise Ki Kami Unke Paas Shiksha Nahi Hai Unko Shiksha De Di Jaye Vyapaari Log Unke Shiksha Ka Kharcha Uthane Kisi Ke Swasthya Ka Ghar Se Utha Le Ya Phir Koi Agar Swarojgar Karna Chahta Hai Koi Plant Lagana Chahta Hai Koi Dukan Kholna Chahta Hai To Is Tarah Ke Logon Ko Ghar Paisa Diya Jaye To Usse Paise Ka Sahi Upyog Bhi Hoga Aur Desh Bhi Aage Badhega Lekin Yeh Koi Samadhan Nahi Kiya Kar Sabko Garibon Ko Paisa Baant Dein Punjipatiyon Vyaparik Tujh Se Desh Ka Bhala Hoga Usse Desh Ka Kuch Bhi Bhala Nahi Hone Vala Hai Un Garibon Ka Bhala Kuch Din Ke Liye Bhala Ho Jaye Lekin Desh Ka To Isse Kya Hi Bhala Hoga
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भारत के बड़े-बड़े व्यापारी अगर अपने पैसे गरीबों में बांट दें तो उससे क्या देश का भला होगा जी हां उससे देश का भला होगा पर उससे कहीं ज्यादा देश का भला जब होगा जब वह गरीब खुद पैसा कमाने की कोशिश करें अप...
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भारत के बड़े-बड़े व्यापारी अगर अपने पैसे गरीबों में बांट दें तो उससे क्या देश का भला होगा जी हां उससे देश का भला होगा पर उससे कहीं ज्यादा देश का भला जब होगा जब वह गरीब खुद पैसा कमाने की कोशिश करें अपना खुद का पैसा ना कि किसी के द्वारा लिया गया पैसे ना कि किसी के द्वारा लिए गए पैसे से वह अपनी गरीबी दूर करने की कोशिश करें उन गरीबों का काम क्या है आखिर गरीबी बनाना मैं आप एक बात बताना चाहूंगा अगर आप जानते हो तो ओशो उनसे एक आदमी ने सवाल पूछा क्या आप रोल्स रॉयस में चलते हैं उन पर 19 rolls-royce थी और सारी की सारी गिफ्ट की हुई थी उनके शिष्यों ने उन्हें तो एक उस व्यक्ति ने पत्र के द्वारा उससे सवाल पूछा वह 100 के 200 से सवाल पूछा उसको जिसे आप रोल्स रॉयस में चलते हैं अगर आप इसे बेच दें तो कई गरीबों का हिस्सा मतलब कई गरीबों की गरीबी दूर कर सकते हैं आप तुम का जवाब सुनकर मैं बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ उन्होंने सीधे शब्दों में अपना जवाब दिया कि अगर मैं अपनी rolls-royce है एक करोड़ की ओर भारत की जनसंख्या है हालांकि अभी तो बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है उस इंसान के हिस्से में उसके बाद का हिस्सा मात्र 25 पैसे भी नहीं आ रहा था एक करोड़ में से उन्होंने कहा तुम आकर अपना पैसा ले जो कि गरीबों का काBharat Ke Bade Bade Vyapaari Agar Apne Paise Garibon Mein Baant Dein To Usse Kya Desh Ka Bhala Hoga G Haan Usse Desh Ka Bhala Hoga Par Usse Kahin Zyada Desh Ka Bhala Jab Hoga Jab Wah Garib Khud Paisa Kamane Ki Koshish Karen Apna Khud Ka Paisa Na Ki Kisi Ke Dwara Liya Gaya Paise Na Ki Kisi Ke Dwara Liye Gaye Paise Se Wah Apni Garibi Dur Karne Ki Koshish Karen Un Garibon Ka Kaam Kya Hai Aakhir Garibi Banana Main Aap Ek Baat Batana Chahunga Agar Aap Jante Ho To Osho Unse Ek Aadmi Ne Sawal Poocha Kya Aap Rolls Royce Mein Chalte Hain Un Par 19 Rolls-royce Thi Aur Saree Ki Saree Gift Ki Hui Thi Unke Shishyon Ne Unhen To Ek Us Vyakti Ne Patra Ke Dwara Usse Sawal Poocha Wah 100 Ke 200 Se Sawal Poocha Usko Jise Aap Rolls Royce Mein Chalte Hain Agar Aap Ise Bech Dein To Kai Garibon Ka Hissa Matlab Kai Garibon Ki Garibi Dur Kar Sakte Hain Aap Tum Ka Jawab Sunkar Main Bahut Zyada Prabhavit Hua Unhone Seedhe Shabdon Mein Apna Jawab Diya Ki Agar Main Apni Rolls-royce Hai Ek Crore Ki Oar Bharat Ki Jansankhya Hai Halanki Abhi To Bahut Zyada Badh Chuki Hai Us Insaan Ke Hisse Mein Uske Baad Ka Hissa Matra 25 Paise Bhi Nahi Aa Raha Tha Ek Crore Mein Se Unhone Kaha Tum Aakar Apna Paisa Le Jo Ki Garibon Ka Ka
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