आज के जीवन में आप कितने भारतीय संस्कृति का पालन कर रहे हैं? ...

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विकी मैं एक छोटे शहर से आता हूं मेरी जो स्कूलिंग हुई वह ऐसे विद्यालय में हुई जहां सबसे ज्यादा फोकस संस्कार भारतीय संस्कृति नैतिक शिक्षा के ऊपर आ तो मोदी जी लगभग 12 साल की जो शिक्षा की ऐसी स्कूल में नह ...जवाब पढ़िये

विकी मैं एक छोटे शहर से आता हूं मेरी जो स्कूलिंग हुई वह ऐसे विद्यालय में हुई जहां सबसे ज्यादा फोकस संस्कार भारतीय संस्कृति नैतिक शिक्षा के ऊपर आ तो मोदी जी लगभग 12 साल की जो शिक्षा की ऐसी स्कूल में नहीं जहां भारतीय संस्कृति को बहुत ज्यादा सिखाया गया और वह मुझे लगता है कि मेरे अंदर है और मैं उसको पालन भी करता हूं हां समय के साथ सब चीज चीज होती लेकिन कुछ ऐसे गुण होते हैं जो आदमी की कभी नहीं चेंज होते उसके व्यक्तित्व से हम कभी नहीं चाहते तो मुझे लगता है कहीं ना कि वह मेरे अंदर है और मुझे इस पर गर्व हैVikee Main Ek Chote Sheher Se Aata Hoon Meri Jo Schooling Hui Wah Aise Vidyalaya Mein Hui Jahan Sabse Jyada Focus Sanskar Bhartiya Sanskriti Naitik Shiksha Ke Upar Aa To Modi Ji Lagbhag 12 Saal Ki Jo Shiksha Ki Aisi School Mein Nahi Jahan Bhartiya Sanskriti Ko Bahut Jyada Sikhaya Gaya Aur Wah Mujhe Lagta Hai Ki Mere Andar Hai Aur Main Usko Palan Bhi Karta Hoon Haan Samay Ke Saath Sab Cheez Cheez Hoti Lekin Kuch Aise Gun Hote Hain Jo Aadmi Ki Kabhi Nahi Change Hote Uske Vyaktitva Se Hum Kabhi Nahi Chahte To Mujhe Lagta Hai Kahin Na Ki Wah Mere Andar Hai Aur Mujhe Is Par Garv Hai
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भारतीय संस्कृति बहुत ही व्यापक है और हमारे द्वारा भारतीय संस्कृति के भाव से नियमों का पालन किया जाता है कि हमारी संस्कृति की बात की जाती तो हमारी संस्कृति में सब कुछ आ जाता है जो हमारे मानसिक गतिविधिय ...जवाब पढ़िये

भारतीय संस्कृति बहुत ही व्यापक है और हमारे द्वारा भारतीय संस्कृति के भाव से नियमों का पालन किया जाता है कि हमारी संस्कृति की बात की जाती तो हमारी संस्कृति में सब कुछ आ जाता है जो हमारे मानसिक गतिविधियों के द्वारा संचालित होता है जैसे सोचना विचारना कार्य करना दूसरों का सम्मान समाज के रूप में व्यवहार इत्यादि तो देखिए मेरे द्वारा ही बहुत से कार्य किए जाते हैं देखिए बड़े माता-पिता की आज्ञा का पालन करना बड़ों का आदर करना गुरुजनों का सम्मान करना फिर या एश्वर्या पूर्ण कार्य करना है जैसे कोई भी कार्य ईश्वर प्रदान होता हमारी संस्कृति में तो मैं भी नहाते समय ईश्वर का नाम लेना होता है या एग्जाम देने जाना हो तो ईश्वर की वंदना की जाती है खेलने भी जाता हूं तो फिर में प्रवेश करने से पहले धरती को स्पर्श करके प्रणाम करता हूं साथ ही साथ जो भी सांस्कृतिक सद्भाव हमारी संस्कृति सिखाती है दूसरे धर्म का सम्मान करना दूसरे संप्रदाय का सम्मान करना वह भी मैं करता हूं तो देखिए हमारे संस्कृति में जो भी हैं हमारे यहां जो भी डांस के फॉर्म है उनको भी मैं देखना पसंद करता हूं अरे जो भी गाने गाए जाते हैं कब तक लिखते थे अभी सब को मैं देखना पसंद करता हूं लेकिन सब का पालन करता हूं लेकिन यह किस भारतीय संस्कृत तक ही मैं सहमत नहीं हूं जो पश्चिमी संस्कृति है उसका अनुसरण करता हूं उनकी भेजो अच्छा ज्ञान है उनको भी मैं देखता हूं और धारण करता हूं तो मेरे द्वारा भारतीय संस्कृति के जितने भी गाने में से बहुत सारे गुणों को पालन किया जाता है मसलन जैसे औरतों की हमारे यहां सम्मान करने की बात की जाती है कि मैं करता हूं ऐसे बहुत से बात है जो कि जाती है जिसको आप बिना तो नहीं किया जा सकता लेकिन हमारे मानसिक गुणों द्वारा हमारे व्यवहार के द्वारा भारतीय संस्कृति के मूल तत्व को पालन किया जाता हैBhartiya Sanskriti Bahut Hi Vyapak Hai Aur Hamare Dwara Bhartiya Sanskriti Ke Bhav Se Niyamon Ka Palan Kiya Jata Hai Ki Hamari Sanskriti Ki Baat Ki Jati To Hamari Sanskriti Mein Sab Kuch Aa Jata Hai Jo Hamare Mansik Gatividhiyon Ke Dwara Sanchalit Hota Hai Jaise Sochna Vichaarnaa Karya Karna Dusron Ka Samman Samaaj Ke Roop Mein Vyavhar Ityadi To Dekhie Mere Dwara Hi Bahut Se Karya Kiye Jaate Hain Dekhie Bade Mata Pita Ki Aagya Ka Palan Karna Badon Ka Aadar Karna Gurujanon Ka Samman Karna Phir Ya Eshwarya Poorn Karya Karna Hai Jaise Koi Bhi Karya Ishwar Pradan Hota Hamari Sanskriti Mein To Main Bhi Nahate Samay Ishwar Ka Naam Lena Hota Hai Ya Exam Dene Jana Ho To Ishwar Ki Vandana Ki Jati Hai Khelne Bhi Jata Hoon To Phir Mein Pravesh Karne Se Pehle Dharti Ko Sparsh Karke Pranam Karta Hoon Saath Hi Saath Jo Bhi Sanskritik Sadbhav Hamari Sanskriti Sikhati Hai Dusre Dharm Ka Samman Karna Dusre Sampraday Ka Samman Karna Wah Bhi Main Karta Hoon To Dekhie Hamare Sanskriti Mein Jo Bhi Hain Hamare Yahan Jo Bhi Dance Ke Form Hai Unko Bhi Main Dekhna Pasand Karta Hoon Arre Jo Bhi Gaane Gaye Jaate Hain Kab Tak Likhte The Abhi Sab Ko Main Dekhna Pasand Karta Hoon Lekin Sab Ka Palan Karta Hoon Lekin Yeh Kis Bhartiya Sanskrit Tak Hi Main Sahmat Nahi Hoon Jo Pashchimi Sanskriti Hai Uska Anusaran Karta Hoon Unki Bhejo Accha Gyaan Hai Unko Bhi Main Dekhta Hoon Aur Dharan Karta Hoon To Mere Dwara Bhartiya Sanskriti Ke Jitne Bhi Gaane Mein Se Bahut Sare Gunon Ko Palan Kiya Jata Hai Maslan Jaise Auraton Ki Hamare Yahan Samman Karne Ki Baat Ki Jati Hai Ki Main Karta Hoon Aise Bahut Se Baat Hai Jo Ki Jati Hai Jisko Aap Bina To Nahi Kiya Ja Sakta Lekin Hamare Mansik Gunon Dwara Hamare Vyavhar Ke Dwara Bhartiya Sanskriti Ke Mul Tatva Ko Palan Kiya Jata Hai
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भारतीय संस्कृति की बात आती है तो भारतीय संस्कृति का एसेंस है प्यार मोहब्बत अमन और शांति से एक दूसरे के साथ जिंदगी गुजारना अब हम सिर्फ अपने घरवालों की बारे में बात नहीं करेंगे इस बारे में हमारे पड़ोसी ...जवाब पढ़िये

भारतीय संस्कृति की बात आती है तो भारतीय संस्कृति का एसेंस है प्यार मोहब्बत अमन और शांति से एक दूसरे के साथ जिंदगी गुजारना अब हम सिर्फ अपने घरवालों की बारे में बात नहीं करेंगे इस बारे में हमारे पड़ोसी हुए पर हमारी दोस्त है हमारी जानकारी हुई या कोई अजनबी ही क्यों ना हुआ उसे प्यार से पेश आना यह भारतीय संस्कृति का एसेंस है आजकल बहुत सारी ड्रेस हो रही है बहुत सारे लड़ाई झगड़े इस बात को लेकर हो रहे हैं कि अगर आपने बचपन में पहन लिया तो आप इंडिया नहीं रहा है पर अगर आप खाना खा रहे हैं तुम बोली बोल रहे हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि आप इंडियन नहीं रहे लेकिन नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है अगर हम वेस्टर्न कल्चर को अपनी कल अपने कल्चर के अंदर इन वॉल कर रहे हैं अपनी डेली लाइफ तालमेल कॉल करें तो हम रो कर रहे हैं तरीके से मुझे अपना रहे हैं हम यह नहीं करेगी अपने कल्चर को रिप्लेस करके क्योंकि वक्त के साथ-साथ हमें आगे बढ़ना जरूरी है और अगर हम ऑफिस इन काशीपुर नहीं अपनाते हैं उसको अपनी बोलचाल में नहीं डालते हैं तो हम आज तक कंट्री बहुत पीछे रह जाएंगे सर इंपॉर्टेंट कि हम उसका सिर को भी अपना आते रहे लेकिन हाशिम टाइम है मुझसे कि जो ऐसे जिसके बारे में मैंने बात करी थी प्यार मोहब्बत और अमन शांति से एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताना जो जॉइंट फैमिली का कल्चर है यह इंडियन सभ्यता जो है हमारी इंडियन संस्कृति से निकल कर आया है वह इसीलिए आया है ताकि हम एक दूसरे को प्यार मोहब्बत से जीना सिखा पाए और यह मुझे अच्छा लगता है इसके मैसेज पर मैसेज करूंगी कि हां थोड़ा सा हम यह कहेंगे कि हम अपनी संस्कृति का पालन नहीं कर पा रहे हैं चक्कर में जिस तरीके से हम एक दूसरे को ठीक करने लग गए हैं जिस तरीके से रिलीज़ उनके नाम पर हम एक दूसरे से लड़ने लग गए हैं जिस तरीके से काट के नाम पर हम एक दूसरे से लड़ने लगे हैं यह बात मुझे ऐसा लगता है कि इंडियन हमें अपनी संस्कृति से पिछड़ रही है बिकॉज़ ऑफ द कंट्री ऑफ द इंडियन सिटीजन हम यह कहेंगे कि हमारी जो कल्चर है वह हमें एकता अनेकता में एकता सिखाता है और वह हम अभी पूरी तरीके से फॉलो नहीं कर रहे हैं तो रहे हैं ना कि हम जोड़ रहे हैं एक दूसरे को एक दूसरे सेBhartiya Sanskriti Ki Baat Aati Hai To Bhartiya Sanskriti Ka Esens Hai Pyar Mohabbat Aman Aur Shanti Se Ek Dusre Ke Saath Zindagi Gujarana Ab Hum Sirf Apne Gharwaalon Ki Baare Mein Baat Nahi Karenge Is Baare Mein Hamare Padoshi Hue Par Hamari Dost Hai Hamari Jankari Hui Ya Koi Ajnabee Hi Kyun Na Hua Use Pyar Se Pesh Aana Yeh Bhartiya Sanskriti Ka Esens Hai Aajkal Bahut Saree Dress Ho Rahi Hai Bahut Sare Ladai Jhagde Is Baat Ko Lekar Ho Rahe Hain Ki Agar Aapne Bachpan Mein Pahan Liya To Aap India Nahi Raha Hai Par Agar Aap Khana Kha Rahe Hain Tum Boli Bol Rahe Hain To Iska Matlab Yeh Hua Ki Aap Indian Nahi Rahe Lekin Nahi Aisa Kuch Bhi Nahi Hai Agar Hum Western Culture Ko Apni Kal Apne Culture Ke Andar In Wall Kar Rahe Hain Apni Daily Life Talmel Call Karen To Hum Ro Kar Rahe Hain Tarike Se Mujhe Apna Rahe Hain Hum Yeh Nahi Karegi Apne Culture Ko Replace Karke Kyonki Waqt Ke Saath Saath Hume Aage Badhana Zaroori Hai Aur Agar Hum Office In Kashipur Nahi Apanate Hain Usko Apni Bolchal Mein Nahi Daalte Hain To Hum Aaj Tak Country Bahut Piche Rah Jaenge Sar Important Ki Hum Uska Sir Ko Bhi Apna Aate Rahe Lekin Hashim Time Hai Mujhse Ki Jo Aise Jiske Baare Mein Maine Baat Kari Thi Pyar Mohabbat Aur Aman Shanti Se Ek Dusre Ke Saath Zindagi Bitana Jo Joint Family Ka Culture Hai Yeh Indian Sabhyata Jo Hai Hamari Indian Sanskriti Se Nikal Kar Aaya Hai Wah Isliye Aaya Hai Taki Hum Ek Dusre Ko Pyar Mohabbat Se Jeena Sikha Paye Aur Yeh Mujhe Accha Lagta Hai Iske Massage Par Massage Karungi Ki Haan Thoda Sa Hum Yeh Kahenge Ki Hum Apni Sanskriti Ka Palan Nahi Kar Pa Rahe Hain Chakkar Mein Jis Tarike Se Hum Ek Dusre Ko Theek Karne Lag Gaye Hain Jis Tarike Se Riliz Unke Naam Par Hum Ek Dusre Se Ladane Lag Gaye Hain Jis Tarike Se Kaat Ke Naam Par Hum Ek Dusre Se Ladane Lage Hain Yeh Baat Mujhe Aisa Lagta Hai Ki Indian Hume Apni Sanskriti Se Pichad Rahi Hai Bikaz Of D Country Of D Indian Citizen Hum Yeh Kahenge Ki Hamari Jo Culture Hai Wah Hume Ekta Anekata Mein Ekta Sikhata Hai Aur Wah Hum Abhi Puri Tarike Se Follow Nahi Kar Rahe Hain To Rahe Hain Na Ki Hum Jod Rahe Hain Ek Dusre Ko Ek Dusre Se
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भारतीय संस्कृति जैसी कोई चीज मेरे विचार से नहीं है ना तो कभी थी और ना कभी हो सकती है क्योंकि भारतीय संस्कृति हमेशा से बदल रही है और हर देश की संस्कृति बदलती है जब हम भारत में कहते हैं कि वसुधैव कुटुं ...जवाब पढ़िये

भारतीय संस्कृति जैसी कोई चीज मेरे विचार से नहीं है ना तो कभी थी और ना कभी हो सकती है क्योंकि भारतीय संस्कृति हमेशा से बदल रही है और हर देश की संस्कृति बदलती है जब हम भारत में कहते हैं कि वसुधैव कुटुंबकम तो वहां पर कुछ संस्कृति भारतीय नींद आ जाती है सारी संस्कृति जो है भारतीय संस्कृति हो जाती हैBhartiya Sanskriti Jaisi Koi Cheez Mere Vichar Se Nahi Hai Na To Kabhi Thi Aur Na Kabhi Ho Sakti Hai Kyonki Bhartiya Sanskriti Hamesha Se Badal Rahi Hai Aur Har Desh Ki Sanskriti Badalati Hai Jab Hum Bharat Mein Kehte Hain Ki Vasudhaiv Kutumbakam To Wahan Par Kuch Sanskriti Bhartiya Neend Aa Jati Hai Saree Sanskriti Jo Hai Bhartiya Sanskriti Ho Jati Hai
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हमारे देश में जो भारतीय संस्कृति और बसी हुई है और वह ऐसा नहीं है कि लोग उस चीज को भूल रहे हैं या फिर उसका पालन नहीं करें परंतु कहीं हद तक उस में बहुत परिवर्तन आया है और किसी से पहले मारने हुआ करती थी ...जवाब पढ़िये

हमारे देश में जो भारतीय संस्कृति और बसी हुई है और वह ऐसा नहीं है कि लोग उस चीज को भूल रहे हैं या फिर उसका पालन नहीं करें परंतु कहीं हद तक उस में बहुत परिवर्तन आया है और किसी से पहले मारने हुआ करती थी वह आज मानने इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि चीजें बदल रही है और चीन इन्वायरमेंट का एक रिक्वायरमेंट होती है उसका होना बहुत जरूरी है वरना चीजों का आगे पढ़ना बहुत मुश्किल हो जाएगा चीजों में अच्छा होना बहुत मुश्किल हो जाएगा तो यही वजह है कि जो आज के जीवन में हमारी जो भारतीय संस्कृति यहां थी उनका पूरी तरह से पालन नहीं करते परंतु कुछ संस्कृति आज भी है जिसका पालन आज तक करते चले आ रहे हैं और ज्यादातर लोगों को आप देखेंगे तो वह चीज का पालन करते हैं और इसका उदाहरण ले सकते हैं कि वह बड़े जो अपने घर के परिवार के बड़े लोग होते हैं उन सभी को आप सभी को और जो छोटे लोग होते हैं परिवार में बच्चे हो या छोटे और कोई लोग हैं वह सभी उनको आदर सम्मान देते हैं बहुत तमीज से बात करना उनके संस्कार किस चीज की अब मैं कैसे BF करना है उन लोगों के सामने यही संस्कार में बताई जाती है तो यह उदाहरण है जिसके तहत आप बता सकते हैं कि हमारे भारतीय संस्कृति थी उसका पालन हो रहा है और वह वैसे ही चल रही है वह दूसरा चरण में शादियों का दे सकते कि और ज्यादातर परिवारों में जो शादी होती है वहीं मैसेज के थ्रू होती है जबकि आज का जमाना बहुत ज्यादा बदल चुका है लेकिन हालांकि शादी से पहले लड़का लड़की एक दूसरे से बात करते हैं मिलते हैं और एक दूसरे को जान लेते हैं वह चीज बदलाव आया है हमारे देश में परंतु जो पैसे शादी करने का तरीका होता है वह अरेंज मैरिज होता है और जो शादी के अभी पूरे विधि-विधान होते हैं पूजा होती है वह सब भी वैसी ही है तो चीजों में बदलाव जरूर है लेकिन पूरी तरह से भारतीय संस्कृति भर्ती नहीं है तो मुझे लगता है कि आपको पालन जरूर करना चाहिए परंतु उसके पीछे का डिजाइन भी आपको पता होना चाहिए तभी आप किसी संस्कृति का पालन करेंगे तो वह मान्य होगीHamare Desh Mein Jo Bhartiya Sanskriti Aur Basi Hui Hai Aur Wah Aisa Nahi Hai Ki Log Us Cheez Ko Bhul Rahe Hain Ya Phir Uska Palan Nahi Karen Parantu Kahin Had Tak Us Mein Bahut Pariwartan Aaya Hai Aur Kisi Se Pehle Maarne Hua Karti Thi Wah Aaj Manane Isliye Nahi Ho Rahi Hai Kyonki Cheezen Badal Rahi Hai Aur Chin Environment Ka Ek Requirement Hoti Hai Uska Hona Bahut Zaroori Hai Varana Chijon Ka Aage Padhna Bahut Mushkil Ho Jayega Chijon Mein Accha Hona Bahut Mushkil Ho Jayega To Yahi Wajah Hai Ki Jo Aaj Ke Jeevan Mein Hamari Jo Bhartiya Sanskriti Yahan Thi Unka Puri Tarah Se Palan Nahi Karte Parantu Kuch Sanskriti Aaj Bhi Hai Jiska Palan Aaj Tak Karte Chale Aa Rahe Hain Aur Jyadatar Logon Ko Aap Dekhenge To Wah Cheez Ka Palan Karte Hain Aur Iska Udaharan Le Sakte Hain Ki Wah Bade Jo Apne Ghar Ke Parivar Ke Bade Log Hote Hain Un Sabhi Ko Aap Sabhi Ko Aur Jo Chote Log Hote Hain Parivar Mein Bacche Ho Ya Chote Aur Koi Log Hain Wah Sabhi Unko Aadar Samman Dete Hain Bahut Tamij Se Baat Karna Unke Sanskar Kis Cheez Ki Ab Main Kaise BF Karna Hai Un Logon Ke Samane Yahi Sanskar Mein Batai Jati Hai To Yeh Udaharan Hai Jiske Tahat Aap Bata Sakte Hain Ki Hamare Bhartiya Sanskriti Thi Uska Palan Ho Raha Hai Aur Wah Waise Hi Chal Rahi Hai Wah Doosra Charan Mein Shadiyo Ka De Sakte Ki Aur Jyadatar Parivaro Mein Jo Shadi Hoti Hai Wahin Massage Ke Through Hoti Hai Jabki Aaj Ka Jamana Bahut Jyada Badal Chuka Hai Lekin Halanki Shadi Se Pehle Ladka Ladki Ek Dusre Se Baat Karte Hain Milte Hain Aur Ek Dusre Ko Jaan Lete Hain Wah Cheez Badlav Aaya Hai Hamare Desh Mein Parantu Jo Paise Shadi Karne Ka Tarika Hota Hai Wah Arrange Marriage Hota Hai Aur Jo Shadi Ke Abhi Poore Vidhi Vidhan Hote Hain Puja Hoti Hai Wah Sab Bhi Waisi Hi Hai To Chijon Mein Badlav Jarur Hai Lekin Puri Tarah Se Bhartiya Sanskriti Bharti Nahi Hai To Mujhe Lagta Hai Ki Aapko Palan Jarur Karna Chahiye Parantu Uske Piche Ka Design Bhi Aapko Pata Hona Chahiye Tabhi Aap Kisi Sanskriti Ka Palan Karenge To Wah Manya Hogi
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