शिक्षित युवा पटरियों पर बैठ कर विरोध कर रहे हैं, बहुत सारे लोग इन पर उँगलियाँ उठा रहे हैं, क्या शिक्षा ने कॉमन सेन्स को ख़त्म कर दिया है? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे शिक्षित एवं परिवार बैठ कर रो रो कर रहा है और क्यों ना करें मुझे आप एक बात बताइए पिछले 600 सालों में देखिए सरकार ने एक भी वैकेंसी रेलवे में नहीं निकाली 1 वैकेंसी आपकी रेलवे में यूपीए गवर्नमेंट में...जवाब पढ़िये
लिखे शिक्षित एवं परिवार बैठ कर रो रो कर रहा है और क्यों ना करें मुझे आप एक बात बताइए पिछले 600 सालों में देखिए सरकार ने एक भी वैकेंसी रेलवे में नहीं निकाली 1 वैकेंसी आपकी रेलवे में यूपीए गवर्नमेंट में आई थी वह जाकर इंडियन गवर्मेंट में उसका एग्जाम वगैरह हुआ तो आज भी उसकी जॉइनिंग रोने नहीं दिया तो छात्रों का विरोध तो रहेगा क्योंकि कुछ ऐसे चाहते थे वह केवल उनका रेलवे की जॉब में होता है इसके अलावा किसी जो मैं नहीं होता वह 3004 साल से एक एग्जाम की प्रिपरेशन करें बैटरी रेलवे और अप्रैल में वैकेंसी नहीं निकाली तो कहीं ना कहीं छात्राओं का जो हाल होता है वह डाउन होता है छात्र परेशान होता है नेगेटिव थॉट्स उसके मन में आने लगती है तू और जिस प्रकार चुनाव से पहले आप दो करोड़ रोजगार की बात करते हैं 2 लोगों को रोजगार देने के लायक नहीं हो तो कहीं ना कहीं आप को सत्ता में रहने का भी कोई हक नहीं है तो मुझे लगता है लोगों का जो प्रदर्शन है बिल्कुल जायज है क्योंकि आप चुनाव से पहले वादे करते हुए चुनावों से पहले वोट चुनाव में वोट लेते हो सरकार बनाते हो उसके प्रकार उसके बाद लोगों के लिए वहां के युवाओं के रोजगार देने की दिशा में आपका एक परसेंट कार भी नहीं रहता अब आप मुझे बताइए कि जिस प्रकार देश में बेरोजगारी बढ़ रही है रेलवे में डिपार्टमेंट में आरटीआई लगाई के बीच में पता चला कि बहुत सारे वैकेंसी खाली है लेकिन सरकार जानबूझकर उन पदों को भरना नहीं चाह रही क्योंकि अगर उन पदों को भरे गीत उसी शैली उनको देना पड़ेगा इसलिए एक ही बेटी से 12 बार 18 घंटे कार्य कराया जा रहा है उसके लिए जो एक्स्ट्रा पेमेंट दिया तो ₹5600 दिया जा रहा है तो मुझे बताइए कि छात्रों ने प्रदर्शन करेगा प्रदर्शन करना उसका अधिकार हैLikhe Shikshit Evam Parivar Baith Kar Ro Ro Kar Raha Hai Aur Kyun Na Karen Mujhe Aap Ek Baat Bataiye Pichle 600 Salon Mein Dekhie Sarkar Ne Ek Bhi Vacancy Railway Mein Nahi Nikali 1 Vacancy Aapki Railway Mein UPA Government Mein Eye Thi Wah Jaakar Indian Goverment Mein Uska Exam Vagairah Hua To Aaj Bhi Uski Joining Rone Nahi Diya To Chhatro Ka Virodh To Rahega Kyonki Kuch Aise Chahte The Wah Kewal Unka Railway Ki Job Mein Hota Hai Iske Alava Kisi Jo Main Nahi Hota Wah 3004 Saal Se Ek Exam Ki Preparation Karen Battery Railway Aur April Mein Vacancy Nahi Nikali To Kahin Na Kahin Chhatraon Ka Jo Haal Hota Hai Wah Down Hota Hai Chatra Pareshan Hota Hai Negative Thoughts Uske Man Mein Aane Lagti Hai Tu Aur Jis Prakar Chunav Se Pehle Aap Do Crore Rojgar Ki Baat Karte Hain 2 Logon Ko Rojgar Dene Ke Layak Nahi Ho To Kahin Na Kahin Aap Ko Satta Mein Rehne Ka Bhi Koi Haq Nahi Hai To Mujhe Lagta Hai Logon Ka Jo Pradarshan Hai Bilkul Jayaj Hai Kyonki Aap Chunav Se Pehle Waade Karte Hue Chunavon Se Pehle Vote Chunav Mein Vote Lete Ho Sarkar Banate Ho Uske Prakar Uske Baad Logon Ke Liye Wahan Ke Yuvaon Ke Rojgar Dene Ki Disha Mein Aapka Ek Percent Car Bhi Nahi Rehta Ab Aap Mujhe Bataiye Ki Jis Prakar Desh Mein Berojgari Badh Rahi Hai Railway Mein Department Mein Rti Lagai Ke Beech Mein Pata Chala Ki Bahut Sare Vacancy Khaali Hai Lekin Sarkar Janbujhkar Un Padon Ko Bharna Nahi Chah Rahi Kyonki Agar Un Padon Ko Bhare Geet Ussi Shaili Unko Dena Padega Isliye Ek Hi Beti Se 12 Baar 18 Ghante Karya Karaya Ja Raha Hai Uske Liye Jo Extra Payment Diya To ₹5600 Diya Ja Raha Hai To Mujhe Bataiye Ki Chhatro Ne Pradarshan Karega Pradarshan Karna Uska Adhikaar Hai
Likes  5  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

Similar Questions

More Answers


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

GK भारतीय सिस्टम इतना कर अपडेट हो चुका है कि शिक्षित युवा मजबूर हो गया धरना प्रदर्शन करने के लिए कुछ लोग पटरी पर बैठ रहे हैं तो कुछ लोग SSC के ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं 17 दिनों से आज देश...जवाब पढ़िये
GK भारतीय सिस्टम इतना कर अपडेट हो चुका है कि शिक्षित युवा मजबूर हो गया धरना प्रदर्शन करने के लिए कुछ लोग पटरी पर बैठ रहे हैं तो कुछ लोग SSC के ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं 17 दिनों से आज देश का बहुत बुरा हाल हो चुका है देश के हर अलग-अलग बड़े-बड़े शहरों में स्टूडेंट प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि जो प्रोसीजर है इलेक्शन का उसमें सुधार है और भ्रष्टाचार कम है अभी हमने देखा कि SSC का कितना बुरा हाल है वैकेंसी एक तो आती नहीं है 3 दिन 4000 साल बाद वैकेंसी जाती है रेलवे नौकरी लगने के बाद यह पता चला की वैकेंसी काफी ज्यादा है लेकिन वैकेंसी बिल्कुल नहीं निकल रही है और अगर निकलती भी है तो उसमें इतनी धांधलेबाजी और इतना मैं कल मिलती है सारे पैसे दे दे कल मिल जाती है जिससे अभी हमने देखा ssc cgl के मेन एग्जाम में धांधलेबाजी हुई और फर्जीवाड़ा हुआ तो उसको देखते हुए यह लगता है कि हमारा भारतीय सितम काफी भ्रष्ट है और शिक्षित युवा भोजपुरी जाते इन सब चीजों को देखकर करने करने के लिए तो इसकी काफी ज्यादा जरूरत है और जो वह लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं वह बिल्कुल जायज है लेकिन अगर यह चीज शांतिपूर्ण होती और आम जनता को दिक्कत होती है तो मैं इस चीज का समर्थन नहीं करूंगा इस तरीके से आज रेलवे रिक्रूटमेंट को ऑपरेटिव सेंटेंस की जो छात्राओं ने प्रदर्शन किया और रोक दिया तो यह चीज गलत है अगर यह चीज शांतिपूर्ण की जाए तो मैं इस चीज को समर्थन करता हूं और यह काफी जरूरी है क्योंकि भारतीय सिस्टम बहुत ज्यादा करते हो चुका है और इस पर रोक लगाना बहुत ज्यादा जरूरी है ताकि शिक्षित लोग इतनी मेहनत करते हैं और तेरी पढ़ाई लिखाई करते हैं उनको जॉब मिलनी चाहिए और उनको रोजगार मिलना चाहिए ताकि वह अपनी जिंदगी अच्छे से व्यतीत कर सकें और रह सकेंGK Bhartiya System Itna Kar Update Ho Chuka Hai Ki Shikshit Yuva Majboor Ho Gaya Dharna Pradarshan Karne Ke Liye Kuch Log Patri Par Baith Rahe Hain To Kuch Log SSC Ke Office Ke Samane Dharna Pradarshan Kar Rahe Hain 17 Dinon Se Aaj Desh Ka Bahut Bura Haal Ho Chuka Hai Desh Ke Har Alag Alag Bade Bade Shaharon Mein Student Pradarshan Kar Rahe Hain Aur Maang Kar Rahe Hain Ki Jo Procedure Hai Election Ka Usamen Sudhaar Hai Aur Bhrashtachar Kum Hai Abhi Humne Dekha Ki SSC Ka Kitna Bura Haal Hai Vacancy Ek To Aati Nahi Hai 3 Din 4000 Saal Baad Vacancy Jati Hai Railway Naukri Lagne Ke Baad Yeh Pata Chala Ki Vacancy Kafi Jyada Hai Lekin Vacancy Bilkul Nahi Nikal Rahi Hai Aur Agar Nikalti Bhi Hai To Usamen Itni Dhandhalebaji Aur Itna Main Kal Milti Hai Sare Paise De De Kal Mil Jati Hai Jisse Abhi Humne Dekha Ssc Cgl Ke Main Exam Mein Dhandhalebaji Hui Aur Farjivada Hua To Usko Dekhte Hue Yeh Lagta Hai Ki Hamara Bhartiya Ssitam Kafi Bhrasht Hai Aur Shikshit Yuva Bhojpuri Jaate In Sab Chijon Ko Dekhkar Karne Karne Ke Liye To Iski Kafi Jyada Zaroorat Hai Aur Jo Wah Log Dharna Pradarshan Kar Rahe Hain Wah Bilkul Jayaj Hai Lekin Agar Yeh Cheez Shantipurna Hoti Aur Aam Janta Ko Dikkat Hoti Hai To Main Is Cheez Ka Samarthan Nahi Karunga Is Tarike Se Aaj Railway Recruitment Ko Operative Sentence Ki Jo Chhatraon Ne Pradarshan Kiya Aur Rok Diya To Yeh Cheez Galat Hai Agar Yeh Cheez Shantipurna Ki Jaye To Main Is Cheez Ko Samarthan Karta Hoon Aur Yeh Kafi Zaroori Hai Kyonki Bhartiya System Bahut Jyada Karte Ho Chuka Hai Aur Is Par Rok Lagana Bahut Jyada Zaroori Hai Taki Shikshit Log Itni Mehnat Karte Hain Aur Teri Padhai Likhai Karte Hain Unko Job Milani Chahiye Aur Unko Rojgar Milna Chahiye Taki Wah Apni Zindagi Acche Se Vyatit Kar Saken Aur Rah Saken
Likes  2  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बेरोजगारी से आज का युवा आक्रोश में है वह बेरोजगारी से त्रस्त हो गया है यह समस्या खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है हर बार चुनाव होते हैं और पार्टी भी दावा करती है कि हम बेरोजगारी की समस्या को खत्म कर...जवाब पढ़िये
बेरोजगारी से आज का युवा आक्रोश में है वह बेरोजगारी से त्रस्त हो गया है यह समस्या खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है हर बार चुनाव होते हैं और पार्टी भी दावा करती है कि हम बेरोजगारी की समस्या को खत्म कर देंगे लेकिन ऐसा होता नहीं है इस पर कि जो सरकार थी मोदी सरकार उसने भी युवाओं को यह आश्वासन दिया था लेकिन पिछले 4 सालों में मोदी सरकार भी बेरोजगारी के मामले में इतना कुछ नहीं कर पाई जिसकी युवाओं को उम्मीद थी इसलिए युवाओं को ही कदम उठाना पड़ा और उन्हें यह प्रदर्शन इश्क करना पड़ा कि आज आम जनजीवन उनकी वजह से प्राप्त हुआ है लेकिन मुझे लगता है कहीं ना कहीं इसमें सरकार की भी कमी है जनता की भी कमी है कि आक्रोश इतना बड़ा युवाओं पर बहुत सब्र किया होगा उन्होंने तब जाकर यह कदम उठाया होगा क्योंकि शिक्षा हमारे दिमाग को विस्तृत करती है हमारे सोचने समझने की शक्ति को बढ़ाती है वह हमारे विचारों को संकीर्ण नहीं करती है और इसमें शिक्षा का कोई दोष नहीं है अगर युवाओं ने यह कदम उठाया है तो प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा है कि पिछले 4 सालों से रेलवे में कोई भर्ती नहीं हुई है हम एक जगह से दूसरी जगह जाकर संघर्ष कर रहे हैं अपनी बात रख रहे हैं 10 से ज्यादा छात्र आत्महत्या कर चुके हैं और अब हम नहीं चाहते कि 100 फूट है इसकी हमें यह कदम उठाना पड़ा है और हम अब जब तक यहां से नहीं हटेंगे जब तक की रेल मंत्री पीयूष गोयल खुद आकर हमसे बात नहीं करते हम से नहीं मिलते तो मुझे लगता है कहीं ना कहीं उनका ही कदम सही है उनकी सोच सही है और उनकी मांगती सही है पीयूष गोयल जी को जाना चाहिए उन से रूबरू बात करनी चाहिए और इस समस्या को जल्दी से जल्दी सुलझाना चाहिए तभी यह आक्रोश खत्म होगाBerojgari Se Aaj Ka Yuva Aakrosh Mein Hai Wah Berojgari Se Trast Ho Gaya Hai Yeh Samasya Khatam Hone Ka Naam Hi Nahi Le Rahi Hai Har Baar Chunav Hote Hain Aur Party Bhi Daawa Karti Hai Ki Hum Berojgari Ki Samasya Ko Khatam Kar Denge Lekin Aisa Hota Nahi Hai Is Par Ki Jo Sarkar Thi Modi Sarkar Usne Bhi Yuvaon Ko Yeh Aashvaashan Diya Tha Lekin Pichle 4 Salon Mein Modi Sarkar Bhi Berojgari Ke Mamle Mein Itna Kuch Nahi Kar Payi Jiski Yuvaon Ko Ummid Thi Isliye Yuvaon Ko Hi Kadam Uthaana Pada Aur Unhen Yeh Pradarshan Ishq Karna Pada Ki Aaj Aam Janjivan Unki Wajah Se Prapt Hua Hai Lekin Mujhe Lagta Hai Kahin Na Kahin Isme Sarkar Ki Bhi Kami Hai Janta Ki Bhi Kami Hai Ki Aakrosh Itna Bada Yuvaon Par Bahut Subra Kiya Hoga Unhone Tab Jaakar Yeh Kadam Uthaya Hoga Kyonki Shiksha Hamare Dimag Ko Vistrit Karti Hai Hamare Sochne Samjhne Ki Shakti Ko Badhati Hai Wah Hamare Vicharon Ko Sankirna Nahi Karti Hai Aur Isme Shiksha Ka Koi Dosh Nahi Hai Agar Yuvaon Ne Yeh Kadam Uthaya Hai To Pradarshankari Chhatro Ne Kaha Hai Ki Pichle 4 Salon Se Railway Mein Koi Bharti Nahi Hui Hai Hum Ek Jagah Se Dusri Jagah Jaakar Sangharsh Kar Rahe Hain Apni Baat Rakh Rahe Hain 10 Se Jyada Chatra Aatmahatya Kar Chuke Hain Aur Ab Hum Nahi Chahte Ki 100 Foot Hai Iski Hume Yeh Kadam Uthaana Pada Hai Aur Hum Ab Jab Tak Yahan Se Nahi Hatenge Jab Tak Ki Rail Mantri Piyush Goyal Khud Aakar Humse Baat Nahi Karte Hum Se Nahi Milte To Mujhe Lagta Hai Kahin Na Kahin Unka Hi Kadam Sahi Hai Unki Soch Sahi Hai Aur Unki Mangati Sahi Hai Piyush Goyal Ji Ko Jana Chahiye Un Se Rubru Baat Karni Chahiye Aur Is Samasya Ko Jaldi Se Jaldi Sulajhaana Chahiye Tabhi Yeh Aakrosh Khatam Hoga
Likes  1  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नेहा जो अभी हाल ही में आपको रेलवे भर्ती के लिए जो प्रोसेस चल रहा है उसके विरोध में जो विद्यार्थी है वह रेलवे ट्रैक पर बैठकर फोटोस करें ताकि उनकी मांगे सुनी जाए और जब मैं बिल्कुल भी सही नहीं है जो एजुक...जवाब पढ़िये
नेहा जो अभी हाल ही में आपको रेलवे भर्ती के लिए जो प्रोसेस चल रहा है उसके विरोध में जो विद्यार्थी है वह रेलवे ट्रैक पर बैठकर फोटोस करें ताकि उनकी मांगे सुनी जाए और जब मैं बिल्कुल भी सही नहीं है जो एजुकेटेड लोग शिक्षित युवा है अगर वह किसी पर बैठ कर पढ़ाई लिखाई पर प्रसन्न होते हैं कि ऐसा करना सही है या नहीं पूरा ट्रेन का टाइम शेड्यूल वगैरह डिस्टर्ब करना और किसी हर्बल लाइन जो है लोकल ट्रेन कि वह जो है उसमें बहुत सारे मुंबई करके जो एक दिन की बात की है वह लोग अपना ऐप डाउनलोड करते हैं तो उसको ऐसे डिस्टर्ब करना मैं नहीं समझता कि सही बात है और जरूर आज की डेट में मैं समझता हूं कि जो है कॉमन सेंस खत्म कर दिया है मुझे तो नहीं लगताNeha Jo Abhi Haal Hi Mein Aapko Railway Bharti Ke Liye Jo Process Chal Raha Hai Uske Virodh Mein Jo Vidyarthi Hai Wah Railway Track Par Baithkar Photoss Karen Taki Unki Mange Suni Jaye Aur Jab Main Bilkul Bhi Sahi Nahi Hai Jo Educated Log Shikshit Yuva Hai Agar Wah Kisi Par Baith Kar Padhai Likhai Par Prasann Hote Hain Ki Aisa Karna Sahi Hai Ya Nahi Pura Train Ka Time Schedule Vagairah Disturb Karna Aur Kisi HERBAL Line Jo Hai Local Train Ki Wah Jo Hai Usamen Bahut Sare Mumbai Karke Jo Ek Din Ki Baat Ki Hai Wah Log Apna App Download Karte Hain To Usko Aise Disturb Karna Main Nahi Samajhata Ki Sahi Baat Hai Aur Jarur Aaj Ki Date Mein Main Samajhata Hoon Ki Jo Hai Common Sense Khatam Kar Diya Hai Mujhe To Nahi Lagta
Likes  0  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Shikshit Yuva Patriyon Par Baith Kar Virodh Kar Rahe Hain Bahut Saare Log In Par Ungliyaan Utha Rahe Hain Kya Shiksha Ne Common Sense Ko Khatam Kar Diya Hai, On The Educated Young Tracks, They Are Protesting, Many People Are Raising Fingers On Them, Has Education Ended The Common Sense?

vokalandroid