देश की जाति प्रथा को कैसे खत्म किया जा सकता है ? ...

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देश की जाति प्रथा को खत्म करने के लिए सबसे पहले तो हमें लोगों को एजुकेटेड बनाना होगा या नहीं जब लोग लेटेस्ट होंगे पढ़े लिखे होंगे तभी जाकर उनको एक ही समझ जाएगी कि जो धर्म जाती है उस तरह का विभाजन है व...जवाब पढ़िये
देश की जाति प्रथा को खत्म करने के लिए सबसे पहले तो हमें लोगों को एजुकेटेड बनाना होगा या नहीं जब लोग लेटेस्ट होंगे पढ़े लिखे होंगे तभी जाकर उनको एक ही समझ जाएगी कि जो धर्म जाती है उस तरह का विभाजन है वह लोगों को सिर्फ गलत तरह से बांट रहा है और उसमें कोई भी सही तरीका नहीं है क्योंकि हम सभी लोगों को भगवान ने 1 तरीके का बनाया है तो हम क्यों लोगों को धर्म जाति के नाम पर विभाजित कर रहे हैं तो सबसे पहले लोग सब पढ़े लिखे होंगे तो इस चीज को समझ पाएंगे और जो लोगों को एक दूसरे का आकलन करते हैं वह उनके गुणों पर करें ना कि किसी धर्म या जाति के नाम पर तू इसी वजह से अगर लोग पढ़े लिखे होंगे तो वह चाहती हो और जो जाती है पता चल रही है उसको खत्म कर पाएंगे और कहीं ना कहीं लोगों का जो अच्छी चीजें हैं जो उनके गुण हैं जो उनके आधारित है उस चीज पर हूं उनको आकलन करेंगे और उनको समझेंगे ना क्यों की जाती है उनके धर्म के नाम पर क्योंकि हम देखते हैं कि अगर कोई नीची जाति का होता हमारे देश में या फिर कोई ऐसे धर्म का होता है जैसे कि मुसलमान उनको कहीं ना कहीं हिंदू पसंद नहीं करते और वही मुस्लिम हिंदुओं को पसंद नहीं करते हो मुसलमानों को हिंदू पसंद नहीं करते तो यह कोई बहुत बड़ी विडंबना है मेरे देश की जिसकी वजह से हमारे देश में जो देश की एकता है वह खत्म हो रही है और देश आगे भी नहीं पढ़ पाया क्योंकि हम धर्म और जाति के फेर में इतना फंसे रहते हैं कि हम ऊपर नहीं उठ पाते तो यह जाति प्रथा को खत्म करना है तो सबसे पहले तो लोगों को पढ़ा लिखा और लेटर बनाना होगा उसके बाद वही चीज़ समझ पाएंगे कि जाति प्रथा कोई सही चीज नहीं है और इसको खत्म जल्द से जल्द कर देना चाहिएDesh Ki Jati Pratha Ko Khatam Karne Ke Liye Sabse Pehle To Hume Logon Ko Educated Banana Hoga Ya Nahi Jab Log Latest Honge Padhe Likhe Honge Tabhi Jaakar Unko Ek Hi Samajh Jayegi Ki Jo Dharm Jati Hai Us Tarah Ka Vibhajan Hai Wah Logon Ko Sirf Galat Tarah Se Baant Raha Hai Aur Usamen Koi Bhi Sahi Tarika Nahi Hai Kyonki Hum Sabhi Logon Ko Bhagwan Ne 1 Tarike Ka Banaya Hai To Hum Kyun Logon Ko Dharm Jati Ke Naam Par Vibhajit Kar Rahe Hain To Sabse Pehle Log Sab Padhe Likhe Honge To Is Cheez Ko Samajh Paenge Aur Jo Logon Ko Ek Dusre Ka Aakalan Karte Hain Wah Unke Gunon Par Karen Na Ki Kisi Dharm Ya Jati Ke Naam Par Tu Isi Wajah Se Agar Log Padhe Likhe Honge To Wah Chahti Ho Aur Jo Jati Hai Pata Chal Rahi Hai Usko Khatam Kar Paenge Aur Kahin Na Kahin Logon Ka Jo Acchi Cheezen Hain Jo Unke Gun Hain Jo Unke Aadharit Hai Us Cheez Par Hoon Unko Aakalan Karenge Aur Unko Samjhenge Na Kyun Ki Jati Hai Unke Dharm Ke Naam Par Kyonki Hum Dekhte Hain Ki Agar Koi Nichi Jati Ka Hota Hamare Desh Mein Ya Phir Koi Aise Dharm Ka Hota Hai Jaise Ki Musalman Unko Kahin Na Kahin Hindu Pasand Nahi Karte Aur Wahi Muslim Hinduon Ko Pasand Nahi Karte Ho Musalmano Ko Hindu Pasand Nahi Karte To Yeh Koi Bahut Badi Widambana Hai Mere Desh Ki Jiski Wajah Se Hamare Desh Mein Jo Desh Ki Ekta Hai Wah Khatam Ho Rahi Hai Aur Desh Aage Bhi Nahi Padh Paya Kyonki Hum Dharm Aur Jati Ke Pher Mein Itna Phase Rehte Hain Ki Hum Upar Nahi Uth Paate To Yeh Jati Pratha Ko Khatam Karna Hai To Sabse Pehle To Logon Ko Padha Likha Aur Letter Banana Hoga Uske Baad Wahi Cheese Samajh Paenge Ki Jati Pratha Koi Sahi Cheez Nahi Hai Aur Isko Khatam Jald Se Jald Kar Dena Chahiye
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अगर आप जाति प्रथा खत्म करना चाहते हैं तो सच पहले आप अपने मन से निकाल दीजिए कि जाति क्या होती आप अपने मन से बिल्कुल भूल जाइए की जाति प्रथा नाम की कोई चीज है आप अगर खुद सुधर जाए तो आपकी दोस्ती में आपके ...जवाब पढ़िये
अगर आप जाति प्रथा खत्म करना चाहते हैं तो सच पहले आप अपने मन से निकाल दीजिए कि जाति क्या होती आप अपने मन से बिल्कुल भूल जाइए की जाति प्रथा नाम की कोई चीज है आप अगर खुद सुधर जाए तो आपकी दोस्ती में आपके दोस्त रिश्तेदार साहब सब आपका समाज आपके पड़ोसी सब सुधर जाएंगे फिर देखिए धीरे-धीरे सब समझ जाइए पूरा देश सुधर गए सबसे पहले आप अपने आप को डेवलप निकाल दीजिए तो सब कहते हैं हम सुधरेंगे जग सुधरेगाAgar Aap Jati Pratha Khatam Karna Chahte Hain To Sach Pehle Aap Apne Man Se Nikal Dijiye Ki Jati Kya Hoti Aap Apne Man Se Bilkul Bhul Jaiye Ki Jati Pratha Naam Ki Koi Cheez Hai Aap Agar Khud Sudhar Jaye To Aapki Dosti Mein Aapke Dost Rishtedar Sahab Sab Aapka Samaaj Aapke Padoshi Sab Sudhar Jaenge Phir Dekhie Dhire Dhire Sab Samajh Jaiye Pura Desh Sudhar Gaye Sabse Pehle Aap Apne Aap Ko Develop Nikal Dijiye To Sab Kehte Hain Hum Sudhrenge Jag Sudhrega
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जाति प्रथा हमारे देश के लिए कितना शुभ है मुख्यता जब हिंदू धर्म की बात की जाती है जिसमें लगभग हजारों जातियां हैं जिनमें अक्सर आपसी रंजिश होती रहती है दंगे फसाद होते रहता है अभी देखिए आप मुझे में मामला ...जवाब पढ़िये
जाति प्रथा हमारे देश के लिए कितना शुभ है मुख्यता जब हिंदू धर्म की बात की जाती है जिसमें लगभग हजारों जातियां हैं जिनमें अक्सर आपसी रंजिश होती रहती है दंगे फसाद होते रहता है अभी देखिए आप मुझे में मामला आया था ऐसे ही यूपी में गोरखपुर में ऐसे बहुत सारे मामले अक्षर आते रहे हैं जाति प्रथा को खत्म करना हो तो हमें सबसे पहले उचित शिक्षा नीति चाहिए क्योंकि हमारी शिक्षा नीति कब + जो धार्मिक ज्ञान है जातिगत ज्ञान है उचित ने दिया जाता है यदि दर्शनशास्त्र को अनिवार्य कर दिया जाए शुरुआत से कुछ अच्छे से अनिवार्य कर दी जाए तो मुझे लगता है कि जाति प्रथा यह धार्मिक संघ की हड़ताल खत्म हो जाएगी क्योंकि दर्शनशास्त्र के अंतर्गत हम जातियों की उत्पत्ति धर्म की उत्पत्ति और किस प्रकार से इसके गलत प्रभाव पड़ रहे हैं और क्या उचित है या अनुचित है कितना तारीख है सब चीज का ज्ञान दिया जाता है तो भाई कोई भी छात्र ग्रहण करता है तो अपनी मानसिकता उचित दर पर विकसित कर पाया क्योंकि आजकल हम अक्सर धर्म के जो सन करता है उसे ग्रहण करते रहते हैं और हर दर्द बहुत सारी कमियां लिखी गई है इधर में बहुत से ऐसे धर्म शास्त्री के गया जिसमें जातिवाद को बढ़ावा मिलता है तो मुझे हमें लगता है कि मैं तार्किक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए फिर उसके बाद बात आती है आरक्षण कि यदि जातिगत आरक्षण खत्म किया जाता है तो आरक्षण खत्म हो जाएगा क्योंकि जब तक आरक्षण रहेगा तब तक मुझे लगता है कि यह खत्म होने वाला है आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू कर देना चाहिए तभी मुझे लगता है कि शायद खत्म हो पाएगा और फिर बात आती है जातिसूचक शब्दों की है नहीं तो हम मरने भी यूज़ करते हैं यह जब तक हम सरनेम यूज करते रहेंगे मिश्रा सिंह इत्यादि वर्मा तब तक यह जातिवाद रहेगा तो हमें लगता है कि सच करने में सुनने वाला नहीं चाहिए ऐसे सरनेम का प्रयोग करना चाहिए जिसमें किस जाति को इंगित ना मिलाया धर्म को और डायरेक्शन ना मिले तभी खत्म होने वाला है जिसे केरल की बात कीजिए झांसी की घटना यह जहां एक परिवार ने कांग्रेस परिवार अपने आप को घोषित किया या नहीं किसी जाति धर्म को नहीं मानते हमें लगता है हमें भी इस ओर अग्रसर होना होगा तभी जातिवाद खत्म होगी और हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगाJati Pratha Hamare Desh Ke Liye Kitna Shubha Hai Mukhyata Jab Hindu Dharm Ki Baat Ki Jati Hai Jisme Lagbhag Hajaron Jatiyaan Hain Jinmein Aksar Aapasi Ranjesh Hoti Rehti Hai Denge Fasad Hote Rehta Hai Abhi Dekhie Aap Mujhe Mein Maamla Aaya Tha Aise Hi Up Mein Gorakhpur Mein Aise Bahut Sare Mamle Akshar Aate Rahe Hain Jati Pratha Ko Khatam Karna Ho To Hume Sabse Pehle Uchit Shiksha Niti Chahiye Kyonki Hamari Shiksha Niti Kab + Jo Dharmik Gyaan Hai Jaatigat Gyaan Hai Uchit Ne Diya Jata Hai Yadi Darshanashastra Ko Anivarya Kar Diya Jaye Shuruvat Se Kuch Acche Se Anivarya Kar Di Jaye To Mujhe Lagta Hai Ki Jati Pratha Yeh Dharmik Sangh Ki Hartal Khatam Ho Jayegi Kyonki Darshanashastra Ke Antargat Hum Jaatiyo Ki Utpatti Dharm Ki Utpatti Aur Kis Prakar Se Iske Galat Prabhav Padh Rahe Hain Aur Kya Uchit Hai Ya Anuchit Hai Kitna Tarikh Hai Sab Cheez Ka Gyaan Diya Jata Hai To Bhai Koi Bhi Chatra Grahan Karta Hai To Apni Mansikta Uchit Dar Par Viksit Kar Paya Kyonki Aajkal Hum Aksar Dharm Ke Jo Sun Karta Hai Use Grahan Karte Rehte Hain Aur Har Dard Bahut Saree Kamiyan Likhi Gayi Hai Idhar Mein Bahut Se Aise Dharm Shastri Ke Gaya Jisme Jaatiwad Ko Badhawa Milta Hai To Mujhe Hume Lagta Hai Ki Main Tarkik Gyaan Prapt Karna Chahiye Phir Uske Baad Baat Aati Hai Aarakshan Ki Yadi Jaatigat Aarakshan Khatam Kiya Jata Hai To Aarakshan Khatam Ho Jayega Kyonki Jab Tak Aarakshan Rahega Tab Tak Mujhe Lagta Hai Ki Yeh Khatam Hone Wala Hai Aarthik Aadhar Par Aarakshan Laagu Kar Dena Chahiye Tabhi Mujhe Lagta Hai Ki Shayad Khatam Ho Payega Aur Phir Baat Aati Hai Jatisuchak Shabdon Ki Hai Nahi To Hum Marne Bhi Use Karte Hain Yeh Jab Tak Hum Surname Use Karte Rahenge Mishra Singh Ityadi Verma Tab Tak Yeh Jaatiwad Rahega To Hume Lagta Hai Ki Sach Karne Mein Sunane Wala Nahi Chahiye Aise Surname Ka Prayog Karna Chahiye Jisme Kis Jati Ko Ingit Na Milaya Dharm Ko Aur Direction Na Mile Tabhi Khatam Hone Wala Hai Jise Kerala Ki Baat Kijiye Jhansi Ki Ghatna Yeh Jahan Ek Parivar Ne Congress Parivar Apne Aap Ko Ghoshit Kiya Ya Nahi Kisi Jati Dharm Ko Nahi Manate Hume Lagta Hai Hume Bhi Is Oar Agrasar Hona Hoga Tabhi Jaatiwad Khatam Hogi Aur Hume Apni Mansikta Ko Badalna Hoga
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जाति प्रथा को खत्म करने के लिए सबसे पहले हमें अपने जो अपने विचारों की प्रथा है ना जो हम जो गलत सोचते हैं भेदभाव के बारे में सोचते हैं जाति के आधार पर लोगों को धर्म के आधार पर लोगों को बांटते हैं उनके ...जवाब पढ़िये
जाति प्रथा को खत्म करने के लिए सबसे पहले हमें अपने जो अपने विचारों की प्रथा है ना जो हम जो गलत सोचते हैं भेदभाव के बारे में सोचते हैं जाति के आधार पर लोगों को धर्म के आधार पर लोगों को बांटते हैं उनके उनके बारे में अलग-अलग राय रखते हैं अलग-अलग सोचते हैं यह ठीक है यह ठीक नहीं है यह जाति का यो जाति का है तुम स्टार्टिंग से हम अपनी फैमिली को कैसे कोई फैमिली होती है तो उससे मिलने स्टार्टिंग से शुरुआत से ही ऐसा माहौल बना दिया जाता है कि आप को इस तरह से क्रिएट करना है किसी के प्रति किस जाति के प्रति किस जाति का है तो आप को इस तरीके से रेट करना है और इस जाति का है तो इस तरीके से सेट करना अलग-अलग जाति के आधार पर अलग अलग अलग अलग अलग अलग लिमिट बना दी जाती है हमारे समाज में भी तो तो यह 3 गेंदों पर है आप जो सोचते हैं आपकी जैसी सोच है वैसा ही समझ बनता है फिर समाज से ही देश बनेगा तो फिर देश उसी दिशा में अभी जाएगा जिस दिशा में आप सोच रहे हो कि लोगों को लोग जैसा सोचेंगे वैसा वैसा ही देश तो मेरे साथ से जाति प्रथा को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा है आपकी थिंकिंग बंद हो किसी भी प्रथा को जरूर नहीं की जाती प्रथा को किसी भी गुरुजी पूरी कुरीति को खत्म करने के लिए सबसे पहले हमारे गंदे विचारों की प्रथा को खत्म करना होगा ओके धन्यवादJati Pratha Ko Khatam Karne Ke Liye Sabse Pehle Hume Apne Jo Apne Vicharon Ki Pratha Hai Na Jo Hum Jo Galat Sochte Hain Bhedbhav Ke Baare Mein Sochte Hain Jati Ke Aadhar Par Logon Ko Dharm Ke Aadhar Par Logon Ko Bantate Hain Unke Unke Baare Mein Alag Alag Rai Rakhate Hain Alag Alag Sochte Hain Yeh Theek Hai Yeh Theek Nahi Hai Yeh Jati Ka Yo Jati Ka Hai Tum Starting Se Hum Apni Family Ko Kaise Koi Family Hoti Hai To Usse Milne Starting Se Shuruvat Se Hi Aisa Maahaul Bana Diya Jata Hai Ki Aap Ko Is Tarah Se Create Karna Hai Kisi Ke Prati Kis Jati Ke Prati Kis Jati Ka Hai To Aap Ko Is Tarike Se Rate Karna Hai Aur Is Jati Ka Hai To Is Tarike Se Set Karna Alag Alag Jati Ke Aadhar Par Alag Alag Alag Alag Alag Alag Limit Bana Di Jati Hai Hamare Samaaj Mein Bhi To To Yeh 3 Gendon Par Hai Aap Jo Sochte Hain Aapki Jaisi Soch Hai Waisa Hi Samajh Banta Hai Phir Samaaj Se Hi Desh Banega To Phir Desh Ussi Disha Mein Abhi Jayega Jis Disha Mein Aap Soch Rahe Ho Ki Logon Ko Log Jaisa Sochenge Waisa Waisa Hi Desh To Mere Saath Se Jati Pratha Ko Khatam Karne Ke Liye Sabse Accha Hai Aapki Thinking Band Ho Kisi Bhi Pratha Ko Jarur Nahi Ki Jati Pratha Ko Kisi Bhi Guruji Puri Kuriti Ko Khatam Karne Ke Liye Sabse Pehle Hamare Gande Vicharon Ki Pratha Ko Khatam Karna Hoga Ok Dhanyavad
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