पौधे अपना भोजन कैसे प्राप्त करते हैं ? ...

जिस प्रकार हमें जीने के लिए खाने की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार पेड़ पौधों के भी भोजन की आवश्यकता होती है हमारे पास भोजन के कई साधन है लेकिन पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैं !!!!
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जिस प्रकार हमें जीने के लिए खाने की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार पेड़ पौधों के भी भोजन की आवश्यकता होती है हमारे पास भोजन के कई साधन है लेकिन पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैं !!!!Jis Prakar Hume Jeene Ke Liye Khane Ki Avashyakta Hoti Hai Theek Ussi Prakar Ped Paudho Ke Bhi Bhojan Ki Avashyakta Hoti Hai Hamare Paas Bhojan Ke Kai Sadhan Hai Lekin Ped Paudhe Apna Bhojan Jameen Aur Hawa Se Prapt Karte Hain Vaastav Mein Paudho Ki Jad Ke Sire Reshe Ki Tarah Hote Hain Inhen Root Hair Kehte Hain Yeh Reshe Jameen Se Pani Aur Ghule Khaniz Padarthon Ko Avshoshit Karke Tane Aur Tahniyon Ke Raste Pattiyo Tak Pahuncha Dete Hain Pani Milne Ke Baad Bhojan Banane Ka Karya Pattiyan Karti Hain Pattiyo Mein Hare Rang Ka Suit Mein Paya Jata Hai Jise Cholorophyll Ya Transformer Bhi Kehte Hain Yeh Machino Ke Roop Mein Karya Karte Huye Surya Ke Prakash Se Urja Lekar Pani Hydrogen Aur Carbon Dioxide Ke Carbon Ko Scra Mein Badal Deta Hai Is Kriya Ke Fal Swarup Oxygen Aur Pani Bhi Banta Hai Jinhen Pattiyan Bahar Nikal Dete Scra Stars Ne Badal Kar Pedon Mein Ekatrit Hoti Rehti Hai Khaniz Padarthon Rasaayanik Rasaayanik Kriya Dwara Protein Talliya Dusre Khagh Padarthon Main Badal Jaate Hain In Padarthon Ko Ped Bhojan Ke Roop Mein Apni Vriddhi Ke Liye Prayog Karte Hain Yahi Bhojan Pen Ke Sabhi Bhaagon Mein Kriyaen Chalti Rehti Hain Aur Ped Apna Bhojan Prapt Karte Rehte Hain !!!!
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हम बात करें पौधों की तो दिखाइए तो पौधा जो है अपना मतलब भोजन जो है बैटरी सनलाइट से प्राप्त करते हैं और इसके लाभों के बारे में से किस पौधे के होते सुबह से ऊर्जा एकत्रित करते हैं और उत्पादन करने के लिए प...जवाब पढ़िये
हम बात करें पौधों की तो दिखाइए तो पौधा जो है अपना मतलब भोजन जो है बैटरी सनलाइट से प्राप्त करते हैं और इसके लाभों के बारे में से किस पौधे के होते सुबह से ऊर्जा एकत्रित करते हैं और उत्पादन करने के लिए प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का उपयोग करते हैं तो एक अजीब दास्तां हैHum Baat Karen Paudho Ki To Dikhaaiye To Paudha Jo Hai Apna Matlab Bhojan Jo Hai Battery Sunlight Se Prapt Karte Hain Aur Iske Labhon Ke Baare Mein Se Kis Paudhe Ke Hote Subah Se Urja Ekatrit Karte Hain Aur Utpadan Karne Ke Liye Prakash Sanshleshan Ki Prakriya Mein Carbon Dioxide Aur Pani Ka Upyog Karte Hain To Ek Ajib Dastan Hai
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पौधे अपना भोजन ज्यादा फोटोसिंथेसिस के द्वारा बनाते हैं जिससे प्रकाश संश्लेषण भी कहा जाता है...जवाब पढ़िये
पौधे अपना भोजन ज्यादा फोटोसिंथेसिस के द्वारा बनाते हैं जिससे प्रकाश संश्लेषण भी कहा जाता है
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पौधे अपना भोजन फोटोसिंथेसिस प्रोसेस के द्वारा तैयार करते हैं इसमें वह सूर्य की किरने तथा जो जमीन से पानी होने मिलता है और मिट्टी से जो दूसरे का नेतृत्व मिलते हैं उनको मिला कर अपनी पत्तियों के ऊपर पौधे...जवाब पढ़िये
पौधे अपना भोजन फोटोसिंथेसिस प्रोसेस के द्वारा तैयार करते हैं इसमें वह सूर्य की किरने तथा जो जमीन से पानी होने मिलता है और मिट्टी से जो दूसरे का नेतृत्व मिलते हैं उनको मिला कर अपनी पत्तियों के ऊपर पौधे भोजन तैयार करते हैंPaudhe Apna Bhojan Photosynthesis Process Ke Dwara Taiyaar Karte Hain Isme Wah Surya Ki Kiraney Tatha Jo Jameen Se Pani Hone Milta Hai Aur Mitti Se Jo Dusre Ka Netritva Milte Hain Unko Mila Kar Apni Pattiyo Ke Upar Paudhe Bhojan Taiyaar Karte Hain
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पौधे प्रकाश संश्लेषण क्रिया द्वारा अपना भोजन प्राप्त करने करते हैं। पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैं
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पौधे प्रकाश संश्लेषण क्रिया द्वारा अपना भोजन प्राप्त करने करते हैं। पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैंPaudhe Prakash Sanshleshan Kriya Dwara Apna Bhojan Prapt Karne Karte Hain Ped Paudhe Apna Bhojan Jameen Aur Hawa Se Prapt Karte Hain Vaastav Mein Paudho Ki Jad Ke Sire Reshe Ki Tarah Hote Hain Inhen Root Hair Kehte Hain Yeh Reshe Jameen Se Pani Aur Ghule Khaniz Padarthon Ko Avshoshit Karke Tane Aur Tahniyon Ke Raste Pattiyo Tak Pahuncha Dete Hain Pani Milne Ke Baad Bhojan Banane Ka Karya Pattiyan Karti Hain Pattiyo Mein Hare Rang Ka Suit Mein Paya Jata Hai Jise Cholorophyll Ya Transformer Bhi Kehte Hain Yeh Machino Ke Roop Mein Karya Karte Huye Surya Ke Prakash Se Urja Lekar Pani Hydrogen Aur Carbon Dioxide Ke Carbon Ko Scra Mein Badal Deta Hai Is Kriya Ke Fal Swarup Oxygen Aur Pani Bhi Banta Hai Jinhen Pattiyan Bahar Nikal Dete Scra Stars Ne Badal Kar Pedon Mein Ekatrit Hoti Rehti Hai Khaniz Padarthon Rasaayanik Rasaayanik Kriya Dwara Protein Talliya Dusre Khagh Padarthon Main Badal Jaate Hain In Padarthon Ko Ped Bhojan Ke Roop Mein Apni Vriddhi Ke Liye Prayog Karte Hain Yahi Bhojan Pen Ke Sabhi Bhaagon Mein Kriyaen Chalti Rehti Hain Aur Ped Apna Bhojan Prapt Karte Rehte Hain
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जैसे हमें जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है वैसे ही वनस्पति को जीवित रहने के लिए भी भोजन की आवश्यकता होती है हमारे पास भोजन के कई साधन है लेकिन पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैं।
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जैसे हमें जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है वैसे ही वनस्पति को जीवित रहने के लिए भी भोजन की आवश्यकता होती है हमारे पास भोजन के कई साधन है लेकिन पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैं। Jaise Hume Jeevit Rehne Ke Liye Bhojan Ki Avashyakta Hoti Hai Waise Hi Vanaspati Ko Jeevit Rehne Ke Liye Bhi Bhojan Ki Avashyakta Hoti Hai Hamare Paas Bhojan Ke Kai Sadhan Hai Lekin Ped Paudhe Apna Bhojan Jameen Aur Hawa Se Prapt Karte Hain Vaastav Mein Paudho Ki Jad Ke Sire Reshe Ki Tarah Hote Hain Inhen Root Hair Kehte Hain Yeh Reshe Jameen Se Pani Aur Ghule Khaniz Padarthon Ko Avshoshit Karke Tane Aur Tahniyon Ke Raste Pattiyo Tak Pahuncha Dete Hain Pani Milne Ke Baad Bhojan Banane Ka Karya Pattiyan Karti Hain Pattiyo Mein Hare Rang Ka Suit Mein Paya Jata Hai Jise Cholorophyll Ya Transformer Bhi Kehte Hain Yeh Machino Ke Roop Mein Karya Karte Huye Surya Ke Prakash Se Urja Lekar Pani Hydrogen Aur Carbon Dioxide Ke Carbon Ko Scra Mein Badal Deta Hai Is Kriya Ke Fal Swarup Oxygen Aur Pani Bhi Banta Hai Jinhen Pattiyan Bahar Nikal Dete Scra Stars Ne Badal Kar Pedon Mein Ekatrit Hoti Rehti Hai Khaniz Padarthon Rasaayanik Rasaayanik Kriya Dwara Protein Talliya Dusre Khagh Padarthon Main Badal Jaate Hain In Padarthon Ko Ped Bhojan Ke Roop Mein Apni Vriddhi Ke Liye Prayog Karte Hain Yahi Bhojan Pen Ke Sabhi Bhaagon Mein Kriyaen Chalti Rehti Hain Aur Ped Apna Bhojan Prapt Karte Rehte Hain
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पौधे अपना पत्तियों में भोजन बनाते हैं। पत्तियों में क्लोरोफिल नामक वर्णक होता है, जो पत्तियों को हरा रंग देता है। क्लोरोफिल भोजन बना सकता है जो पौधे सूर्य के प्रकाश से कार्बन डाइऑक्साइड, पानी, पोषक तत्वों और ऊर्जा का उपयोग कर सकते हैं। प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान, पौधे हवा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं।प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान, पौधे हवा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। लोगों और जानवरों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है।
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पौधे अपना पत्तियों में भोजन बनाते हैं। पत्तियों में क्लोरोफिल नामक वर्णक होता है, जो पत्तियों को हरा रंग देता है। क्लोरोफिल भोजन बना सकता है जो पौधे सूर्य के प्रकाश से कार्बन डाइऑक्साइड, पानी, पोषक तत्वों और ऊर्जा का उपयोग कर सकते हैं। प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान, पौधे हवा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं।प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान, पौधे हवा में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। लोगों और जानवरों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है।Paudhe Apna Pattiyo Mein Bhojan Banate Hain Pattiyo Mein Cholorophyll Namak Varnak Hota Hai Jo Pattiyo Ko Hara Rang Deta Hai Cholorophyll Bhojan Bana Sakta Hai Jo Paudhe Surya Ke Prakash Se Carbon Dioxide Pani Poshak Tatwon Aur Urja Ka Upyog Kar Sakte Hain Prakash Sanshleshan Ki Prakriya Ke Dauran Paudhe Hawa Mein Oxygen Chedate Hain Prakash Sanshleshan Ki Prakriya Ke Dauran Paudhe Hawa Mein Oxygen Chedate Hain Logon Aur Jaanvaro Ko Saans Lene Ke Liye Oxygen Ki Zaroorat Hoti Hai
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पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैं
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पेड़ पौधे अपना भोजन जमीन और हवा से प्राप्त करते हैं वास्तव में पौधों की जड़ के सिरे रेशे की तरह होते हैं इन्हें रूट हेयर कहते हैं यह रेशे जमीन से पानी और घुले खनिज पदार्थों को अवशोषित करके तने और टहनियों के रास्ते पत्तियों तक पहुंचा देते हैं पानी मिलने के बाद भोजन बनाने का कार्य पत्तियां करती हैं पत्तियों में हरे रंग का सूट में पाया जाता है जिसे क्लोरोफिल या ट्रांसफार्मर भी कहते हैं यह मशीनों के रूप में कार्य करते हुए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेकर पानी हाइड्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड के कार्बन को सकरा में बदल देता है इस क्रिया के फल स्वरुप ऑक्सीजन और पानी भी बनता है जिन्हें पत्तियां बाहर निकाल देते सकरा स्टार्स ने बदल कर पेड़ों में एकत्रित होती रहती है खनिज पदार्थों रसायनिक रसायनिक क्रिया द्वारा प्रोटीन तेलिया दूसरे खाघ पदार्थों मैं बदल जाते हैं इन पदार्थों को पेड़ भोजन के रूप में अपनी वृद्धि के लिए प्रयोग करते हैं यही भोजन पेन के सभी भागों में क्रियाएं चलती रहती हैं और पेड़ अपना भोजन प्राप्त करते रहते हैंPed Paudhe Apna Bhojan Jameen Aur Hawa Se Prapt Karte Hain Vaastav Mein Paudho Ki Jad Ke Sire Reshe Ki Tarah Hote Hain Inhen Root Hair Kehte Hain Yeh Reshe Jameen Se Pani Aur Ghule Khaniz Padarthon Ko Avshoshit Karke Tane Aur Tahniyon Ke Raste Pattiyo Tak Pahuncha Dete Hain Pani Milne Ke Baad Bhojan Banane Ka Karya Pattiyan Karti Hain Pattiyo Mein Hare Rang Ka Suit Mein Paya Jata Hai Jise Cholorophyll Ya Transformer Bhi Kehte Hain Yeh Machino Ke Roop Mein Karya Karte Huye Surya Ke Prakash Se Urja Lekar Pani Hydrogen Aur Carbon Dioxide Ke Carbon Ko Scra Mein Badal Deta Hai Is Kriya Ke Fal Swarup Oxygen Aur Pani Bhi Banta Hai Jinhen Pattiyan Bahar Nikal Dete Scra Stars Ne Badal Kar Pedon Mein Ekatrit Hoti Rehti Hai Khaniz Padarthon Rasaayanik Rasaayanik Kriya Dwara Protein Talliya Dusre Khagh Padarthon Main Badal Jaate Hain In Padarthon Ko Ped Bhojan Ke Roop Mein Apni Vriddhi Ke Liye Prayog Karte Hain Yahi Bhojan Pen Ke Sabhi Bhaagon Mein Kriyaen Chalti Rehti Hain Aur Ped Apna Bhojan Prapt Karte Rehte Hain
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