बिहार से कौन राज्य अलग हुआ ? ...

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आदित्य पहले बिहार और झारखंड दोनों एक ही राज्य थे और अभी कुछ दिन पहले ही झारखंड का बंटवारा हुआ है बिहार से...
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आदित्य पहले बिहार और झारखंड दोनों एक ही राज्य थे और अभी कुछ दिन पहले ही झारखंड का बंटवारा हुआ है बिहार सेAditya Pehle Bihar Aur Jharkhand Dono Ek Hi Rajya The Aur Abhi Kuch Din Pehle Hi Jharkhand Ka Batwara Hua Hai Bihar Se
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बिहार और उड़ीसा को बंगाल से 22 मार्च 1912 को राजधानी के रूप में अलग किया गया। उड़ीसा सहायक राज्यों सहित कई रियासतें प्रांतीय गवर्नर के अधिकार में थीं। बिहार और उड़ीसा ब्रिटिश भारत का एक प्रांत था जिसमें वर्तमान भारतीय राज्य बिहार, झारखंड और ओडिशा का एक हिस्सा शामिल था। 18 वीं और 19 वीं शताब्दी में, ब्रिटिशों द्वारा प्रदेशों को जीत लिया गया था, और भारत में सबसे बड़ा ब्रिटिश प्रांत बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था। 1756 में बिहार मुगल साम्राज्य के बंगाल सुबा का हिस्सा था जबकि उड़ीसा अलग सुबा था। इलाहाबाद की संधि पर 16 अगस्त 1765 को हस्ताक्षर किए गए थे, मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, दिवंगत सम्राट आलमगीर द्वितीय के बेटे और 22 अक्टूबर को बक्सर की लड़ाई के परिणामस्वरूप, ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट, लॉर्ड क्लाइव के पुत्र थे। 1764. संधि राजनीतिक और संवैधानिक भागीदारी और भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत का प्रतीक है। समझौते की शर्तों के आधार पर, आलम ने ईस्ट इंडिया कंपनी को दीवानी अधिकार, या बंगाल की ओर से बंगाल-बिहार-उड़ीसा के सम्राट की ओर से कर एकत्र करने का अधिकार प्रदान किया। बिहार और उड़ीसा को बंगाल से 22 मार्च 1912 को राजधानी के रूप में पटना से अलग किया गया था। उड़ीसा सहायक राज्यों सहित कई रियासतें प्रांतीय गवर्नर के अधिकार में थीं। 1 अप्रैल 1936 को, प्रांत को बिहार प्रांत (जिसमें वर्तमान बिहार और झारखंड राज्य शामिल हैं) और उड़ीसा प्रांत में विभाजित किया गया था, और ओडिया बोलने वाली रियासतों को पूर्वी राज्यों की एजेंसी के अधिकार में रखा गया था।1912 से 1920 तक, प्रांत में एक लेफ्टिनेंट गवर्नर था, जो प्रांतीय सरकार का प्रमुख था। यह पद 1920 में गवर्नर के लिए अपग्रेड किया गया था, जब इसे भरने के लिए सत्येंद्र प्रसन्ना सिन्हा, 1 बैरन सिन्हा को नियुक्त किया गया था।
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बिहार और उड़ीसा को बंगाल से 22 मार्च 1912 को राजधानी के रूप में अलग किया गया। उड़ीसा सहायक राज्यों सहित कई रियासतें प्रांतीय गवर्नर के अधिकार में थीं। बिहार और उड़ीसा ब्रिटिश भारत का एक प्रांत था जिसमें वर्तमान भारतीय राज्य बिहार, झारखंड और ओडिशा का एक हिस्सा शामिल था। 18 वीं और 19 वीं शताब्दी में, ब्रिटिशों द्वारा प्रदेशों को जीत लिया गया था, और भारत में सबसे बड़ा ब्रिटिश प्रांत बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था। 1756 में बिहार मुगल साम्राज्य के बंगाल सुबा का हिस्सा था जबकि उड़ीसा अलग सुबा था। इलाहाबाद की संधि पर 16 अगस्त 1765 को हस्ताक्षर किए गए थे, मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, दिवंगत सम्राट आलमगीर द्वितीय के बेटे और 22 अक्टूबर को बक्सर की लड़ाई के परिणामस्वरूप, ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट, लॉर्ड क्लाइव के पुत्र थे। 1764. संधि राजनीतिक और संवैधानिक भागीदारी और भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत का प्रतीक है। समझौते की शर्तों के आधार पर, आलम ने ईस्ट इंडिया कंपनी को दीवानी अधिकार, या बंगाल की ओर से बंगाल-बिहार-उड़ीसा के सम्राट की ओर से कर एकत्र करने का अधिकार प्रदान किया। बिहार और उड़ीसा को बंगाल से 22 मार्च 1912 को राजधानी के रूप में पटना से अलग किया गया था। उड़ीसा सहायक राज्यों सहित कई रियासतें प्रांतीय गवर्नर के अधिकार में थीं। 1 अप्रैल 1936 को, प्रांत को बिहार प्रांत (जिसमें वर्तमान बिहार और झारखंड राज्य शामिल हैं) और उड़ीसा प्रांत में विभाजित किया गया था, और ओडिया बोलने वाली रियासतों को पूर्वी राज्यों की एजेंसी के अधिकार में रखा गया था।1912 से 1920 तक, प्रांत में एक लेफ्टिनेंट गवर्नर था, जो प्रांतीय सरकार का प्रमुख था। यह पद 1920 में गवर्नर के लिए अपग्रेड किया गया था, जब इसे भरने के लिए सत्येंद्र प्रसन्ना सिन्हा, 1 बैरन सिन्हा को नियुक्त किया गया था।Bihar Aur Orissa Ko Bengal Se 22 March 1912 Ko Rajdhani Ke Roop Mein Alag Kiya Gaya Orissa Sahaayak Rajyo Sahit Kai Riyasatain Prantiya Governor Ke Adhikaar Mein Thi Bihar Aur Orissa British Bharat Ka Ek Prant Tha Jisme Vartaman Bharatiya Rajya Bihar Jharkhand Aur Odisha Ka Ek Hissa Shaamil Tha 18 Vi Aur 19 Vi Shatabdi Mein Britishon Dwara Pradeshon Ko Jeet Liya Gaya Tha Aur Bharat Mein Sabse Bada British Prant Bengal Presidency Ka Hissa Tha Mein Bihar Mughal Samrajya Ke Bengal CUBA Ka Hissa Tha Jabki Orissa Alag CUBA Tha Allahabad Ki Sandhi Par 16 August 1765 Ko Hastakshar Kiye Gaye The Mughal Samrat Shah Aalam Dvitiya Divangat Samrat Aalamageer Dvitiya Ke Bete Aur 22 October Ko Boxer Ki Ladai Ke Parinaamasvaroop East India Company Ke Robert Lord Clive Ke Putr The 1764. Sandhi Raajnitik Aur Samvaidhanik Bhagidari Aur Bharat Mein British Shasan Ki Shuruvat Ka Pratik Hai Samjhaute Ki Sharton Ke Aadhar Par Aalam Ne East India Company Ko Deewani Adhikaar Ya Bengal Ki Oar Se Bengal Bihar Orissa Ke Samrat Ki Oar Se Kar Ekatarr Karne Ka Adhikaar Pradan Kiya Bihar Aur Orissa Ko Bengal Se 22 March 1912 Ko Rajdhani Ke Roop Mein Patna Se Alag Kiya Gaya Tha Orissa Sahaayak Rajyo Sahit Kai Riyasatain Prantiya Governor Ke Adhikaar Mein Thi April 1936 Ko Prant Ko Bihar Prant Jisme Vartaman Bihar Aur Jharkhand Rajya Shaamil Hain Aur Orissa Prant Mein Vibhajit Kiya Gaya Tha Aur Odia Bolne Wali Riyasato Ko Purvi Rajyo Ki Agency Ke Adhikaar Mein Rakha Gaya Tha Se 1920 Tak Prant Mein Ek Lieutenant Governor Tha Jo Prantiya Sarkar Ka Pramukh Tha Yeh Pad 1920 Mein Governor Ke Liye Upgrade Kiya Gaya Tha Jab Ise Bharne Ke Liye Satyendra Prasanna Sinha 1 Barren Sinha Ko Niyukt Kiya Gaya Tha
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पहले बिहार और झारखंड राज्य एक साथ ही थे | तो बिहार और झारखंड दोनों अलग हुए 15 नवंबर 2000 को | इसके पीछे अलग होने का रीज़न क्या है ? एक रीज़न ये है की दोनों राज्यों के बीच बहुत सारे कल्चरल, पॉलिटिकल, जीयोग्राफिकल, इकोनोमिकल बहुत सारे डिफरेंस है | सबसे पहले जयपाल सिंह मुंडा, जो इंडियन हॉकी के कप्तान थे, और मेंबर ऑफ कंस्टिट्यूट असेम्बली के मेंबर थे | उन्होंने सबसे पहले डिमांड किया था की झारखंड को अलग राज्य घोषित किया जाए, इंडिपेंडेंस से पहले यह जो डिमांड है रिजेक्ट हो गयीथी साइमन कमीशन 1929 के तहत | जब आजादी मिली उस के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने इसे रिजेक्ट किया कि कोई डिवाइड ऑफ़ लैंड नहीं होगा, बिहार झारखंड अलग नहीं होगा | फिर नाइंटिज के टाइम पर शिबू सोरेन जो झारखंड मुक्ति मोर्चा के लीडर थे उन्हें मास मूवमेंट चालू किया कि हमें अलग राज्य चाहिए और फिर बाद में बीजेपी ने भी झारखंड का समर्थन किया, जैसे के छत्तीसगढ़ उत्तराखंड के उन्होंने यह भी किया था बी जे पीने उसे सपोर्ट किया | बिहार रेकग्नाइजेशन बील सन 2000 के तहत प्रेसिडेंट के आर नारायणन ने अप्प्रूव किया की झारखंड अलग राज्य हो जाएगा | तो इस तरह से झारखंड 28 वा राज्य बना इंडिया का और बिहार में भोजपुरी, इंडो-आर्यन लैंग्वेज ज्यादा बोली जाती है झारखंड जो है वहां पर अलग लैंग्वेज बोली जाती है, जैसे की कुरुक यह जो है लैंग्वेज वहां पर, सैंथिली लैंग्वेज जो मुंडा फैमिली है वह इस्तेमाल करते है, तो अलग-अलग लैंग्वेज | वहां पर बहुत सारे झारखंड में अभी 26 से ज्यादा परसेंट ट्राइब्स है.बिहार से ज्यादा ट्राइब्स झारखण्ड में है.
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पहले बिहार और झारखंड राज्य एक साथ ही थे | तो बिहार और झारखंड दोनों अलग हुए 15 नवंबर 2000 को | इसके पीछे अलग होने का रीज़न क्या है ? एक रीज़न ये है की दोनों राज्यों के बीच बहुत सारे कल्चरल, पॉलिटिकल, जीयोग्राफिकल, इकोनोमिकल बहुत सारे डिफरेंस है | सबसे पहले जयपाल सिंह मुंडा, जो इंडियन हॉकी के कप्तान थे, और मेंबर ऑफ कंस्टिट्यूट असेम्बली के मेंबर थे | उन्होंने सबसे पहले डिमांड किया था की झारखंड को अलग राज्य घोषित किया जाए, इंडिपेंडेंस से पहले यह जो डिमांड है रिजेक्ट हो गयीथी साइमन कमीशन 1929 के तहत | जब आजादी मिली उस के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने इसे रिजेक्ट किया कि कोई डिवाइड ऑफ़ लैंड नहीं होगा, बिहार झारखंड अलग नहीं होगा | फिर नाइंटिज के टाइम पर शिबू सोरेन जो झारखंड मुक्ति मोर्चा के लीडर थे उन्हें मास मूवमेंट चालू किया कि हमें अलग राज्य चाहिए और फिर बाद में बीजेपी ने भी झारखंड का समर्थन किया, जैसे के छत्तीसगढ़ उत्तराखंड के उन्होंने यह भी किया था बी जे पीने उसे सपोर्ट किया | बिहार रेकग्नाइजेशन बील सन 2000 के तहत प्रेसिडेंट के आर नारायणन ने अप्प्रूव किया की झारखंड अलग राज्य हो जाएगा | तो इस तरह से झारखंड 28 वा राज्य बना इंडिया का और बिहार में भोजपुरी, इंडो-आर्यन लैंग्वेज ज्यादा बोली जाती है झारखंड जो है वहां पर अलग लैंग्वेज बोली जाती है, जैसे की कुरुक यह जो है लैंग्वेज वहां पर, सैंथिली लैंग्वेज जो मुंडा फैमिली है वह इस्तेमाल करते है, तो अलग-अलग लैंग्वेज | वहां पर बहुत सारे झारखंड में अभी 26 से ज्यादा परसेंट ट्राइब्स है.बिहार से ज्यादा ट्राइब्स झारखण्ड में है.Pehle Bihar Aur Jharkhand Rajya Ek Saath Hi The | To Bihar Aur Jharkhand Dono Alag Huye 15 November 2000 Ko | Iske Piche Alag Hone Ka Reason Kya Hai ? Ek Reason Yeh Hai Ki Dono Rajyo Ke Bich Bahut Sare Cultural Political Jiyografikal Economical Bahut Sare Difference Hai | Sabse Pehle Jaypal Singh Munda Jo Indian Hockey Ke Captain The Aur Member Of Kanstityut Assembly Ke Member The | Unhone Sabse Pehle Demand Kiya Tha Ki Jharkhand Ko Alag Rajya Ghoshit Kiya Jaye Independence Se Pehle Yeh Jo Demand Hai Reject Ho Gayithi Simon Commision 1929 Ke Tahat | Jab Azadi Mili Us Ke Pratham Pradhanmantri Nehru Ne Ise Reject Kiya Ki Koi Divide Of Land Nahi Hoga Bihar Jharkhand Alag Nahi Hoga | Phir Naintij Ke Time Par Shibu Soren Jo Jharkhand Mukti Morcha Ke Leader The Unhen Mass Movement Chalu Kiya Ki Hume Alag Rajya Chahiye Aur Phir Baad Mein Bjp Ne Bhi Jharkhand Ka Samarthan Kiya Jaise Ke Chattisgarh Uttarakhand Ke Unhone Yeh Bhi Kiya Tha Be J Peene Use Support Kiya | Bihar Rekagnaijeshan Bill Sun 2000 Ke Tahat President Ke R Narayanan Ne Appruv Kiya Ki Jharkhand Alag Rajya Ho Jayega | To Is Tarah Se Jharkhand 28 Va Rajya Bana India Ka Aur Bihar Mein Bhojpuri Indo Aaryan Language Zyada Boli Jati Hai Jharkhand Jo Hai Wahan Par Alag Language Boli Jati Hai Jaise Ki Kuruk Yeh Jo Hai Language Wahan Par Sainthili Language Jo Munda Family Hai Wah Istemal Karte Hai To Alag Alag Language | Wahan Par Bahut Sare Jharkhand Mein Abhi 26 Se Zyada Percent Tribs Hai Bihar Se Zyada Tribs Jharkhand Mein Hai
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बिहार से सन् 1936 में ओडिशा और सन् 2000 में झारखण्ड राज्य अलग हुए है। बिहार भारत का एक राज्य है। बिहार की राजधानी पटना है। बिहार के उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखण्ड स्थित है।
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बिहार से सन् 1936 में ओडिशा और सन् 2000 में झारखण्ड राज्य अलग हुए है। बिहार भारत का एक राज्य है। बिहार की राजधानी पटना है। बिहार के उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखण्ड स्थित है। Bihar Se San 1936 Mein Odisha Aur San 2000 Mein Jharkhand Rajya Alag Huye Hai Bihar Bharat Ka Ek Rajya Hai Bihar Ki Rajdhani Patna Hai Bihar Ke Uttar Mein Nepal Purv Mein Paschim Bengal Paschim Mein Uttar Pradesh Aur Dakshin Mein Jharkhand Sthit Hai
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बिहार से 1936 में उड़ीसा राज्य अलग हो गया था | बिहार राज्य की स्थापना दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है | 15 नवम्बर, 2000 को बिहार से झारखंड को भी अलग राज्य बनाया गया था | बिहार से बंगाल भी 22 मार्च 1912 को अलग हुआ था | स्वतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950 में बिहार राज्य का पुनर्गठन हुआ था | क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार भारत का 13 वें सबसे बड़े राज्यों शामिल है |
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बिहार से 1936 में उड़ीसा राज्य अलग हो गया था | बिहार राज्य की स्थापना दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है | 15 नवम्बर, 2000 को बिहार से झारखंड को भी अलग राज्य बनाया गया था | बिहार से बंगाल भी 22 मार्च 1912 को अलग हुआ था | स्वतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950 में बिहार राज्य का पुनर्गठन हुआ था | क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार भारत का 13 वें सबसे बड़े राज्यों शामिल है | Bihar Se 1936 Mein Orissa Rajya Alag Ho Gaya Tha | Bihar Rajya Ki Sthapana Divas Har Saal 22 March Ko Manaya Jata Hai | 15 November 2000 Ko Bihar Se Jharkhand Ko Bhi Alag Rajya Banaya Gaya Tha | Bihar Se Bengal Bhi 22 March 1912 Ko Alag Hua Tha | Swatantra Bharat Mein 26 January 1950 Mein Bihar Rajya Ka Punargathan Hua Tha | Kshetrafal Ki Drishti Se Bihar Bharat Ka 13 Ve Sabse Bade Rajyo Shaamil Hai |
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बिहार का आधुनिक इतिहास 1857 के प्रथम सिपाही विद्रोह में बिहार के बाबू कुंवर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1912 में बंगाल का विभाजन के फलस्वरूप बिहार नाम का राज्य अस्तित्व में आया। 1935 में उड़ीसा इससे अलग कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के चंपारण के विद्रोह को, अंग्रेजों के खिलाफ बगावत फैलाने में अग्रगण्य घटनाओं में से एक गिना जाता है। स्वतंत्रता के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और सन् 2000 में झारखंड राज्य इससे अलग कर दिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन में भी बिहार की गहन भूमिका रही।
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बिहार का आधुनिक इतिहास 1857 के प्रथम सिपाही विद्रोह में बिहार के बाबू कुंवर सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1912 में बंगाल का विभाजन के फलस्वरूप बिहार नाम का राज्य अस्तित्व में आया। 1935 में उड़ीसा इससे अलग कर दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के चंपारण के विद्रोह को, अंग्रेजों के खिलाफ बगावत फैलाने में अग्रगण्य घटनाओं में से एक गिना जाता है। स्वतंत्रता के बाद बिहार का एक और विभाजन हुआ और सन् 2000 में झारखंड राज्य इससे अलग कर दिया गया। भारत छोड़ो आंदोलन में भी बिहार की गहन भूमिका रही। Bihar Ka Aadhunik Itihas 1857 Ke Pratham Sipahi Vidroh Mein Bihar Ke Babu Kunwar Singh Ne Mahatvapurna Bhumika Nibhaai 1912 Mein Bengal Ka Vibhajan Ke Phalswarup Bihar Naam Ka Rajya Astitv Mein Aaya 1935 Mein Orissa Isse Alag Kar Diya Gaya Svatantrata Sangram Ke Dauran Bihar Ke Champaran Ke Vidroh Ko Angrejo Ke Khilaf Bagavat Phailane Mein Agraganya Ghatnaon Mein Se Ek Gina Jata Hai Svatantrata Ke Baad Bihar Ka Ek Aur Vibhajan Hua Aur San 2000 Mein Jharkhand Rajya Isse Alag Kar Diya Gaya Bharat Chhodo Aandolan Mein Bhi Bihar Ki Gahan Bhumika Rahi
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