धर्म का मतलब क्या है? ...

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अगर भारत एक धर्म निरपक्छ देश हैं तोह देश में धर्म के नाम पर नफ़रत का ज़हर क्यों घुला हुआ हैं ? ...

भारत एक बिल्कुल धर्मनिरपेक्ष देश है पर देखा जाए तो भारत में देश धर्म के नाम पर नफरत का जहर क्यों भुला हुआ है इसमें सबसे बड़ा हाथ है यह हमारे पॉलिटिकल पार्टी का पॉलिटिकल पार्टी जो को धन को एक मुद्दा बनजवाब पढ़िये
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क्या आरक्षण धर्म जाति के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर मिलना चाहिए ? ...

आरक्षण हमेशा से विवाद का विषय रहा है जहां तक व्यक्ति राय का सवाल है तो मैं आर्थिक आधार पर आरक्षण की पक्षधर हूं इसलिए कहना चाहूंगी कि काश ऐसा हो पाता आरक्षण की व्यवस्था पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने केजवाब पढ़िये
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धर्म का अर्थ है धर्म का अर्थ है तीर और कुछ नहीं धर्म का अर्थ है मैं मुर्ख नहीं हूं मुझे धर्म का अर्थ इस मैकेनिकल और कंडीशन नहीं है उसके अलावा भी कुछ हूं
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धर्म का अर्थ है धर्म का अर्थ है तीर और कुछ नहीं धर्म का अर्थ है मैं मुर्ख नहीं हूं मुझे धर्म का अर्थ इस मैकेनिकल और कंडीशन नहीं है उसके अलावा भी कुछ हूंDharm Ka Earth Hai Dharm Ka Earth Hai Thir Aur Kuch Nahin Dharm Ka Earth Hai Main Murkh Nahin Hoon Mujhe Dharm Ka Earth Is Maikenikal Aur Kandishan Nahin Hai Uske Alaava Bhi Kuch Hoon
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लिखित धर्म के मायने फिल्म होता है क्या होता है धर्म के मायने जिंदगी होती है धर्म के माने इंसानियत होता है अब इनसे जो मतलब है धर्म का इल्म से मतलब यह है कि धर्म हम को सही और गलत को पहचानने का तरीका सिखाता है धर्म हमको इंसान के के साथ इंसानियत का हक अदा करने का तरीका बताता है धर्म हमको सच बोलना सिखाता है तो यह चीज है धर्म धर्म के अंदर में अगर धर्म नहीं होता तो किताबें नहीं होती ज्ञान नहीं होता और ज्ञान हमको किसी से मिला है ज्ञान हमको धर्म से मिला है और धर्म देने वाला कौन है परमेश्वर है वह परमेश्वर ने ज्ञान को धरती पर उतारा जिसके जरिए हमें ज्ञान मिला यही वह ज्ञान है जिसके जरिए से हम सही और गलत में फैसला कर पाते हैं तो मेरी नजर में धर्म का यही मतलब है
लिखित धर्म के मायने फिल्म होता है क्या होता है धर्म के मायने जिंदगी होती है धर्म के माने इंसानियत होता है अब इनसे जो मतलब है धर्म का इल्म से मतलब यह है कि धर्म हम को सही और गलत को पहचानने का तरीका सिखाता है धर्म हमको इंसान के के साथ इंसानियत का हक अदा करने का तरीका बताता है धर्म हमको सच बोलना सिखाता है तो यह चीज है धर्म धर्म के अंदर में अगर धर्म नहीं होता तो किताबें नहीं होती ज्ञान नहीं होता और ज्ञान हमको किसी से मिला है ज्ञान हमको धर्म से मिला है और धर्म देने वाला कौन है परमेश्वर है वह परमेश्वर ने ज्ञान को धरती पर उतारा जिसके जरिए हमें ज्ञान मिला यही वह ज्ञान है जिसके जरिए से हम सही और गलत में फैसला कर पाते हैं तो मेरी नजर में धर्म का यही मतलब है
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धर्म क्या है धर्म स्वतंत्रता का नाम है धर्म स्वतंत्रता आप कुछ भी कर सके कहीं भी जा सके कहीं भी आ सके कुछ भी कह सकें कहीं भी बोल सके कुछ भी बोल सके कहीं भी रह सके यही धर्म है इसमें कुछ लोग यह कहते हैं कि स्वतंत्रता वैसी जिससे किसी को नुकसान ना हो नहीं हर तरह की स्वतंत्रता यही धर्म धर्म का हिंदू मुस्लिम सिख इसाई से कोई लेना देना नहीं असल में वास्तविकता में 2 धर्म है आज की दुनिया में एक वह जो हकीकत में स्वतंत्रता और दूसरा वह जो लोगों ने बनाया या समय नहीं बनाया है समय के साथ लोगों ने डेवलप किया अब मैं अगर कह रहा हूं कि स्वतंत्रता तो उसके पीछे कारण है वह यह है कि आप भगवान नहीं सभी को रचा है कोई एक है सर्वशक्तिमान है जिसने सबको बनाया जीव-जंतु पेड़ पौधे जानवर बगैरा तो उदाहरण के तौर पर को लीजिए जैसे हम बोलते हैं कि किसी को मारना अधर्म है नहीं शेर हिरण को मारता है तो क्या अब जाकर शेर को कहेंगे कि आप ना प्लीज ऐसा मत करिए ना उसको दर्द होता है उसको मत खाइए और को भगवान ने वैसा ही बनाया है हर किसी को भगवान ने उसके जैसा बनाया अगर कोई आपको मार नहीं आता है तो वह अपना धर्म कर रहे हैं आपको अगर अपने आप को बचाना अपना धर्म करिए धर्म का मतलब सिर्फ और सिर्फ स्वतंत्रता से होता है किसी भी हाल में किसी भी रूप में क्योंकि स्वतंत्रता ही वह चीज है जो भगवान ने सब को दी है और भगवान ने सब को स्वतंत्र बनाया भगवान ने किसी जानवर को पालने के लिए नहीं बनाया कुत्ते को भी आजा घूमने की बिल्ली को भी आजाद घूमने के लिए बताएं तो धर्म मतलब स्वतंत्रता किसी भी सूरत में आशा है कि आपको यह जवाब पसंद है जय हिंद जय भारत
धर्म क्या है धर्म स्वतंत्रता का नाम है धर्म स्वतंत्रता आप कुछ भी कर सके कहीं भी जा सके कहीं भी आ सके कुछ भी कह सकें कहीं भी बोल सके कुछ भी बोल सके कहीं भी रह सके यही धर्म है इसमें कुछ लोग यह कहते हैं कि स्वतंत्रता वैसी जिससे किसी को नुकसान ना हो नहीं हर तरह की स्वतंत्रता यही धर्म धर्म का हिंदू मुस्लिम सिख इसाई से कोई लेना देना नहीं असल में वास्तविकता में 2 धर्म है आज की दुनिया में एक वह जो हकीकत में स्वतंत्रता और दूसरा वह जो लोगों ने बनाया या समय नहीं बनाया है समय के साथ लोगों ने डेवलप किया अब मैं अगर कह रहा हूं कि स्वतंत्रता तो उसके पीछे कारण है वह यह है कि आप भगवान नहीं सभी को रचा है कोई एक है सर्वशक्तिमान है जिसने सबको बनाया जीव-जंतु पेड़ पौधे जानवर बगैरा तो उदाहरण के तौर पर को लीजिए जैसे हम बोलते हैं कि किसी को मारना अधर्म है नहीं शेर हिरण को मारता है तो क्या अब जाकर शेर को कहेंगे कि आप ना प्लीज ऐसा मत करिए ना उसको दर्द होता है उसको मत खाइए और को भगवान ने वैसा ही बनाया है हर किसी को भगवान ने उसके जैसा बनाया अगर कोई आपको मार नहीं आता है तो वह अपना धर्म कर रहे हैं आपको अगर अपने आप को बचाना अपना धर्म करिए धर्म का मतलब सिर्फ और सिर्फ स्वतंत्रता से होता है किसी भी हाल में किसी भी रूप में क्योंकि स्वतंत्रता ही वह चीज है जो भगवान ने सब को दी है और भगवान ने सब को स्वतंत्र बनाया भगवान ने किसी जानवर को पालने के लिए नहीं बनाया कुत्ते को भी आजा घूमने की बिल्ली को भी आजाद घूमने के लिए बताएं तो धर्म मतलब स्वतंत्रता किसी भी सूरत में आशा है कि आपको यह जवाब पसंद है जय हिंद जय भारत
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धर्म का अर्थ है परमात्मा को धारण करना और जो परमात्मा को धारण करता है वह उसके साथ एक हो जाता है इसी तरीके से जूनून भी परमात्मा को धारण करा उस सब को एक धारा में ले आना ही धर्म है बुद्ध ने धारण किया तो बुद्ध धर्म में आ गए जीसस में धारण करा तो जीसस धर्म में आ गए धर्म किसी जाति विशेष का नहीं होता धर्म है यूनिवर्सल परमात्मा को धारण करना धर्म है ब्रह्मांड को धारण करना धर्म का अर्थ है परमात्मा से एक हो जाना किसी विशेष जाति को लेकर नहीं विशेष जाति को लेकर वह समूह होता है धर्म नहीं होता सीखे बहुत-बहुत प्रेम आपको आनंदित रहें खुश रहें और जो जीवन जीने आए हैं वही जीवन जी है ना की जीवन कथा
धर्म का अर्थ है परमात्मा को धारण करना और जो परमात्मा को धारण करता है वह उसके साथ एक हो जाता है इसी तरीके से जूनून भी परमात्मा को धारण करा उस सब को एक धारा में ले आना ही धर्म है बुद्ध ने धारण किया तो बुद्ध धर्म में आ गए जीसस में धारण करा तो जीसस धर्म में आ गए धर्म किसी जाति विशेष का नहीं होता धर्म है यूनिवर्सल परमात्मा को धारण करना धर्म है ब्रह्मांड को धारण करना धर्म का अर्थ है परमात्मा से एक हो जाना किसी विशेष जाति को लेकर नहीं विशेष जाति को लेकर वह समूह होता है धर्म नहीं होता सीखे बहुत-बहुत प्रेम आपको आनंदित रहें खुश रहें और जो जीवन जीने आए हैं वही जीवन जी है ना की जीवन कथा
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सर धर्म का मतलब मत निकालिए सर धर्म का अर्थ समझ ले धर्म का अर्थ है दूसरों की सेवा करना गरीबों की मदद करना असहाय ओं का सा असहाय ओं को सहारा देना और अगर कोई बुरी पश्चिम फंसा हुआ है तो उसकी मदद करना हमेशा लोगों की हेल्प करना और इंसानियत से अपने को ही धर्म कहते हैं यह नहीं कि आप हिंदू हैं तो यह होगा मुस्लिम है तो आप मीट खाएंगे ऐसा किसी भी धर्म में नहीं होता है जीवो पर दया कीजिए और जो आपकी जिंदगी की जो सिद्धांत हैं बस वही धर्म में कुछ भी धर्म नहीं है जिस तरह से आप अपनी लाइफ को जीते हैं और अगर आपको लगता है कि यह मेरे मेरे लिए बहुत अच्छा है मैं जो करता हूं बहुत अच्छा अगर आपकी अंतरात्मा की आवाज देती है तू वही आपके भीतर में आप उसे ही कीजिएगा बस यही कहना चाहूंगा कि इंसानियत से रहिए और सबको प्यार दीजिए प्यार बांट दिए प्यार दीजिए गिव रिस्पेक्ट गिव रिस्पेक्ट रिस्पेक्ट डीसी के साथ जय हिंद
सर धर्म का मतलब मत निकालिए सर धर्म का अर्थ समझ ले धर्म का अर्थ है दूसरों की सेवा करना गरीबों की मदद करना असहाय ओं का सा असहाय ओं को सहारा देना और अगर कोई बुरी पश्चिम फंसा हुआ है तो उसकी मदद करना हमेशा लोगों की हेल्प करना और इंसानियत से अपने को ही धर्म कहते हैं यह नहीं कि आप हिंदू हैं तो यह होगा मुस्लिम है तो आप मीट खाएंगे ऐसा किसी भी धर्म में नहीं होता है जीवो पर दया कीजिए और जो आपकी जिंदगी की जो सिद्धांत हैं बस वही धर्म में कुछ भी धर्म नहीं है जिस तरह से आप अपनी लाइफ को जीते हैं और अगर आपको लगता है कि यह मेरे मेरे लिए बहुत अच्छा है मैं जो करता हूं बहुत अच्छा अगर आपकी अंतरात्मा की आवाज देती है तू वही आपके भीतर में आप उसे ही कीजिएगा बस यही कहना चाहूंगा कि इंसानियत से रहिए और सबको प्यार दीजिए प्यार बांट दिए प्यार दीजिए गिव रिस्पेक्ट गिव रिस्पेक्ट रिस्पेक्ट डीसी के साथ जय हिंद
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धर्म का अर्थ क्या है धर्म क्या है यह सवाल बहुत ही अच्छी दिखे सबसे बड़ी बात यह है कि मैं इस धरती पर क्यों आया हूं सिर्फ कमाने खाने के लिए जी नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं हम इस धरती पर आए हैं लोक कल्याण के लिए लोगों के हित में कुछ करने के लिए आए हैं लोगों की भलाई करने के लिए आए हैं चाहे कोई भी इंसान महापुरुष हो जो धर्म प्रधान हो जाए और गौतम बुध हो गया महावीर हो गए हो क्या श्रीकृष्ण हुए हो जो भी हुए हो आप किसी किसी को भी उठा कर देख सकते हैं और एग्जांपल क्या किया अपने जीवन में लोग कन्या कि लोक कल्याण तू ही कि तू हमारा जो परम धर्म है और लोग कल्याण होना चाहिए हम लोगों को सेवा करने के लिए यहां पर आए हैं ठीक है आशिकी लोग यह भूल चुके हैं कभी आप लोगों को हेल्प करके देखिएगा उसमें जो खुशी मिलेगी जो आपको आनंद मिलेगा वह किसी काम से कई गुना वह छोटी कि वह अपने से होगा तो हमारा परम उद्देश्य परम धर्म है लोक कल्याण लोगों के हित में कुछ करें वही हमारा परम धर्म है
धर्म का अर्थ क्या है धर्म क्या है यह सवाल बहुत ही अच्छी दिखे सबसे बड़ी बात यह है कि मैं इस धरती पर क्यों आया हूं सिर्फ कमाने खाने के लिए जी नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं हम इस धरती पर आए हैं लोक कल्याण के लिए लोगों के हित में कुछ करने के लिए आए हैं लोगों की भलाई करने के लिए आए हैं चाहे कोई भी इंसान महापुरुष हो जो धर्म प्रधान हो जाए और गौतम बुध हो गया महावीर हो गए हो क्या श्रीकृष्ण हुए हो जो भी हुए हो आप किसी किसी को भी उठा कर देख सकते हैं और एग्जांपल क्या किया अपने जीवन में लोग कन्या कि लोक कल्याण तू ही कि तू हमारा जो परम धर्म है और लोग कल्याण होना चाहिए हम लोगों को सेवा करने के लिए यहां पर आए हैं ठीक है आशिकी लोग यह भूल चुके हैं कभी आप लोगों को हेल्प करके देखिएगा उसमें जो खुशी मिलेगी जो आपको आनंद मिलेगा वह किसी काम से कई गुना वह छोटी कि वह अपने से होगा तो हमारा परम उद्देश्य परम धर्म है लोक कल्याण लोगों के हित में कुछ करें वही हमारा परम धर्म है
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देखिए देखिए धर्म शब्द अपने आप में एक बहुत बड़ा शब्द है बहुत से शब्द के लिए जितनी की जाए उतना कम है ना कर पाए हो इसका अंत है इसका कोई पार नहीं है तुम मेरे समझ से अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा दे कोई एक अच्छा इंसान बना उसको एक जिम्मेदारी उसको एक जिम्मेदार नागरिक है और अपने समाज के प्रति परिवार को पूरा बोध और कर्तव्य इसको बोलते हैं करना चाहिए
देखिए देखिए धर्म शब्द अपने आप में एक बहुत बड़ा शब्द है बहुत से शब्द के लिए जितनी की जाए उतना कम है ना कर पाए हो इसका अंत है इसका कोई पार नहीं है तुम मेरे समझ से अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा दे कोई एक अच्छा इंसान बना उसको एक जिम्मेदारी उसको एक जिम्मेदार नागरिक है और अपने समाज के प्रति परिवार को पूरा बोध और कर्तव्य इसको बोलते हैं करना चाहिए
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तरुण से तात्पर्य है जड़ विचारों के साथ में पुष्प उत्पादन किया जाए जिसको माना जाए जिस पर चला जाए वह धर्म में सभी धर्म में से एक से सिद्धांत से भरे हुए सभी धर्म कहते हैं कि सच्चाई के रास्ते पर चलो ईमानदारी से कार्य करो निष्ठा पूर्वक कार्य करो मानवता का हित करो परोपकार की तारीख को सभी धर्म ऐसा कहते तुम मेरे चाचा धर्मों के नामों में अंतर हैं बाकी धर्मों के मूल कर्तव्य मूल विचार है संभवत नहीं किंतु हां आज दुर्भाग्य का विषय है कि हम उसके कारण से विभिन्न धर्मों के क्षणों में पड़े हुए हैं हमने मानता तो बंद कर दी और हम धर्म के जूता नंबरों में अधिक होता है अशिक्षा के कारण यदि किसी भी धर्म के मूल में जाएंगे आप उसका पालन करेंगे तो वहां पर आप यह पाएंगे मानवता के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म में मानव की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म में मानव के प्रति सद्भाव रखे मानवता के प्रति सद्भाव रखे कि हमारा सबसे बड़ा धर्म है उसका मैं पालन करना चाहिए यह मैं एक बात अवश्य करना चाहता हूं देश भक्ति से बढ़कर में किसी धर्म को नहीं मानता मैं किसी जाति को मानता ना मैं किसी अन्य को मानता देशभक्ति अवश्य होनी चाहिए और हम भारत के लोगों को जब विशेष तौर से होना चाहिए क्योंकि मैथिलीशरण गुप्त कभी नहीं यह बात निश्चित रूप से कही है जो भरा नहीं जो भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं वह हृदय नहीं वह पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं देश भक्ति ही सबसे बड़ा धर्म है मैं तो इसी को सबसे बड़ा धर्म मानता हूं
तरुण से तात्पर्य है जड़ विचारों के साथ में पुष्प उत्पादन किया जाए जिसको माना जाए जिस पर चला जाए वह धर्म में सभी धर्म में से एक से सिद्धांत से भरे हुए सभी धर्म कहते हैं कि सच्चाई के रास्ते पर चलो ईमानदारी से कार्य करो निष्ठा पूर्वक कार्य करो मानवता का हित करो परोपकार की तारीख को सभी धर्म ऐसा कहते तुम मेरे चाचा धर्मों के नामों में अंतर हैं बाकी धर्मों के मूल कर्तव्य मूल विचार है संभवत नहीं किंतु हां आज दुर्भाग्य का विषय है कि हम उसके कारण से विभिन्न धर्मों के क्षणों में पड़े हुए हैं हमने मानता तो बंद कर दी और हम धर्म के जूता नंबरों में अधिक होता है अशिक्षा के कारण यदि किसी भी धर्म के मूल में जाएंगे आप उसका पालन करेंगे तो वहां पर आप यह पाएंगे मानवता के लिए कार्य करना ही सबसे बड़ा धर्म में मानव की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म में मानव के प्रति सद्भाव रखे मानवता के प्रति सद्भाव रखे कि हमारा सबसे बड़ा धर्म है उसका मैं पालन करना चाहिए यह मैं एक बात अवश्य करना चाहता हूं देश भक्ति से बढ़कर में किसी धर्म को नहीं मानता मैं किसी जाति को मानता ना मैं किसी अन्य को मानता देशभक्ति अवश्य होनी चाहिए और हम भारत के लोगों को जब विशेष तौर से होना चाहिए क्योंकि मैथिलीशरण गुप्त कभी नहीं यह बात निश्चित रूप से कही है जो भरा नहीं जो भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं वह हृदय नहीं वह पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं देश भक्ति ही सबसे बड़ा धर्म है मैं तो इसी को सबसे बड़ा धर्म मानता हूं
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देखिए धर्म का मतलब होता है वह गुण या क्वालिटी जो धारण करने योग्य है उसे धारण करना चाहिए इसे धर्म कहते हमारे हिंदू धर्म के उदाहरण से समझते हैं जैसे सच बोलना एक अच्छी आदत है पूरे विश्व को हमेशा सदैव सच बोलना चाहिए और यह एक ऐसी चीज है जो सब को धारण करनी चाहिए तो यही हमारा धर्म हुआ कि हम सच बोलें दूसरा उदाहरण लेते एक विद्यार्थी होता है विद्यार्थी का धर्म होता है कर्म होता है कि वह पढ़ाई करे उसकी क्वालिटी होनी चाहिए अच्छे से पढ़ाई करें माता पिता की सेवा करे गुरुजनों का आदर करें यह एक विद्यार्थी का गुण है क्वालिटी है जो उसमें होना ही चाहिए तो इसको जब जो धारण कर लेगा ना तुम बोलेंगे कि हां यह धर्म कर रहा है जैसे चूड़ी ना करना एक अच्छी आदत है तो पूरी दुनिया को यह सब गंदी आदत पर मैं किसी को भी यह गंदी आदत नहीं धारण करनी चाहिए जवाब चोरी नहीं करेंगे तो समझ लीजिए कि आप अपने धर्म को फॉलो किया सिंपल वर्ड्स जो गुण जो क्वालिटी धारण करने योग्य हैं उन्हें धारण कर लेना ही उनको फॉलो करना ही धर्म कहलाता है हमारे हिंदू धर्म में अब दूसरे धर्मों में जाओगे ना तब पता चलेगा कि ट्यूशन कहता है कि वो कहता है कि मुसलमान बनो वरना आपको जन्म जन्म जन्म में डाल देंगे नर्क में डाल देंगे वगैरा-वगैरा इन हमारा धर्म है वह ताकि इंसान बनो मनुष्य को मनुष्य के उस दिन आप सच बोलोगे नहीं करोगे माता-पिता का आदर करो कि गुरुजनों का आदर करो कि पढ़ाई करोगे आगे बढ़ो और समाज को आगे बढ़ाओ के पिन वन टो विश्वम आर्यम जो सरस्वती महर्षि दयानंद सरस्वती जी का जरिया बना रहा है उस पर आप काम करोगे तो यह घर में जो भी good-quality सिंपल बता रहा हूं कि जो भी good-quality अच्छाई धारण करने योग्य है उसे धारण कर लेना ही धर्म कहते हैं आपने मेरा जवाब सुनाएं के लिए धन्यवाद
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देखिए धर्म का मतलब होता है वह गुण या क्वालिटी जो धारण करने योग्य है उसे धारण करना चाहिए इसे धर्म कहते हमारे हिंदू धर्म के उदाहरण से समझते हैं जैसे सच बोलना एक अच्छी आदत है पूरे विश्व को हमेशा सदैव सच बोलना चाहिए और यह एक ऐसी चीज है जो सब को धारण करनी चाहिए तो यही हमारा धर्म हुआ कि हम सच बोलें दूसरा उदाहरण लेते एक विद्यार्थी होता है विद्यार्थी का धर्म होता है कर्म होता है कि वह पढ़ाई करे उसकी क्वालिटी होनी चाहिए अच्छे से पढ़ाई करें माता पिता की सेवा करे गुरुजनों का आदर करें यह एक विद्यार्थी का गुण है क्वालिटी है जो उसमें होना ही चाहिए तो इसको जब जो धारण कर लेगा ना तुम बोलेंगे कि हां यह धर्म कर रहा है जैसे चूड़ी ना करना एक अच्छी आदत है तो पूरी दुनिया को यह सब गंदी आदत पर मैं किसी को भी यह गंदी आदत नहीं धारण करनी चाहिए जवाब चोरी नहीं करेंगे तो समझ लीजिए कि आप अपने धर्म को फॉलो किया सिंपल वर्ड्स जो गुण जो क्वालिटी धारण करने योग्य हैं उन्हें धारण कर लेना ही उनको फॉलो करना ही धर्म कहलाता है हमारे हिंदू धर्म में अब दूसरे धर्मों में जाओगे ना तब पता चलेगा कि ट्यूशन कहता है कि वो कहता है कि मुसलमान बनो वरना आपको जन्म जन्म जन्म में डाल देंगे नर्क में डाल देंगे वगैरा-वगैरा इन हमारा धर्म है वह ताकि इंसान बनो मनुष्य को मनुष्य के उस दिन आप सच बोलोगे नहीं करोगे माता-पिता का आदर करो कि गुरुजनों का आदर करो कि पढ़ाई करोगे आगे बढ़ो और समाज को आगे बढ़ाओ के पिन वन टो विश्वम आर्यम जो सरस्वती महर्षि दयानंद सरस्वती जी का जरिया बना रहा है उस पर आप काम करोगे तो यह घर में जो भी good-quality सिंपल बता रहा हूं कि जो भी good-quality अच्छाई धारण करने योग्य है उसे धारण कर लेना ही धर्म कहते हैं आपने मेरा जवाब सुनाएं के लिए धन्यवादDekhie Dharm Ka Matlab Hota Hai Wah Gun Ya Quality Jo Dharan Karne Yogya Hai Use Dharan Karna Chahiye Ise Dharm Kehte Hamare Hindu Dharm Ke Udaharan Se Samajhte Hain Jaise Sach Bolna Ek Acchi Aadat Hai Poore Vishwa Ko Hamesha Sadaiv Sach Bolna Chahiye Aur Yeh Ek Aisi Cheez Hai Jo Sab Ko Dharan Karni Chahiye To Yahi Hamara Dharm Hua Ki Hum Sach Bolen Doosra Udaharan Lete Ek Vidyarthi Hota Hai Vidyarthi Ka Dharm Hota Hai Karm Hota Hai Ki Wah Padhai Kare Uski Quality Honi Chahiye Acche Se Padhai Karen Mata Pita Ki Seva Kare Gurujanon Ka Aadar Karen Yeh Ek Vidyarthi Ka Gun Hai Quality Hai Jo Usamen Hona Hi Chahiye To Isko Jab Jo Dharan Kar Lega Na Tum Bolenge Ki Haan Yeh Dharm Kar Raha Hai Jaise Chudi Na Karna Ek Acchi Aadat Hai To Puri Duniya Ko Yeh Sab Gandi Aadat Par Main Kisi Ko Bhi Yeh Gandi Aadat Nahi Dharan Karni Chahiye Jawab Chori Nahi Karenge To Samajh Lijiye Ki Aap Apne Dharm Ko Follow Kiya Simple Words Jo Gun Jo Quality Dharan Karne Yogya Hain Unhen Dharan Kar Lena Hi Unko Follow Karna Hi Dharm Kehlata Hai Hamare Hindu Dharm Mein Ab Dusre Dharmon Mein Jaoge Na Tab Pata Chalega Ki Tuition Kahata Hai Ki Vo Kahata Hai Ki Musalman Bano Varana Aapko Janm Janm Janm Mein Dal Denge Nark Mein Dal Denge Vagaira Vagaira In Hamara Dharm Hai Wah Taki Insaan Bano Manushya Ko Manushya Ke Us Din Aap Sach Bologe Nahi Karoge Mata Pita Ka Aadar Karo Ki Gurujanon Ka Aadar Karo Ki Padhai Karoge Aage Badho Aur Samaaj Ko Aage Badhao Ke Pin Van To Vishvam Aryam Jo Saraswati Maharshi Dayanad Saraswati G Ka Jariya Bana Raha Hai Us Par Aap Kaam Karoge To Yeh Ghar Mein Jo Bhi Good-quality Simple Bata Raha Hoon Ki Jo Bhi Good-quality Acchai Dharan Karne Yogya Hai Use Dharan Kar Lena Hi Dharm Kehte Hain Aapne Mera Jawab Sunaen Ke Liye Dhanyavad
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