क्या समय के साथ गाँधी जयंती जैसे राष्ट्रीय दिवस का महत्व कम होते जा रहा है? क्यूँ? ...

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देखे भारत में मुख्य तौर से 32 है राष्ट्रीय दिवस होते हैं एक 15 अगस्त को झुका ली जाए अगर सबसे कम जो है अगर कोई दिन इंपॉर्टेंट है जहां तक सेलिब्रेट करने की बात है तो वह है गांधी जयंती गांधी जयंती के उपल...
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देखे भारत में मुख्य तौर से 32 है राष्ट्रीय दिवस होते हैं एक 15 अगस्त को झुका ली जाए अगर सबसे कम जो है अगर कोई दिन इंपॉर्टेंट है जहां तक सेलिब्रेट करने की बात है तो वह है गांधी जयंती गांधी जयंती के उपलक्ष में कोई भी ऐसा फंक्शन होते हुए नहीं देता हूं जैसा कि और किसी फेस्टिवल में होता है जहां तक पब्लिक पार्टिसिपेशन है वह भी नहीं रहता है क्योंकि बाकी जो फेस्टिवल से होली दीवाली दशहरा इस टाइप की जो फैशनेबल से है उसमें पब्लिक पार्टिसिपेशन रहता है और स्टेट का पार्टिसिपेशन आता 15 अगस्त 26 जनवरी में लेकिन जहां तक गांधी जयंती का है मैं समझता हूं कि यह सिर्फ एक छुट्टी का एक दिल है बाकी इसके अलावा इसमें कोई भी एक्टिविटी नहीं होती है और इसका कारण यह है कि गांधीजी जो है उनके जो विचार हैं मैं समझता हूं कि आज की जो समाज है वह बिल्कुल ही उससे भिन्न रास्ता फॉलो कर रहा है और गांधीजी के विचार पर बिल्कुल वह नहीं चल रहा है और गांधी जी को सब एक धरोहर बनके और उनकी जो मूल भावनाएं हैं जो उनके मूल प्लस होती हैं उनको हमने बहुत पीछे छोड़ दिया हैDekhe Bharat Mein Mukhya Taur Se 32 Hai Rashtriya Divas Hote Hain Ek 15 August Ko Jhuka Lee Jaye Agar Sabse Kam Jo Hai Agar Koi Din Important Hai Jahan Tak Celebrate Karne Ki Baat Hai To Wah Hai Gandhi Jayanti Gandhi Jayanti Ke Uplaksh Mein Koi Bhi Aisa Function Hote Huye Nahi Deta Hoon Jaisa Ki Aur Kisi Festival Mein Hota Hai Jahan Tak Public Participation Hai Wah Bhi Nahi Rehta Hai Kyonki Baki Jo Festival Se Holi Diwali Dussehra Is Type Ki Jo Fashionable Se Hai Usamen Public Participation Rehta Hai Aur State Ka Participation Aata 15 August 26 January Mein Lekin Jahan Tak Gandhi Jayanti Ka Hai Main Samajhata Hoon Ki Yeh Sirf Ek Chutti Ka Ek Dil Hai Baki Iske Alava Isme Koi Bhi Activity Nahi Hoti Hai Aur Iska Kaaran Yeh Hai Ki Gandhiji Jo Hai Unke Jo Vichar Hain Main Samajhata Hoon Ki Aaj Ki Jo Samaaj Hai Wah Bilkul Hi Usse Bhinn Rasta Follow Kar Raha Hai Aur Gandhiji Ke Vichar Par Bilkul Wah Nahi Chal Raha Hai Aur Gandhi G Ko Sab Ek Dharohar Banke Aur Unki Jo Mul Bhavanae Hain Jo Unke Mul Plus Hoti Hain Unko Humne Bahut Piche Chod Diya Hai
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गांधी जयंती जो है यह युवाओं के प्रति गांधी जयंती कार्यक्रम जो है यह उत्साह पूर्ण नहीं रह गया जी की सबसे पहले उस आफ माता चौकिया इंटरनेट है और भी लोग अब जागरूक हो रहे हैं तो युवाओं में गांधी जी का जो वर...
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गांधी जयंती जो है यह युवाओं के प्रति गांधी जयंती कार्यक्रम जो है यह उत्साह पूर्ण नहीं रह गया जी की सबसे पहले उस आफ माता चौकिया इंटरनेट है और भी लोग अब जागरूक हो रहे हैं तो युवाओं में गांधी जी का जो वर्चस्व था मनाने का समय बहुत कम होता जा रहा है मैं कहना चाहता हूं किसी भी सिक्के के दो पहलू होते हैं जरूरी नहीं कि हर चीज अच्छी हो कुछ चीजों में बहुत सारी अच्छाई होती थोड़ी सी बुराई होती है रही गांधी जी की बात तो गांधीजी ने किया कुछ ऐसा तोड़ा उन्होंने गोलमेज सम्मेलन में जो है कुछ गलतियां गांधी जी ने की है अच्छा लग लाइक करिएगा जय हिंद जाएगाGandhi Jayanti Jo Hai Yeh Yuvaon Ke Prati Gandhi Jayanti Karyakram Jo Hai Yeh Utsaah Poorn Nahi Rah Gaya G Ki Sabse Pehle Us Of Mata Chaukiya Internet Hai Aur Bhi Log Ab Jaagruk Ho Rahe Hain To Yuvaon Mein Gandhi G Ka Jo Varchaswa Tha Manane Ka Samay Bahut Kam Hota Ja Raha Hai Main Kehna Chahta Hoon Kisi Bhi Sikke Ke Do Pahaloo Hote Hain Zaroori Nahi Ki Har Cheez Acchi Ho Kuch Chijon Mein Bahut Saree Acchai Hoti Thodi Si Burayi Hoti Hai Rahi Gandhi G Ki Baat To Gandhiji Ne Kiya Kuch Aisa Toda Unhone Golamej Sammelan Mein Jo Hai Kuch Galtiya Gandhi G Ne Ki Hai Accha Lag Like Kariega Jai Hind Jayega
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देखिए इसका सीधा का कारण यह है कि पहले लोग गांधी जी के बारे में कम जानते थे या नहीं जानते थे लेकिन आज जो है सोशल मीडिया इंटरनेट का जमाना है और गांधी जी की अच्छाइयों के साथ साथ लोग उनकी बुराइयां भी लोगो...
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देखिए इसका सीधा का कारण यह है कि पहले लोग गांधी जी के बारे में कम जानते थे या नहीं जानते थे लेकिन आज जो है सोशल मीडिया इंटरनेट का जमाना है और गांधी जी की अच्छाइयों के साथ साथ लोग उनकी बुराइयां भी लोगों को पता चल चुकी हैं ऐसे लोग जो ही गांधी जी की जयंती का जो ऐसे कार्यक्रम है जो पर्व है उसको इग्नोर करते जा रहे हैं उसको मारना नहीं चाहते हैं खासतौर से युवाओं में जो क्रेज है गांधी जी को लेकर ठीक नहीं हैDekhie Iska Sidhaa Ka Kaaran Yeh Hai Ki Pehle Log Gandhi G Ke Bare Mein Kam Jante The Ya Nahi Jante The Lekin Aaj Jo Hai Social Media Internet Ka Jamana Hai Aur Gandhi G Ki Acchhaiyon Ke Saath Saath Log Unki Buraiyan Bhi Logon Ko Pata Chal Chuki Hain Aise Log Jo Hi Gandhi G Ki Jayanti Ka Jo Aise Karyakram Hai Jo Parv Hai Usko Ignore Karte Ja Rahe Hain Usko Maarna Nahi Chahte Hain Khaasataur Se Yuvaon Mein Jo Craze Hai Gandhi G Ko Lekar Theek Nahi Hai
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जी हां समय के साथ गांधी जयंती का महत्व कम होते जा रहा है क्योंकि अभी लोग शेर जिस दिन किसी भी महापुरुष की जयंती होगी या पुण्य तिथि होगी से पूछ उस दिन को छुट्टी के तौर पर देखा जाता है क्योंकि उसके पीछे ...
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जी हां समय के साथ गांधी जयंती का महत्व कम होते जा रहा है क्योंकि अभी लोग शेर जिस दिन किसी भी महापुरुष की जयंती होगी या पुण्य तिथि होगी से पूछ उस दिन को छुट्टी के तौर पर देखा जाता है क्योंकि उसके पीछे का जो जो उनका कार्य जो उनका महत्वपूर्ण कार्य होता है समझ के समझ समझ को सुधारने का उसको महत्व नहीं दिया जाता अभी सिर्फ उस दिन की छुट्टी ध्यान में रखी जाती है इसलिए धीरे धीरे यह छुट्टी छुट्टी छुट्टी बन कर रहेगी गांधी जी को अनेक शिवाजी महाराज कौन है भगत सिंह कौन है बहुत बाद में सब लोग ऐसे भूल जायेंगे सिर्फ उनके नाम नाम रहेंगे सिर्फ़ उन का जॉब कार्ड की जो उन्होंने कार्य किए हैं समाज को सुधारने के लिए समाज में परिवर्तन लाने के लिए किसी को अभी दिखेगा निश्चित सुन उसे उनके नाम सुनेंगे सुनेंगे उनके पीछे का उनका कार्य किसी को भी नहीं समझ में आएगा इसलिए समय के साथ सब कुछ बदल जाएगा गांधी जी कौन थे शिवाजी महाराज कौन थे महत्वपूर्ण जी महाराज कौन है स्वामी विवेकानंद कौन है यह किसी को भी पता नहीं चलेगाG Haan Samay Ke Saath Gandhi Jayanti Ka Mahatva Kam Hote Ja Raha Hai Kyonki Abhi Log Sher Jis Din Kisi Bhi Mahapurush Ki Jayanti Hogi Ya Punya Tithi Hogi Se Pooch Us Din Ko Chutti Ke Taur Par Dekha Jata Hai Kyonki Uske Piche Ka Jo Jo Unka Karya Jo Unka Mahatvapurna Karya Hota Hai Samajh Ke Samajh Samajh Ko Sudhaarne Ka Usko Mahatva Nahi Diya Jata Abhi Sirf Us Din Ki Chutti Dhyan Mein Rakhi Jati Hai Isliye Dhire Dhire Yeh Chutti Chutti Chutti Ban Kar Rahegi Gandhi G Ko Anek Shivaji Maharaj Kaon Hai Bhagat Singh Kaon Hai Bahut Baad Mein Sab Log Aise Bhul Jayenge Sirf Unke Naam Naam Rahenge Sirf Un Ka Job Card Ki Jo Unhone Karya Kiye Hain Samaaj Ko Sudhaarne Ke Liye Samaaj Mein Pariwartan Lane Ke Liye Kisi Ko Abhi Dikhega Nishchit Sun Use Unke Naam Sunenge Sunenge Unke Piche Ka Unka Karya Kisi Ko Bhi Nahi Samajh Mein Aaega Isliye Samay Ke Saath Sab Kuch Badal Jayega Gandhi G Kaon The Shivaji Maharaj Kaon The Mahatvapurna G Maharaj Kaon Hai Swami Vivekananda Kaon Hai Yeh Kisi Ko Bhi Pata Nahi Chalega
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बिल्कुल समय के साथ गांधी जयंती का महत्व दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है इसका कारण जहां तक मुझे लगता है तो लोगों का गांधी जी किस संदर्भ में कम ज्ञान और मीडिया का दुष्प्रचार आज का युवा गांधीजी को नहीं पढ़ना...
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बिल्कुल समय के साथ गांधी जयंती का महत्व दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है इसका कारण जहां तक मुझे लगता है तो लोगों का गांधी जी किस संदर्भ में कम ज्ञान और मीडिया का दुष्प्रचार आज का युवा गांधीजी को नहीं पढ़ना चाहता क्योंकि उस गांधी के बारे में आज मीडिया के द्वारा बुरी बातें भी बताई जा रही है और उनकी वह बातें जो आज पूरा विश्व पा रहा है गांधीवाद उसके बारे में आपको कहीं देखने को नहीं मिलता समय रहते जागरूकता इसी बात से है कि हम सभी को गांधीजी के बारे में पढ़ना चाहिए गांधीवाद को पढ़ना चाहिए क्योंकि गांधीवादी बजरिया है जिससे विश्व शांति स्थापित की जा सकती है नहीं तो उग्रवाद के द्वारा विश्व शांति नहीं स्थापित की जा सकती है एक आदर्श को लेकर इसे हम गांधीवाद क्या सकते हैं उसकी माध्यम से हम समाज का निर्माण कर सकते हैं क्योंकि आज के समाज में गोत्र से जैसे लोगों की जरूरत नहीं है क्योंकि हमें शांति चाहिए क्या दूध बलात्कार नहीं चाहिए तो शांति की स्थापना के लिए गांधीवाद को जानना बेहद जरूरी है और यही आदर्श है जो वैश्विक स्तर पर लोगों को एक कर सकता है लोगों को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ा सकता है मेरी तरफ से आप सभी को गांधी जयंती की बहुत-बहुत बधाइयां और शुभकामनाएंBilkul Samay Ke Saath Gandhi Jayanti Ka Mahatva Din B Din Kam Hota Ja Raha Hai Iska Kaaran Jahan Tak Mujhe Lagta Hai To Logon Ka Gandhi G Kis Sandarbh Mein Kam Gyaan Aur Media Ka Dushprachar Aaj Ka Yuva Gandhiji Ko Nahi Padhna Chahta Kyonki Us Gandhi Ke Bare Mein Aaj Media Ke Dwara Buri Batein Bhi Batai Ja Rahi Hai Aur Unki Wah Batein Jo Aaj Pura Vishwa Pa Raha Hai Gandhivad Uske Bare Mein Aapko Kahin Dekhne Ko Nahi Milta Samay Rehte Jagrukta Isi Baat Se Hai Ki Hum Sabhi Ko Gandhiji Ke Bare Mein Padhna Chahiye Gandhivad Ko Padhna Chahiye Kyonki Gandhiwaadi Bajriya Hai Jisse Vishwa Shanti Sthapit Ki Ja Sakti Hai Nahi To Ugravad Ke Dwara Vishwa Shanti Nahi Sthapit Ki Ja Sakti Hai Ek Adarsh Ko Lekar Ise Hum Gandhivad Kya Sakte Hain Uski Maadhyam Se Hum Samaaj Ka Nirmaan Kar Sakte Hain Kyonki Aaj Ke Samaaj Mein Gotra Se Jaise Logon Ki Zaroorat Nahi Hai Kyonki Hume Shanti Chahiye Kya Dudh Balatkar Nahi Chahiye To Shanti Ki Sthapana Ke Liye Gandhivad Ko Janana Behad Zaroori Hai Aur Yahi Adarsh Hai Jo Vaishvik Sthar Par Logon Ko Ek Kar Sakta Hai Logon Ko Satya Aur Ahinsha Ka Path Padha Sakta Hai Meri Taraf Se Aap Sabhi Ko Gandhi Jayanti Ki Bahut Bahut Badhaiyan Aur Subhkamnaayain
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देखिए गांधी जयंती जैसी राष्ट्रीय दिवस का महत्व कम होना इसका सर्वप्रथम कारण है कि लोग गांधीवादी जो गांधीवादी विचार थे लोग उनसे भरे जा चुके हैं और लोगों ने गांधीजी के विचार को कहीं ना कहीं गांधी जी के व...
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देखिए गांधी जयंती जैसी राष्ट्रीय दिवस का महत्व कम होना इसका सर्वप्रथम कारण है कि लोग गांधीवादी जो गांधीवादी विचार थे लोग उनसे भरे जा चुके हैं और लोगों ने गांधीजी के विचार को कहीं ना कहीं गांधी जी के विचारों को अलग भी किया गया कि गांधी जी के पुराने विचार सारे गांधी जी से अभी जो आज का भारतीय यूथ है इंडिया न्यूज़ है वह भगत सिंह जैसे लोगों से ज्यादा इंस्पायरर होता है सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों से ज्यादा इंस्पायर होता है ना कि महात्मा गांधी गांधी सोच को वह उतना उतना अपन विद नहीं देता है जितना कि वह शहीद भगतसिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे शहीदों को देता है क्योंकि दिखी शहीद और महात्मा गांधी दो अलग-अलग चीजें हैं महात्मा गांधी का भी अपना योगदान है किंतु जो युवा है वह लगभग लगभग शहीदों को पत्र जैसा कि आपने देखा और गाड़ियों पर लोग भगत सिंह की फोटो लगाते हैं तो लोगों को जो सही दी थी कहीं ना कहीं उसके आगे महात्मा गांधी की जो विचार थे जिस तरह से उनके कार्यकाल था वह लोगों को काफी कम पसंद आते हैं और लोग शहीदों से ज्यादा इंस्पायरर होते हैं इसलिए कहीं ना कहीं एक कारण बना है कि महात्मा गांधी का यह जो सेकंड अक्टूबर है कहीं ना कहीं एक छुट्टी का दिन बन कर रह चुका है और बाकी यहां पर कोई ऐसा वैसे इस कुछ होता नहीं परंतु जो भारत की सरकार है नरेंद्र मोदी सरकार इस ने इस बार 2 अक्टूबर पर बहुत ही ज्यादा कार्यशैली भाग्य स्वस्थ अभियान जैसी कई मिशन चालू किए हैं और 2 अक्टूबर को काफी मनु विद बनाया है और 2 अक्टूबर को यादगार बनाने की पूरी कोशिश की है लेकिन हां कहीं ना कहीं यह कह सकते हैं आप की राष्ट्रीय दिवस के रूप में जो महात्मा गांधी जयंती पहले मनाई जाती थी उसका उसके उपलब्धता कम हुई और उसका यही सबसे मेन रीजन है कि लोग सरदार भगत सिंह जैसीDekhie Gandhi Jayanti Jaisi Rashtriya Divas Ka Mahatva Kam Hona Iska Sarvapratham Kaaran Hai Ki Log Gandhiwaadi Jo Gandhiwaadi Vichar The Log Unse Bhare Ja Chuke Hain Aur Logon Ne Gandhiji Ke Vichar Ko Kahin Na Kahin Gandhi G Ke Vicharon Ko Alag Bhi Kiya Gaya Ki Gandhi G Ke Purane Vichar Sare Gandhi G Se Abhi Jo Aaj Ka Bharatiya Youth Hai India News Hai Wah Bhagat Singh Jaise Logon Se Zyada Inspayarar Hota Hai Subhash Chandra Bose Jaise Logon Se Zyada Inspire Hota Hai Na Ki Mahatma Gandhi Gandhi Soch Ko Wah Utana Utana Apan Vid Nahi Deta Hai Jitna Ki Wah Shahid BhagatSingh Aur Subhash Chandra Bose Jaise Shahido Ko Deta Hai Kyonki Dikhi Shahid Aur Mahatma Gandhi Do Alag Alag Cheezen Hain Mahatma Gandhi Ka Bhi Apna Yogdan Hai Kintu Jo Yuva Hai Wah Lagbhag Lagbhag Shahido Ko Patra Jaisa Ki Aapne Dekha Aur Gadiyon Par Log Bhagat Singh Ki Photo Lagate Hain To Logon Ko Jo Sahi Di Thi Kahin Na Kahin Uske Aage Mahatma Gandhi Ki Jo Vichar The Jis Tarah Se Unke Karyakal Tha Wah Logon Ko Kafi Kam Pasand Aate Hain Aur Log Shahido Se Zyada Inspayarar Hote Hain Isliye Kahin Na Kahin Ek Kaaran Bana Hai Ki Mahatma Gandhi Ka Yeh Jo Second October Hai Kahin Na Kahin Ek Chutti Ka Din Ban Kar Rah Chuka Hai Aur Baki Yahan Par Koi Aisa Waise Is Kuch Hota Nahi Parantu Jo Bharat Ki Sarkar Hai Narendra Modi Sarkar Is Ne Is Baar 2 October Par Bahut Hi Zyada Karyashaili Bhagya Swasth Abhiyan Jaisi Kai Mission Chalu Kiye Hain Aur 2 October Ko Kafi Manu Vid Banaya Hai Aur 2 October Ko Yaadgaar Banane Ki Puri Koshish Ki Hai Lekin Haan Kahin Na Kahin Yeh Keh Sakte Hain Aap Ki Rashtriya Divas Ke Roop Mein Jo Mahatma Gandhi Jayanti Pehle Manai Jati Thi Uska Uske Upalabdhata Kam Hui Aur Uska Yahi Sabse Main Reason Hai Ki Log Sardar Bhagat Singh Jaisi
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ऐसा नहीं है कि बहुत ज्यादा बदलाव आए लेकिन जब कोई दिवस मंच से मनाया जाता है ह्रदय से मनाया जाता है तो उसके उत्साह और उसके महत्व में किसी भी तरह की कमी नहीं होती शासकीय तौर पर गांधी जयंती मनाना और सुझ...
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ऐसा नहीं है कि बहुत ज्यादा बदलाव आए लेकिन जब कोई दिवस मंच से मनाया जाता है ह्रदय से मनाया जाता है तो उसके उत्साह और उसके महत्व में किसी भी तरह की कमी नहीं होती शासकीय तौर पर गांधी जयंती मनाना और सुझाव आत्मक तरीके से गांधी जयंती मनाना अलग अलग मुद्दा है गांधी को समझ के गांधी जयंती मनाई जाए गांधी के बारे में सोचकर गांधी जयंती मनाई जाए अहिंसा के मायने समझे जाएं और गांधी के कार्यकाल को जीवन काल को जमा करें नकारात्मक दृष्टि से पोट्रेट करने वाले लोगों को भी समझा जाए कि वह ऐसा क्यों करते हैं सब आप सार्थक रूप से गांधी जयंती मना सकते हैं बापू शाहरुख खालिक है गांधी सर्वकालिक है वरना आज हम उन देशों की तरह होते हैं जो गृह युद्ध और अंतर कने से जूझ रहे हैं इसके उदाहरण बहुत सारे मुस्लिम राष्ट्र है जहां आंतरिक कलह सिम सबसे शिखर पर हैAisa Nahi Hai Ki Bahut Zyada Badlav Aaye Lekin Jab Koi Divas Manch Se Manaya Jata Hai Hriday Se Manaya Jata Hai To Uske Utsaah Aur Uske Mahatva Mein Kisi Bhi Tarah Ki Kami Nahi Hoti Shaaskiya Taur Par Gandhi Jayanti Manana Aur Sujhaav Atmak Tarike Se Gandhi Jayanti Manana Alag Alag Mudda Hai Gandhi Ko Samajh Ke Gandhi Jayanti Manai Jaye Gandhi Ke Bare Mein Sochkar Gandhi Jayanti Manai Jaye Ahinsha Ke Maayne Samjhe Jayen Aur Gandhi Ke Karyakal Ko Jeevan Kaal Ko Jama Karen Nakaratmak Drishti Se Potret Karne Wali Logon Ko Bhi Samjha Jaye Ki Wah Aisa Kyon Karte Hain Sab Aap Sarthak Roop Se Gandhi Jayanti Mana Sakte Hain Bapu Shahrukh Khalik Hai Gandhi Sarvakalik Hai Varana Aaj Hum Un Deshon Ki Tarah Hote Hain Jo Grah Yudh Aur Antar Kane Se Joojh Rahe Hain Iske Udaharan Bahut Sare Muslim Rashtra Hai Jahan Aantarik Kalah Sim Sabse Shikhar Par Hai
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मेरे साथी की हां बिल्कुल ऐसा हो रहा है कि जैसे जैसे दिन बीते जा रहे साल बीते जा रहे जैसे महात्मा गांधी ने कितना बलिदान दिया हमारे देश को आजाद करने में तू उनके जन्मदिन पर जो गांधी जयंती को बिल्कुल कम ह...
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मेरे साथी की हां बिल्कुल ऐसा हो रहा है कि जैसे जैसे दिन बीते जा रहे साल बीते जा रहे जैसे महात्मा गांधी ने कितना बलिदान दिया हमारे देश को आजाद करने में तू उनके जन्मदिन पर जो गांधी जयंती को बिल्कुल कम होते जा रहा है और अभी जो नई जनरेशन आती है जो नहीं होती है देश को आजादी दिलाने के लिए तू किस हद तक गुजरने किस हद से गुजर है उन्होंने क्या-क्या किया इसके लिए उन्होंने क्या-क्या असली चेला है इसका बिल्कुल अंदाजा नहीं होता है इस कारण लोगों के बीच में जो गांधी जयंती का महत्व को घटा जा रहा है और आजकल ऐसा भी हो रहा की बहुत सारी स्कूल से लौटने उनमें गांधी जयंती की जो है वह छुट्टी भी नहीं दी जा रही है तो यह भी बहुत शर्मनाक चीज है कि इंसान ने जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश को आजादी दिलाने में लगा दी उनके लिए इस साल में सिर्फ 1 दिन की छुट्टी भी वह भी नहीं दी जा रही है और ऐसा कहते कि गांधी जयंती को जो है वह इंसर्ट डिस्क आरोपी बनाया जाता है जिस दिन पर आईडी भी होता लेकिन आप देखेंगे तो इलीगली उस दिन भी बहुत सारी चीजें ऐसी की शराब की दुकान है और जो चिकन जिसमें ऐसा नहीं करनी चाहिए जो चिकन समन है उनको शॉप खुला रहता है पुलिस में भी असमर्थ होती है यह सब बंद करवाना हो तो यह बिल्कुल ही गलत हो मेरे साथ एक यहां जो वैल्यू घट रही है लेकिन होना ही चाहिए ऐसाMere Sathi Ki Haan Bilkul Aisa Ho Raha Hai Ki Jaise Jaise Din Bitte Ja Rahe Saal Bitte Ja Rahe Jaise Mahatma Gandhi Ne Kitna Balidaan Diya Hamare Desh Ko Azad Karne Mein Tu Unke Janamdin Par Jo Gandhi Jayanti Ko Bilkul Kam Hote Ja Raha Hai Aur Abhi Jo Nayi Generation Aati Hai Jo Nahi Hoti Hai Desh Ko Azadi Dilaane Ke Liye Tu Kis Had Tak Gujarne Kis Had Se Gujar Hai Unhone Kya Kya Kiya Iske Liye Unhone Kya Kya Asli Chela Hai Iska Bilkul Andaja Nahi Hota Hai Is Kaaran Logon Ke Bich Mein Jo Gandhi Jayanti Ka Mahatva Ko Ghata Ja Raha Hai Aur Aajkal Aisa Bhi Ho Raha Ki Bahut Saree School Se Lautane Unmen Gandhi Jayanti Ki Jo Hai Wah Chutti Bhi Nahi Di Ja Rahi Hai To Yeh Bhi Bahut Sharmnaak Cheez Hai Ki Insaan Ne Jinhone Apni Puri Zindagi Desh Ko Azadi Dilaane Mein Laga Di Unke Liye Is Saal Mein Sirf 1 Din Ki Chutti Bhi Wah Bhi Nahi Di Ja Rahi Hai Aur Aisa Kehte Ki Gandhi Jayanti Ko Jo Hai Wah Insert Disk Aaropi Banaya Jata Hai Jis Din Par Id Bhi Hota Lekin Aap Dekhenge To Iligali Us Din Bhi Bahut Saree Cheezen Aisi Ki Sharab Ki Dukan Hai Aur Jo Chicken Jisme Aisa Nahi Karni Chahiye Jo Chicken Samane Hai Unko Shop Khula Rehta Hai Police Mein Bhi Asamarth Hoti Hai Yeh Sab Band Karwana Ho To Yeh Bilkul Hi Galat Ho Mere Saath Ek Yahan Jo Value Ghat Rahi Hai Lekin Hona Hi Chahiye Aisa
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जैसे कि प्रश्न है कि समय के साथ-साथ गांधी जयंती जैसा कि राष्ट्रीय दिवस के तौर पर हम बनाते हैं उसकी महत्व उसका जो महकता है वह कहीं न कहीं कम हो रहा है क्या यह मुझे नहीं लगता कि इस तरह की चीजें हैं क्यो...
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जैसे कि प्रश्न है कि समय के साथ-साथ गांधी जयंती जैसा कि राष्ट्रीय दिवस के तौर पर हम बनाते हैं उसकी महत्व उसका जो महकता है वह कहीं न कहीं कम हो रहा है क्या यह मुझे नहीं लगता कि इस तरह की चीजें हैं क्योंकि क्योंकि हम हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी का जन्मदिन जो कि महात्मा गांधी जबकि फादर ऑफ नेशन के नाम से जाने जाते हैं हर साल मनाते हैं और यह इसलिए मनाते हैं ताकि जो उनकी महत्वता है उन्होंने देश के लिए जो बलिदान दिया है जो उनके गुण थे उनको याद रखा जाए और उसको कहीं ना कहीं अमल किया जाए तू नासूर होलीडे हम सेलिब्रेट ही इसलिए करते हैं जहां तक महत्वता है तो मत बता सब के लिए जो लोग इस को फॉलो करते हैं जो लोग को इसकी अहमियत पता है उनके लिए और उसकी कभी कम नहीं होगा लेकिन जो लोग नहीं करते हैं उनके लिए आज क्या पहले भी क्या हर वक्त ऐसे ही था तो आजकल के समय ऐसा नहीं कि आजकल के समय में इनकी जोक्स कॉटन से वह कम हो रहा है यह मनाया जाता है और यह बचपन से पढ़ा जाता है कि 9:00 क्या बलिदान दिया और यह 2 अक्टूबर को उनके गांधी उनका जन्मदिन है तो उस के शुभ अवसर पर पूरा राष्ट्र जो है इसे बनाता है तो इसकी मां तू तो इसकी इंर्पोटेंस कम नहीं हो रही है मेरे ख्याल सेJaise Ki Prashna Hai Ki Samay Ke Saath Saath Gandhi Jayanti Jaisa Ki Rashtriya Divas Ke Taur Par Hum Banate Hain Uski Mahatva Uska Jo Mahakata Hai Wah Kahin N Kahin Kam Ho Raha Hai Kya Yeh Mujhe Nahi Lagta Ki Is Tarah Ki Cheezen Hain Kyonki Kyonki Hum Har Saal 2 October Ko Mahatma Gandhi Ka Janamdin Jo Ki Mahatma Gandhi Jabki Father Of Nation Ke Naam Se Jaane Jaate Hain Har Saal Manate Hain Aur Yeh Isliye Manate Hain Taki Jo Unki Mahatvata Hai Unhone Desh Ke Liye Jo Balidaan Diya Hai Jo Unke Gun The Unko Yaad Rakha Jaye Aur Usko Kahin Na Kahin Amal Kiya Jaye Tu Nasur Holiday Hum Celebrate Hi Isliye Karte Hain Jahan Tak Mahatvata Hai To Mat Bata Sab Ke Liye Jo Log Is Ko Follow Karte Hain Jo Log Ko Iski Ahamiyat Pata Hai Unke Liye Aur Uski Kabhi Kam Nahi Hoga Lekin Jo Log Nahi Karte Hain Unke Liye Aaj Kya Pehle Bhi Kya Har Waqt Aise Hi Tha To Aajkal Ke Samay Aisa Nahi Ki Aajkal Ke Samay Mein Inki Jokes Cotton Se Wah Kam Ho Raha Hai Yeh Manaya Jata Hai Aur Yeh Bachpan Se Padha Jata Hai Ki 9:00 Kya Balidaan Diya Aur Yeh 2 October Ko Unke Gandhi Unka Janamdin Hai To Us Ke Shubha Avsar Par Pura Rashtra Jo Hai Ise Banata Hai To Iski Maa Tu To Iski Inrpotens Kam Nahi Ho Rahi Hai Mere Khayal Se
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