चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर आप भक्ति की अवधारणा देखेंगे भक्ति ऐसे कंसेप्ट देखेंगे क्योंकि भक्ति कोई नई चीज नहीं है सनातन धर्म में अफीम भारत में ही बोल दीजिए भक्ति जो मार्ग है यह सन मुझे लगता 800 से चला आ रहा है 800 में...
जवाब पढ़िये
देखिए अगर आप भक्ति की अवधारणा देखेंगे भक्ति ऐसे कंसेप्ट देखेंगे क्योंकि भक्ति कोई नई चीज नहीं है सनातन धर्म में अफीम भारत में ही बोल दीजिए भक्ति जो मार्ग है यह सन मुझे लगता 800 से चला आ रहा है 800 में दक्षिण भारत में प्रारंभ हुआ और यह मध्यकालीन भारत में मध्य कालीन समय तकिए उत्तर भारत में पहुंच गया था जैसे मीराबाई तुलसीदास सूरदास यह सब रविदास यह सब प्रमुख भक्त कर जाते हैं तो भक्ति अगर एक अवधारणा की तरह दिखाई जाए तो उसके अंदर एक-एक अंदर एक कंसेप्ट है उसके जो होता है समर्पण तो आप जो समर्पण कर रहे हैं पूर्ण समर्पण भगवान के पैरों में पूर्ण समर्पण समर्पण जवाब कर रहे हैं तो तब प्रश्न और उत्तर का संबंध रहता ही नहीं है तो जहां तक सीधे भगवान के आगे समयDekhie Agar Aap Bhakti Ki Awdharna Dekhenge Bhakti Aise Kansept Dekhenge Kyonki Bhakti Koi Nayi Cheez Nahi Hai Sanatan Dharm Mein Afim Bharat Mein Hi Bol Dijiye Bhakti Jo Marg Hai Yeh Sun Mujhe Lagta 800 Se Chala Aa Raha Hai 800 Mein Dakshin Bharat Mein Prarambh Hua Aur Yeh Madhyakalin Bharat Mein Madhya Kaleen Samay Takiye Uttar Bharat Mein Pahunch Gaya Tha Jaise Mirabai Tulsidas Surdas Yeh Sab Ravidas Yeh Sab Pramukh Bhakt Kar Jaate Hain To Bhakti Agar Ek Awdharna Ki Tarah Dikhai Jaye To Uske Andar Ek Ek Andar Ek Kansept Hai Uske Jo Hota Hai Samarpan To Aap Jo Samarpan Kar Rahe Hain Poorn Samarpan Bhagwan Ke Pairon Mein Poorn Samarpan Samarpan Jawab Kar Rahe Hain To Tab Prashna Aur Uttar Ka Sambandh Rehta Hi Nahi Hai To Jahan Tak Seedhe Bhagwan Ke Aage Samay
Likes  0  Dislikes
WhatsApp_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

Similar Questions

More Answers


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हंस बोल सकते हैं कभी-कभी जो भक्त है अभी कुरान देगी तो डिलीट कर दूंगा तो अंधा धुंध विश्वास कर लेते हैं लोगों पर उसकी जो उसके जो फायदे हैं जो ढोंगी हंसारी की बात नहीं करो जो भी ढोंगी बाबा जय इस तरह के ज...
जवाब पढ़िये
हंस बोल सकते हैं कभी-कभी जो भक्त है अभी कुरान देगी तो डिलीट कर दूंगा तो अंधा धुंध विश्वास कर लेते हैं लोगों पर उसकी जो उसके जो फायदे हैं जो ढोंगी हंसारी की बात नहीं करो जो भी ढोंगी बाबा जय इस तरह के जो लोग हैं वह उनका फायदा उठा कंडीशन अप्लाई बहुत सारे बाबा जैसे आए आंखों की बहुत अच्छी तरह से लोगों को ठगा गया और बाद में कुछ पता चलता है तो वह जेल में होते तो मैं कैसे विश्वास करें लोग को आसान बनाना मत बनाना मैं बहुत ही बिजी होता है खासकर बाबा जैसे लोग जो हैं आते हैं और कुछ चीजें बताते हैं लोग उनके झांसे में बहुत ही सीधी पड़ जाते हैं कुछ लोग कुछ लोग यह मूर्ति लोग ऐसे हैं जो कि इन सभी चीजों में जो है अंधे हो जाते हैं तो बहुत ही सचेत होकर रहना चाहिए लोग को क्या सही है क्या गलत है उसके बीच में फर्क पहले कर ले ताकि जो इस तरह की चीजों से धोखा ना खाएHans Bol Sakte Hain Kabhi Kabhi Jo Bhakt Hai Abhi Quraan Degi To Delete Kar Dunga To Andha Dhundh Vishwas Kar Lete Hain Logon Par Uski Jo Uske Jo Fayde Hain Jo Dhongi Hansari Ki Baat Nahi Karo Jo Bhi Dhongi Baba Jai Is Tarah Ke Jo Log Hain Wah Unka Fayda Utha Condition Apply Bahut Sare Baba Jaise Aaye Aakhon Ki Bahut Acchi Tarah Se Logon Ko Thaga Gaya Aur Baad Mein Kuch Pata Chalta Hai To Wah Jail Mein Hote To Main Kaise Vishwas Karen Log Ko Aasan Banana Mat Banana Main Bahut Hi Busy Hota Hai Khaskar Baba Jaise Log Jo Hain Aate Hain Aur Kuch Cheezen Batatey Hain Log Unke Jhanse Mein Bahut Hi Sidhi Padh Jaate Hain Kuch Log Kuch Log Yeh Murti Log Aise Hain Jo Ki In Sabhi Chijon Mein Jo Hai Andhe Ho Jaate Hain To Bahut Hi Sachet Hokar Rehna Chahiye Log Ko Kya Sahi Hai Kya Galat Hai Uske Beech Mein Fark Pehle Kar Le Taki Jo Is Tarah Ki Chijon Se Dhokha Na Khae
Likes  0  Dislikes
WhatsApp_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Kya Bhakt Andhe Hai ?, Is The Devotee Blind?

vokalandroid