माता-पिता को अपने बच्चों के साथ समय बिताना कितना जरूरी है ? ...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं यह सब उतना ही जरूरी है जैसे बगैर खाने की हमारी भूख नहीं मिटती है हम आगे आप समझ सकते हैं...
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नहीं यह सब उतना ही जरूरी है जैसे बगैर खाने की हमारी भूख नहीं मिटती है हम आगे आप समझ सकते हैंNahi Yeh Sab Utana Hi Zaroori Hai Jaise Bagair Khane Ki Hamari Bhukh Nahi Mitati Hai Hum Aage Aap Samajh Sakte Hain
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल कुछ सपनों को पूरा करने के लिए तीव्र गति से दौड़ती जिंदगी और इसमें बदलते रिश्ते के मायने मेरी माता पिता और बच्चों के बारे में बात करें तो आज के पराठे इतनी ज्यादा बिजी होते जा रहे हैं कि उनके पास स...
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आजकल कुछ सपनों को पूरा करने के लिए तीव्र गति से दौड़ती जिंदगी और इसमें बदलते रिश्ते के मायने मेरी माता पिता और बच्चों के बारे में बात करें तो आज के पराठे इतनी ज्यादा बिजी होते जा रहे हैं कि उनके पास समय नहीं रह गया कि बच्चों के साथ शेयर कर सकें इस सब कुछ बच्चे के लिए ही करते हैं उनका दौड़ / इतने कामों में उलझना बच्चों के लिए होता है लेकिन सबसे बड़ी कमी तब आती है जब वह बच्चों के साथ जो समय बचता शेयर नहीं करते यह बहुत ही गलत लगता है जब भी समय मिले मां बाप को कम से कम कुछ करेगी बच्चों के साथ दोस्त ग्रुप में रहें अजी हमारे समाज की सबसे बड़ी कमी है कि कोई पैरेंट दोस्त के रूप में नहीं रहना चाहता वह एक प्रकार से पता नहीं क्यों डिटेक्टर शॉप चलाता है या फिर सीरियस रहता है आखिर दोस्त ग्रुप में रहने में क्या हर्ज है बच्चों के मन को जानना उनके साथ घूमना खेलना है इससे कम अच्छा परिवार बना पाएंगे अच्छे संस्कार दे पाएंगे अच्छा समाज बना पाएंगे तो मुझे लगता है कि जितना हो सके उतना बच्चों के लिए समय निकाला जा उनके साथ दोस्त के रूप में रह जाए क्योंकि हम सिर्फAajkal Kuch Sapnon Ko Pura Karne Ke Liye Tivarr Gati Se Daudti Zindagi Aur Isme Badalte Rishte Ke Maayne Meri Mata Pita Aur Bacchon Ke Baare Mein Baat Karen To Aaj Ke Parathe Itni Jyada Busy Hote Ja Rahe Hain Ki Unke Paas Samay Nahi Rah Gaya Ki Bacchon Ke Saath Share Kar Saken Is Sab Kuch Bacche Ke Liye Hi Karte Hain Unka Daudh / Itne Kamon Mein Ulajhanaa Bacchon Ke Liye Hota Hai Lekin Sabse Badi Kami Tab Aati Hai Jab Wah Bacchon Ke Saath Jo Samay Bachta Share Nahi Karte Yeh Bahut Hi Galat Lagta Hai Jab Bhi Samay Mile Maa Baap Ko Kum Se Kum Kuch Karegi Bacchon Ke Saath Dost Group Mein Rahen Aji Hamare Samaaj Ki Sabse Badi Kami Hai Ki Koi Parantu Dost Ke Roop Mein Nahi Rehna Chahta Wah Ek Prakar Se Pata Nahi Kyun Detector Shop Chalata Hai Ya Phir Serious Rehta Hai Aakhir Dost Group Mein Rehne Mein Kya Hirse Hai Bacchon Ke Man Ko Janana Unke Saath Ghumana Khelna Hai Isse Kum Accha Parivar Bana Paenge Acche Sanskar De Paenge Accha Samaaj Bana Paenge To Mujhe Lagta Hai Ki Jitna Ho Sake Utana Bacchon Ke Liye Samay Nikaala Ja Unke Saath Dost Ke Roop Mein Rah Jaye Kyonki Hum Sirf
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