देश के सभी नेताओं ने दलित, शोषित , वंचित , पिछड़े और आदिवासी पर बहुत बात करते है यह अच्छी बात है ,होनी चाहिए लेकिन किसी का ध्यान सवर्ण तबके के पिछड़े लोगो पर क्यों नहीं जाता है ? ...

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जवानी तबके को ना तो कोई भी सरकार वोट बैंक के रूप में आती है ना ही उनके विकास तथा पुनरुत्थान के लिए कार्य करती है जबकि सच यह है कि समय तक के को भी बहुत सी कठिनाइयों का आज के समय में सामना करना पड़ता है साथ ही साथ मुझे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में ना तो यह संभव हो पाएगा कि सावण तबके के लोगों को उचित रोजगार मिल पाएगा नहीं मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन यापन में किसी प्रकार की कोई प्रगति हम देख पाएंगे क्योंकि सरकारों ने चाय व राज्य सरकारें हो चाहे केंद्र सरकार हो उन्होंने पवन चक्की के बारे में सोचना बंद कर दिया है साथ ही साथ मुझे ऐसा लगता है कि जून तक के मैच एकता का अभाव है उस कारण से भी आने वाले समय में मुझे ऐसा लगता है कि इसके विकास के समर्थक के के विकास की पूरी संभावना नहीं है और तो और मुझे ऐसा भी लगता है कि दलित शोषित वंचित और पिछड़े व आदिवासी वर्ग देश के विकास की बात सरकार ने किया कर है तथा उनको आरक्षण देने के नाम पर उन्हें वोट बैंक के रूप में प्रयोग करती आई है उनके भी विकास के लिए कोई भी सरकार प्रयासरत नहीं है सरकारी केवल एक ही चीज स्केल प्रयासरत रहती है वह मैं बार-बार कहता आया हूं और वह यह होती है कि एक चुनाव जीतने के बाद किस प्रकार से हम आने वाले सुना जो कि 5 वर्ष बाद होने हैं उसके लिए हम किस प्रकार से तैयार कर सकते हैं तैयारियां कर सकते हैं किस प्रकार से जो योजनाएं हैं उनको क्रियान्वित कर सकते हैं तो था जो जैसा चल रहा है उसको हम कैसे चला सकते हैं स्थिति बिगड़ी ना जैसी है वैसी बनी रहे परंतु इससे विकास कार्य कहां पर हो घर नहीं हो पाएगा इसी कारण से उनके विकास के लिए भी कोई कार्य नहीं हो पाता और रही बात सबके की जवानी तपता तो हमेशा से वंचित रहे तो आने वाले समय में भी वंचित रहेगा उसमें कोई संदेह है नहीं आरक्षण के ऊपर पुनर्विचार होना चाहिए तभी इस विषय में कोई भी प्रयास हो सकता है धन्यवाद
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जवानी तबके को ना तो कोई भी सरकार वोट बैंक के रूप में आती है ना ही उनके विकास तथा पुनरुत्थान के लिए कार्य करती है जबकि सच यह है कि समय तक के को भी बहुत सी कठिनाइयों का आज के समय में सामना करना पड़ता है साथ ही साथ मुझे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में ना तो यह संभव हो पाएगा कि सावण तबके के लोगों को उचित रोजगार मिल पाएगा नहीं मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि उनके जीवन यापन में किसी प्रकार की कोई प्रगति हम देख पाएंगे क्योंकि सरकारों ने चाय व राज्य सरकारें हो चाहे केंद्र सरकार हो उन्होंने पवन चक्की के बारे में सोचना बंद कर दिया है साथ ही साथ मुझे ऐसा लगता है कि जून तक के मैच एकता का अभाव है उस कारण से भी आने वाले समय में मुझे ऐसा लगता है कि इसके विकास के समर्थक के के विकास की पूरी संभावना नहीं है और तो और मुझे ऐसा भी लगता है कि दलित शोषित वंचित और पिछड़े व आदिवासी वर्ग देश के विकास की बात सरकार ने किया कर है तथा उनको आरक्षण देने के नाम पर उन्हें वोट बैंक के रूप में प्रयोग करती आई है उनके भी विकास के लिए कोई भी सरकार प्रयासरत नहीं है सरकारी केवल एक ही चीज स्केल प्रयासरत रहती है वह मैं बार-बार कहता आया हूं और वह यह होती है कि एक चुनाव जीतने के बाद किस प्रकार से हम आने वाले सुना जो कि 5 वर्ष बाद होने हैं उसके लिए हम किस प्रकार से तैयार कर सकते हैं तैयारियां कर सकते हैं किस प्रकार से जो योजनाएं हैं उनको क्रियान्वित कर सकते हैं तो था जो जैसा चल रहा है उसको हम कैसे चला सकते हैं स्थिति बिगड़ी ना जैसी है वैसी बनी रहे परंतु इससे विकास कार्य कहां पर हो घर नहीं हो पाएगा इसी कारण से उनके विकास के लिए भी कोई कार्य नहीं हो पाता और रही बात सबके की जवानी तपता तो हमेशा से वंचित रहे तो आने वाले समय में भी वंचित रहेगा उसमें कोई संदेह है नहीं आरक्षण के ऊपर पुनर्विचार होना चाहिए तभी इस विषय में कोई भी प्रयास हो सकता है धन्यवादJavani Tabake Co Na To Koi Bhi Sarkar Voot Bank K Roop Mein Auti Hai Na Hea Unke Vikas Tatha Punrutthaan K Lie Karya Karti Hai Jbki Such Yeh Hai Qi Samay Tak K Co Bhi Bahut C Kathinaaiyon Ka Aj K Samay Mein Saamna Krna Padata Hai Sathe Hea Sathe Mujhe Aisa Lagta Hai Qi Aane Wale Samay Mein Na To Yeh Sabhav Ho Paega Qi Savan Tabake K Logon Co Uchit Rojgar Mill Paega Nahin Mujhe Aisa Prateet Hota Hai Qi Unke Jeevan Yaapan Mein Kisi Prakar Ki Koi Pragati Hum Dekh Paenge Kyonki Sarkaaro Ne Chai Va Rajya Sarkaren Ho Chahe Kendr Sarkar Ho Unhonne Pawan Chakki K Baare Mein Sochna Band Car Diya Hai Sathe Hea Sathe Mujhe Aisa Lagta Hai Qi Jun Tak K Match Ekta Ka Abhav Hai Oosh Karan Se Bhi Aane Wale Samay Mein Mujhe Aisa Lagta Hai Qi Iske Vikas K Samarthak K K Vikas Ki Poori Sambhavana Nahin Hai Aur To Aur Mujhe Aisa Bhi Lagta Hai Qi Dalit Shoshit Vanchit Aur Pichde Va Adivasi Varg Desh K Vikas Ki Baat Sarkar Ne Kiya Car Hai Tatha Unko Aarkshan Dane K Naam Per Unhein Voot Bank K Roop Mein Prayog Karti I Hai Unke Bhi Vikas K Lie Koi Bhi Sarkar Prayasarat Nahin Hai Sarkari Keval Ek Hea Chij Scale Prayasarat Rehti Hai Wah Main Bar Bar Kehta Yaya Hoon Aur Wah Yeh Hoti Hai Qi Ek Chunav Jitne K Baad Kiss Prakar Se Hum Aane Wale Suna Joe Qi 5 Varsh Baad Hone Hain Uske Lie Hum Kiss Prakar Se Taiyaar Car Sakte Hain Taiyariyan Car Sakte Hain Kiss Prakar Se Joe Yojnaen Hain Unko Kriyanvit Car Sakte Hain To Thaa Joe Jaisa Chal Raha Hai Usko Hum Kaise Challa Sakte Hain Sthiti Bigdi Na Jaisi Hai Vaisii Bani Rahe Parantu Issase Vikas Karya Kahan Per Ho Ghar Nahin Ho Paega Isi Karan Se Unke Vikas K Lie Bhi Koi Karya Nahin Ho Pauta Aur Rahi Baat Sabake Ki Javani Tapeta To Hamesha Se Vanchit Rahe To Aane Wale Samay Mein Bhi Vanchit Rahega Usme Koi Sandeh Hai Nahin Aarkshan K Upar Punarvichaar Hona Chahie Tabhi Is Vishya Mein Koi Bhi Prayas Ho Sakta Hai Dhanyvaad
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे देश में यही गलत है कि लोग पिछड़े की राजनीति करते हैं एसएसटी की राजनीति करते हैं उनके आरक्षण की बात करते हैं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर साहब ने आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए लागू किया था संविधान में आज 70 साल हो गया 2022 में 75 साल हो जाएगा देखिए आरक्षण के माध्यम से ही हमारा देश पीछे आरक्षण के माध्यम से ही एससी-एसटी के लोग हैं आज पीछे हैं अगर आरक्षण नहीं होता तो वह सो नंबर के लिए 100 में 99 नंबर के लिए पढ़ते लेकिन आरक्षण होने से उनके दिमाग में यही रहता है कि हम 30 नंबर के लिए पढ़ेंगे तब भी हम क्वालीफाई हो जाएंगे एग्जाम तो सबसे पहले मैं सीएसटी के लोगों से बोलना चाहता हूं कि आरक्षण के विरुद्ध एक दिन भारत बंद करना चाहिए उन्हें उन्हें बोलना चाहिए कि हमें आरक्षण नहीं चाहिए आरक्षण देखिए वह बोलेंगे तभी हमारा देश आरक्षण खत्म कर सकता है आरक्षण खत्म होगा उसी दिन उस दिन हमारा देश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा इस सृष्टि के लोगों को बोलना होगा कि आरक्षण धर्म जाति के आधार पर नहीं होना चाहिए आरक्षण गरीबी के आधार पर होना चाहिए चाहे वह किसी धर्म का कोई भी हो धन्यवाद
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हमारे देश में यही गलत है कि लोग पिछड़े की राजनीति करते हैं एसएसटी की राजनीति करते हैं उनके आरक्षण की बात करते हैं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर साहब ने आरक्षण सिर्फ 10 साल के लिए लागू किया था संविधान में आज 70 साल हो गया 2022 में 75 साल हो जाएगा देखिए आरक्षण के माध्यम से ही हमारा देश पीछे आरक्षण के माध्यम से ही एससी-एसटी के लोग हैं आज पीछे हैं अगर आरक्षण नहीं होता तो वह सो नंबर के लिए 100 में 99 नंबर के लिए पढ़ते लेकिन आरक्षण होने से उनके दिमाग में यही रहता है कि हम 30 नंबर के लिए पढ़ेंगे तब भी हम क्वालीफाई हो जाएंगे एग्जाम तो सबसे पहले मैं सीएसटी के लोगों से बोलना चाहता हूं कि आरक्षण के विरुद्ध एक दिन भारत बंद करना चाहिए उन्हें उन्हें बोलना चाहिए कि हमें आरक्षण नहीं चाहिए आरक्षण देखिए वह बोलेंगे तभी हमारा देश आरक्षण खत्म कर सकता है आरक्षण खत्म होगा उसी दिन उस दिन हमारा देश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा इस सृष्टि के लोगों को बोलना होगा कि आरक्षण धर्म जाति के आधार पर नहीं होना चाहिए आरक्षण गरीबी के आधार पर होना चाहिए चाहे वह किसी धर्म का कोई भी हो धन्यवादHamare Desh Mein Yahi Galat Hai Ki Log Pichade Ki Rajneeti Karte Hain Sst Ki Rajneeti Karte Hain Unke Aarakshan Ki Baat Karte Hain Doctor Bhimrao Ambedkar Sahab Ne Aarakshan Sirf 10 Saal Ke Liye Laagu Kiya Tha Samvidhan Mein Aaj 70 Saal Ho Gaya 2022 Mein 75 Saal Ho Jayega Dekhie Aarakshan Ke Maadhyam Se Hi Hamara Desh Piche Aarakshan Ke Maadhyam Se Hi Sc ST Ke Log Hain Aaj Piche Hain Agar Aarakshan Nahi Hota To Wah So Number Ke Liye 100 Mein 99 Number Ke Liye Padhte Lekin Aarakshan Hone Se Unke Dimag Mein Yahi Rehta Hai Ki Hum 30 Number Ke Liye Padhenge Tab Bhi Hum Qualify Ho Jaenge Exam To Sabse Pehle Main CST Ke Logon Se Bolna Chahta Hoon Ki Aarakshan Ke Viruddha Ek Din Bharat Band Karna Chahiye Unhen Unhen Bolna Chahiye Ki Hume Aarakshan Nahi Chahiye Aarakshan Dekhie Wah Bolenge Tabhi Hamara Desh Aarakshan Khatam Kar Sakta Hai Aarakshan Khatam Hoga Ussi Din Us Din Hamara Desh Bahut Teji Se Aage Badhega Is Shrishti Ke Logon Ko Bolna Hoga Ki Aarakshan Dharm Jati Ke Aadhar Par Nahi Hona Chahiye Aarakshan Garibi Ke Aadhar Par Hona Chahiye Chahe Wah Kisi Dharm Ka Koi Bhi Ho Dhanyavad
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