दिल्ली में मौत के 8 महीने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया था। भारतीय कानून इतना धीमा क्यों है? ...

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मेरा असंभव है कि ज्यादातर कैसेट में पुलिस पर है वह FIR लॉन्च करने में बहुत ढिलाई बरती है उसका मुख्य कारण क्या होता है कि जो पुलिस के जो रिकॉर्ड होते हैं उसमें कितने क्राइम हुए हुए FIR के बेसिस पर डिसा...जवाब पढ़िये
मेरा असंभव है कि ज्यादातर कैसेट में पुलिस पर है वह FIR लॉन्च करने में बहुत ढिलाई बरती है उसका मुख्य कारण क्या होता है कि जो पुलिस के जो रिकॉर्ड होते हैं उसमें कितने क्राइम हुए हुए FIR के बेसिस पर डिसाइड होते हैं और इसलिए वह कम से कम FIR दर्ज करते हैं जिससे कि वह यह प्रोजेक्ट कर सकेंगे उनके एरिया में और उस पीरियड के अंदर क्राइम कम हुआ है तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि 8 महीने बाद में हत्या का मामला दर्ज हुआ मैं समझता हूं कि हमारे देश में ऑनलाइन fir लॉन्च करने का जो प्रोविजन है उसको बहुत जल्दी से जल्दी लाना चाहिए ताकि जो है आपको किसी पुलिस ऑफिसर के पास जा कर के जो है FIR लॉस करना है क्या ऑनलाइन है उसको इलाज कर सकें और उसके बाद में पुलिस ऑफिसर हैं उसको यूनिवर्सिटी गेट करें तो यह कानून जो इतना धीमा है उसका कारण यही है कि हर आदमी जो है अपने स्टेटस से शुरू करना चाहता है और यह दिखाना चाहता है कि उसके पीरियड के अंदर जो है वह क्राइम कम हुआ हैMera Asambhav Hai Ki Jyadatar Kaiset Mein Police Par Hai Wah FIR Launch Karne Mein Bahut Dhilaii Barti Hai Uska Mukhya Kaaran Kya Hota Hai Ki Jo Police Ke Jo Record Hote Hain Usamen Kitne Crime Hue Hue FIR Ke Basis Par Decide Hote Hain Aur Isliye Wah Kum Se Kum FIR Darj Karte Hain Jisse Ki Wah Yeh Project Kar Sakenge Unke Area Mein Aur Us Period Ke Andar Crime Kum Hua Hai To Yeh Bahut Hi Durbhagyaporn Baat Hai Ki 8 Mahine Baad Mein Hatya Ka Maamla Darj Hua Main Samajhata Hoon Ki Hamare Desh Mein Online Fir Launch Karne Ka Jo Provision Hai Usko Bahut Jaldi Se Jaldi Lana Chahiye Taki Jo Hai Aapko Kisi Police Officer Ke Paas Ja Kar Ke Jo Hai FIR Loss Karna Hai Kya Online Hai Usko Ilaj Kar Saken Aur Uske Baad Mein Police Officer Hain Usko University Get Karen To Yeh Kanoon Jo Itna Dhema Hai Uska Kaaran Yahi Hai Ki Har Aadmi Jo Hai Apne Status Se Shuru Karna Chahta Hai Aur Yeh Dikhana Chahta Hai Ki Uske Period Ke Andar Jo Hai Wah Crime Kum Hua Hai
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लेकिन लॉयन ऑर्डर इस द मैटर ऑफ स्टेट सब्जेक्ट अगर मैं दिल्ली की बात को तो दिल्ली में एक यूनियन डायरेक्टरी है यूनियन टेरिटरी के अंदर जो भी लॉयन ऑर्डर को होम मिनिस्ट्री देती है अगर मैं स्टेट की बात करूं ...जवाब पढ़िये
लेकिन लॉयन ऑर्डर इस द मैटर ऑफ स्टेट सब्जेक्ट अगर मैं दिल्ली की बात को तो दिल्ली में एक यूनियन डायरेक्टरी है यूनियन टेरिटरी के अंदर जो भी लॉयन ऑर्डर को होम मिनिस्ट्री देती है अगर मैं स्टेट की बात करूं तो अदर स्टेट में लॉयन ऑर्डर स्टेट गवर्नमेंट जॉब सरकार होती है उसको देती है तो कभी कभी यह देखा गया है कि कहीं ना कहीं सरकार का इंवॉल्वमेंट भी रहता है वह सरकार अपने हिसाब से इन चीजों को मेनू प्लेट भी करती है तो इसी का परिणाम है कम हमारे देश के अंदर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट और अदर्स बॉडी नेट कोर्ट के अंदर 40 मिलियन से ज्यादा कैसे अभी भी पेंडिंग है तू प्ले दिखाता है कि सरकार और जो हमारा जुडिशल सिस्टम है बहुत ही ज्यादा लेखक जीके कभी-कभी केस की सुनवाई इतनी लंबी हो जाती है 10:00 10 साल तक भी 10 साल 15 साल बाद भी उस का डिसीजन नहीं आ पाता तो मुझे लगता है कि बिल्कुल पुलिस रिफॉर्म्स भी आ सकता है वह जुडी से जुकाम की भी आवश्यकता है ताकि हालांकि सरकार ने कुछ कार्य किए जैसे फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण किया तो फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी सजा मिलने में एक 2 साल लग ही जाता है कितना भीLekin Layan Order Is D Matter Of State Subject Agar Main Delhi Ki Baat Ko To Delhi Mein Ek Union Dayrektari Hai Union Territory Ke Andar Jo Bhi Layan Order Ko Home Ministry Deti Hai Agar Main State Ki Baat Karun To Other State Mein Layan Order State Government Job Sarkar Hoti Hai Usko Deti Hai To Kabhi Kabhi Yeh Dekha Gaya Hai Ki Kahin Na Kahin Sarkar Ka Invalwament Bhi Rehta Hai Wah Sarkar Apne Hisab Se In Chijon Ko Menu Plate Bhi Karti Hai To Isi Ka Parinam Hai Kum Hamare Desh Ke Andar Supreme Court Highcourt Aur Others Body Net Court Ke Andar 40 Million Se Jyada Kaise Abhi Bhi Pending Hai Tu Play Dikhaata Hai Ki Sarkar Aur Jo Hamara Judicial System Hai Bahut Hi Jyada Lekhak Gk Kabhi Kabhi Case Ki Sunavai Itni Lambi Ho Jati Hai 10:00 10 Saal Tak Bhi 10 Saal 15 Saal Baad Bhi Us Ka Decision Nahi Aa Pata To Mujhe Lagta Hai Ki Bilkul Police Reforms Bhi Aa Sakta Hai Wah Judee Se Jukam Ki Bhi Avashyakta Hai Taki Halanki Sarkar Ne Kuch Karya Kiye Jaise Fast Track Court Ka Nirman Kiya To Fast Track Court Mein Bhi Saja Milne Mein Ek 2 Saal Lag Hi Jata Hai Kitna Bhi
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केवल भारतीय कानून महीने जो भारत के म्यूनिसिपैलिटी है और जितने भी सरकारी काम है इसमें सबसे ज्यादा परेशानी होती है वह इस टेबल से उस टेबल पर जाना एक टेबल पर जा कर सिमट ही नहीं सकता आप को कम से कम 10 बार ...जवाब पढ़िये
केवल भारतीय कानून महीने जो भारत के म्यूनिसिपैलिटी है और जितने भी सरकारी काम है इसमें सबसे ज्यादा परेशानी होती है वह इस टेबल से उस टेबल पर जाना एक टेबल पर जा कर सिमट ही नहीं सकता आप को कम से कम 10 बार 10 भावों के आसपास चक्कर लगाने पड़ेंगे सरकारी ऑफिस उतनी बार जाना पड़ेगा जितनी बार आपसे इतनी देर रहना पड़ेगा जो तेरे चढ़ अपने घर के नारे फतेहपुर से होनी चाहिए तभी आपका काम हो पाता है मैंने सालों में ही अटक कर रह जाती है आपकी मुश्किल है और आपकी कंप्लेंट जब तक आपकी किसी से जान पहचान नहीं होती डिपार्टमेंट में शायद आप के आप के ऊपर कोई ध्यान भी ना दें आप सरकारी ऑफिस में चपरासी तक आप रहते हैं अगर आपकी जान पहचान ना हो और अगर बार-बार जा रहे हो और आपका काम ना हो रहा हो तोKewal Bhartiya Kanoon Mahine Jo Bharat Ke Myunisipailiti Hai Aur Jitne Bhi Sarkari Kaam Hai Isme Sabse Jyada Pareshani Hoti Hai Wah Is Table Se Us Table Par Jana Ek Table Par Ja Kar Simat Hi Nahi Sakta Aap Ko Kum Se Kum 10 Baar 10 Bhavon Ke Aaspass Chakkar Lagane Padenge Sarkari Office Utani Baar Jana Padega Jitni Baar Aapse Itni Der Rehna Padega Jo Tere Chadh Apne Ghar Ke Nare Fatehpur Se Honi Chahiye Tabhi Aapka Kaam Ho Pata Hai Maine Salon Mein Hi Atak Kar Rah Jati Hai Aapki Mushkil Hai Aur Aapki Complaint Jab Tak Aapki Kisi Se Jaan Pehchaan Nahi Hoti Department Mein Shayad Aap Ke Aap Ke Upar Koi Dhyan Bhi Na Dein Aap Sarkari Office Mein Chaprasi Tak Aap Rehte Hain Agar Aapki Jaan Pehchaan Na Ho Aur Agar Baar Baar Ja Rahe Ho Aur Aapka Kaam Na Ho Raha Ho To
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देखे हमें यह तो दिखता भाई लड़की भारत का जो कानून है वह बहुत ज्यादा स्लो है काफी ज्यादा ऐसे फैसले होते हैं जैसे 10 10 15 15 साल से भी ज्यादा लग जाते हैं स्वर्ग में तब तक व्यक्ति खुद मर जाता पर वह किस्स...जवाब पढ़िये
देखे हमें यह तो दिखता भाई लड़की भारत का जो कानून है वह बहुत ज्यादा स्लो है काफी ज्यादा ऐसे फैसले होते हैं जैसे 10 10 15 15 साल से भी ज्यादा लग जाते हैं स्वर्ग में तब तक व्यक्ति खुद मर जाता पर वह किस्सा जो है बस और नहीं हो पाता तो भारत सरकार को इस चीज है मुझे लगता कि कुछ करना चाहिए हमें अपने जो गारमेंट है और जो माइलेज बने हुए हैं उनको हम एक दूसरे को थोड़ा और सॉन्ग करना चाहिए ताकि फैसले थोड़ा जल्दी दिया जा सके इतने दिन में अगर पैसे लिए जाने के लिए जाएंगे तो इसलिए उससे बहुत ज्यादा नुकसान होगा जैसे कि आप यही किस्सा सुन लीजिए कि दिल्ली में एक मौत के 8 महीने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है तो भारतीय कानून में बहुत धीमा है इसमें अब हमें इश्क इस समय मैं नहीं जानती की बातें कानून में कोई दिक्कत है क्या दिक्कत आई है क्योंकि आप देखिए हो सकता है कि जो व्यक्ति व्यक्ति वह खुद ही रिपोर्ट लिखवाना चाहते हो पहले या फिर पीछे से पुलिस इस रिपोर्ट को ना लिखना चाहती हो किसी प्रेशर की वजह से भारतीय कानून है उसके अंदर घपलाDekhe Hume Yeh To Dikhta Bhai Ladki Bharat Ka Jo Kanoon Hai Wah Bahut Jyada Slow Hai Kafi Jyada Aise Faisle Hote Hain Jaise 10 10 15 15 Saal Se Bhi Jyada Lag Jaate Hain Swarg Mein Tab Tak Vyakti Khud Mar Jata Par Wah Kissa Jo Hai Bus Aur Nahi Ho Pata To Bharat Sarkar Ko Is Cheez Hai Mujhe Lagta Ki Kuch Karna Chahiye Hume Apne Jo Garment Hai Aur Jo Mileage Bane Hue Hain Unko Hum Ek Dusre Ko Thoda Aur Song Karna Chahiye Taki Faisle Thoda Jaldi Diya Ja Sake Itne Din Mein Agar Paise Liye Jaane Ke Liye Jaenge To Isliye Usse Bahut Jyada Nuksan Hoga Jaise Ki Aap Yahi Kissa Sun Lijiye Ki Delhi Mein Ek Maut Ke 8 Mahine Ke Baad Hatya Ka Maamla Darj Kiya Gaya Hai To Bhartiya Kanoon Mein Bahut Dhema Hai Isme Ab Hume Ishq Is Samay Main Nahi Jaanti Ki Batein Kanoon Mein Koi Dikkat Hai Kya Dikkat Eye Hai Kyonki Aap Dekhie Ho Sakta Hai Ki Jo Vyakti Vyakti Wah Khud Hi Report Likhavana Chahte Ho Pehle Ya Phir Piche Se Police Is Report Ko Na Likhna Chahti Ho Kisi Pressure Ki Wajah Se Bhartiya Kanoon Hai Uske Andar Ghapla
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