परियोजना में देरी की वजह से भारतीय रेलवे में 1.73 लाख करो़ड़ अधिक खर्च होता है। क्या हमारा नागरिक निकाय बहुत धीमा है? ...

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बिल्कुल सही बात है परियोजना में देरी होने की वजह से भारतीय रेल में 176000 करोड़ से भी अधिक का खर्चा होता है और हमारी जो वर्तमान गवर्नमेंट है गौर करने वाली बात है कि इसने अपने तीनों ही बजट में कोई ऐसी ...जवाब पढ़िये
बिल्कुल सही बात है परियोजना में देरी होने की वजह से भारतीय रेल में 176000 करोड़ से भी अधिक का खर्चा होता है और हमारी जो वर्तमान गवर्नमेंट है गौर करने वाली बात है कि इसने अपने तीनों ही बजट में कोई ऐसी बड़ी घोषणा नहीं की है जिसमें रेलवे पर सबसे ज्यादा खर्चा हो इसने एक ही बात पर फोकस किया है कि आप जो पुरानी जो योजनाएं हैं उनको पूरा करें इसी का कारण है क्योंकि जो योजना आज से 15 साल पहले जिसकी घोषणा हुई उस टाइम उसका बजट अलग था आज के जब वह पूरी नहीं हुई है आज उसको पूरा करेंगे ऑफिस लिए बजट तो पड़ेगा ठीक है ना तो इसलिए मैं यह मानता हूं कि बिल्कुल सही है और इसके पीछे का जो कारण है वह नगरीय निकाय नहीं है उसके पीछे पॉलिटिकल रीजन है क्योंकि हम लोग अपनी क्षमता से अधिक एक राजनीतिक लाभ लेने के लिए हमारे राजनेता अपने अलग-अलग घोषणाएं तो कर देते हैं लेकिन उनको इंप्लीमेंट करने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचते बजट आमंत्रित करना अलग चीज होती है टेंडर सो जाते हैं लेकिन उनको पूरा करने पर ध्यान नहीं देते वह नई नई घोषणा है करते रहते थे अभी वह ट्रेन चेंज हुआ है देखते उसके बारे में क्या रिजल्ट निकलता है यह लॉन्ग टर्म प्रोसेस होता है अभी तो पुरानी योजनाएं भी पेंडिंग चल रही है गवर्नमेंट ट्राई कर रही है कि उसको जल्द से जल्द पूरा किया जाए मैं भी रिजल्ट अच्छा है और आगे ऐसा नहीं हो और जो पॉलिटिकल जो घोषणा है उन पर लगाम लगाने की जरूरत है यह देश हमारा है हमें केवल वोट पाने के लिए घोषणा नहीं करनी है रियल में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के लिए और देश के डेवलपमेंट के लिए घोषणा करनी है काम करने हैं ऐसे नेताओं को चुनना होगा तो सिस्टम अपने आप सुधरेगाBilkul Sahi Baat Hai Pariyojna Mein Deri Hone Ki Wajah Se Bhartiya Rail Mein 176000 Crore Se Bhi Adhik Ka Kharcha Hota Hai Aur Hamari Jo Vartaman Government Hai Gaur Karne Wali Baat Hai Ki Isane Apne Teenon Hi Budget Mein Koi Aisi Badi Ghoshana Nahi Ki Hai Jisme Railway Par Sabse Jyada Kharcha Ho Isane Ek Hi Baat Par Focus Kiya Hai Ki Aap Jo Purani Jo Yojanaye Hain Unko Pura Karen Isi Ka Kaaran Hai Kyonki Jo Yojana Aaj Se 15 Saal Pehle Jiski Ghoshana Hui Us Time Uska Budget Alag Tha Aaj Ke Jab Wah Puri Nahi Hui Hai Aaj Usko Pura Karenge Office Liye Budget To Padega Theek Hai Na To Isliye Main Yeh Manata Hoon Ki Bilkul Sahi Hai Aur Iske Piche Ka Jo Kaaran Hai Wah Nagriya Nikaay Nahi Hai Uske Piche Political Reason Hai Kyonki Hum Log Apni Kshamta Se Adhik Ek Rajnitik Labh Lene Ke Liye Hamare Rajneta Apne Alag Alag Ghoshnaen To Kar Dete Hain Lekin Unko Implement Karne Ke Baare Mein Bilkul Nahi Sochte Budget Aamantrit Karna Alag Cheez Hoti Hai Tender So Jaate Hain Lekin Unko Pura Karne Par Dhyan Nahi Dete Wah Nayi Nayi Ghoshana Hai Karte Rehte The Abhi Wah Train Change Hua Hai Dekhte Uske Baare Mein Kya Result Nikalta Hai Yeh Long Term Process Hota Hai Abhi To Purani Yojanaye Bhi Pending Chal Rahi Hai Government Try Kar Rahi Hai Ki Usko Jald Se Jald Pura Kiya Jaye Main Bhi Result Accha Hai Aur Aage Aisa Nahi Ho Aur Jo Political Jo Ghoshana Hai Un Par Lagaam Lagane Ki Zaroorat Hai Yeh Desh Hamara Hai Hume Kewal Vote Pane Ke Liye Ghoshana Nahi Karni Hai Real Mein Infrastructure Develop Karne Ke Liye Aur Desh Ke Development Ke Liye Ghoshana Karni Hai Kaam Karne Hain Aise Netaon Ko Chunana Hoga To System Apne Aap Sudhrega
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर हमारा नागरिक निकाय बहुत धीमा है तो मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं यह दिखाता है कि सरकार के अंदर इच्छाशक्ति की कमी है और दूसरी तो मैं कहना चाहूंगा जो सरकार बजट पेश करती है तो जूस योजना के लिए ज...जवाब पढ़िये
देखिए अगर हमारा नागरिक निकाय बहुत धीमा है तो मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं यह दिखाता है कि सरकार के अंदर इच्छाशक्ति की कमी है और दूसरी तो मैं कहना चाहूंगा जो सरकार बजट पेश करती है तो जूस योजना के लिए जितना पैसा खर्च होना है वही वह डिसाइड हो जाता है लेकिन उसके बाद भी योजनाएं इतनी धीमे धीमे स्टार्ट होती है और वह योजनाएं जा कर दो या 3 साल आने वाले 10 सालों में जाकर पूरी हो पाती हैं तो कहीं ना कहीं दिखाता की सरकार का जो योजनाएं बनाई उनके पद उनका जो रूट है वह बहुत ही उदासीन है हां मुझे लगता है कि इसमें भी थोड़ी तेजी आनी चाहिए ताकि जो भी सरकार बजट पेश करती आज इस योजना के लिए उसने पैसा दिया हुआ है तो उस योजना की स्टार्टिंग तुरंत होनी चाहिए और जोर टाइम लिमिट उसके लिए तय की गई है उस दिन टाइम वह चीज होगी तो मुझे लगता है जनता को भी बहुत ज्यादा लाभ होगाDekhie Agar Hamara Nagarik Nikaay Bahut Dhema Hai To Mujhe Lagta Hai Ki Kahin Na Kahin Yeh Dikhaata Hai Ki Sarkar Ke Andar Ichhaashakti Ki Kami Hai Aur Dusri To Main Kehna Chahunga Jo Sarkar Budget Pesh Karti Hai To Juice Yojana Ke Liye Jitna Paisa Kharch Hona Hai Wahi Wah Decide Ho Jata Hai Lekin Uske Baad Bhi Yojanaye Itni Dhime Dhime Start Hoti Hai Aur Wah Yojanaye Ja Kar Do Ya 3 Saal Aane Wale 10 Salon Mein Jaakar Puri Ho Pati Hain To Kahin Na Kahin Dikhaata Ki Sarkar Ka Jo Yojanaye Banai Unke Pad Unka Jo Root Hai Wah Bahut Hi Udasin Hai Haan Mujhe Lagta Hai Ki Isme Bhi Thodi Teji Aani Chahiye Taki Jo Bhi Sarkar Budget Pesh Karti Aaj Is Yojana Ke Liye Usne Paisa Diya Hua Hai To Us Yojana Ki Starting Turant Honi Chahiye Aur Jor Time Limit Uske Liye Tay Ki Gayi Hai Us Din Time Wah Cheez Hogi To Mujhe Lagta Hai Janta Ko Bhi Bahut Jyada Labh Hoga
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