मनुष्य की आवश्यकताएँ कभी पूरी नहीं होती है क्यों ? ...

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क्योंकि मनुष्य असत्य से भरा हुआ है जिससे मनुष्य जन्म से मोह माया के चम्मच से मुक्त नहीं हो सकता जिसमें इस जहां बाहर की दुनिया मायाजाल से भरी हुई है जिसने इस जहां में बड़ा होता जाता है तब आदमी का मांस ...जवाब पढ़िये
क्योंकि मनुष्य असत्य से भरा हुआ है जिससे मनुष्य जन्म से मोह माया के चम्मच से मुक्त नहीं हो सकता जिसमें इस जहां बाहर की दुनिया मायाजाल से भरी हुई है जिसने इस जहां में बड़ा होता जाता है तब आदमी का मांस उसे असत्य से भरा हुआ रहता है इसलिए मनुष्य आवश्यकता कभी पूरी नहीं इसका सलूशन यही है कि समाधान इससे इंसान रहे तो अच्छा होता हैKyonki Manusya Asatya Se Bharya Hua Hai Jisase Manusya Janm Se Moh Maya K Chammach Se Mukta Nahin Ho Sakta Jisamein Is Jhan Baahar Ki Duniya Mayajal Se Bhari Hue Hai Jisne Is Jhan Mein Bada Hota Jaata Hai Taba Aadmi Ka Mams Usse Asatya Se Bharya Hua Rehta Hai Eeslie Manusya Aavshyakata Kabhi Poori Nahin Iska Salushan Yahi Hai Qi Samadhan Issase Insaan Rahe To Accha Hota Hai
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