मनुष्य की आवश्यकताएँ कभी पूरी नहीं होती है क्यों ? ...

Likes  0  Dislikes

1 Answers


प्ले क्लिक करके जवाब सुनिये। जवाब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करिये...जवाब पढ़िये
मनुष्य मनुष्य की आवश्यकताएं पूरी से नहीं होती है क्योंकि हमारी आवश्यकताएं सीमित नहीं बल्कि असीमित है और जीवन भर कभी पूरी नहीं हो सकती अगर जिसकी आवश्यकताएं सीमित है इसकी आवश्यकता अवश्य ही पूरी होती है लेकिन मुझे इसकी आवश्यकता असीमित हो तो कैसे पूरी हो सकती है क्योंकि इच्छाएं अनंत है अनादि हैं और सीमित है और वह कभी पूरी नहीं होती हैं इसलिए आप अगर सीमित रखते हैं अपनी आवश्यकताओं को कि आवश्यकता व स्कूली होंगी अध्यापक सीमित रखते हैं तब की आवश्यकता है कभी पूरी नहीं होने वाली है अगर सेटिस्फाई है तो आप मुझे कमेंट करके जरूर बताएं सतीश भाई हो तो आप मुझे कॉल करके बात कर सकते हैं मेरा नंबर है 85809 88585 8057 9867 संपर्क कर सकते आपManusya Manusya Ki Avashyakataen Poori Se Nahin Hoti Hai Kyonki Hamari Avashyakataen Simit Nahin Walkie Aseemit Hai Aur Jeevan Bhora Kabhi Poori Nahin Ho Sakti Agar Jiskee Avashyakataen Simit Hai Essaki Aavshyakata Awashya Hea Poori Hoti Hai Lekin Mujhe Essaki Aavshyakata Aseemit Ho To Kaise Poori Ho Sakti Hai Kyonki Icchaen Anant Hai Anaadi Hain Aur Simit Hai Aur Wah Kabhi Poori Nahin Hoti Hain Eeslie Aap Agar Simit Rakhate Hain Apni Aavashyaktaao Co Qi Aavshyakata Va Skulee Hongi Adhyapak Simit Rakhate Hain Taba Ki Aavshyakata Hai Kabhi Poori Nahin Hone Wali Hai Agar Setisfai Hai To Aap Mujhe Comment Karake Jarur Bataayen Satish Bhai Ho To Aap Mujhe Call Karake Baat Car Sakte Hain Mera Number Hai 85809 88585 8057 9867 Sampark Car Sakte Aap
Likes  8  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिये 😊

अपना सवाल पूछिए


Englist → हिंदी

अतिरिक्त विकल्प यहां दिखाई देते हैं!


0/180
mic

अपना सवाल बोलकर पूछें


प्ले क्लिक करके जवाब सुनिये। जवाब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करिये...जवाब पढ़िये
क्योंकि हमारी जिंदगी में जरूरत हैKyonki Hamari Jindagi Mein Jarurat Hai
Likes  3  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

प्ले क्लिक करके जवाब सुनिये। जवाब पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करिये...जवाब पढ़िये
मनुष्य की आवश्यकताएं हैं वह कभी भी पूरी नहीं होती है क्योंकि मनुष्य जो है उनको हमेशा हर एक चीज की जरूरत समय के साथ बदलते जाती हैं उन्हें उनको जो हर समय के साथ वह चीज पाना होता है जैसे कि सोच लीजिए कि आप पहले जो है पहले के जमाने में नहीं कोई दिन नहीं पहनता था जनरेशन बदलते गया वैसे ही लोगों जो जितनी भी लड़कियां हैं उनको एक नया फैशन मिला तो उस चीज की आवश्यकता है जो है उनको उस टाइम पड़ गए क्योंकि उन्होंने शासन में बदलना चाहते हैं आपको पूरी दुनिया में कोई भी चीज को कोई कुछ भी हो उनकी जो आवश्यकता होती है वह कभी भी खत्म नहीं होती वह हमेशा बढ़ती ही जाती हैManusya Ki Avashyakataen Hain Wah Kabhi Bhi Poori Nahin Hoti Hai Kyonki Manusya Joe Hai Unko Hamesha Her Ek Chij Ki Jarurat Samay K Sathe Badalte Jaati Hain Unhein Unko Joe Her Samay K Sathe Wah Chij Panna Hota Hai Jaise Qi Soch Lijiye Qi Aap Pehle Joe Hai Pehle K Jamane Mein Nahin Koi Din Nahin Pahanta Thaa Generation Badalte Gaya Vaise Hea Logon Joe Jitni Bhi Ladkiyan Hain Unko Ek Naya Fashion Milaa To Oosh Chij Ki Aavshyakata Hai Joe Hai Unko Oosh Time Pad Ge Kyonki Unhonne Shasan Mein Badlana Chahte Hain Aapko Poori Duniya Mein Koi Bhi Chij Co Koi Kuch Bhi Ho Unki Joe Aavshyakata Hoti Hai Wah Kabhi Bhi Khatma Nahin Hoti Wah Hamesha Badhati Hea Jaati Hai
Likes  2  Dislikes
Share this answer
WhatsApp_icon
share_icon

Want to invite experts?




Similar Questions

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches: Manushya Ki Avasaktaye Kabhi Puri Nahi Hoti Hai Kyun ?





मन में है सवाल?