भारत में लड़कियों को कोनसे कपड़े पहनने चाहिए इस पर इतनी ज्यादा बहस क्यों होती है? ...

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मुझे नहीं लगता कि भारत में दे द बहस होती है यह केवल आपका मन का वहम है और किस को क्या पहनना चाहिए इसके लिए तो हम किसी को परमिशन नहीं दे सकते या किसी को बोल नहीं सकते हैं क्योंकि एक लोकतांत्रिक देश हमारा और इस लोकतांत्रिक देश में किसी को भी कुछ भी करने का क्या वेद इन द कॉन्स्टिट्यूशन विजेंद्र कॉन्स्टिट्यूशन आप अगर आप स्वयं विदेशी कपड़े पहनते हैं शर्ट पहनते पेंट पहनते तो आपको भी कोई हक नहीं है किसी को रोकने का वह मुझे लगता है कि यह सच में कोई टॉपिक नहीं है बात करने का आप सड़कों के बारे में बात की जिस टूटी-फूटी सड़कें आपके घर के बाहर है ना लिया है जो सही से नहीं बनी उनके बारे में बात कीजिए आप क्या डेवलपमेंट नहीं हो रहा है कुछ जवाब नहीं मिल रही है और गवर्नमेंट जॉब मैं तेरा कंपटीशन बढ़ गया है या टाइम पर आपका बोल सकते हैं कि आपकी सैलरी नहीं आ रही है सीधा गाने पूछिए अगर आपको सच में लगता है कि आपकी यह सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो चुकी है तब मुझे लगता है कि ऐसे ही बिना मतलब के टॉपिक की बात आती है मुझे लगता नहीं है कि हमारी कंट्री में इस तरह का कोई बहस हो रही है ना कभी होगी और जो करते हैं वह सिंपल ही ऐसे लोग करते हैं जो इस चीज बिल्कुल मैं चोर नहीं होते थोड़ा मैच्योरिटी होगा वह तो समझ आया कि वह कैसी चल रही है इसके किया जाए और उसकी Skype कर देते हैं वह नहीं सुनते जो पढ़े लिखे व्यक्ति हैं जो 65% आबादी है भारत कि वह कोई स्कीम करते उन्हें पता है कि नहीं बोलने से ना बोले समय कोई फर्क नहीं पड़ता नहीं पड़ता भी नहीं है धन्यवादMujhe Nahi Lagta Ki Bharat Mein De D Bahas Hoti Hai Yeh Kewal Aapka Man Ka Vaham Hai Aur Kis Ko Kya Pahanna Chahiye Iske Liye To Hum Kisi Ko Permission Nahi De Sakte Ya Kisi Ko Bol Nahi Sakte Hain Kyonki Ek Loktantrik Desh Hamara Aur Is Loktantrik Desh Mein Kisi Ko Bhi Kuch Bhi Karne Ka Kya Ved In D Constitution Vijendra Constitution Aap Agar Aap Swayam Videshi Kapde Pehente Hain Shirt Pehente Paint Pehente To Aapko Bhi Koi Haq Nahi Hai Kisi Ko Rokne Ka Wah Mujhe Lagta Hai Ki Yeh Sach Mein Koi Topic Nahi Hai Baat Karne Ka Aap Sadkon Ke Baare Mein Baat Ki Jis Tuti Phooti Sadaken Aapke Ghar Ke Bahar Hai Na Liya Hai Jo Sahi Se Nahi Bani Unke Baare Mein Baat Kijiye Aap Kya Development Nahi Ho Raha Hai Kuch Jawab Nahi Mil Rahi Hai Aur Government Job Main Tera Competition Badh Gaya Hai Ya Time Par Aapka Bol Sakte Hain Ki Aapki Salary Nahi Aa Rahi Hai Sidhaa Gaane Puchiye Agar Aapko Sach Mein Lagta Hai Ki Aapki Yeh Saree Problem Solve Ho Chuki Hai Tab Mujhe Lagta Hai Ki Aise Hi Bina Matlab Ke Topic Ki Baat Aati Hai Mujhe Lagta Nahi Hai Ki Hamari Country Mein Is Tarah Ka Koi Bahas Ho Rahi Hai Na Kabhi Hogi Aur Jo Karte Hain Wah Simple Hi Aise Log Karte Hain Jo Is Cheez Bilkul Main Chor Nahi Hote Thoda Maichyoriti Hoga Wah To Samajh Aaya Ki Wah Kaisi Chal Rahi Hai Iske Kiya Jaye Aur Uski Skype Kar Dete Hain Wah Nahi Sunte Jo Padhe Likhe Vyakti Hain Jo 65% Aabadi Hai Bharat Ki Wah Koi Scheme Karte Unhen Pata Hai Ki Nahi Bolne Se Na Bole Samay Koi Fark Nahi Padata Nahi Padata Bhi Nahi Hai Dhanyavad
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मेरे हिसाब से लोगों को इस बारे में इन जैसे टॉपिक को पर बात करने में इसलिए ज्यादा मजा आता है क्योंकि हमारे देश में ज्यादातर लोग अपनी लाइफ से ज्यादा अपनी चीजों से ज्यादा दूसरों की चीजों में और दूसरों की लाइफ में उनकी बातों में इंटरफेयर करना ज्यादा पसंद करते हैं और सभी को यह ज्यादा अच्छा लगता है कि दूसरे इंसान को कैसे नीचा दिखाया जा सके कैसे उनको लेक्चर दिए जा सके या फिर कैसे उनको नीचा दिखाकर अपने से कम दर्शाया जा सके यही कारण है कि ज्यादातर लोग लड़कियों को कौन से कपड़े पहनने चाहिए कौन से कपड़े नहीं पहने चाहिए इन चीजों पर बहुत ज्यादा बहस करते हैं और उनको सब अलग-अलग तरह के निर्देश करने कर देते हैं कि वह आपको ऐसा करना चाहिए यह भारतीय संस्कृति के हिसाब से सही है या यह सही है बल्कि मेरे सबसे तो उनको यह बात समझनी चाहिए कि हमारे देश में लड़का लड़की को बराबर का दर्जा दिया गया है तो अगर कोई लड़का अपनी मनमर्जी के हिसाब से कपड़े पहन सकता है सब कुछ कर सकता है एक लड़की क्यों नहीं कुछ लोग तो यहां तक भी कहते थे कि हर जर्रे पिया फिर हस्बैंड के जितने भी कैसे सोते हैं वह सब इसी वजह से होते क्योंकि लड़कियों ने छोटे कपड़े पहने होते हैं या गलत तरह से कपड़े पहने होते तो मैं उन लोगों से पूछना चाहूंगी कि क्या किसी 4 साल की बच्ची है किसी 8 महीने की बच्ची ने भी कुछ गलत कपड़े पहने उनके साथ ऐसा रेप हुआ या कुछ हुआ तो वह लोगों को अपनी लाइफ में इंटरफेयर दूसरों की लाइफ में इंटरफेयर ज्यादा नहीं करना चाहिए और जितना हो सके अच्छे से अच्छा बनाने की कोशिश करनी चाहिए अच्छी सोच रखने की कोशिश करनी चाहिए ना की लड़कियों के कपड़ों पर या उनकी चीजों पर ध्यान देकर उनको निर्देश देने चाहिए क्योंकि अगर आपकी नजर अच्छी हो सकती है तो वह लड़कियां कैसे भी कपड़े पहने हैं उसे फर्क नहीं पड़ताMere Hisab Se Logon Ko Is Baare Mein In Jaise Topic Ko Par Baat Karne Mein Isliye Jyada Maza Aata Hai Kyonki Hamare Desh Mein Jyadatar Log Apni Life Se Jyada Apni Chijon Se Jyada Dusron Ki Chijon Mein Aur Dusron Ki Life Mein Unki Baaton Mein Intarafeyar Karna Jyada Pasand Karte Hain Aur Sabhi Ko Yeh Jyada Accha Lagta Hai Ki Dusre Insaan Ko Kaise Nicha Dikhaya Ja Sake Kaise Unko Lecture Diye Ja Sake Ya Phir Kaise Unko Nicha Dikhakar Apne Se Kum Darshaya Ja Sake Yahi Kaaran Hai Ki Jyadatar Log Ladkiyon Ko Kaun Se Kapde Pahanne Chahiye Kaun Se Kapde Nahi Pahane Chahiye In Chijon Par Bahut Jyada Bahas Karte Hain Aur Unko Sab Alag Alag Tarah Ke Nirdesh Karne Kar Dete Hain Ki Wah Aapko Aisa Karna Chahiye Yeh Bhartiya Sanskriti Ke Hisab Se Sahi Hai Ya Yeh Sahi Hai Balki Mere Sabse To Unko Yeh Baat Samajhni Chahiye Ki Hamare Desh Mein Ladka Ladki Ko Barabar Ka Darja Diya Gaya Hai To Agar Koi Ladka Apni Manmarji Ke Hisab Se Kapde Pahan Sakta Hai Sab Kuch Kar Sakta Hai Ek Ladki Kyun Nahi Kuch Log To Yahan Tak Bhi Kehte The Ki Har Jarre Piya Phir Husband Ke Jitne Bhi Kaise Sote Hain Wah Sab Isi Wajah Se Hote Kyonki Ladkiyon Ne Chote Kapde Pahane Hote Hain Ya Galat Tarah Se Kapde Pahane Hote To Main Un Logon Se Poochna Chahungi Ki Kya Kisi 4 Saal Ki Bacchi Hai Kisi 8 Mahine Ki Bacchi Ne Bhi Kuch Galat Kapde Pahane Unke Saath Aisa Rape Hua Ya Kuch Hua To Wah Logon Ko Apni Life Mein Intarafeyar Dusron Ki Life Mein Intarafeyar Jyada Nahi Karna Chahiye Aur Jitna Ho Sake Acche Se Accha Banane Ki Koshish Karni Chahiye Acchi Soch Rakhne Ki Koshish Karni Chahiye Na Ki Ladkiyon Ke Kapadon Par Ya Unki Chijon Par Dhyan Dekar Unko Nirdesh Dene Chahiye Kyonki Agar Aapki Nazar Acchi Ho Sakti Hai To Wah Ladkiyan Kaise Bhi Kapde Pahane Hain Use Fark Nahi Padata
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भारत में लड़कियों को कौन से कपड़े पहनने चाहिए इस पर इतनी बहस इसलिए होती है क्योंकि भारत के लोगों ने पेमेंट ID बना ली है सभी लोगों ने नहीं कुछ लोगों ने अपनी में डाल दिए हिसाब से बना लिए क्या-क्या लड़की के साथ कुछ भी गलत हो रहा है तो वह सिर्फ उसके पहनावे की वजह से हो रहा है और एग्जांपल अगर किसी लड़की ने कोई ऐसी ड्रेस पहनी है जिससे उसका थोड़ा सा भी अंग प्रदर्शन हो रहा है और अगर आगे जाकर उस लड़की के साथ कुछ गलत हो जाता है तो इसमें गलती उस लड़की की है क्योंकि उसे इतना सा भी हम प्रदर्शन किया क्यों इसमें गलती से खुशी की है ना की उसकी जिसने यह सब किया उसके साथ गलत या फिर उनकी जिन्होंने यह सब होते हुए भी उस चीज को रोका नहीं इसी वजह से हम सब लड़कियों के कपड़ों पर जान देते हैं ना कि अपने आस-पास वाले लोगों को समझाने में या उन्हें बताने में कि हर लड़की को अपनी पसंद के कपड़े पहनने का हक है हम किसी को जज नहीं कर सकते हमें फिर भी लड़कियां गलत लगती हैBharat Mein Ladkiyon Ko Kaun Se Kapde Pahanne Chahiye Is Par Itni Bahas Isliye Hoti Hai Kyonki Bharat Ke Logon Ne Payment ID Bana Lee Hai Sabhi Logon Ne Nahi Kuch Logon Ne Apni Mein Dal Diye Hisab Se Bana Liye Kya Kya Ladki Ke Saath Kuch Bhi Galat Ho Raha Hai To Wah Sirf Uske Pahnawe Ki Wajah Se Ho Raha Hai Aur Example Agar Kisi Ladki Ne Koi Aisi Dress Pahani Hai Jisse Uska Thoda Sa Bhi Ang Pradarshan Ho Raha Hai Aur Agar Aage Jaakar Us Ladki Ke Saath Kuch Galat Ho Jata Hai To Isme Galti Us Ladki Ki Hai Kyonki Use Itna Sa Bhi Hum Pradarshan Kiya Kyun Isme Galti Se Khushi Ki Hai Na Ki Uski Jisne Yeh Sab Kiya Uske Saath Galat Ya Phir Unki Jinhone Yeh Sab Hote Hue Bhi Us Cheez Ko Roka Nahi Isi Wajah Se Hum Sab Ladkiyon Ke Kapadon Par Jaan Dete Hain Na Ki Apne Aas Paas Wale Logon Ko Samjhaane Mein Ya Unhen Batane Mein Ki Har Ladki Ko Apni Pasand Ke Kapde Pahanne Ka Haq Hai Hum Kisi Ko Judge Nahi Kar Sakte Hume Phir Bhi Ladkiyan Galat Lagti Hai
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