केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन की जानकारी क्या है? ...

केंद्रशासित प्रदेशों का शासन राष्ट्रपति द्वारा चलाया जाता है और वह इस बारे में जहाँ तक उचित समझें, अपने द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से कार्य करता है। अंडमान-निकोबार, दिल्ली और पांडिचेरी के प्रशासकों को उपराज्यपाल कहा जाता है, जबकि चंडीगढ़ का प्रशासक हैं। दादरा और नगर हवेली का प्रशासक दमन और दीव का कार्य भी देखता है। लक्षद्वीप का अलग प्रशासक है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्रशासित प्रदेश पांडिचेरी की अपनी-अपनी विधानसभाएँ और मंत्रिपरिषद हैं। पांडिचेरी विधानसभा संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-II में और III में निहित, केंद्रशासित प्रदेशों से संबद्ध मामलों के बारे में, जहाँ तक के मामले केंद्रशासित क्षेत्र पर लागू होते हैं, क़ानून बना सकती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा को भी संविधान की अनुसूची-II की प्रविष्टि 1,2 और 18 को छोड़कर, ये सभी शक्तियाँ प्राप्त हैं। कुछ विशेष विधेयकों के लिए केंद्र सरकार की अग्रिम स्वीकृति लेना भी अनिवार्य है। केन्द्रशासित प्रदेश पांडिचेरी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभाओं द्वारा पारित कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ और मंजूरी देने के लिए रोक लिया जाता है।
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केंद्रशासित प्रदेशों का शासन राष्ट्रपति द्वारा चलाया जाता है और वह इस बारे में जहाँ तक उचित समझें, अपने द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से कार्य करता है। अंडमान-निकोबार, दिल्ली और पांडिचेरी के प्रशासकों को उपराज्यपाल कहा जाता है, जबकि चंडीगढ़ का प्रशासक हैं। दादरा और नगर हवेली का प्रशासक दमन और दीव का कार्य भी देखता है। लक्षद्वीप का अलग प्रशासक है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्रशासित प्रदेश पांडिचेरी की अपनी-अपनी विधानसभाएँ और मंत्रिपरिषद हैं। पांडिचेरी विधानसभा संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-II में और III में निहित, केंद्रशासित प्रदेशों से संबद्ध मामलों के बारे में, जहाँ तक के मामले केंद्रशासित क्षेत्र पर लागू होते हैं, क़ानून बना सकती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा को भी संविधान की अनुसूची-II की प्रविष्टि 1,2 और 18 को छोड़कर, ये सभी शक्तियाँ प्राप्त हैं। कुछ विशेष विधेयकों के लिए केंद्र सरकार की अग्रिम स्वीकृति लेना भी अनिवार्य है। केन्द्रशासित प्रदेश पांडिचेरी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभाओं द्वारा पारित कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ और मंजूरी देने के लिए रोक लिया जाता है। Kendrashasit Pradeshon Ka Shasan Rastrapati Dwara Chalaya Jaata Hai Aur Wah Is Baare Mein Jahan Tak Uchit Samajhein Apne Dwara Niyukt Prshaasak K Maadhyam Se Karya Karata Hai Andaman Nicobar Delhi Aur Pondichery K Prashasakon Co Uparajyapal Kaha Jaata Hai Jbki Chandigarh Ka Prshaasak Hain Dadra Aur Nagar Haveli Ka Prshaasak Daman Aur Div Ka Karya Bhi Dakhta Hai Lakshadweep Ka Eluga Prshaasak Hai Rashtriya Rajdhani Kshetra Delhi Aur Kendrashasit Pradesh Pondichery Ki Apni Apni Vidhanasabhayein Aur Mantriparishad Hain Pondichery Vidhansabha Samvidhan Ki Saatveen Anusuchi Ki Suchi Mein Aur III Mein Nihit Kendrashasit Pradeshon Se Shabdha Mamlo K Baare Mein Jahan Tak K Mamle Kendrashasit Kshetra Per Laghu Hote Hain Qanun Banna Sakti Hai Rashtriya Rajdhani Kshetra Delhi Ki Vidhan Sabha Co Bhi Samvidhan Ki Anusuchi Ki Pravishti 1,2 Aur 18 Co Chodakar Ye Sabhi Shaktiyan Prapt Hain Kuch Vishesh Vidheyakon K Lie Kendr Sarkar Ki Agrim Swikruti Lena Bhi Anivarya Hai Kendrashasit Pradesh Pondichery Aur Rashtriya Rajdhani Kshetra Delhi Ki Vidhan Sabhaon Dwara Parit Kuch Vidheyakon Co Rastrapati K Vichararth Aur Manjuri Dane K Lie Rock Liya Jaata Hai
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