search_iconmic
leaderboard
notify
हिंदी
leaderboard
notify
हिंदी
जवाब दें

लोग धर्म और जाति के नाम पर राजनीति क्यों करते है? ...

4 जवाब देखें >

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन कोई भी नेता या राजनेता धर्म और जाति के नाम पर वोट इसलिए मांगते हैं क्योंकि हम भारतीयों की इस प्रकार मानसिकता बन चुकी है कि अगर हम अपने धर्म और जाति वालों को वोट करेंगे तो वह हमारा जान से ज्यादा ...
जवाब पढ़िये
लेकिन कोई भी नेता या राजनेता धर्म और जाति के नाम पर वोट इसलिए मांगते हैं क्योंकि हम भारतीयों की इस प्रकार मानसिकता बन चुकी है कि अगर हम अपने धर्म और जाति वालों को वोट करेंगे तो वह हमारा जान से ज्यादा विकास करेंगे पंचायत से वास्तव में कुछ भी नहीं होता वह केवल अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए ऐसा करते हैं और वह जानते हैं कि हम लोग इस चीज से बहुत ज्यादा इमोशनली अटैच और साथ ही साथ हम भारतीयों को इस मानसिकता बदलने की आवश्यकता है क्योंकि हम कोई अपना जीजा तलाश करने नहीं जा रहे हैं जो धर्म और जाति के आधार पर नेताओं का चयन करते हैं हमें केवल एक सच्चा योग्य नेता चाहिए जो कि सभी लोगों को साथ लेकर और प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर सकें और सभी को साथ लेकर विकास का कार्य कर सके तो इसी कारण हमें केवल एक योग्य नेता की तलाश करनी चाहिए नहीं कि धर्म और जाति के नाम पर उसे वोट देना चाहिएLekin Koi Bhi Neta Ya Rajneta Dharm Aur Jati Ke Naam Par Vote Isliye Mangate Hain Kyonki Hum Bharatiyon Ki Is Prakar Mansikta Ban Chuki Hai Ki Agar Hum Apne Dharm Aur Jati Walon Ko Vote Karenge To Wah Hamara Jaan Se Jyada Vikash Karenge Panchayat Se Vaastav Mein Kuch Bhi Nahi Hota Wah Kewal Apna Vote Bank Badhane Ke Liye Aisa Karte Hain Aur Wah Jante Hain Ki Hum Log Is Cheez Se Bahut Jyada Imoshanali Attach Aur Saath Hi Saath Hum Bharatiyon Ko Is Mansikta Badalne Ki Avashyakta Hai Kyonki Hum Koi Apna Jija Talash Karne Nahi Ja Rahe Hain Jo Dharm Aur Jati Ke Aadhar Par Netaon Ka Chayan Karte Hain Hume Kewal Ek Saccha Yogya Neta Chahiye Jo Ki Sabhi Logon Ko Saath Lekar Aur Pragati Ka Marg Prashast Kar Saken Aur Sabhi Ko Saath Lekar Vikash Ka Karya Kar Sake To Isi Kaaran Hume Kewal Ek Yogya Neta Ki Talash Karni Chahiye Nahi Ki Dharm Aur Jati Ke Naam Par Use Vote Dena Chahiye
Likes  4  Dislikes    views  1445
WhatsApp_icon
500000+ दिलचस्प सवाल जवाब सुनिए😊

ऐसे और सवाल

ques_icon

ques_icon

ques_icon

अधिक जवाब


4 जवाब देखें >

Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब आप देखिए धर्म और जाति की राजनीति के संबंध में जवाब पर प्रश्न किया है तो यह हमारी राजनीतिक पार्टियां क्षेत्र विशेष में धर्म और जाति को चेक करके ही प्रत्याशियों का सड़क को सेलेक्ट करते हैं इस गम में ...
जवाब पढ़िये
अब आप देखिए धर्म और जाति की राजनीति के संबंध में जवाब पर प्रश्न किया है तो यह हमारी राजनीतिक पार्टियां क्षेत्र विशेष में धर्म और जाति को चेक करके ही प्रत्याशियों का सड़क को सेलेक्ट करते हैं इस गम में जो दुखी रहती है वह धर्म जाति की जाती है यहां पर इस चित्र में एक जाति का बाहुल्य तो मिस उसके प्रभावशाली नेता को अपना प्रत्याशी बनाया क्योंकि उनको इलेक्शन जीतना है क्योंकि उनको अपनी पार्टी को सत्ता में लाना है हमारे राजनीतिज्ञों कहां मारी पॉलीटिकल पार्टी इतनी अधिक स्वार्थी हो गई है जिनका एकमात्र लक्ष्य सत्ता हथियाना है इनकी जो राजनीति पार्टी राजनेताओं की रोज की लड़ाई होती है जिससे सत्ता हथियाने के लिए है हर किसी का और पार्टी का सिर्फ एकमात्र उद्देश्य केवल सत्ता पर काबिज होना है राष्ट्रपिता आज के बारे में नहीं सोच रहे हैं कि देश के बारे में नहीं सोच रहे हैं विराट भक्ति के पद भावनाओं के साथ नहीं सोच रहे हैं और यदि ऐसा सोचते तो यह जनसंख्या वृद्धि की समस्या के प्रति एकजुट होते ही देश हित के लिए एकजुट होते हैं देश की समस्याओं के मुद्दों को सार्वजनिक नहीं करते देश की सुरक्षा के मुद्दों पर ट्रस्ट नहीं करते यह अपने सत्ता पर काबिज होने के लिए एकजुट हो सकते हैं किंतु देश के विकास के लिए कभी एक मत से आवाज नहीं उठाते इसकी सुरक्षा के मुद्दे विदेश की गोपी मुद्दे उन पर कभी एक मन से एक मंच से आवाज नहीं उठाते हैं जबकि उनको हटाना चाहिए इस देश के रहने वाले देश के बोल हैं जब देश की नहीं रहेगा देसी धंधे में हो जाएगा यह देश की प्रथम तो हो जाएगा तो फिर यह क्या पैसे कमाएAb Aap Dekhie Dharam Aur Jati Ki Rajneeti Ke Sambandh Mein Jawab Par Prashna Kiya Hai Toh Yeh Hamari Raajnitik Partyian Kshetra Vishesh Mein Dharam Aur Jati Ko Check Karke Hi Pratyashiyon Ka Sadak Ko Select Karte Hain Is Gum Mein Jo Dukhi Rehti Hai Wah Dharam Jati Ki Jati Hai Yahan Par Is Chitra Mein Ek Jati Ka Bahulya Toh Miss Uske Prabhavshali Neta Ko Apna Pratyashi Banaya Kyonki Unko Election Jeetana Hai Kyonki Unko Apni Party Ko Satta Mein Lana Hai Hamare Rajaneetigyon Kahaan Mari Political Party Itni Adhik Swaarthi Ho Gayi Hai Jinka Ekmatra Lakshya Satta Hathiana Hai Inki Jo Rajneeti Party Rajnetao Ki Roj Ki Ladai Hoti Hai Jisse Satta Hathiyane Ke Liye Hai Har Kisi Ka Aur Party Ka Sirf Ekmatra Uddeshya Keval Satta Par Kabij Hona Hai Rashtrapita Aaj Ke Bare Mein Nahi Soch Rahe Hain Ki Desh Ke Bare Mein Nahi Soch Rahe Hain Virat Bhakti Ke Pad Bhavnao Ke Saath Nahi Soch Rahe Hain Aur Yadi Aisa Sochte Toh Yeh Jansankhya Vriddhi Ki Samasya Ke Prati Ekjoot Hote Hi Desh Hit Ke Liye Ekjoot Hote Hain Desh Ki Samasyaon Ke Muddon Ko Sarvajanik Nahi Karte Desh Ki Suraksha Ke Muddon Par Trust Nahi Karte Yeh Apne Satta Par Kabij Hone Ke Liye Ekjoot Ho Sakte Hain Kintu Desh Ke Vikas Ke Liye Kabhi Ek Mat Se Awaaz Nahi Uthate Iski Suraksha Ke Mudde Videsh Ki Gopi Mudde Un Par Kabhi Ek Man Se Ek Manch Se Awaaz Nahi Uthate Hain Jabki Unko Hatana Chahiye Is Desh Ke Rehne Wale Desh Ke Bol Hain Jab Desh Ki Nahi Rahega Desi Dhandhe Mein Ho Jayega Yeh Desh Ki Pratham Toh Ho Jayega Toh Phir Yeh Kya Paise Kamaye
Likes  15  Dislikes    views  2620
WhatsApp_icon
4 जवाब देखें >

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि इसका मुख्य कारण है हमारा अपनी जाति और धर्म के प्रति कुछ ज्यादा लगाव होना भावनात्मक लगाव होना और राजनेता लोग इन बातों को जानते हैं चित्र तो वह जाति और धर्म को लेकर जाते हैं और अपनी अपना काम नि...
जवाब पढ़िये
क्योंकि इसका मुख्य कारण है हमारा अपनी जाति और धर्म के प्रति कुछ ज्यादा लगाव होना भावनात्मक लगाव होना और राजनेता लोग इन बातों को जानते हैं चित्र तो वह जाति और धर्म को लेकर जाते हैं और अपनी अपना काम निकालने के लिए क्या या कहीं जीतने के लिए वह जाति और धर्म के मामलों को ज्यादा उठाते हैंKyonki Iska Mukhya Kaaran Hai Hamara Apni Jati Aur Dharm Ke Prati Kuch Jyada Lagaav Hona Bhavnatmak Lagaav Hona Aur Rajneta Log In Baaton Ko Jante Hain Chitra To Wah Jati Aur Dharm Ko Lekar Jaate Hain Aur Apni Apna Kaam Nikalne Ke Liye Kya Ya Kahin Jitne Ke Liye Wah Jati Aur Dharm Ke Mamlon Ko Jyada Uthaatey Hain
Likes  0  Dislikes    views  1335
WhatsApp_icon
4 जवाब देखें >

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग धर्म और जाति के नाम पर राजनीति इसलिए करते हैं क्योंकि यह मानव स्वभाव की सबसे कमजोर भावनाएं हैं और लोग इन भावनाओं पर चोट करके इन भावनाओं से सद्भावना लेकिन भावनाओं का फायदा उठाकर जनता को अपनी और करन...
जवाब पढ़िये
लोग धर्म और जाति के नाम पर राजनीति इसलिए करते हैं क्योंकि यह मानव स्वभाव की सबसे कमजोर भावनाएं हैं और लोग इन भावनाओं पर चोट करके इन भावनाओं से सद्भावना लेकिन भावनाओं का फायदा उठाकर जनता को अपनी और करना चाहते हैं हम लोग चाहे कितना भी आधुनिक हो जाएं चाहे कितना भी अपने आपको यह कह दे कि हम धर्म जातियों को नहीं मानते लेकिन जहां कहीं भी एक बार कोई मुद्दा उठ जाता है तो हमारे मन में कहीं ना कहीं अपनी जाति और अपने धर्म के लिए भावनाएं ज्यादा प्रबल हो जाती हो और हंड्रेड परसेंट नहीं तो भी 99% तो अपने जाति और अपने धर्म का ही साथ देना पसंद करते हैं तो राजनीतिक दलों को तो यही चाहिए कि लोगों की भावनाओं को समझ कर वह उस पर चोट करते हैं ताकि उनका पूरा का पूरा दल उनका पूरा का पूरा समूह जो कमजोर है प्रति जो धर्म भीरु है जो जाति को ज्यादा मानता है वह उनकी तरफ झुक जाए और उनका वोट देनी पड़ जाए तो हमें ही अपने आप को मजबूत करना होगा हमें इतना धर्मवीर और इतना जातिवाद नहीं रहना होगा तभी हम इस जातिवाद से और राजनीतिक लोगों के चंगुल से अपने आप को बचा पाएंगे क्योंकि हमारी आस्था हमें धर्म से मजबूती कम देती है और धर्मवीर ऊपर ज्यादा देती है हम डरते ज्यादा है कि अगर हमने यह नहीं किया तो हमें यह पाप लगेगा हमने वह नहीं किया तो हमें यह तकलीफ होगी तो हमारी जो धर्म हुए भी रोता है हमारी जो चाहती के प्रति संवेदना या जाति के प्रति प्रेम या जाति के प्रति जो मन में लगन है उसका इलाज फायदा उठाते हैं और उन भावनाओं को समझ कर उन पर अपनी नीति लगाकर और भी लोग राजनीति करते हैंLog Dharm Aur Jati Ke Naam Par Rajneeti Isliye Karte Hain Kyonki Yeh Manav Swabhav Ki Sabse Kamjor Bhavanae Hain Aur Log In Bhavnao Par Chot Karke In Bhavnao Se Sadbhaavana Lekin Bhavnao Ka Fayda Uthaakar Janta Ko Apni Aur Karna Chahte Hain Hum Log Chahe Kitna Bhi Aadhunik Ho Jayen Chahe Kitna Bhi Apne Aapko Yeh Keh De Ki Hum Dharm Jaatiyo Ko Nahi Manate Lekin Jahan Kahin Bhi Ek Baar Koi Mudda Uth Jata Hai To Hamare Man Mein Kahin Na Kahin Apni Jati Aur Apne Dharm Ke Liye Bhavanae Jyada Prabal Ho Jati Ho Aur Hundred Percent Nahi To Bhi 99% To Apne Jati Aur Apne Dharm Ka Hi Saath Dena Pasand Karte Hain To Rajnitik Dalon Ko To Yahi Chahiye Ki Logon Ki Bhavnao Ko Samajh Kar Wah Us Par Chot Karte Hain Taki Unka Pura Ka Pura Dal Unka Pura Ka Pura Samuh Jo Kamjor Hai Prati Jo Dharm Bhiru Hai Jo Jati Ko Jyada Manata Hai Wah Unki Taraf Jhuk Jaye Aur Unka Vote Deni Padh Jaye To Hume Hi Apne Aap Ko Mazboot Karna Hoga Hume Itna Dharmveer Aur Itna Jaatiwad Nahi Rehna Hoga Tabhi Hum Is Jaatiwad Se Aur Rajnitik Logon Ke Changul Se Apne Aap Ko Bacha Paenge Kyonki Hamari Aastha Hume Dharm Se Majbuti Kum Deti Hai Aur Dharmveer Upar Jyada Deti Hai Hum Darte Jyada Hai Ki Agar Humne Yeh Nahi Kiya To Hume Yeh Paap Lagega Humne Wah Nahi Kiya To Hume Yeh Takleef Hogi To Hamari Jo Dharm Hue Bhi Rota Hai Hamari Jo Chahti Ke Prati Savedna Ya Jati Ke Prati Prem Ya Jati Ke Prati Jo Man Mein Lagan Hai Uska Ilaj Fayda Uthaatey Hain Aur Un Bhavnao Ko Samajh Kar Un Par Apni Niti Lagakar Aur Bhi Log Rajneeti Karte Hain
Likes  2  Dislikes    views  1950
WhatsApp_icon

Vokal is India's Largest Knowledge Sharing Platform. Send Your Questions to Experts.

Related Searches:Log Dharam Aur Jati Ke Naam Par Rajneeti Kyon Karte Hai,Why Do People Politics In The Name Of Religion And Caste?,


vokalandroid