डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा क्यों दिया ? ...

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डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म एक नीची जाति में हुआ था और उन्होंने बचपन से ही छुआछूत जनजातियों में जो भेदभाव होता था उन्हें महिलाओं पर जो अत्याचार होते थे उन्हें बहुत करीब से देखा और महसूस किया था वह अपने समाज के लिए स्त्रियों के सम्मान के लिए क्यों को समानता दिलाने के लिए और अल्पसंख्यक समाज को नीची जाति के समाज को उठाने के लिए उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए कुछ करना चाहते थे इसलिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के कल्याण और नीची जाति को स्वावलंबी बनाने में महिलाओं के उद्धार में लगा दिया था और महात्मा गांधी यह बात जानते थे कि उन जैसा व्यक्ति ही ऐसा कुछ समाज के लिए कर सकता था इसलिए उन्होंने संविधान सभा में उनको एक महत्वपूर्ण पद मिला था ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष का समय महात्मा गांधी जीवित थे और वह जानते थे कि अंबेडकर में वह शक्ति है कि वह यह पद संभाल सकते हैं अच्छी तरह से और समाज कुछ करने की जिद समाज के लिए कुछ करने की जज्बा नहीं उन्हें इस्तीफा देने के लिए भी मजबूर किया क्योंकि उस समय संविधान में हिंदू कोड बिल के बारे में कोई बात नहीं हो रही थी उसे आगे से आगे टाला जा रहा था जिससे अंबेडकर हताश और निराश हो गए थे और उन्होंने उन्होंने अपने सिवा नेहरु जी को दिया था उस समय बहु विवाह का प्रथम प्रचलन था आदमी लोग अब बहुत सारी शादियां करके महिलाओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल करते थे उन पर अत्याचार करते थे उन्हें दबा कर रखते थे और अंबेडकर चाहते थे कि स्त्रियों का सम्मान स्त्रियों को सम्मान दर्जा मिले वह सम्मान से रह सके इसलिए उन्होंने यह हिंदू कोड बिल का संविधान में रखा था लेकिन वह माना नहीं गया कट्टरपंथियों की वजह से और उन्होंने हताश और निराश होकर अपना इस्तीफा नेहरु जी को दिया
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डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म एक नीची जाति में हुआ था और उन्होंने बचपन से ही छुआछूत जनजातियों में जो भेदभाव होता था उन्हें महिलाओं पर जो अत्याचार होते थे उन्हें बहुत करीब से देखा और महसूस किया था वह अपने समाज के लिए स्त्रियों के सम्मान के लिए क्यों को समानता दिलाने के लिए और अल्पसंख्यक समाज को नीची जाति के समाज को उठाने के लिए उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए कुछ करना चाहते थे इसलिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के कल्याण और नीची जाति को स्वावलंबी बनाने में महिलाओं के उद्धार में लगा दिया था और महात्मा गांधी यह बात जानते थे कि उन जैसा व्यक्ति ही ऐसा कुछ समाज के लिए कर सकता था इसलिए उन्होंने संविधान सभा में उनको एक महत्वपूर्ण पद मिला था ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष का समय महात्मा गांधी जीवित थे और वह जानते थे कि अंबेडकर में वह शक्ति है कि वह यह पद संभाल सकते हैं अच्छी तरह से और समाज कुछ करने की जिद समाज के लिए कुछ करने की जज्बा नहीं उन्हें इस्तीफा देने के लिए भी मजबूर किया क्योंकि उस समय संविधान में हिंदू कोड बिल के बारे में कोई बात नहीं हो रही थी उसे आगे से आगे टाला जा रहा था जिससे अंबेडकर हताश और निराश हो गए थे और उन्होंने उन्होंने अपने सिवा नेहरु जी को दिया था उस समय बहु विवाह का प्रथम प्रचलन था आदमी लोग अब बहुत सारी शादियां करके महिलाओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल करते थे उन पर अत्याचार करते थे उन्हें दबा कर रखते थे और अंबेडकर चाहते थे कि स्त्रियों का सम्मान स्त्रियों को सम्मान दर्जा मिले वह सम्मान से रह सके इसलिए उन्होंने यह हिंदू कोड बिल का संविधान में रखा था लेकिन वह माना नहीं गया कट्टरपंथियों की वजह से और उन्होंने हताश और निराश होकर अपना इस्तीफा नेहरु जी को दियाDr Bhimrao Ambedkar Ka Janm Ek Nichi Jati Mein Hua Tha Aur Unhone Bachpan Se Hi Chhuachhut Janjatiyon Mein Jo Bhedbhav Hota Tha Unhen Mahilaon Par Jo Atyachar Hote The Unhen Bahut Karib Se Dekha Aur Mahsus Kiya Tha Wah Apne Samaaj Ke Liye Sthreeyon Ke Samman Ke Liye Kyun Ko Samanata Dilaane Ke Liye Aur Alpsankhyak Samaaj Ko Nichi Jati Ke Samaaj Ko Uthane Ke Liye Unhen Svaavlambi Banane Ke Liye Kuch Karna Chahte The Isliye Unhone Apna Pura Jeevan Samaaj Ke Kalyan Aur Nichi Jati Ko Svaavlambi Banane Mein Mahilaon Ke Uddhar Mein Laga Diya Tha Aur Mahatma Gandhi Yeh Baat Jante The Ki Un Jaisa Vyakti Hi Aisa Kuch Samaaj Ke Liye Kar Sakta Tha Isliye Unhone Samvidhan Sabha Mein Unko Ek Mahatvapurna Pad Mila Tha Drafting Committee Ke Adhyaksh Ka Samay Mahatma Gandhi Jeevit The Aur Wah Jante The Ki Ambedkar Mein Wah Shakti Hai Ki Wah Yeh Pad Sambhaala Sakte Hain Acchi Tarah Se Aur Samaaj Kuch Karne Ki Jid Samaaj Ke Liye Kuch Karne Ki Jajba Nahi Unhen Istifa Dene Ke Liye Bhi Majboor Kiya Kyonki Us Samay Samvidhan Mein Hindu Code Bill Ke Baare Mein Koi Baat Nahi Ho Rahi Thi Use Aage Se Aage Talla Ja Raha Tha Jisse Ambedkar Hathaash Aur Nirash Ho Gaye The Aur Unhone Unhone Apne Siva Nehru Ji Ko Diya Tha Us Samay Bahu Vivah Ka Pratham Parchalan Tha Aadmi Log Ab Bahut Saree Shadiyan Karke Mahilaon Ko Hathiyar Ke Roop Mein Istemal Karte The Un Par Atyachar Karte The Unhen Daba Kar Rakhate The Aur Ambedkar Chahte The Ki Sthreeyon Ka Samman Sthreeyon Ko Samman Darja Mile Wah Samman Se Rah Sake Isliye Unhone Yeh Hindu Code Bill Ka Samvidhan Mein Rakha Tha Lekin Wah Mana Nahi Gaya Kattarapanthiyon Ki Wajah Se Aur Unhone Hathaash Aur Nirash Hokar Apna Istifa Nehru Ji Ko Diya
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