होली क्यों मनाई जाती है ? ...

आज के होली जो है वह प्यार का संविलयन है उनको गोली और जैसे कि जो प्यार करता है और जो बीच में रीजन में भारत का जहां पर कृष्ण जी जो उन्हें उनके पालन पोषण होता है और वह बड़े हुए थे तो वहां पर पहली बार जो है होली खेली गई थी होली जो है वह जो राधा जी का प्यार था कृष्ण जी के पति उसको रिपेयरिंग करता है और होली को जो है वह फैसला भी कहते हैंAaj Ke Holi Jo Hai Wah Pyar Ka Sanvilayan Hai Unko Goli Aur Jaise Ki Jo Pyar Karta Hai Aur Jo Beech Mein Reason Mein Bharat Ka Jahan Par Krishan Ji Jo Unhen Unke Palan Poshan Hota Hai Aur Wah Bade Hue The To Wahan Par Pehli Baar Jo Hai Holi Kheli Gayi Thi Holi Jo Hai Wah Jo Radha Ji Ka Pyar Tha Krishan Ji Ke Pati Usko Repairing Karta Hai Aur Holi Ko Jo Hai Wah Faisla Bhi Kehte Hain
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उस भारतीय शहर का नाम दें जहां भगवान कृष्ण पैदा हुए थे और छुट्टियां अत्यंत उत्साह से मनायी जाती हैं ? ...

भारत के राज्य में उत्तर प्रदेश जिसमें मथुरा नाम का एक जिला है कुछ में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था जोजो भादो की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आदर रात्रि में हुआ था तो सब वहां पर श्री कृष्ण जन्माष्जवाब पढ़िये
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हिरणाकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था जो कि और राक्षस की तरह था वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने मारा था इसलिए अपने आप को शक्तिशाली बनाने के लिए उसने सालों तक प्रार्थना कि आखिरकार उसे वरदान मिला लेकिन इससे कहने को सब खुद को भगवान समझने लगा और लोगों से खुद की भगवान की तरह पूजा करने को कहने लगा इस दृष्टि राज दुष्ट राजा का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और वह भगवान विष्णु का परम भक्त प्रह्लाद ने अपने पिता का कहना कभी नहीं माना और वह भगवान विष्णु की पूजा करता रहा बेटे द्वारा अपनी पूजा ना करने से नाराज हो साजन अपने बेटे को मारने का निर्णय किया उसने अपनी बहन होलिका उसे कहा कि वह प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए क्योंकि होली का आदमी जल्दी सकती थी उनकी योजना प्रह्लाद को जलाने की थी लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि प्रहलाद सारा समय भगवान विष्णु का नाम लेता रहा और बच गया पर होली का जलकर राख हो गई होलिका की यह हर बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण कश्यप का वध कर दिया इसलिए होली का त्योहार होली का की मौत की कहानी से जुड़ा हुआ है इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से 1 दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है
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हिरणाकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था जो कि और राक्षस की तरह था वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने मारा था इसलिए अपने आप को शक्तिशाली बनाने के लिए उसने सालों तक प्रार्थना कि आखिरकार उसे वरदान मिला लेकिन इससे कहने को सब खुद को भगवान समझने लगा और लोगों से खुद की भगवान की तरह पूजा करने को कहने लगा इस दृष्टि राज दुष्ट राजा का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और वह भगवान विष्णु का परम भक्त प्रह्लाद ने अपने पिता का कहना कभी नहीं माना और वह भगवान विष्णु की पूजा करता रहा बेटे द्वारा अपनी पूजा ना करने से नाराज हो साजन अपने बेटे को मारने का निर्णय किया उसने अपनी बहन होलिका उसे कहा कि वह प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए क्योंकि होली का आदमी जल्दी सकती थी उनकी योजना प्रह्लाद को जलाने की थी लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि प्रहलाद सारा समय भगवान विष्णु का नाम लेता रहा और बच गया पर होली का जलकर राख हो गई होलिका की यह हर बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण कश्यप का वध कर दिया इसलिए होली का त्योहार होली का की मौत की कहानी से जुड़ा हुआ है इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से 1 दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती हैHiranakashyap Prachin Bharat Ka Ek Raja Tha Jo Ki Aur Rakshas Ki Tarah Tha Wah Apne Chote Bhai Ki Maut Ka Badla Lena Chahta Tha Jise Bhagwan Vishnu Ne Mara Tha Isliye Apne Aap Ko Shaktishaali Banane Ke Liye Usne Salon Tak Prarthana Ki Aakhirkaar Use Vardan Mila Lekin Isse Kehne Ko Sab Khud Ko Bhagwan Samjhne Laga Aur Logon Se Khud Ki Bhagwan Ki Tarah Puja Karne Ko Kehne Laga Is Drishti Raj Dust Raja Ka Ek Beta Tha Jiska Naam Prahlad Tha Aur Wah Bhagwan Vishnu Ka Param Bhakt Prahlad Ne Apne Pita Ka Kehna Kabhi Nahi Mana Aur Wah Bhagwan Vishnu Ki Puja Karta Raha Bete Dwara Apni Puja Na Karne Se Naaraj Ho Sajan Apne Bete Ko Maarne Ka Nirnay Kiya Usne Apni Behen Holika Use Kaha Ki Wah Prahlad Ko God Mein Lekar Aag Mein Baith Jaye Kyonki Holi Ka Aadmi Jaldi Sakti Thi Unki Yojana Prahlad Ko Jalaane Ki Thi Lekin Unki Yojana Safal Nahi Ho Saki Kyonki Prahlad Saara Samay Bhagwan Vishnu Ka Naam Leta Raha Aur Bach Gaya Par Holi Ka Jalkar Raakh Ho Gayi Holika Ki Yeh Har Burayi Ke Nasht Hone Ka Pratik Hai Iske Baad Bhagwan Vishnu Ne Hiran Kashyap Ka Vadh Kar Diya Isliye Holi Ka Tyohaar Holi Ka Ki Maut Ki Kahani Se Juda Hua Hai Iske Chalte Bharat Ke Kuch Rajyo Mein Holi Se 1 Din Pehle Burayi Ke Ant Ke Pratik Ke Taur Par Holi Jalai Jati Hai
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देखिए होली मनाने के पीछे दो कारण हैं इंडिया में जो प्रचलित हैं एक तो एक होलिका प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की कहानी थी और होलिका की जिसमें की होली का हिरण कश्यप की बहन थी और प्रहलाद उनका भतीजा लेगा तो प्रहलाद एजुकेशन कश्यप के अगेंस्ट था अपने फादर के तो इसीलिए उसी आग में जलाने के लिए एक होली का ने एक षड्यंत्र रचा लेकिन बाद में खुदखुशी अंत में जल गई तो इस तरह दिखती हो मतलब अच्छाई की बुराई पर जीत के लिए भी होली मनाई जाती है इसलिए होलिका दहन भी किया जाता है और दूसरी बात यह है कि इसे फेस्टिवल ऑफ लव भी कहा जाता है क्योंकि समय ब्रिज जो कि कृष्ण भगवान और राधा के प्यार के कारण वहां पर जो मनाई जाती है सिंबॉलिक है प्यार और होली स्टेशन
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देखिए होली मनाने के पीछे दो कारण हैं इंडिया में जो प्रचलित हैं एक तो एक होलिका प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की कहानी थी और होलिका की जिसमें की होली का हिरण कश्यप की बहन थी और प्रहलाद उनका भतीजा लेगा तो प्रहलाद एजुकेशन कश्यप के अगेंस्ट था अपने फादर के तो इसीलिए उसी आग में जलाने के लिए एक होली का ने एक षड्यंत्र रचा लेकिन बाद में खुदखुशी अंत में जल गई तो इस तरह दिखती हो मतलब अच्छाई की बुराई पर जीत के लिए भी होली मनाई जाती है इसलिए होलिका दहन भी किया जाता है और दूसरी बात यह है कि इसे फेस्टिवल ऑफ लव भी कहा जाता है क्योंकि समय ब्रिज जो कि कृष्ण भगवान और राधा के प्यार के कारण वहां पर जो मनाई जाती है सिंबॉलिक है प्यार और होली स्टेशनDekhie Holi Manane Ke Piche Do Kaaran Hain India Mein Jo Prachalit Hain Ek To Ek Holika Prahlad Aur Hiranyakashyap Ki Kahani Thi Aur Holika Ki Jisme Ki Holi Ka Hiran Kashyap Ki Behen Thi Aur Prahlad Unka Bhatija Lega To Prahlad Education Kashyap Ke Against Tha Apne Father Ke To Isliye Ussi Aag Mein Jalaane Ke Liye Ek Holi Ka Ne Ek Shadyantra Racha Lekin Baad Mein Khudkhushee Ant Mein Jal Gayi To Is Tarah Dikhti Ho Matlab Acchai Ki Burayi Par Jeet Ke Liye Bhi Holi Manai Jati Hai Isliye Holika Dahan Bhi Kiya Jata Hai Aur Dusri Baat Yeh Hai Ki Ise Festival Of Love Bhi Kaha Jata Hai Kyonki Samay Bridge Jo Ki Krishan Bhagwan Aur Radha Ke Pyar Ke Kaaran Wahan Par Jo Manai Jati Hai Simbalik Hai Pyar Aur Holi Station
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