आधार कार्ड स्टैटस, डाउनलोड, अप्डेट, एनरोलमेंट और अन्य जानकारी के बारे में क्या बता सकते हैं?

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आधार कार्ड क्या है ?

आधार भारत की UIDAI (यूआईडीएआई) द्वारा जारी १२ डिजिट वाली अद्वितीय पहचान संख्या (यूआईएन) है। इस संख्या में १२ अंकों का एक यूनीक संयोजन है जो यूआईडीएआई द्वारा कलेक्ट किए गए आपके बायोमेट्रिक और डेमोग्राफ़िक डेटा की सहायता से बनाया गया है। आधार कार्ड को आपके पते या निवास का सबूत माना जाता है। आधार आपके अन्य पहचान पत्रों को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता- जैसे की आपका वोटर आईडी कार्ड- आपका पैन कार्ड- पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस। जब आप वोटर आइडि कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अन्य पहचान प्रमाणों के लिए आवेदन कर रहे हों तो यह आवश्यक है। आधार कार्ड ही एकमात्र पहचान प्रमाण है जो केवाईसी के लिए बैंकों के साथ-साथ उन टेलिकॉम कंपनियों के लिए भी जरूरी है- जो अपने ग्राहकों के डेटा को कलेक्ट करके रखते हैं।

ई-आधार या आधार ई कार्ड क्या है ?

ई-आधार कार्ड या आधार ई कार्ड आधार कार्ड की इलेक्ट्रॉनिक कापी है जो पासवर्ड द्वारा सुरक्षित है। UIDAI-uidai.gov.in की आधिकारिक वेब्सायट पर उल्लिखित १२ डिजिट वाली यूनीक पहचान संख्या जिसे यूनीक आयडेंटिफ़िकेशन अथॉरिटी अव इंडिया (UIDAI) के अधिकार द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित किया गया है।

आधार ऐक्ट के अनुसार- ई-आधार या आधार ई कार्ड को यूआईडीएआई के अनुसार सभी उद्देश्यों के लिए आधार कार्ड की हार्ड कॉपी की तरह समान रूप से मान्यता दिए जाते है। भारत के निवासी uidai.gov.in या eaadhaar.uidai.gov.in पर जाकर आसानी से आधार ई-कार्ड नंबर डाउनलोड कर सकते हैं। सब्सक्राइबर लोग  यूआईडीएआई (UIDAI) की आधार ओफ़्फ़िचीयल वेबसाइट पर उल्लिखित ई-आधार में डिजिटल हस्ताक्षर भी प्रमाणित कर सकते हैं।

आधार कार्ड ऑनलाइन के लिए आवेदन कैसे करें ?

प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए आधार कार्ड आवश्यक है क्योंकि यह एक यूनिवर्सल आयडेंटिटी कार्ड है जो कुछ ज़रूरी सरकारी सेवा पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।  जैसे की वोटर आइडि कार्ड आपको वोट देने की अनुमति देता है- आधार का कोई ऐसा उद्देश्य नहीं है। लेकिन आधार कार्ड का आपके पास होने से आपको कई तरीकों से मदद मिल सकती है। यहां बताया गया है कि आप यूआईडीएआई (UIDAI) की आधार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं।

स्टेप १: आधार एनरोलमेंट केंद्र ढूँढना

आधार कार्ड ऑनलाइन के लिए आवेदन करने के लिए- सबसे पहले आपको अपना निकटतम आधार एनरोलमेंट केंद्र ढूंढना होगा। इसके लिए- UIDAI का ओफ़्फ़िचीयल पेज https://uidai.gov.in/ पर जाएं। फिर "लोकेट एनरोलमेंट एंड अप्डेट सेंटर" (locate enrolment and update center) पर क्लिक करें और स्टेट- पिनकोड या सर्च बॉक्स विकल्प में से चुनें।

यदि आपने "स्टेट" चुना है- तो अपने राज्य- जिला- उप जिला और गांव / शहर इत्यादि लिखिए। अगर आप केवल स्थायी केंद्र चाहते हैं तो एक छोटा बॉक्स होगा जहां आपको यह विकल्प चुनने के लिए क्लिक करने की आवश्यकता होगी। अब नीचे दिए गए वेरिफ़िकेशन कोड को बॉक्स के अंदर डाले और “सर्च" ऑप्शन पर क्लिक करें।

यदि आपने "पिन कोड" चुना है- तो आपको अपने निकटतम नामांकन केंद्र को खोजने के लिए केवल अपना पिन कोड और वेरिफ़िकेशन कोड डालना होगा।

यदि आप अपने पिन कोड के बारे में निश्चित नहीं हैं- तो आप सर्च बॉक्स आप्शन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जहां आप आस-पास की जगह या इलाके का नाम दर्ज कर सकते हैं और आधार केंद्र की खोज कर सकते हैं।

स्टेप २:

आधार नामांकन के लिए अपॉंट्मेंट बुक करें।

अगर आप आओं निकट्तम आधार नामांकन केंद्र धनद लिया है तो अभी ऑनलाइन आधार नामांकन के लिए अपॉंट्मेंट बुक करने का समय है। आप एनरोलमेंट केंद्र में जाके भी अपॉंट्मेंट बुक कर सकते है लेकिन उसमें आपकी बोहोत समय लग सकती है। तो- ऑनलाइन बुकिंग करना बेहतर है।

स्टेप ३

नियुक्ति और नामांकन प्रक्रिया

एक बार नियुक्ति हो जाने के बाद- आपको एक तारीख दी जाएगी जिस पर आपको अपने सभी आवश्यक डॉक्युमेंटस (identity & address proof) के साथ आधार केंद्र जाना होगा और प्रक्रिया के माध्यम को पूरा करना होगा। सबसे पहले- आपको आधार नामांकन फॉर्म भरना होगा। यह फॉर्म ऑनलाइन भी उपलब्ध है ताकि आप केंद्र में जाने से पहले इसे भर सकें और अपना समय बचा सके। इसके बाद- आपको अपनी आयडेंटिटी और अड्रेस्स प्रूफ़ के तौर पे लाए गए दस्तावेज जमा करने होंगे। एक बार दस्तावेज जमा और स्वीकार किए जाने के बाद- आपको बस अपना बॉयोमीट्रिक डेटा जमा करना होगा। आपकी तस्वीर के साथ आपके फिंगरप्रिंट और आईरिस इंप्रेशन लिया जाएगा। फिर अपने नामांकन के सबूत के रूप में आपको एक स्लिप दिया जाएगा जिसमें १४ डिजिट का नंबर होगा। इससे आपको अपने आधार कार्ड की स्थिति का ट्रैक रखने में मदद मिलेगी।

आधार कार्ड के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं ?

आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए- आपको अधिकृत आधार केंद्र पर अपना पता प्रमाण प्रदान करना होगा। यहां पे दिए गए डॉक्युमेंट्स को आप आप अपने पता और आयडेंटिटी प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। आपको अपने जन्मदिन के सबूत की भी आवश्यकता होगी।

  • पासपोर्ट
  • पासबुक या बैंक स्टेटमेंट
  • राशन कार्ड
  • वोटर आईडी कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • भारत सरकार द्वारा जारी कोई भी फोटो पहचान पत्र
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • सरकारी बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मार्कशीट
  • पैन कार्ड

 पीडीएफ संस्करण में अपना आधार कार्ड डाउनलोड कैसे पूरा करें ?

अपने आधार कार्ड डाउनलोड के लिए- https://uidai.gov.in/ पर जाएं और आधार नामांकन की कैटेगॉरी में बाईं तरफ "आधार डाउनलोड करें" विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करें और आप एक नए पेज पर चले जाएँगे। अब आपको या तो अपना १४ डिजिट का नामांकन नंबर दर्ज करना होगा- या आपके १२ डिजिट आधार नम्बर को बॉक्स के अंदर डालना होगा। उस पेज पे आपको "I have” लिखा हुआ दिखेगा जिसके पास एनरोलमेंट नम्बर और आधार नम्बर- यह दो आप्शन दिखेंगे जिन्मे से आपको कोई भी एक चुना होगा। अब आप अपना चुना हुआ आप्शन के अनुसार अपना एनरोलमेंट या आधार नम्बर- अपने पूर्ण नाम- पिन कोड- कैप्चा कोड दर्ज करें। इसके बाद “Get One Time Password” बटन पर क्लिक करने से आपके रेजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक OTP भेजा जाएगा जो आपको नीचे की बॉक्स में डालना है। यदि आप mAadhaar ऐप का उपयोग कर रहे हैं- तो आपके पास एक TOTP होगा। अन्यथा- आप अपने ओटीपी (OTP) के साथ आगे बढ़ सकते हैं। अब आधार कार्ड डाउनलोड को पूरा करने के लिए "वैलिडेट एंड डाउनलोड" बटन पर क्लिक करें और अपना पासवर्ड दर्ज करें। आप सीधे पीडीएफ से आधार कार्ड प्रिंट भी कर सकते है।

पीडीएफ़ में आधार कार्ड डाउनलोड करने के लिए पासवर्ड क्या है ?

यदि आप अपने आधार कार्ड के पीडीएफ संस्करण को डाउनलोड करना चाहते हैं- तो आपको अपना पासवर्ड जानना होगा जो आम तौर पर आपके नाम का पहला चार अक्षर और अपने जनम साल को लेके बनाया जाता है। जैसे की (Alok1990)

यदि आपके पास केवल तीन-अक्षर का नाम है तो आपका आधार पासवर्ड क्या होगा ?

यदि आपके पास 3-अक्षर का नाम है- तो आपका आधार पासवर्ड आपका पूरा नाम और आपके उपनाम का पहला अक्षर और आपका जन्म के वर्ष को लेके बना होगा। यदि आपके नाम में कोई उपनाम नहीं है और केवल तीन अक्षर हैं- तो आपका पासवर्ड आपके नाम के सभी अक्षरों के बाद आपके जन्म का साल होगा। केवल इन पासवर्ड का उपयोग करके आप अपना पूरा आधार कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

अपने आधार कार्ड की स्थिति कैसे जानें ?

अपने आधार कार्ड की स्थिति जानना बहुत आसान है। आपको बस इतना करना है कि यूआईडीएआई के ओफ़्फ़िचीयल वेब्सायट (https://uidai.gov.in/) या https://resident.uidai.gov.in/web/resident/home पर जाएं और ऊपर के बाईं तरफ़ "चेक आधार कार्ड् status" आप्शन ढूंढें। इस आप्शन पर क्लिक करें और दूसरा पेज खुल जाएगा जहां आपको अपना एनरोलमेंट आईडी- तारीख़ और समय दर्ज करना होगा। अब सुरक्षा कोड / कैप्चा कोड दर्ज करें। अगर आप सुरक्षा कोड को नहीं समझ पा रहे हैं- तो आप "ट्राई अनधर" बटन पर भी क्लिक कर सकते हैं और आपको एक नया कैप्चा कोड मिलेगा। अब "चेक status" आप्शन पर क्लिक करें और आप अपना आधार क्करद की स्थिति देख पाएंगे।

क्या आधार कार्ड रखना अनिवार्य है ?

नहीं। प्रत्येक भारतीय के लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य नहीं है। लेकिन यह कई तरीकों से मदद करेगा। जैसे की यदि आपको किसी भी बैंक के लिए KYC (अपने ग्राहक को जानिए) करने की आवश्यकता है- तो आपको आधार कार्ड रखना ज़रूरी है। इसके अलावा- कुछ टेलिकॉम कंपनियां आयडेंटिटी कार्ड के रूप में आधार कार्ड को स्वीकार करती हैं। जिनके पास कोई अन्य पहचान प्रमाण नहीं है- जैसे की १८ वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति के लिए सिर्फ़ आधार कार्ड ही एक पहचान प्रमाण है। 

आपको अपना आधार कार्ड अपडेट कब करना होगा ?

आपको निम्नलिखित स्थितियों में अपना आधार अपडेट करने की आवश्यकता है:

  • यदि आपकी वैवाहिक स्थिति बदलती है
  • अगर आप अपना नाम बदलते हैं
  • अगर आप अपना पता बदलते हैं
  • अगर आपके मोबाइल नंबर में कोई बदलाव है।
  • अगर आपके आधार कार्ड में कोई गलती है और आपको सुधार की जरूरत है।

 

ऊपर लिखे गए स्थितियों में आपको अपना आधार कार्ड अपडेट करने की आवेदन करना पड़ेगा।

अपना आधार अपडेट कैसे करें ?

आम तौर पर- आप यूआईडीएआई (UIDAI) की वेब्सायट पर जाकर अपने नाम- पता- फोन नंबर- जन्मदिन या ईमेल आईडी को बदलकर / सही करके अपने आधार कार्ड को आसानी से अपडेट कर सकते हैं। प्रक्रिया यहाँ है।

स्टेप १: आधार कार्ड वेबसाइट पर लॉग इन करें: https://ssup.uidai.gov.in/web/guest/update।यह आधार सेल्फ़ सर्विस पोर्टल है जहां आप अपने आधार कार्ड में जानकारी अपडेट कर सकते हैं।

स्टेप २: अपना आधार नंबर दर्ज करें और "सेंड ओटीपी" आप्शन पर क्लिक करें। इसके नीचे- आपको एक कैप्चा कोड मिलेगा जो आपकी वेरिफ़िकेशन के लिए आवश्यक है। आगे बढ़ने के लिए अब ओटीपी और कैप्चा कोड दर्ज करें। यह पद्धति आप इस्तेमाल नहीं कर सकते यदि आपके फ़ोन नम्बर आपके आधार कार्ड के साथ रेजिस्टर्ड नहीं है तो। अपना मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए- अपने आस-पास के आधार केंद्र पर जाएं और अपना मोबाइल नंबर अपडेट करें। यह और अपडेट को आसान बनाता है और आप इसे घर पर ऑनलाइन कर सकते हैं।

स्टेप ३: अब आप "डेटा अपडेट रिक्वेस्ट" पर जाते हैं जहां आपको उन क्षेत्रो का चुनाव करना होता है जहां आपको आधार अपडेट की आवश्यकता होती है। नाम- डीओबी- लिंग- पता- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी चीजों की एक सूची होगी। चयन करने के बाद- सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका अनुरोध जमा करने के लिए आपको अपना ईमेल आईडी दर्ज करना पड़ सकता है।

स्टेप ४: इसके बाद आपको "डॉक्युमेंट अपलोड" करना होगा जहां आपको परिवर्तन के सबूत या आपके द्वारा किए जा रहे सुधार के रूप में दस्तावेजों को स्कैन और अपलोड करने की आवश्यकता है।

स्टेप ५: एक यूआरएन (Update रिक्वेस्ट नम्बर) उत्पन्न किया जाएगा ताकि आप अप्डेट की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक कर सकें।

स्टेप ६: अब आप उस पेज को डाउनलोड कर सकते हैं जिसमें यूआरएन नंबर शामिल है। एक बार आपका आधार अपडेट हो जाने के बाद- आप अपडेट किए गए संस्करण को डाउनलोड कर सकते हैं।

आधार कार्ड के साथ अपना मोबाइल नंबर कैसे रेजिस्टर करें ?

यदि आपके पास अपने आधार कार्ड के साथ रेजिस्टर किया हुआ आपका मोबाइल नंबर नहीं है- तो आप इसकी ऑनलाइन सेवाओं का आनंद नहीं ले पाएंगे। यदि आपका आधार कार्ड गुम हो गया है या आपको आधार संख्या की आवश्यकता है- या यदि आपके पास इसकी हार्ड कॉपी नहीं है- तो आप अपने मोबाइल नंबर के ज़रिए आधार के पीडीएफ संस्करण को प्राप्त नहीं कर पाएंगे। क्यूँकि आपका मोबाइल नम्बर इससे जुड़ा नहीं है। यदि आप अपने आधार विवरण में कोई सुधार करना चाहते हैं या किसी भी जानकारी को बदलना चाहते हैं- तो आप अपने आधार कार्ड के साथ मोबाइल नम्बर की रेजिस्ट्रेशन होने पर घर पर आसानी से ऐसा कर सकते हैं। 

स्टेप १:

अपने निकटतम आधार केंद्र पर जाएं।

स्टेप २:

आधार सुधार फॉर्म भरें। यह फॉर्म आधिकारिक यूआईडीएआई वेबसाइट पर भी उपलब्ध है जहां से आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं और फिर अपने स्थानीय आधार केंद्र में जमा कर सकते हैं।

स्टेप ३

अपने किसी भी identity proof जैसे PAN Card- वोटर आईडी कार्ड- ड्राइविंग लाइसेंस- पासपोर्ट या बिजली बिल रखें। अपना सुधार / अद्यतन फ़ॉर्म जमा करते समय इस डॉक्युमेंट को संलग्न करें।

स्टेप ४:

बॉयोमीट्रिक डेटा वेरिफ़िकेशन उसके बाद किया जाता है। आपका फिंगरप्रिंट और अंगूठे की छाप ली जाएगी।

स्टेप ५

अब 10 दिनों तक प्रतीक्षा करें। आपके आधार कार्ड में सुधार या अपडेट दिखाई देंगे। 

अपनी आधार update की स्थिति कैसे जाने >?

अपनी आधार अप्डेट की स्थिति जानने के लिए- आपको आधार सेल्फ़ सर्विस अप्डेट पपोर्टल पे जाना होगा और अपडेट के समय अपना आधार नंबर और साथ ही साथ अपना यूआरएन (URN) नंबर दर्ज करना होगा। अब कैप्चा कोड दर्ज करें और अप्डेट की स्थिति जानने के लिए "Get Status" बटन पर क्लिक करें।

कभी-कभी आधार कार्ड अपडेट क्यों ख़ारिज कर दिया जाता है ?

आप तीन प्रकार की स्थिति देख सकते हैं जैसे कि "Under Review" जिसका अर्थ है कि आपका अपडेट प्रगति पर है- अपडेट नहीं होने पर "rejected" और अपडेट पूर्ण होने पर “successful" दिखता है। यहाँ आपका अप्डेट "अस्वीकार" दिखाया जाने का कारण देखिए।

  • जमा डॉक्युमेंट्स अपर्याप्त थे।
  • गलत जानकारी
  • जब आप फॉर्म जमा करते हैं तो कुछ ग़लतियाँ हो सकती है जिसके वजय से आपकी अप्डेट फैल हो सकते है।

Rejection के मामले में आपको अपडेट के लिए फिर से ऐप्लिकेशन करने की ज़रूरत है और उसी तरह से एक नया फ़ॉर्म भरना होगा जैसा आपने पहले किया था।

अपने आधार कार्ड को अपडेट करने में कितने दिन लगते हैं ?

आम तौर पर- आपके आधार कार्ड को ऑनलाइन अपडेट करने में 7-10 दिन लगते हैं। कभी-कभी इसमें कम या ज़्यादा समय भी लग सकते है।

आपका आधार कार्ड का वलिडिटी ( validity ) क्या है ?

आधार कार्ड केवल तभी जारी किया जाएगा जब आप भारत में रहते होंगे। एक बार जब आप आधार कार्ड बना लेंगे- तो यह पूरी जीवन के लिए मान्य होगा।

क्या मैं अपना आधार कार्ड ऑफ़लाइन अपडेट कर सकता हूं ?

हां- आप बस अपने निकटतम आधार center पर जाइए और अपने आधार कार्ड में परिवर्तन / सुधार के प्रमाण स्वरूप अपने डॉक्युमेंट्स जमा कीजिए और अपना आधार कार्ड अप्डेट कर कर लीजिए।

अपने पैन कार्ड के साथ अपने आधार कार्ड को कैसे लिंक करें ?

पैन कार्ड या Permanent Account Number भारत में सभी tax देनेवाली इंसान या संस्था को जारी की जाती है। यह एक 10-डिजिट कोड है जो वर्णमाला और अंकों का मिश्रण है। यह कार्ड उन सभी लेनदेन को एक जगह पर लाते है- जिससे सरकार के लिए टैक्स और करदाताओं का ट्रैक रखना आसान हो गया है। यह बोहोत ज़रूरी है क्यूँकि इसकी ज़रिए आप इंकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल कर सकते है- चाहे आप भारतीय है या फिर विदेशी।

यहां अपने आधार कार्ड को अपने पैन कार्ड से लिंक करने के लिए पूरा प्रक्रिया दिया गया है। आप या तो एसएमएस-आधारित प्रक्रिया चुन सकते हैं या सीधे भारत के आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जा सकते हैं और इन दो डॉक्युमेंटस को को लिंक कर सकते हैं।

पैन और आधार कार्ड को जोड़ने के लिए- आपको पहले आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर register करना होगा। एक बार यह हो जाने के बाद- आपको नीचे दिए गए स्टेप का पालन करना होगा।

अब रेजिस्ट्रेशन के दौरान आपके लॉग-इन आईडी- पासवर्ड और जन्मतिथि की सहायता से आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉग इन करें।

एक पॉप-अप विंडो खुल जाएगी जो आपको अपने आधार कार्ड को अपने पैन कार्ड से जोड़ने के लिए कहेंगे।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर रेजिस्ट्रेशन के समय जमा किए गए विवरणों के अनुसार नाम- जन्मतिथि और लिंग जैसी जानकारी का उल्लेख पहले से ही किया जाएगा। 

वेरिफ़ाई करने के लिए- स्क्रीन पर दिखाई देने वाले इन्फ़र्मेशन के साथ अपने आधार कार्ड के विवरण को मिला ली जिए।

अगर विवरण मेल खाते हैं- तो अपना आधार कार्ड नंबर दर्ज करें और "link now" बटन पर क्लिक करें।

एक पॉप-अप notification आपको सूचित करेगा कि आपका आधार कार्ड आपके पैन कार्ड से लिंक हो गया है।

स्टेप १:

आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल खोलें।

रेजिस्ट्रेशन करने के लिए- अपने पैन नंबर का उपयोग अपनी यूजर आईडी के रूप में करें।

अपने यूज़र आईडी- पासवर्ड और जन्म तारीख़ का उपयोग कर पेज पर लॉग इन करें।

अब आप मेनू बार पर "प्रोफाइल सेटिंग्स" आप्शन देखेंगे और अपने माउस पॉइंटर को ले जाकर आप ड्रॉपडाउन में  देख सकते हैं जहां अंत में आपको "लिंक आधार" आप्शन दिखायी देगा। अब यहां क्लिक करें।

स्टेप २:

अपने पैन कार्ड में उल्लिखित आपके नाम- डीओबी और लिंग जैसे आवश्यक विवरण जोड़ें और उसके बाद अपना १२ डिजिट वाला आधार कार्ड नंबर दर्ज करें और बॉक्स में दिखाई देने वाले कैप्चा कोड दर्ज करें। अब नीचे "लिंक आधार" बटन पर क्लिक करें।

स्टेप ३:

अब एक पॉप-अप बॉक्स दिखाई देगा जो आपको दिखाएगा कि आपका आधार आपके पैन कार्ड से सफलतापूर्वक लिंक हो गया है।

क्या पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य है?

यदि आप करदाता हैं- तो आपके आधार और पैन कार्ड से जुड़ा होना अनिवार्य है। वित्त अधिनियम 2017 के तहत- सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए अनिवार्य बना दिया है। अपने पैन कार्ड को अपने आधार कार्ड से जोड़ने के बिना- आपके पैन को अमान्य घोषित किया जाएगा और इसके साथ आप 10 लाख रुपये से अधिक संपत्तियों को खरीद नहीं सकते हैं। उन लोगों के लिए अनिवार्य नहीं है जिन्हें कर चुकाने से छूट दी गई है। आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड को जोड़ने की आखिरी तारीख 30 जून- 2018 तक बढ़ा दी गई है।

क्या पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य है ?

यदि आप करदाता हैं- तो आपके आधार और पैन कार्ड और पण कार्ड को लिंक करना अनिवार्य है। फ़ाइनैन्स ऐक्ट के अनुसार- सरकार ने आयकर रिटर्न फ़ाइल करने के लिए PAN कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य बना दिया है। अपने पैन कार्ड को अपने आधार कार्ड से जोड़ें बिना- आपके पैन को invalid घोषित किया जाएगा और इसके साथ आप 10 लाख रुपये से अधिक संपत्तियों को खरीद नहीं सकते हैं। यह उन लोगों के लिए अनिवार्य नहीं

है जिन्हें कर चुकाने से छूट दी गई है। आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड को जोड़ने की आखिरी तारीख 30 जून- 2018 तक बढ़ा दी गई है।

आपको अपने आधार कार्ड को अपने पैन कार्ड से क्यों जोड़ना चाहिए ?

कई लोग पैन कार्ड को आधार कार्ड के साथ लिंक करने की महत्व को नहीं समझते हैं। तो- इसमें क्या लाभ है जानने के लिए पढ़ते रहिए:

एक बार जब आप अपना आधार नंबर और अपने पैन को जोड़ लेंगे- तो आप निम्न लाभ पा सकते है:

  • आप आसानी से अपने आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं
  • आप अपने पैन कार्ड की अमान्यता (invalidity) से खुद को बचा सकते हैं।
  • आप उसी कार्ड का उपयोग करके अपने कर रिटर्न ऑनलाइन verify कर सकते हैं- पर इसके लिए आपका मोबाइल नम्बर को आधार के साथ (registered) होना ज़रूरी है।
  • यह आपके ई-फाइलिंग account की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। आप अपने account में पासवर्ड बदल या रीसेट कर सकते हैं और किसी अपने अकाउंट को unauthorized users से बचा सकते है।

  भारतीय सरकार ने करदाताओं के लिए आधार और पैन कार्ड का लिंक क्यों जरूरी है ?

आधार कार्ड और पैन कार्ड- दोनों बहुत ही महत्वपूर्ण यूनीक प्रमाण हैं। भारत सरकार ने निम्नलिखित कारणों के लिए आधार और पैन कार्ड के लिंक को अनिवार्य कर दिया है।

  • कर बचाव को रोकने के लिए:

आधार और पैन कार्ड के बीच का लिंक सरकार को किसी व्यक्ति या एंटिटी के कर योग्य लेनदेन का ट्रैक रखने में मदद करेगा और उनके आधार कार्ड के साथ अपना पता और पहचान वेरिफ़ाई करेगा। इस प्रकार- हर कर योग्य लेनदेन भारतीय सरकार द्वारा दर्ज किया जाएगा। यह प्रक्रिया व्यक्तियों या संस्थाओं को कर ना देने से रोके।

  • एकाधिक पैन कार्ड धारकों को करों से बचने से रोकें:

कुछ लोग हैं जो करों का भुगतान करने से बचने के लिए एक से ज़्यादा पैन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। इस धोखेबाज़ी को रोकने के लिए सरकार ने आधार और पैन कार्ड के लिंक को अनिवार्य कर दिया है।

एक से अधिक पैन कार्ड को अपने पास रखके करके- कोई भी व्यक्ति कुछ लेनदेन के लिए एक कार्ड का उपयोग कर सकता है और करों का भुगतान कर सकता है और साथ ही साथ अन्य लेनदेन के लिए अन्य पैन कार्ड का उपयोग कर सकता है और उन लेनदेन के लिए करों से बचने के लिए उन्हें सरकार से छुपा सकता है। पैन कार्ड जोड़ने से सरकार को ऐसे धोखाधड़ी की पकड़ने में और इसके खिलाफ ऐक्शन लेने में बहुत मदद मिलेगी।

  • आयकर रिटर्न फाइलिंग आसान होगी:

आधार और पैन कार्ड का लिंक रहने से आप बिना किसी परेशानी के अपने आयकर के ई-रिटर्न फाइल कर सकते है। यदि आप एक करदाता हैं तो यह आपको बहुत समय और प्रयास बचाएगा।

यदि आपके पास एनरोलमेंट नम्बर ना हो तो आधार status कैसे जाने?

वेरिफ़िकेशन क्रिया पूरी करने के ठीक बाद- आवेदक को १४ डिजिट का नामांकन संख्या या एनरोलमेंट नम्बर  और एक acknowledgement slip मिलती है। आधार status ऑनलाइन ट्रैक करने के लिए- आपको अपना एनरोलमेंट नम्बर डालना होगा। लेकिन- अगर आपकी acknowledgement slip गुम हो गई है या आप अपना नामांकन (enrolment) आईडी भूल गए हैं- तो यहां बताया गया है कि आप अपने आधार status को कैसे ट्रैक कर सकते हैं।

स्टेप १: यूआईडीएआई की official website पर जाएं।

स्टेप २: "Aadhaar Services" शीर्षक वाले लिंक पर क्लिक करें। सीधे इस लिंक पर जाने के लिए- इस URL पर क्लिक करें: https://resident.uidai.gov.in/web/resident/find-uid-eid

स्टेप ३: अब 'UID/EID विकल्प पर क्लिक करें।

स्टेप ४:: आपके पास अपना खोया नामांकन नंबर ढूंढने का विकल्प होगा।

स्टेप ५: अपना पूरा नाम- ईमेल आईडी और register किया गया मोबाइल नंबर जैसे विवरण दर्ज करें।

स्टेप ६: अब जो सुरक्षा कोड आप स्क्रीन पर देख सकते हैं उसे टाइप करे।

स्टेप ७: One Time Password प्राप्त करने वाले एसएमएस या ईमेल पाने के लिए ‘Get OTP' बटन पर क्लिक करें।

स्टेप ८: निर्दिष्ट फ़ील्ड में प्राप्त OTP दर्ज करें।

स्टेप ९: ‘Verify OTP’ विकल्प पर क्लिक करें।

स्टेप १०: Verification सफलतापूर्वक पूरा हो जाने के बाद- आधार नामांकन संख्या या तो आपके ईमेल आईडी पर या आपके मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है।

यदि आप अपना नामांकन संख्या या अक्नॉलेज्मेंट स्लिप खो चुके हैं तो इस तरह आप आसानी से अपने आधार स्थिति कार्ड को ट्रैक कर सकते हैं।

आधार एनेबल बॉयोमीट्रिक सिस्टम कैसे काम करता है ?

सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति का ट्रैक रखने के लिए आधार-एनेबल बॉयोमीट्रिक अटेंडन्स सिस्टम बनाई गई है। प्रणाली उनके आगमन और अनुपस्थिति को ट्रैक करने के लिए कर्मचारियों के आधार नम्बर की चार अंतिम डिजिट्स और फिंगरप्रिंट का उपयोग करती है। Attendance.gov.in की वेबसाइट पर जाकर लोग कर्मचारियों के उपस्थिति को ट्रैक कर सकते है।

 mAadhaar क्या है ?

यदि आप अपने मोबाइल फोन में अपना ई-आधार कार्ड लेना चाहते हैं- तो आपको अपने फोन में mAadhaar App  download करना होगा। मोबाइल आधार को एरपोर्ट के साथ-साथ भारतीय रेलवे द्वारा वैध आईडी प्रूफ़ के रूप में स्वीकार किया जाता है। कोई यूज़र ऐप इंस्टॉल करके और अपने स्मार्टफ़ोन में ऐप दिखाने के लिए अपना पासवर्ड डालकर इसको पेश कर सकता है। यह तभी किया जा सकता है जब आपका मोबाइल नंबर आधार कार्ड के साथ रेजिस्टर किया हुआ हो।

mAadhaar का उपयोग कैसे करें ?

जब उपयोगकर्ता इंस्टॉलेशन के बाद अपने फोन पर पहली बार mAadhaar खोलता है- तो ऐप आपको एक यूनीक पासवर्ड बनाने के लिए कहता है। यह पासवर्ड आपके आधार कार्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। उपयोगकर्ता को ८–१२ अक्षरों का पासवर्ड डालना होगा जिसमें कम से कम 1 डिजिट- 1 वर्णमाला- 1 विशेष वर्ण जैसे @ या _- और कैपिटल लेटर में 1 वर्णमाला होना चाहिए- उदाहरण के लिए - Alok_12345।

mAadhaar पर आधार प्रोफाइल केवल तभी download किया जा सकता है जब आपके पास अपने आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक किया गया है। mAadhaar ऐप अपने आप से ओटीपी पढ़ता है और आपको OTP अलग से डालने की ज़रूरत नहीं होती है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना- आप यूआईडीएआई द्वारा इशू किया गया किसी भी डेटा को डाउनलोड करने में सक्षम नहीं होंगे।

एक आधार प्रोफाइल एक समय में केवल एक मोबाइल डिवाइस पर सक्रिय हो सकता है। यदि आप सिम डालने के द्वारा किसी अन्य डिवाइस पर एक और प्रोफ़ाइल बनाते हैं- तो पिछली प्रोफ़ाइल निष्क्रिय हो जाएगी और जब भी उस डिवाइस से किसी भी ऑपरेशन का प्रयास किया जाता है तो पुराने डिवाइस से हटा दिया जाएगा।

यदि आपके परिवार के किसी अन्य सदस्य के पास उनके आधार के साथ रेजिस्टर्ड एक ही मोबाइल नंबर है- तो यूआईडीएआई के अनुसार- उसकी प्रोफ़ाइल उसी डिवाइस पर भी लोड की जा सकती है।

उपयोगकर्ता डिवाइस पर अधिकतम तीन प्रोफाइल तभी जोड़ सकता है जब सभी अपने आधार में एक ही मोबाइल नंबर को लिंक किया हो।

बॉयोमीट्रिक लॉकिंग / अनलॉकिंग: यह सुविधा उपयोगकर्ता को बायोमेट्रिक्स डेटा लॉक करके अपने बॉयोमीट्रिक प्रमाण को सुरक्षित करने में सहायता करता है।

अपने आधार कार्ड के साथ ऑनलाइन अपना मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें ?

यदि आप अपने आधार कार्ड को अपने मोबाइल नंबर से लिंक करना चाहते हैं तो आपको चार आवश्यक स्टेप्स का पालन करना होगा।

  1. यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं i.e. uidai.gov.in
  2. 'आधार अपडेट ऑनलाइन' पर क्लिक करें जो 'आधार अपडेट' कैटेगॉरी के अंदर आता है और आपको 'आधार सेल्फ़ सर्विस पोर्टल’ पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा।
  3. अपना १२ डिजिट का यूनीक पहचान संख्या और कैप्चा कोड दर्ज करें और ओटीपी (OTP) के लिए अनुरोध करें। ओटीपी मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा जो पहले से ही आधार कार्ड के साथ रेजिस्टर्ड है। यदि आधार के साथ पंजीकृत आपका पुराना मोबाइल नंबर आपके साथ है और अभी भी काम कर रहा है- तो ही केवल आप ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करके अपने वर्तमान और नया मोबाइल नंबर को अपने आधार कार्ड से लिंक कर पाएंगे। ओटीपी दर्ज करने के बाद- यूज़र को एक पेज पर रीडायरेक्ट किया जाएगा जहां जो भी अपडेट करना या बदलना या सुधारना चाहे वो कर सकते हैं।
  4. “सलेक्ट फ़ील्ड टू अप्डेट” के अंदर- 'मोबाइल नंबर' आप्शन को चुनें- अब अपना नया मोबाइल नंबर दर्ज करें जिसे आप डेटाबेस में रिकॉर्ड करना चाहते हैं और सबमिट करना चाहते हैं।

क्या मेरे पास एक से अधिक आधार कार्ड हो सकते हैं ?

नहीं। भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार केवल एक वैध आधार कार्ड है।

एक बार इशू होने के बाद अपना आधार कार्ड कैसे कलेक्ट करें ?

जिनके पास इंटरनेट तक पहुंच नहीं है वे अपने आधार कार्ड की इलेक्ट्रॉनिक कापी डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। उस स्थिति में- आपका आधार कार्ड आपके द्वारा प्राधिकारी को दिए गए पते पर मेल के माध्यम से भेजा जाएगा।

आप अपने आधार बॉयोमीट्रिक्स की स्थिति कैसे जान सकते है?

आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जा सकते हैं और अपने आधार नंबर का उपयोग करके अपने अकाउंट में लॉगिन कर सकते हैं और आपके आधार बॉयोमीट्रिक्स की स्थिति की जांच करने के लिए ओटीपी आपके रेजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। अन्यथा- आप mAadhaar ऐप के माध्यम से अपने अकाउंट में लॉग इन करके आधार बॉयोमीट्रिक्स की स्थिति भी देख सकते हैं।

मोबाइल नंबर के बिना आधार कार्ड की स्थिति कैसे जांचें ?

अगर आप अपने कार्ड की स्थिति को जानना चाहते हैं- तो आपको अपने आधार नामांकन केंद्र (enrolment center)  पर जाना होगा।

क्या एनआरआई लोग आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं ?

हां- भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है- चाहे वह व्यक्ति एक भारतीय- एक अनिवासी भारतीय या विदेशी हो। आधार कार्ड भारत की नागरिकता का सबूत नहीं है और इसलिए भारत में रहने वाले लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। भारत में आधार कार्ड रखने के लिए भारतीय होना अनिवार्य नहीं है। हालांकि- आधार ऐक्ट के अनुसार- एनआरआई को आवेदन की तारीख से पहले पिछले १२ महीनों में भारत में 182 दिनों से अधिक समय तक रहना होगा। अन्यथा- वे आधार कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। एनआरआई के लिए आवेदन प्रक्रिया समान है और अपॉंट्मेंट बुकिंग के बाद- उन्हें अपने जनसांख्यिकीय (demographic) और बॉयोमीट्रिक (biometric) डेटा जमा करने के लिए पास के आधार केंद्र की यात्रा करने की आवश्यकता होगी।

आधार का पूरा नाम क्या है ?

आधार का कोई पूर्ण रूप नहीं है क्योंकि यह संक्षेप में नहीं है। Unique Identification Authority of India (यूआईडीएआई)- भारत सरकार के लिए काम कर रही एक एजेंसी है जो आधार योजना- एक यूनीक पहचान परियोजना को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार है।

क्या आपको आधार कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए या फिर उसमें कोई परिवर्तन या correction करने के लिए कोई शुल्क चुकाना होगा ?

नहीं- बिना किसी शुल्क के प्रत्येक व्यक्ति को आधार कार्ड जारी किया जाता है। आधार कार्ड से संबंधित सभी सेवाएं चाहे वह जानकारी बदल रही हो या जांच की स्थिति पूरी तरह से मुक्त हो।

 

जब आप आधार प्रमाणीकरण (Authentication) कहते हैं - तो इसका क्या अर्थ है ?

 आधार प्रमाणीकरण एक प्रक्रिया है जिसमें आपके आधार विवरण का पूरा वेरिफ़िकेशन शामिल है। सेंट्रल आयडेंटिटी डेटा रिपोजिटरी (सीआईडीआर) आधार कार्ड यूज़र द्वारा आवेदन के समय दिए किए गए आधार विवरण (बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय जानकारी) के वेरिफ़िकेशन के लिए ज़िम्मेदार है। आधार प्रमाणीकरण (Authentication) प्रक्रिया को कुछ इस्स तरह डिज़ाइन किया गया है ताकि यह वेरिफ़िकेशन प्रक्रिया को और भी सहजता से और जल्दी से सम्पन्न कर सके।

आधार कार्ड के क्या फायदे हैं ?

यदि आपके पास आधार कार्ड है तो आप कई लाभ उठा सकते हैं। लाभ की सूची यहां दी गई है।

  1. सार्वभौमिक पहचान पत्र (universal identity card) के रूप में उपयोग किया जाता है:

आधार कार्ड का उपयोग सार्वभौमिक पहचान पत्र (universal identity card) के रूप में किया जाता है और भारत में कहीं भी आपकी पहचान- पता के साथ-साथ आपकी आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। बहुमुखी (multipurpose) कार्ड होने के नाते इसका उपयोग तब किया जा सकता है जब आपको किसी भी सरकार से संबंधित सेवा का लाभ उठाने की आवश्यकता हो।

  1. आधार कार्ड के साथ सब्सिडी का लाभ उठाएं:

यदि आपके पास आधार कार्ड है- तो आपको उन सब्सिडी के लिए अलग से नामांकन करने की आवश्यकता नहीं है- जिनके लिए आप एलिजिबल हैं। आधार कार्ड होने का मतलब है कि आपका बॉयोमीट्रिक और जनसांख्यिकीय (demographic) डेटा सरकार द्वारा संग्रहीत किया जाता है। यदि आप सरकारी सब्सिडी और कार्यक्रमों का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको केवल अपने आधार कार्ड का उत्पादन करना होगा। यदि आपके आधार कार्ड आपके बैंक अकाउंट से ज़ुरे है तो आप एलपीजी गैस सब्सिडी सीधा अपने बैंक अकाउंट में ही पा सकते है। यह किसी भी व्यक्ति को झूठा दावा करके सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने और लाभ का आनंद लेने की संभावना को हटा देता है।

  1. लाभ उठाने में आसान:

आधार कार्ड सार्वभौमिक रूप से एक पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है और हर जगह और विभिन्न रूपों में उपलब्ध है। आपको हर जगह अपने आधार कार्ड की हार्ड कॉपी ले जाने की आवश्यकता नहीं है। आप ई-आधार कार्ड ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं या इसके पीडीएफ संस्करण को डाउनलोड कर सकते हैं और प्रिंट आउट ले सकते हैं। आप इसे अपने मोबाइल फोन में खोलने के लिए mAadhaar ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं। यह इस महत्वपूर्ण document को खोने से बचाता है।

  1. पासपोर्ट अधिग्रहण के लिए:

इससे पहले- पासपोर्ट बनाना परेशानी से कम नहीं था। आधार कार्ड के आगमन के साथ- पासपोर्ट के लिए आवेदन करना आसान हो गया है और इसे 10 दिनों के भीतर डिलिवर करना आसान हो गया है। अब कोई केवल आधार कार्ड का उपयोग करके पासपोर्ट ऑनलाइन के लिए अपनी पहचान और पता प्रमाण के रूप में आसानी से आवेदन कर सकता है। उसके बाद एक अपॉंट्मेंट की समय तय की जाती है और आपके पासपोर्ट के वितरण के बाद पुलिस वेरिफ़िकेशन किया जाता है।

  1. नए बैंक खातों को खोलने की आसानी:

क्यूँकि बैंक और फ़ायनैन्शल संस्थान आधार कार्ड पर एक बड़ा महत्व रखते हैं और इस डॉक्युमेंट  को वैध पहचान (identity) और निवास (residence) प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हैं- इसलिए अब अपने कार्ड का उपयोग करके बैंक अकाउंट खोलना और केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करना आसान है।

  1. पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट:

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट्स- जिसे पेंशनभोगियों के लिए "जीवन प्रामान" भी कहा जाता है- एक प्रमाण पत्र है जो पेंशनभोगी को अपने घर पे बैठ कर पेंशन प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। यह प्रमाण पत्र भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया है। आधार कार्ड संख्याओं के साथ- पेंशनरों के विवरण सरकार द्वारा डिजिटल रूप से उपयोग किए जाते हैं और इस प्रकार पेंशन प्रॉसेस की जाती है।

  1. भविष्य निधि वितरण:

यदि आपके पेंशन अकाउंट से आपका आधार कार्ड जुड़ा हुआ है- तो पेंशन सीधे उनके पीएफ (PF) संगठन के माध्यम से आपके बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा।

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