भारतीय सरकार ने करदाताओं के लिए आधार और पैन कार्ड का लिंक क्यों आवश्यक (mandatory) किया है?

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आधार कार्ड और पैन कार्ड, दोनों बहुत ही महत्वपूर्ण यूनीक प्रमाण हैं। भारत सरकार ने निम्नलिखित कारणों के लिए आधार और पैन कार्ड के लिंक को अनिवार्य कर दिया है।

  • कर बचाव को रोकने के लिए:

आधार और पैन कार्ड के बीच का लिंक सरकार को किसी व्यक्ति या एंटिटी के कर योग्य लेनदेन का ट्रैक रखने में मदद करेगा और उनके आधार कार्ड के साथ अपना पता और पहचान वेरिफ़ाई करेगा। इस प्रकार, हर कर योग्य लेनदेन भारतीय सरकार द्वारा दर्ज किया जाएगा। यह प्रक्रिया व्यक्तियों या संस्थाओं को कर ना देने से रोके।

  • एकाधिक पैन कार्ड धारकों को करों से बचने से रोकें:

कुछ लोग हैं जो करों का भुगतान करने से बचने के लिए एक से ज़्यादा पैन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं। इस धोखेबाज़ी को रोकने के लिए सरकार ने आधार और पैन कार्ड के लिंक को अनिवार्य कर दिया है।

एक से अधिक पैन कार्ड को अपने पास रखके करके, कोई भी व्यक्ति कुछ लेनदेन के लिए एक कार्ड का उपयोग कर सकता है और करों का भुगतान कर सकता है और साथ ही साथ अन्य लेनदेन के लिए अन्य पैन कार्ड का उपयोग कर सकता है और उन लेनदेन के लिए करों से बचने के लिए उन्हें सरकार से छुपा सकता है। पैन कार्ड जोड़ने से सरकार को ऐसे धोखाधड़ी की पकड़ने में और इसके खिलाफ ऐक्शन लेने में बहुत मदद मिलेगी।

  • आयकर रिटर्न फाइलिंग आसान होगी:

आधार और पैन कार्ड का लिंक रहने से आप बिना किसी परेशानी के अपने आयकर के ई-रिटर्न फाइल कर सकते है। यदि आप एक करदाता हैं तो यह आपको बहुत समय और प्रयास बचाएगा।

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